राजस्थानी मैनेजर की कश्मीरी पत्नी 12 महीने से बंधक:जॉब के दौरान हुआ था प्यार; हाईकोर्ट का आदेश- CRPF-सेंट्रल फोर्स की मदद से ढूंढे पुलिस

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‘मेरी पत्नी शकीला अख्तर 12 महीने से किडनैप है। परिजनों ने उसे बंधक बना रखा है। उसकी दूसरी शादी करा दी। मुझे मेरी मोहब्बत से मिला दो, नहीं तो मैं जी नहीं पाऊंगा।’ ये दर्द है नागौर के सुदरासन गांव निवासी प्राइवेट कंपनी के मैनेजर जितेंद्र सिंह का। उनकी 24 साल की कश्मीरी पत्नी शकीला, पिछले एक साल से लापता बताई जा रही है। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने ढूंढने का आदेश दिया। लेकिन राजस्थान पुलिस ने कहा- आतंक प्रभावित इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से शकीला को नहीं ढूंढ पाए। 29 जनवरी को ही हाईकोर्ट ने शकीला को ढूंढने के लिए CRPF और सेंट्रल फोर्सेज के साथ संयुक्त सर्च ऑपरेशन के निर्देश दिए हैं। पढ़िए- पूरी स्टोरी…. जम्मू में जॉब के दौरान हुई थी मुलाकात जितेंद्र सिंह ने बताया- साल 2023 में मैं जम्मू में एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी में बतौर साइट मैनेजर पोस्टेड थे। कंपनी में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के हैसिदार गांव की रहने वाली शकीला की मां रेशमा भी काम करती थी। मेरी उससे जान-पहचान हो गई थी। रेशमा जम्मू में ही किराए के मकान में अपने पति मोहम्मद इकबाल बुमला और दो बेटियों के साथ रहती थी। उन्होंने बताया- मैं कभी-कभी रेशमा के घर उसके परिवार वालों से मिलने जाता था। इसी दौरान शकीला से दोस्ती बढ़ी। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। इस बीच इस बात की जानकारी शकीला के पिता मोहम्मद इकबाल और मां रेशमा को भी लग गई थी। पहले तो वो नाराज हुए, लेकिन बाद में उन्होंने हमारे रिश्ते पर चुप्पी साध ली। अब मैं और शकीला एक तरह से एक साथ लिव इन में रहने गए थे। इस दौरान मैंने शकीला के अम्मी और अब्बू को जरुरत पड़ने पर तकरीबन 6 लाख रुपए देकर आर्थिक मदद भी की। करीब दो साल बाद मैंने और शकीला ने शादी कर राजस्थान में अपने घर शिफ्ट होने का डिसीजन लिया। हमने 16 फरवरी 2025 को फिरोजपुर (पंजाब) के एक मंदिर में शादी की। अगले दिन वहीं के कोर्ट में एक-दूसरे के साथ लिव इन में रहने और शादी कर लेने के बयान दर्ज करवाए। इसके बाद राजस्थान के लिए रवाना हो गए। जितेंद्र सिंह बताते हैं- कुछ दिन बाद ही शकीला के माता-पिता हमारी शादी और राजस्थान लौटने पर नाराज हो गए। इधर हमारी शादी का पता शकीला के गांव में उसके समाज वालों और रिश्तेदारों को लग गया। इसके बाद शकीला को वापस लाने और उसकी शादी अपने समाज के ही किसी कश्मीरी लड़के से कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। शकीला के परिजनों ने दर्ज करवाई गुमशुदगी शकीला के परिजनों ने जम्मू के सतवारी थाने में शकीला की गुमशुदगी दर्ज करवा दी। ऐसे में सतवारी थाना पुलिस शकीला को ढूंढने राजस्थान पहुंच गई। 22 फरवरी 2025 को सरदार शहर पुलिस के सहयोग से सतवारी थाना पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों को जम्मू ले जाया गया। जितेंद्र सिंह के मुताबिक शकीला ने थाने में मेरे खिलाफ कोई बयान नहीं दिया, ऐसे में वहां की पुलिस ने मुझे छोड़ दिया। वहीं, शकीला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उसने पहले सरदार शहर थाना पुलिस और बाद में जम्मू की सतवारी पुलिस को सभी एविडेंस दिखाए। बताया कि शकीला मेरी लीगल पत्नी है और दोनों अपनी मर्जी से राजस्थान आए हैं। वहीं शकीला ने भी यही बातें दोहराई थी। बावजूद इसके मेरी एक नहीं सुनी गई। आखिरकार वो परेशान होकर राजस्थान लौट गया। शकीला से होती थी फोन पर बातें जितेंद्र सिंह के मुताबिक उसकी और शकीला की मोबाइल पर बातें हो रही थी। उसके मम्मी-पापा भी संपर्क में थे। उनकी बातचीत से भरोसा था कि शकीला को कुछ दिन बाद राजस्थान भेज देंगे। ये सब कुछ अक्टूबर 2025 तक चलता रहा। एक दिन शकीला ने फोन कर बताया कि उसकी किसी दूसरे लड़के से शादी का प्रयास किया जा रहा है और वह शादी नहीं करना चाहती। शकीला ने अपना वीडियो बनाकर भी भेजा, जिसमें वो कह रही है कि वो मेरे साथ रहना चाहती है और उसे पुलिस केस करके मैं उसे ले जाऊं। जितेंद्र ने तत्काल अपने परिचितों से बात की। जोधपुर हाईकोर्ट में अपनी पत्नी को उसके घर पहुंचाने के लिए 28 अक्टूबर 2025 बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीडवाना कुचामन के बरड़वा थाने के सीआई महेंद्र सिंह पालावत को शकीला को ढूंढ कर लाने के निर्देश दिए थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप बरड़वा थाने के सीआई महेंद्र सिंह पालावत ने बताया हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पूरे मामले की जानकारी ली गई। एक स्पेशल टीम लेकर वो खुद जम्मू के अनंतनाग जिले के हैसिदार गांव में शकीला को ढूंढने पहुंचे। अलग-अलग जगहों पर शकीला की तलाश की गई। लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि आतंक प्रभावित क्षेत्र और वहां की अलग परिस्थितियों में जम्मू-कश्मीर की लोकल पुलिस ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसके चलते कामयाबी नहीं मिली। शकीला के परिजनों पर भी गुमराह करने का आरोप बरवाड़ा सीआई महेंद्र सिंह पालावत के अनुसार वहां की लोकल पुलिस ने बताया था कि शकीला और उसके परिजनों ने भी जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में खुद के वहीं रहने को लेकर एक याचिका लगा रखी हैं। हालांकि इसके संबंध में उन्हें कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं मिल पाई। जितेंद्र सिंह के एडवोकेट जयंत गर्ग ने बताया कि याचिका के संबंध में जांच की तो उन्हें जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिल पाया। इस बात की जानकारी 29 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) को भी दी गई। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया है कि जितेंद्र सिंह की पत्नी शकीला को हर हाल में ढूंढा जाए, इसके लिए CRPF और पैरामिलिट्री फोर्स राजस्थान पुलिस की मदद करेगी।

