अतिक्रमण का मामला:प्रदेश में हाइवे पर 2216 अतिक्रमण इनमें 1232 कब्जे कॉमर्शियल रूप में

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राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्तों (आरओडब्ल्यू) के भीतर कुल 2216 अतिक्रमण हैं। इसमें सबसे ज्यादा 1232 व्यावसायिक अतिक्रमण हैं जिनमें होटल-ढाबे शामिल हैं। डीबी स्टार की पड़ताल में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि 70 फीसदी अतिक्रमण तो राजस्थान के सिर्फ 4 जिलों धौलपुर, भरतपुर, जयपुर, दौसा के हाइवे मार्ग में ही हैं। जोधपुर की बात करें तो यहां हाइवे पर कुल 32 अतिक्रमण हैं वहीं कोटा, बीकानेर में एक भी अतिक्रमण नहीं है।
गौरतलब है कि हाइवे की सड़क सीमा के सेंटर पॉइंट से 75 मीटर तक किसी प्रकार का निर्माण अवैध हैं। पिछले माह जैसलमेर हाइवे पर केरू सरहद पर एक बस-ट्रेलर भिड़ंत में 4 जनों की दर्दनाक मौत हो गई थी। दुर्घटना स्थल के पास ही गोचर भूमि पर धर्मकांटा है। डीबी स्टार ने इसका खुलासा किया था। इस पर हाईकोर्ट
ने पूरे प्रदेश के हाइवे सीमा में बने धर्मकांटों -रॉयल्टी नाकों सहित किसी प्रकार के अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया था। इसी को लेकर हाइवे, पीडब्लूडी के अफसरों ने ये आंकड़े उपलब्ध कराए। देश में सड़कों पर कुल हादसों में 30% हादसे व 60% से अधिक मौतें केवल राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर वर्ष 2023 के दौरान 4,80,583 सड़क दुर्घटनाएं और 1,72,890 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें से लगभग 20.4% पैदल यात्री थे। राष्ट्रीय राजमार्ग देश की कुल सड़क लंबाई का लगभग 2% ही हैं, फिर भी कुल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में से करीब 30% इन्हीं राजमार्गों पर होती हैं और 60% से अधिक मौतें राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर होती हैं, जहां वाहनों की गति अधिक होती है और सड़क किनारे पहुंच को सख्ती से विनियमित किया जाना आवश्यक है। अब प्राधिकरण व पीडब्लूडी की स्वीकृति के बिना राजमार्गों पर लाइसेंस, एनओसी व्यापार अनुमोदन नहीं| राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की आरओडब्ल्यू/सड़क भूमि सीमा के भीतर सभी कब्जे स्वतः अवैध माने जाएंगे और नियमित नहीं किए जा सकेंगे। कोई भी विभाग, प्राधिकरण या स्थानीय निकाय राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली किसी भी साइट के लिए कोई लाइसेंस, एनओसी, अनुमति, उपयोगिता कनेक्शन या व्यापार अनुमोदन तब तक प्रदान या नवीनीकृत नहीं करेगा, जब तक कि एनएचएआई/पीडब्ल्यूडी से पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो जाए।

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माल लदान में जोधपुर मंडल ने कमाया 90 करोड़ राजस्व:लक्ष्य से 73% अधिक क्लिंकर लदान कर टारगेट से पहले पूरा किया काम