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शिक्षा विभाग का सर्वे:स्कूलों की मरम्मत के लिए 20 हजार करोड़ के प्रस्ताव, बजट में मात्र 500 करोड़, जर्जर भवनों में कैसे पढ़ेंगे भयाक्रांत बच्चे

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प्रदेश में करीब 3768 स्कूल जर्जर हैं। इनको जीर्ण-शीर्ण घोषित किया गया। इनमें से 2558 भवनों को औपचारिक रूप से जर्जर घोषित किया जा चुका है और 1210 को प्रक्रिया में रखा गया है। वैसे असुरक्षित की श्रेणी में 5667 स्कूलों को रखा गया है। झालावाड़ घटना के बाद ठीक कराने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया गया, मगर बुधवार को बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही आवंटित हुए। हालांकि शिक्षा विभाग इसको लेकर वाहवाही बता रहा है, मगर कम राशि मिलने का मतलब साफ है कि आने वाले मानसून में मरम्मत से वंचित होने वाले जर्जर स्कूलों में बच्चों को बैठना होगा। दरअसल, झालावाड़ स्कूल की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया था। सामने आया कि प्रदेश में 5667 स्कूल पूरी तरह असुरक्षित हैं। एक प्रारंभिक सर्वे में पाया गया कि लगभग 5667 स्कूल इतने खराब हैं कि उन्हें पूरी तरह असुरक्षित माना गया, जहां पूरी तरह भवन का उपयोग करना खतरनाक है। 86,934 कक्षाएं पूरी तरह जर्जर हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों की कुल 63,018 स्कूलों में से लगभग 86,934 कक्षाएं पूरी तरह असुरक्षित और जर्जर हैं। 41,178 स्कूलों को छोटे से बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 41,178 स्कूलों में मरम्मत की आवश्यकता है, हालांकि ये पूरी तरह असुरक्षित तो नहीं, पर मरम्मत जरूरी है। प्रदेश के स्कूलों में 17,109 शौचालयों को जर्जर घोषित किया गया है। इसके साथ ही 29,093 शौचालयों को मरम्मत की जरूरत खुद शिक्षा विभाग ने माना है। अब सवाल ये है कि शिक्षा विभाग ने जो 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, उसमें से सिर्फ 500 करोड़ से क्या होगा। एक हजार करोड़ से तो शौचालयों की ही मरम्मत हो सकेगी, क्योंकि हाल ही में न्यायालय में सुनवाई हुई थी, जिसमें अधिकारियों से सवाल-जवाब हुए थे। “स्कूलों के लिए जो बजट आवंटित हुआ है, उसके अलावा विधायक निधि, डीएमएफटी, सांसद कोटा समेत भामाशाहों से भी मदद ली जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है और इसके लिए कदम उठाएगी।”
-रामलाल शर्मा,भाजपा प्रवक्ता ने बजट पर सफाई दी