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उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने सीमेंट निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण घटक, क्लिंकर के लदान में सफलता का नया इतिहास रचा है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती 10 महीनों में ही मंडल ने क्लिंकर के लदान से 90 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यह आय पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 53 प्रतिशत अधिक है। रेलवे ने माल लदान के लिए निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को न केवल समय से दो महीने पहले प्राप्त किया है, बल्कि उसे बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। लदान से जुड़े प्रमुख डेटा राजस्व की छलांग: रेलवे को मात्र 10 महीनों में 90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष 2024-25 की तुलना में 31 करोड़ रुपये अधिक है। लक्ष्य से बड़ा धमाका: जोधपुर मंडल को इस वर्ष 4.64 लाख टन क्लिंकर लदान का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में जनवरी 2026 तक ही 8.17 लाख टन लदान कर लिया गया, जो लक्ष्य से 73% अधिक है। रैकों की डबल सेंचुरी: मारवाड़ मूंडवा स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल से अब तक 200 रैकों का लदान किया जा चुका है। उत्तर भारत की कनेक्टिविटी: यहां से क्लिंकर का लदान विशेष रूप से अंबाला, दिल्ली और लखनऊ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की विभिन्न साइडिंग्स के लिए किया गया है। गति शक्ति टर्मिनल और मारवाड़ मूंडवा का योगदान डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि मेड़ता रोड-बीकानेर रेलखंड पर स्थित मारवाड़ मूंडवा में मैसर्स अंबुजा सीमेंट लिमिटेड की गति शक्ति कार्गो टर्मिनल साइडिंग से क्लिंकर लदान के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। इसी टर्मिनल की वजह से लदान की गई रैकों की संख्या और राजस्व में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस साइडिंग से 84 अतिरिक्त रैक लोड किए गए हैं, जो रेलवे की परिचालन दक्षता को दर्शाता है। सीमेंट निर्माण का प्रमुख आधार है क्लिंकर सीनियर डीसीएम यादव ने क्लिंकर का महत्व समझाते हुए बताया कि यह सीमेंट निर्माण का आधार है, जिसे जिप्सम और अन्य खनिजों के साथ पीसकर मजबूत सीमेंट तैयार की जाती है। इसी क्लिंकर से तैयार सीमेंट का उपयोग देश के बड़े पुलों, बांधों, रेलवे प्रोजेक्ट्स और अन्य आधारभूत ढांचों के निर्माण में किया जा रहा है। वित्त वर्ष के अभी दो माह शेष हैं, जिससे राजस्व के इस आंकड़े में और बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

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भोज में डोटासराजी का 'डुप्लीकेट':'मेंटल हॉस्पिटल' पर मंत्रीजी-PCC चीफ के तंज'; विधायकों की मीठी 'नोक-झोंक'

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नमस्कार पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्रीजी के बीच एक-दूसरे पर तंज कसने का दौर ‘मेंटल हॉस्पिटल’ तक पहुंच गया है। भले डोटासरा जी बजट में दर्जनों कमियां गिनाएं, लेकिन सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ हंसी-मजाक का मौका नहीं छोड़ते। डोटासराजी ही नहीं, बल्कि उनका ‘डुप्लीकेट’ भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है। जोधपुर में RLP के नेताजी ने ठेकेदार को सड़क बनाने का तरीका समझा दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पीसीसी चीफ और ‘मेंटल हॉस्पिटल’ विधानसभा में बजट पेश हो गया। बजट के दौरान पीसीसी चीफ ने खूब चुटकियां लीं। वे चुटकी लेने का मौका नहीं छोड़ते। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्च को डोटासरा जी ने सदन की सीढ़ियों पर पकड़ लिया। वहीं, संवाद शुरू हो गया। दूसरे नेता भी खड़े थे। डोटासरा जी बोले- सुनो महाराज, मैंने कह दिया है कि मेंटल हॉस्पिटल देना है तो रामगंजमंडी में देना। दूसरी जगह मत दे देना। चीफ साहब का इशारा शिक्षा मंत्रीजी की तरफ। रामगंजमंडी उन्हीं का क्षेत्र है। डोटासरा-दिलावर की नोक-झोंक सर्वविदित। बालमुकुंदाचार्य इस तंज का खरा जवाब नहीं दे सके। बोले- बजट में मेंटल हॉस्पिटल नहीं दे रहे हैं, किसी का मानसिक तनाव चल रहा हो तो इलाज दे रहे हैं। डोटासरा ने फिर चुटकी ली- तो आपके पास जो इलाज हो वो दे दो। इसके बाद वे खिलाखिलाकर हंस पड़े। बालमुकुंदाचार्य ने उलाहना सा दिया- अभी तो आप धन्यवाद दे रहे थे कि सीकर-लक्ष्मणगढ़ में बढ़िया काम कर रहे हो। इस पर पीसीसी चीफ ने बात संभाली, कहा- नहीं, हमसे कहा कि वो दोनों (बालमुकुंदाचार्य और रफीक खान) लड़ रहे हैं, आप निपटाकर आओ तो हमने कहा कि लड़ो मत। सीढ़ियों पर फिर हंसी बिखर गई। इस दल में मौजूद एक सदस्य ने पत्रकारों से कहा- लो साहब, मिल गया मसाला? रामगंजमंडी में मेंटल हॉस्पिटल की बात शिक्षा मंत्री तक भी पहुंची। उन्होंने तुरंत पलटवार किया। बोले- मैं सीकर की तरफ गया था। वहां मेंटल हॉस्पिटल की ज्यादा जरूरत है। लोग कह रहे थे कि वहां के एक लीडर बहुत मेंटल हो गए हैं। उनका इलाज बहुत ही जरूरी है। पत्रकार ने उन लीडर का नाम पूछा तो बोले- नाम नहीं बताया मुझे, अबकी बार मिलेंगे तब बताएंगे। 2. भोज पर डोटासरा जी का हमशक्ल डोटासरा जी ने जयपुर में बजट पर प्रतिक्रिया दी। खूब जोश दिखाया। बोले-ये कैसा बजट है जिससे किसान गायब, नौजवान गायब, बेरोजगार गायब, मातृशक्ति का सशक्तिकरण गायब, मीडिया गायब, पेयजल गायब, सड़क गायब, इन्फ्रास्ट्रक्चर गायब। बजट को लेकर बोलते वक्त जो तेवर डोटासरा जी के दिखे, वैसे सत्ता पक्ष के नेताओं से आम मुलाकात के दौरान नहीं दिखते। उस वक्त बड़ी हंसी-मसखरी सूझती है। खूब चुटकियां लेते हैं, कमेंट करते हैं। साथ में भोजन करने का अवसर हो तब भी भाजपा नेताओं के साथ नजर आ जाते हैं। एक वीडियो सामने आया जिसमें डोटासरा जी मंत्री झाबर सिंह खर्रा-भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ के साथ एक ही टेबल पर बैठकर भोजन करते दिखे। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक और वीडियो ने धूम मचा रखी है। डोटासराजी का हमशक्ल प्लेट में हलवा लेकर चम्मच से खा रहा है। शादी समारोह का माहौल लग रहा है। किसी ने भाई का वीडियो बनाकर बैकग्राउंड में डोटासरा जी का संभाग वाला मामला चिपका कर अपलोड कर दिया। अब ‘डुप्लीकेट डोटासरा’ वायरल हो रहे हैं। पब्लिक कमेंट कर रही है कि सीकर के संभाग का मामला अब सुलझ जाएगा। इन्हें भी छोटा-मोटा टिकट मिल ही सकता है। हमशक्ल के बारे में जानकारी ली तो ये भाईसाब डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं के निकले। वहीं कैटरिंग का काम करते हैं। चाल-ढाल, हुलिया, कद-काठी से डोटासरा जैसे ही लगते हैं। 3. सदन के बाहर बालमुकुंदाचार्य और रफीक खान की मीठी नोक-झोंक सदन में सभी सदस्यों को बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। ऐसे में कई नेता सदन के बाहर कसर पूरी कर लेते हैं। सदन के परिसर में आदर्शनगर विधायक रफीक खान और हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य टकरा गए। बीकानेर विधायक जेठानंद व्यास भी थे। रफीक खान बाबाजी के पास आए। बोले- सवा दो साल हो गए। अब तो जाने की तैयारी हो गई। अबकी बार जीरो बटे जीरो। बाबाजी भी फुल कॉन्फिडेंस में। बोले- जाने की नहीं, आने की तैयारी हो रही है। बाबाजी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम लिए बिना कहा- जनता सुन रही है। आप जोधपुर को कुछ नहीं दे पाए। बेचारा जोधपुर अभी तक मांग रहा है। रफीक खान ने जोधपुर का बचाव किया, कहा- जोधपुर तो चमन हो गया। आप जयपुर को जोधपुर जैसा ही कर दो। 4. चलते-चलते.. नेता बनने के लिए सिर्फ चप्पलें घिसना ही जरूरी नहीं है। जनता के काम की बारीक जानकारियां भी होनी चाहिए। मामला जोधपुर का है। यहां बालेसर की ग्राम पंचायत भाटेलाई पुरोहितान में एनएच-125 बम्बोर से मुंडसर तक 7 किलोमीटर लंबी सड़क बन रही है। 10 साल से सड़क टूटी हुई थी। नई सड़क नियमों के मुताबिक बन रही है या नहीं, यह जानने के लिए RLP नेता सतीश सिंह राजपुरोहित मौके पर पहुंच गए। ठेकेदार का अता-पता नहीं। लेबर काम कर रही थी। सड़क निर्माण में खामियां देखकर नेताजी ने काम रुकवा दिया। सभी लेबर को इकट्‌ठा कर लिया। फिर सड़क बनाने का तरीका समझाने लगे। बोले- पहले 5 इंच की परत कांकरी की डालोगे। उसे कूटोगे तो 3 इंच आनी चाहिए। फिर मूंगिया और डामर की 10 एमएम परत डालोगे जिसमें आधा मूंगिया और आधा डामर हो। लास्ट में डामर, बजरी और केमिकल की लेयर आएगी। ताकि सड़क बरसात में टूटे नहीं। लेबर ने हां में हां मिलते हुए कहा-समझ गए। नेताजी बोले- क्या समझ गए, अपने ठेकेदार को यह सब बताना। क्योंकि ये बातें वर्क ऑर्डर में ही लिखी हैं। इनपुट सहयोग- शक्ति सिंह (कोटा), हनुमान तंवर (नागौर), अरविंद सिंह (जोधपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..