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खेजड़ी मुस्कुराई:प्रदेश में खेजड़ी की अवैध कटाई रोकने के कलेक्टरों को आदेश, महापड़ाव स्थगित

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राजस्व विभाग ने प्रदेश में खेजड़ी की अवैध कटाई रोकने के आदेश सभी कलेक्टरों को जारी किए हैं। इसके साथ ही खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर 11 दिन से चल रहा महापड़ाव स्थगित कर दिया गया। गुरुवार देर रात मंच से इसकी घोषणा की गई। राजस्व विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि खेजड़ी के संरक्षण के लिए विशेष कानून इसी विधानसभा सत्र में लाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है। प्रदेश में खेजड़ी के संरक्षण एवं अवैध कटाई नहीं होने देने के लिए सरकार पूर्णत: संकल्पित है। इसे देखते हुए सचिव ने कलेक्टरों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उद्योग मंत्री केके बिश्नोई ने खेजड़ी कटाई पर रोक लगाने की अधिकृत रूप से घोषणा करते हुए राजस्व विभाग का पत्र मंच से दिखाया तो पर्यावरण प्रेमियों ने मां अमृता देवी के जयकारे लगाए। उद्योग मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, खेजड़ी पर कड़ा कानून लाने की सहमति 27 अगस्त को ही बन गई थी। सभी संभागीय आयुक्त और कलेक्टर्स को खेजड़ी के संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देशित किया है कि कानून लागू होने तक खेजड़ी की अवैध रूप से कटाई न हो। इससे पहले राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के रूप में मंत्री केके बिश्नोई सहित जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, विधायक पब्बाराम और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई रात करीब साढ़े नौ बजे महापड़ाव पर पहुंचे। संत, पर्यावरण संघर्ष समिति के सदस्य और आंदोलन की कोर कमेटी को पहले आदेश दिखाया। उसकी भाषा को लेकर विचार-विमर्श किया। रात करीब 11.15 बजे उन्होंने मंच से घोषणा कर दी। आंदोलन स्थगित होने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। दरअसल 17 फरवरी को मुकाम मेले को देखते हुए प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि संतों ने मेले के बाद सभी से महापड़ाव पर पहुंचने का ऐलान कर दिया था। संत भागीरथ शास्त्री बोले- कानून में कमी रही तो फिर से महापड़ाव खेजड़ी की अवैध कटाई को लेकर राजस्व विभाग के आदेश और उद्योग मंत्री की घोषणा को लेकर संत भागीरथदास शास्त्री ने घोषणा की है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, स्थगित किया गया है। यदि कानून में कमी रही तो वापस महापड़ाव पर बैठ जाएंगे। पर्यावरण संघर्ष समिति के प्रवक्ता रवि बिश्नोई ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण करना समाज के डीएनए में है। इस आंदोलन ने यह साबित कर दिखाया है। कब क्या-क्या हुआ
} 2 फरवरी : पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशाल जनसभा के साथ महापड़ाव शुरू हो गया। हजारों की संख्या में पर्यावरण प्रेमी देशभर से पहुंचे। पेड़ बचाने के लिए यह भीड़ ऐतिहासिक थी।
} 3 फरवरी : 29 संतों सहित 363 पर्यावरण प्रेमी आमरण अनशन पर बैठ गए।
} 4 फरवरी : आमरण अनशन पर बैठने वालों की संख्या 537 तक पहुंच गई। महापड़ाव स्थल पर ही अस्थायी अस्पताल बनाया गया।
} 5 फरवरी : संसद और विधानसभा में गूंजी खेजड़ी के संरक्षण की आवाज। मुख्यमंत्री का संदेश लेकर सरकार का प्रतिनिधिमंडल महापड़ाव पर पहुंचा। इस पर आमरण अनशन खत्म कर दिया गया।
} 6 फरवरी : पूरे प्रदेश में खेजड़ी की कटाई पर रोक की मांग को लेकर अड़े पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठ गए।
} 8 फरवरी : संतों का प्रतिनिधिमंडल जयपुर में सीएम से मिला।
} 9 फरवरी : महापड़ाव जारी रखने की घोषणा।
} 10 फरवरी : शहर में कलश यात्रा निकाली गई।
} 11 फरवरी : संतों ने मांग पूरी होने पर महापड़ाव स्थगित करने का शपथ-पत्र दिया और मौन जुलूस निकाला।
} 12 फरवरी : मांग पूरी होने पर आंदोलन स्थगित हो गया। खेजड़ी बचाओ आंदोलन से तीन बड़े बदलाव
} पर्यावरण के प्रति चेतना जागी, लोग एकजुट हुए
} देश, दुनिया को खेजड़ी के महत्व का पता चला
} शांतिपूर्ण आंदोलन से बिश्नोई समाज के प्रति सकारात्मक संदेश गया “खेजड़ी के संरक्षण को लेकर बिश्नोई समाज सहित 36 कौम के लोग संकल्पित हैं। सरकार ने कानून बनाने में कोई कसर छोड़ी तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा, लेकिन इस बार समाज शांत नहीं बैठेगा।”
-रामगोपाल बिश्नोई, संयोजक पर्यावरण संघर्ष समिति “सरकार ने हमारी बात रखी है। यह संतों की जीत है। बिश्नोई समाज सहित पूरी 36 कौम की जीत है। पर्यावरण प्रेमियों की जीत है, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।”
-परसराम बिश्नोई, संयोजक, खेजड़ी बचाओ आंदोलन