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जोधपुर में आयकर अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया धरना:पुरानी पेंशन और कैडर रिव्यू सहित 10 सूत्रीय मांगों पर अड़े

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अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जोधपुर स्थित आयकर भवन के बाहर संयुक्त एक्शन कमेटी के बैनर तले अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ‘इन्कमटैक्स गज़ेंटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन’ (ITGOA) और ‘इन्कमटैक्स एम्प्लाइज फेडरेशन’ (ITEF) के आह्वान पर जोधपुर सहित राजस्थान के विभिन्न आयकर कार्यालयों में कार्मिक सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आधे दिन की हड़ताल और धरने पर रहे। भोजनावकाश के समय कार्यालय परिसर में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त एक्शन कमेटी की अगुवाई में कार्मिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों-अधिकारियों के प्रमुख मुद्दे डिजिटल उपकरणों की मांग: आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में नवनियुक्त आईटीओ और इंस्पेक्टर्स को नए लैपटॉप प्रदान करना और पुराने लैपटॉप को बदलना शामिल है। वेतन और पेंशन का मुद्दा: 8वें वेतन आयोग से पहले 50 प्रतिशत डीए को मूल वेतन में मर्ज करने और नई पेंशन प्रणाली को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की पुरजोर मांग की गई। प्रमोशन में ठहराव: सभी संवर्गों में पदोन्नति के ठहराव को दूर करने के लिए कैडर समीक्षा और पुनर्गठन प्रस्ताव को शीघ्र लागू करने की मांग रखी गई। समय-सीमा का विरोध: जांच और स्क्रूटनी निपटान के लिए थोपी गई कृत्रिम समय-सीमाओं को तत्काल समाप्त करने की बात कही गई। प्रमुख मांगें: कैडर रिव्यू से लेकर वरिष्ठता सूची तक जेसीए जोधपुर इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि विभाग में लंबे समय से पदोन्नतियां अटकी हुई है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2025 और 2026 के लिए एसीआईटी पदोन्नति के लिए डीपीसी प्रस्ताव तत्काल यूपीएससी को भेजे जाएं और आयकर अधिकारियों की अखिल भारतीय अंतर-से वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दिया जाए। इसके अलावा, अंतर-प्रभार स्थानांतरण नीति को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप पुनः बहाल करने और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। धरना प्रदर्शन के दौरान आयकर गजेटेड अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव सुनील वैष्णव, आयकर कर्मचारी फेडरेशन के अतिरिक्त सचिव किस्तुर चंद जाखड़ सहित शेख अली अहमद, आर.के. सुथार, नरेन्द्र सांखला, अशोक सोलंकी, गौतम सामरिया, जितेन्द्र सिंह शेखावत, कमलेश सिरवी, अभिषेक अरोड़ा, पूना राम प्रजापति और अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द ही इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कार्यालय का कामकाज दोपहर तक आंशिक रूप से प्रभावित रहा।