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Repair of 2100 schools is dependent on one AEN, one JEN even took VRS.

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जिले में कुल 3048 स्कूल हैं। इनमें से 2100 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जिनको मरम्मत की जरूरत है। जबकि, 480 जर्जर हाल में हैं। इनमें बच्चों को बैठाया तक नहीं जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि समग्र शिक्षा अभियान ने इन स्कूलों की देखरेख की जिम्मेदारी स

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ये भी संविदा पर कार्यरत हैं। ऐसे में उदयपुर से लेकर सलूंबर जिले का काम फिलहाल इन्हें ही संभालना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल है। एईएन हेमसिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी का असर काम पर न आए, इसके लिए वह दिन-रात काम में जुटे रहते हैं। घर-परिवार तक को समय नहीं दे पा रहे हैं। हर जेईएन के पास भी तीन-चार ब्लॉक का जिम्मा है।

जेईएन व एईएन जिले के 480 जर्जर स्कूलों के लिए बारी-बारी से एस्टीमेट तैयार करने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा उनपर निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, 2100 से अधिक स्कूलों के मरम्मत के काम, जयपुर मुख्यालय के दौरे, सूचनाओं का आदान-प्रदान और विभागीय बैठकों की जिम्मेदारी भी है।

बताया जा रहा है कि काम के दबाव के चलते पहले मुख्यालय पर कार्यरत जेईएन राकेश बोहरा ने 5 जनवरी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद से यह पद रिक्त पड़ा है। मुख्यालय पर जेईएन के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन दोनों लंबे समय से खाली पड़े हैं। जून 2025 में इन पदों को भरने के लिए इंटरव्यू तो लिए गए, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया कि किसे नियुक्त किया जाए। शिक्षा विभाग में इन पदों पर जो लोग पहुंचे, वे इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से नहीं थे, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया और उलझ गई।