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In Pali, nursing officer Kailash Nagora, troubled by a woman, committed suicide, February 13, 2026

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पाली केशव नगर निवासी मृतक नर्सिंग ऑफिसर कैलाश नागौरा। फाइल फोटो

पाली में गुरुवार को नर्सिंग ऑफिसर कैलाश नागौरा (36) ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे हॉस्पिटल लाया गया लेकिन जोधपुर ले जाते समय मौत हो गई। बॉडी जोधपुर हॉस्पिटल में रखवाई गई है। मृतक पाली के केशव नगर में रहता था और वर्तमान में जोधपुर के MDM हॉस्पिल में न

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पाली के बांगड़ हॉस्पिटल से गुरुवार देर शाम को प्राथमिक उपचार के बाद घायल कैलाश नागौर का जोधपुर रेफर किया गया। जहां उनकी मौत हो गई।

पाली के बांगड़ हॉस्पिटल से गुरुवार देर शाम को प्राथमिक उपचार के बाद घायल कैलाश नागौर का जोधपुर रेफर किया गया। जहां उनकी मौत हो गई।

वीडियो में महिला पर लगाया बर्बाद और बदनाम करने का आरोप मृतक का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार एक महिला को बताया है। वीडियो में अपने परिजनों, पत्नी से माफी मांगी है। साथ ही परिजनों से अपील की है कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करवा उसे सजा दिलवावे। ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल। इसके साथ ही कहा कि अगर उसे सख्त सजा न दिलवा सको तो मेरी अस्थियां हरिद्वार नहीं गटर में बहा देना।

दोनों की मर्जी से सबकुछ हुआ फिर मरता लड़का ही क्यों है वीडियो में अपना दर्द बताते हुए कैलाश नागौर ने कहा कि महिला और उसके बीच जो भी संबंध थे वह दोनों की आपसी रजामंदी थे। लेकिन वह अब रेप केस में फंसाने की धमकी देती है। ऐसे में कहां जाऊ। लड़कों की सूनने वाला कोई नहीं है। वीडियो में बताया कि महिला ने उसे डरा-धमका कर करीब 30 से 40 लाख रुपए ले लिए। मकान बनाते समय भी तीन लाख रुपए दिए थे। वीडियो ने मृतक ने आरोप लगाया कि महिला युवकों को फंसाकर उन्हें बर्बाद करने का काम करती है।

बचा रहा हूं कईयों का घर वीडियो में युवक ने यह भी कहा कि वह आत्महत्या करके कई दूसरे लड़कों की जान बचाने का काम कर रहा है। क्योंकि इसके खिलाफ जब तक कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। यह महिला दूसरों को फंसाती रहेगी।

माता-पिता, पत्नी से मांगी माफी वीडियो में युवक अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों से माफी मांगता भी नजर आया। इसके साथ ही अपना बीमा होने आदि के बारे में बताया।

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जूली के आरोप पर भाजपा का जवाब- यहां कोई खींचतान नहीं

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भजनलाल शर्मा सरकार के तीसरे बजट को लेकर कांग्रेस एवं भाजपा ने एक-दूसरे के खिलाफ बड़े आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं। कांग्रेस के आरोपों पर गुरुवार को उपमुख्यमंत्री डा. प्रेम चंद बैरवा और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब दिया। भाजपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पटेल ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, जिसकी जैसी संस्कृति होती है, उसको वैसा ही याद रहता है। उन्होंने कहा कि घोषणाएं लगातार होंगी, विकास निरंतर चलेगा। सरकार में कोई खींचतान नहीं है। पटेल यहीं नहीं रुके। कहा, जो होटलों में बंद रहे। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अपने ही उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष के लिए किस तरह के शब्दों का प्रयोग किया था, उसको मैं यहां दोहराना भी नहीं चाहता हूं। अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली और अन्य जगह फिरते रहे। उन्हें ऐसा प्रश्न करने का अधिकार नहीं है। जूली ने कहा था कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं वित्त मंत्री को करने ही नहीं दी। बजट का आकार 41% अधिक : डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बजट को विकसित राजस्थान का सशक्त रोडमैप बताया। बोले, 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ के इस बजट का आकार वर्ष 2023-24 की तुलना में 41% अधिक है। अवसंरचना विकास के लिए 53 हजार 978 करोड़ के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। ये वर्ष 2023-24 की तुलना में दोगुने से अधिक है। हैल्थ क्षेत्र के लिए 32 हजार 526 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व बजट से 53% अधिक है। कृषि बजट में 7.59% और ग्रीन बजट में 20.81 % की वृद्धि की गई है। रेवड़ी संस्कृति पर वैचारिक प्रहार: पटेल ने कहा कि आज तक बजट में रेवड़ियां बंटती रही हैं। यह बजट रेवड़ी संस्कृति पर वैचारिक प्रहार है। इस बजट में हमारा विजन राजस्थान को समृद्ध और विकसित बनाने का है। नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर सरकार का पलटवार