20 ब्लॉक में 4 जेईएन, सभी संविदा पर

जिले में एकमात्र एईएन हेमसिंह मुख्यालय पर तैनात हैं। चार जेईएन 20 ब्लॉकों का कार्य देख रहे हैं। इनमें बड़गांव में पंकज शर्मा (सिविल कंसलटेंट), मावली में दीपक त्रिवेदी, ऋषभदेव में विजय मेनारिया, गोगुंदा में चंद्रवीर सिंह तैनात हैं। ये चारों संविदा पर हैं और वर्ष 2015-16 से कार्यरत हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तो इन कामों के लिए बजट तक नहीं आया। बजट आने के बाद जब इतनी ज्यादा संख्या में एकसाथ स्कूलों का काम चलेगा, तब सभी जगह देखरेख करना मुश्किल हो जाएगा। इससे गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।

डीएमएफटी से जुड़े उदयपुर-सलूंबर के काम, स्टेट बजट से जुड़े निर्माण कार्य भी इन्हीं इंजीनियर्स को देखने पड़ रहे हैं। एईएन हेमसिंह के पास खेल मैदान, स्कूलों के टिन शेड, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कक्षा कक्ष, चारदीवारी और हॉस्टलों के निर्माण का जिम्मा भी है। इनमें उदयपुर के 8 और सलूंबर के 10 हॉस्टल शामिल हैं। ऐेसे में इन्हें छुट्टियों में भी काम करना पड़ता है।

ये काम भी जेईएन के भरोसे

  • विधानसभा के जवाब तैयार करना।
  • डीएमएफटी के सभी कार्य।
  • जिले की बैठकों में भाग लेना।
  • जयपुर मुख्यालय के दौरे (30 लाख से ऊपर के कार्यों की स्वीकृति के लिए) करना।
  • लगातार फील्ड विजिट करना।

कई स्कूलों में हादसे उदयपुर जिले में पिछले एक वर्ष में जर्जर सरकारी स्कूल भवनों से जुड़े कई हादसे सामने आए। वल्लभनगर में स्कूल की छत गिरी, जबकि कोटड़ा क्षेत्र में कक्षाएं ढह गईं।

दो-तीन महीनों में हो जाएगी कार्मिकों की नियुक्ति : एडीपीसी

जिले के समग्र शिक्षा अभियान के एडीपीसी ननिहालसिंह चौहान का कहना है कि काम जरूर बढ़े हैं, लेकिन उपलब्ध कार्मिकों में ही काम बांटकर किया जा रहा है। अन्य कई काम भी रहते हैं। जयपुर में साक्षात्कार हो चुके हैं, लेकिन नियुक्ति में दो-तीन महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कुछ परेशानी जरूर हो रही है।

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अगले साल मार्च तक शुरू करने की योजना:उदयसागर की पाल के पास से होगी लेपर्ड सफारी की एंट्री

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अमरखजी लेपर्ड सफारी प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरता दिख रहा है। वन विभाग ने शहर के पास सफारी शुरू करने के लिए उदयसागर झील की पाल के पास एंट्री गेट का निर्माण शुरू कर दिया है। यहीं से पर्यटक सफारी में प्रवेश करेंगे और झील किनारे स्थित पहाड़ी मार्ग से भ्रमण कर सकेंगे, जहां से पूरी झील का दृश्य दिखाई देगा। पहले लेपर्ड सफारी का एंट्री गेट कुराबड़ रोड पर कीरट गांव से रखने की योजना थी, लेकिन यह मार्ग शहर से 20 किमी से अधिक दूर था। क्षेत्र में गांव अधिक थे और विशेष आकर्षण भी नहीं था, इसलिए योजना में बदलाव किया गया। उदयसागर क्षेत्र में बनेगा पर्यटन का नया बाजार
शहर में अभी फतहसागर, पिछोला, गोवर्धन सागर और बड़ी झील पर पर्यटकों की अधिक आवाजाही है। उदयसागर झील में सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटक कम पहुंचते हैं। आसपास कई होटल और रिसॉर्ट बन चुके हैं। सफारी शुरू होने से यहां पर्यटन का नया बाजार विकसित होने की उम्मीद है। नहर पर ब्रिज का प्रस्ताव: वन विभाग ने उदयसागर झील की पाल से निकलने वाली नहर पर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा है। फंड स्वीकृत होने पर ब्रिज बनेगा, जिससे पर्यटक सीधे पहाड़ी तक पहुंच सकेंगे।

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चेक बाउंस केस में अपराध साबित नहीं, आरोपी दोषमुक्त

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जयपुर | जयपुर मेट्रो-द्वितीय की एनआईएक्ट मामलों की विशेष कोर्ट-8 ने चेक बाउंस के तीन अलग-अलग केसों में आरोपी अनि भारद्वाज के खिलाफ चेक बाउंस का अपराध साबित नहीं होने पर उसे संदेह का लाभ में दोषमुक्त कर दिया। मामले से जुड़े अधिवक्ता रामावतार नेपालपुरिया ने बताया कि कोर्ट में परिवादिया, आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस केसों में परिवाद दायर किया था। इसमें कहा था कि आरोपी के बैंक खातों में अपर्याप्त राशि होने के चलते चेक बाउंस हो गए हैं, लेकिन वह आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस होना कोर्ट में साबित नहीं कर पाई। इस पर कोर्ट ने आरोपी अनि भारद्वाज को बरी कर दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता नेपालपुरिया ने कहा कि परिवादिया कोर्ट में ऐसा कोई एग्रीमेंट या अन्य साक्ष्य या दस्तावेज पेश नहीं कर पाई, जिससे यह साबित हो कि उसने आरोपी को रुपए दिए थे और उसे चुकाने के लिए उसने चेक दिया था। आरोपी पक्ष की दलीलों से सहमत होकर कोर्ट ने उसे दोषमुक्त कर दिया।

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शिक्षक की लापरवाही:परीक्षा देने से वंचित रह गए 20 छात्र, दस्तावेजों के साथ फीस भी ली, लेकिन फार्म बोर्ड में नहीं भेजे

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शिक्षक की लापरवाही के कारण कस्बे के 20 स्वयंपाठी विद्यार्थी इस बार 12वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। इनका शुक्रवार को पहला पेपर होना था। परीक्षा से वंचित होने के कारण छात्रों व अभिभावकों में रोष व्याप्त है। उन्होंने पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर संबंधित शिक्षक व स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा प्रभारी (शिक्षक) मुकेश की भूल के कारण 20 स्वयंपाठी विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा देने से वंचित रह गए। विद्यार्थियों ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के लिए अगस्त में फॉर्म भरवाए गए थे। छात्रों ने 10वीं की अंकतालिका के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करवा दिए। प्रत्येक विद्यार्थी ने परीक्षा शुल्क के 800 रुपए भी जमा करवा दिए थे। परीक्षा से पहले जब वे प्रवेश पत्र लेने विद्यालय पहुंचे तो परीक्षा प्रभारी टाल-मटोल करने लगे। लगातार तीन दिन से चक्कर काटने के बाद गुरुवार को वापस स्कूल पहुंचे तो परीक्षा प्रभारी ने छात्रों को फॉर्म नहीं भरे जाने की सूचना दी। मामले को लेकर छह छात्रों ने गुढ़ा थाने में संबंधित शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दी है। घटना के बाद अभिभावकों में आक्रोश है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है। विद्यालय प्रबंधन ने भी पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी। प्रधानाचार्य रणजीत सिंह का कहना है कि वे छुट्टी पर चल रहे हैं। मामले की जानकारी नहीं है। इस प्रकार का मामला है तो गंभीर विषय है। जांच करवाई जाएगी। शिक्षक ने कहा, भूलवश फॉर्म नहीं भेजे गए विद्यार्थी जब प्रवेश पत्र लेने स्कूल पहुंचे तो परीक्षा प्रभारी मुकेश ने बताया कि छात्रों के फॉर्म भूलवश भेजे ही नहीं गए, जबकि उनकी फीस पूरी जमा है। साथ ही आश्वासन दिया कि सितंबर में पुन: फॉर्म भरे जाएंगे। उस समय उनके फॉर्म भरवाकर सभी छात्रों को परीक्षा दिला दी जाएगी, जिसका परिणाम दिसंबर महीने में जारी होगा। सीबीईओ बोले- मामले की जानकारी ले रहे हैं उदयपुरवाटी के सीबीईओ नरेशकुमार गुप्ता का कहना है कि गुढ़ागौड़जी की स्कूल में स्वयंपाठी विद्यार्थियों के फॉर्म नहीं भरने का मामला सामने आया है। जानकारी ले रहे हैं कि विद्यार्थियों के फॉर्म जमा क्यों नहीं हुए। माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर ही मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में शिक्षक द्वारा लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

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राजस्थान में फिर बारिश की संभावना:धूप कमजोर होने से दिन में हल्की सर्दी, तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट