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19 फरवरी को चलेगी रामदेवरा स्पेशल ट्रेन:जोधपुर से रामदेवरा के बीच चलेगी, एक ट्रिप में पूरी होगी यात्रा

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रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ और अतिरिक्त यातायात को देखते हुए जोधपुर-रामदेवरा-भगत की कोठी के बीच एक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन 19 फरवरी को संचालित की जाएगी, जिससे बाबा रामदेव के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सुगम सफर की सुविधा मिलेगी। इस स्पेशल ट्रेन का संचालन केवल एक ट्रिप के लिए किया जा रहा है: इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इसके ठहराव स्थल इस प्रकार हैं: 9 जनरल क्लास सहित 11 कोच होंगे यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में कुल 11 डिब्बे लगाए जाएंगे। इसमें 9 जनरल श्रेणी के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बे शामिल होंगे। साधारण श्रेणी के अधिक कोच होने से कम दूरी के यात्रियों को टिकट लेने और यात्रा करने में आसानी होगी।

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All services will be made online by 2027

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जयपुर| विकसित राजस्थान @2047 के विजन को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को सेक्टोरल ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज के ग्रुप-6 की बैठक हुई। बैठक में वर्ष 2027 तक राज्य की सभी सरकारी सेवाओं को पूर्णतः ऑनलाइन करने का लक्ष्य रखा गया। मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम की मंशा के अनुरूप जन-केंद्रित, फ्यूचर रेडी व भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस वाला सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा।

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बजट पर परिचर्चा शुरू:कैलाश वर्मा बोले- डोटासरा को मंत्रियों की नहीं नेता प्रतिपक्ष की फॉर्च्यूनर से दिक्कत

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राज्य बजट पर गुरुवार को विधान सभा में चर्चा शुरू हो गई। बजट चर्चा के दौरान भाजपा विधायक की कांग्रेस नेताओं पर की गई टिप्पणियों पर हंगामा हो गया।दरअसल भाजपा विधायक कैलाश वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार विरासत में कर्ज का बड़ा बोझ छोड़ कर गई। पूरे प्रदेश को बर्बाद कर दिया। वर्मा ने डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों के लिए गाड़ियां हर सरकार में ली जाती हैं, इसमें मुख्यमंत्री का क्या दोष है। मंत्रियों के लिए फॉर्च्यूनर ली गई तो डोटासरा को तकलीफ हो गई। यही कार मंत्रियों के साथ नेता प्रतिपक्ष को भी मिली है। मुझे लगता है डोटासरा को मंत्रियों की नई कार से ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि नेता प्रतिपक्ष को कैसे मिल गई? कांग्रेस की यह आदत है। कांग्रेस विधायकों ने इस पर आपत्ति की तो नोकझोंक हो गई। कैलाश वर्मा ने आपत्ति करने वाले कांग्रेस विधायकों से कहा कि मुझे क्या बोलना है.. यह आप तय नहीं करेंगे, आपको सुनना पड़ेगा। भास्कर लाइव- फतेहपुर में गौशाला की जमीन कब्जाने का मुद्दा छाया, घोघरा बोले-आदिवासियों के लिए विशेष अभियान चले रोहित बोहरा को रोको, कल 25 बार बोले: बजट पर बहस शुरू होने से पहले स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सभी पार्टियों को उनका समय बताया कि कौन पार्टी कितने घंटे बहस में भाग लेगी। इस पर कांग्रेस सचेतक रफीक खान बोले- 3 घंटे मैडम को सुना तो एक घंटा तो ग्रेस में दे दो। स्पीकर बोले-आपके समय सीएम अशोक गहलोत 3 घंटे 19 मिनट बोल चुके, तब तो इनका समय और भी बाकी है। सदस्य केवल बजट पर बोलें, इधर-उधर की बातें नहीं करें, समय बचेगा। रफीक बोले-आप तो कृपलानी जी की कृपा करा देना। देवनानी बोले- आपके रोहित जी को शांत करो, बजट के दौरान 25 बार बोलते रहे, 15 बार मैंने नाम लेकर टोका। स्पीकर की बार-बार चेतावनी कार्यवाही स्थगित कर दूंगा: विधानसभा में कांग्रेस के हंगामे से नाराज स्पीकर ने कहा कि अगर यही रुख रहा तो दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दूंगा। फिर भी हंगामा जारी रहा। बार-बार स्पीकर चेतावनी देते रहे। नाराज कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। बाल काले कराकर क्यूं आते हो- बजट पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार कहा कि आप विजन 2047 की बात कर रहे हो, वो कब आएगा। लोग तो आज ही बूढ़े होते जा रहे हैं। आज की बात करो। इस पर सभापति संदीप शर्मा बोल पड़े- श्रवण जी, आप बूढ़े हो गए हो तो आप बाल काले क्यों करके आते हो, बाल काले मत किया करो।
कलयुग के देवता: कांग्रेस के श्रवण कुमार ने बजट चर्चा में कहा- सरकार ने कुछ नहीं दिया। इस पर भाजपा के कैलाश वर्मा ने चुटकी ली। बोले- श्रवण जी, आपने तो वीडियो बनाकर सीएम साहब की तारीफ की थी, कहा था- आप तो कलयुग में देवता हो। स्टेट हाईवे को टोल मुक्त करने का कोई विचार नहीं: दिया प्रश्नकाल के दौरान विधायक विक्रम बंशीवाल ने राज्य राजमार्गों पर हल्के मोटर वाहनों को टोल शुल्क से मुक्त करने को लेकर प्रश्न उठाया। डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने बताया कि 14 मई 2018 को हल्के वाहनों को टोल मुक्त किया गया था, लेकिन बाद में अधिसूचना निरस्त कर दी गई। अभी सरकार का हल्के वाहनों को टोल मुक्त करने का कोई विचार नहीं है। राज्य में 83 सड़कों पर टोल वसूला जा रहा हैं। राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 27, आरएसआरडीसी द्वारा 39, रिडकोर द्वारा 13 एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 4 सड़कों पर टोल संग्रहण किया जा रहा है। 17 फरवरी को बजट बहस का जवाब देंगी वित्त मंत्री
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सदन को बताया कि 12, 13, 16 और 17 फरवरी को बजट पर बहस होगी। 17 को वित्त मंत्री बजट बहस का जवाब देंगी। 18,19 को अनुदान मांगों पर बहस के बाद उन्हें पारित किया जाएगा।

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कार को बचाने के चक्कर में बेकाबू डंपर 3 फीट ऊंचे डिवाइडर पर चढ़ा

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जयपुर | करधनी इलाके में बुधवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। पावर हाउस के पास कालवाड़ रोड पर रात करीब 11 बजे एक डंपर चालक ने सामने से आ रही कार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो गया और 3 फीट ऊंचे डिवाइडर पर चढ़ गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। दुर्घटना थाने के महावीर प्रसाद ने बताया कि डंपर खाली था। रात करीब 11 बजे कालवाड़ रोड पर करधनी पावर कट के पास अचानक कार आने से डंपर अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया। डंपर डिवाइडर के दोनों तरफ लटक गया। डंपर को हटाने के लिए पुलिस ने क्रेन मंगवाई, लेकिन हट नहीं पाया। इसके बाद बड़ी क्रेन मंगवाकर करीब दो घंटे बाद डंपर को हटवाया गया। हालांकि डंपर हादसे के बाद कार चालक मौके से कार लेकर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।

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