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राजस्थान में मौसम फिर बदल सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है। इससे हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, गुरुवार को हल्के बादल छाने से तापमान में गिरावट हुई। इससे सुबह-शाम सर्दी महसूस हुई। सीकर, चूरू, फतेहपुर में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई। फतेहपुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि बाड़मेर, चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। बादल छाए, ठंडी हवा चली पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए। मौसम विशेषज्ञों ने बताया- एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से ये बादल छाए, लेकिन सिस्टम कमजोर होने और ह्यूमिडिटी का लेवल कम होने से बारिश नहीं हुई। बादलों के बीच कुछ शहरों में हल्की ठंडी हवाएं चली, जिससे तापमान में गिरावट हुई। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरा न्यूनतम तापमान में भी गिरावट हुई। शेखावाटी के एरिया सुबह-शाम हल्की सर्द हवा चली, जिससे पारा 4 डिग्री तक गिर गया। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 5.9, चूरू में 9.4, सीकर में 9.5, करौली, पाली में 9.6 और लूणकरणसर में 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर, बाड़मेर, फलोदी, जालौर, प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। बदलेगा मौसम, हल्की बारिश की संभावना मौसम केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें अगले सप्ताह यानी 18 फरवरी बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई है। इस दौरान एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से राज्य में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं सर्दी का पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 फरवरी के बाद प्रदेश में सर्दी का असर और कम होने और अधिकतम-न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज होने की संभावना है।

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Face-to-face firing between police and youths in Pali, one dead, February 13, 2026

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गोली लगने से मौत होने के बाद युवक की बॉडी पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में गुरुवार देर रात को शिफ्ट करवाते हुए पुलिस।

पाली में गुरुवार रात को मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पर पुलिस की ANTF (एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स) ने दो गाड़ियों का पीछा किया। इस दौरान एक गाड़ी फरार हो गई। लेकिन दूसरी गाड़ी में सवार युवकों ने ANTF पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में गाड़ी में सवार एक

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पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में जांच के बाद डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में जांच के बाद डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस और युवकों में आमने-सामने फायरिंग बाली ASP चैनसिंह महेचा ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए गठित की गई ANTF (एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स) को गुरुवार रात को दो गाड़ियों में मादक पदार्थ होने की सूचना मिली। ऐसे में टीम ने उनका पीछा किया। इस दौरान एक गाड़ी लेकर युवक फरार हो गए। दूसरी गाड़ी के चक्कों के आगे स्ट्रीक डालकर चक्के पंचर कर दिए। खिंवाड़ा थाना क्षेत्र के दीवेर घाटी के निकट गाड़ी रूकते ही पर उसमें सवार युवक ने पुलिस की टीम पर फायरिंग करना शुरू कर दी। जवाब में ANTF टीम ने फायर किया। जिसमें कार में सवार करीब 36 वर्षीय भुट्‌टों नाम के युवक के सीने में गोली लग गई। जिसे इलाज के लिए निकट के जोजावर हॉस्पिटल ले गए। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे देर रात को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक की बॉडी पाली के बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाई।

एक युवक को लिया हिरासत में बताया जा रहा है कि मामले में खिंवाड़ा थाना पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया और गाड़ी को भी जब्त करने की कार्रवाई की।

गोली लगने से मरे युवक की बॉड हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाते हुए पुलिस।

गोली लगने से मरे युवक की बॉड हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाते हुए पुलिस।

पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ट्रोमा वार्ड के बाहर गुरुवार देर रात को खड़े पुलिसकर्मी।

पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ट्रोमा वार्ड के बाहर गुरुवार देर रात को खड़े पुलिसकर्मी।

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एबी इनबेव किसानों से खरीदेगी 1600 टन जौ

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जयपुर | एबी इनबेव इंडिया ने किसानों से 16,000 टन से अधिक घरेलू जौ की खरीद का लक्ष्य तय किया है। चौमू में वार्षिक जौ उत्पादक दिवस के मौके पर कंपनी के निदेशक अरुण जैकब मैथ्यूज ने कहा कि राजस्थान में विजनस्प्रिंग फाउंडेशन के सहयोग से कंपनी दृष्टि देखभाल पहल भी चला रही है। कंपनी के जौ उत्पादक दिवस कार्यक्रम में राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खारा एबी इनबेव के निदेशक ब्रातिन रॉय मौजूद रहे। कंपनी ने स्मार्ट बार्ली कार्यक्रम से राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 2,000 से अधिक किसानों को जोड़ा है।

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