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स्टार्स की थाली विशाल जेठवा के साथ:एक्टर बोले- हर ट्रिप पर थेपला लेकर जाता हूं, देसी खाने में सिर्फ स्वाद नहीं, भावनाएं भी होती हैं
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अरुबा के आलीशान रेस्टोरेंट में सजी थाली हो या किसी पांच सितारा होटल का मेन्यू, विशाल जेठवा हर व्यंजन का जायका पूरे दिल से लेते हैं। उनकी प्लेट रंग-बिरंगे फ्लेवर से भरी रहती है, लेकिन दिल के किसी कोने में आज भी देसी स्वाद की खुशबू बसती है। स्टार बनने के बाद भी विशाल का दिल बिल्कुल जमीन से जुड़ा हुआ है, और यही बात उनके खाने की पसंद में भी साफ झलकती है। फिल्म ‘होमबाउंड’ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके विशाल आज भले ही ग्लोबल मंच पर छा गए हों, लेकिन खाने के मामले में उनका दिल आज भी मां के हाथ के खाने पर ही आकर टिकता है। विशाल मानते हैं कि देसी खाने में सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाएं भी होती हैं। शूटिंग के लंबे और थकाने वाले शेड्यूल के बाद जब घर का खाना नसीब होता है, तो वह उनके लिए किसी जश्न से कम नहीं होता। आज स्टार की थाली में जानेंगे विशाल जेठवा के फेवरेट फूड के बारे में। ‘रिंगणा बटाटा नु शाक अने भात’ लोकप्रिय गुजराती व्यंजन मेरी मम्मी बहुत अच्छा खाना बनाती हैं। रिंगणा बटाटा नु शाक अने भात गुजराती एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसका मतलब बैंगन और आलू की सब्जी चावल होता है। यह मुझे खाने में बहुत पसंद है। यह गुजराती शाक मसालेदार बैंगन और आलू से बनता है, जो अक्सर स्टफ्ड या ग्रेवी स्टाइल में तैयार किया जाता है। इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा मुझे शिमला मिर्च में आलू की स्टफिंग भरकर रोटी और चाय के साथ खाना भी कमाल का लगता है। ‘तेल मरचु अने रोटली’ बड़ी मजेदार चीज होती है एक और मजेदार चीज है तेल मरचु अने रोटली। पहले की बनी रोटी पर तेल, मिर्च पाउडर और नमक लगाकर खाओ, तो स्वाद अलग ही आता है। इसमें ताजी रोटी नहीं चाहिए। दोपहर की रोटी शाम को या फिर शाम की रोटी अगली सुबह खा सकते हैं। रसगुल्ला और रसमलाई भी मेरे फेवरेट हैं। विदेश यात्रा से वापस आते ही दूसरे दिन मम्मी द्वारा बनाई सारी चीजें खाने का बहुत मन करता है। हमारे गुजरातियों में थेपला बहुत फेवरेट डिस है हमारे गुजरातियों में थेपला बहुत फेवरेट डिस है। यह मेथी, बेसन, गेहूं के आटे, दही और मसालों से बनी पतली, मसालेदार रोटी जैसी डिश होती है। हर गुज्जू, चाहे कोई भी हो, किसी भी स्तर का हो, जब वह कहीं ट्रैवल करता है तो अपने साथ थेपला लेकर जरूर जाता है। थेपला का पूरा स्टॉक भरकर ले जाता हूं मेरी फिल्म ‘होमबाउंड’ के लिए जितने भी इंटरनेशनल इवेंट्स हुए हैं, मैं खुद थेपला लेकर जाता था। घर में जो भी हों मम्मी, नानी, मौसी या फिर मेरी दीदी सब बनाकर भेज देती है। जब भी बाहर कहीं निकलता हूं, तो पूरा स्टॉक भरकर ले जाता हूं। अगर कहीं कुछ खाने को नहीं मिलता था तो आचार, मिर्ची के साथ थेपला खा लेता था। मैं अपनी पूरी टीम को भी खिलाता हूं। सुबह-सुबह सबका फोन थेपला के लिए आ जाता था। ईशान खट्टर को ढेफली बहुत पसंद है, वह उसे डफली बोलता है। ढेफली खाने से पेट थोड़ी देर भरा रहता है। यह हल्का मीठा होता है, इसलिए ईशान खूब खाता है। जान्हवी कपूर को भी देसी खाना बहुत पसंद है जान्हवी कपूर अपने दूसरे प्रोजेकट की शूटिंग में व्यस्त थीं तो वो हमारे साथ हमारे साथ ज्यादा इंटरनेशनल ट्रैवल नहीं कर पाईं। जान्हवी की परवरिश जिस माहौल में हुई है, उसे देखते हुए मुझे लगता था कि शायद उसे मिडल क्लास चीजें पसंद न हों। लेकिन भाई, बिल्कुल उल्टा है। उसे ऐसी बातें करने में, जोक मारने में, ऐसा खाना खाने में बहुत मजा आता है। लेकिन वह अपनी डाइट पर बहुत ध्यान देती है। जैसे जब भी हम जाते हैं, तो दूसरे दिन इवेंट्स होते हैं, कहीं दिखना होता है। इसलिए वह अपनी डाइट को कंट्रोल रखती है। विदेशी डिस समझ में नहीं आता है विदेश में अक्सर मुझे खाने का डिस समझ में नहीं आता है। वहां अगर किसी रेस्टोरेंट में ईशान और जान्हवी के साथ जाते थे तो वो खुद सामने से कहते थे कि “विशाल, तेरे लिए इंडियन चीज ऑर्डर कर दूं, पता है तुझे यही चाहिए।” करण जौहर के साथ जब भी कभी लंच-डिनर करने का मौका मिला तो सिर्फ उनकी बातें सुनता पसंद करता था। गांव में बैठकर खाने का अलग ही मजा है गुज्जू को सिंपल देसी खाना पसंद है। आलू की सब्जी को लसनिया पोटेड़ा कहते हैं। इसके साथ भाकरी या रोटी खाते हैं। गांव में बैठकर खाने का इसका अलग मजा है। सब्जी को चूरा-चूरा करके भाकरी में मिक्स कर लो। साथ में ताजा दूध या छाछ, उसकी खुशबू ही अलग है। शाम को भजन बज रहे हों, दोस्त-परिवार बैठे हों। दादी-नानी-मम्मी साड़ी पहने हों। भैंसें आसपास हों। ऐसे माहौल में खाने का स्वाद कहीं और नहीं मिलता। मेरी दीदी मकई की रोटी और आलू की सब्जी बहुत अच्छी बनाती हैं। दीदी दाल-चावल भी कमाल का बनाती हैं। हम लोग प्रॉपर यही सारी चीजें खाते हैं। मतलब बिल्कुल टिपिकल गुज्जू इंडियन फैमिली वाला खाना। स्ट्रीट फूड भी मेरा फेवरेट घर की सारी चीजें तो हेल्दी होती हैं। घर के खाने के अलावा बाहर की चीजों में मुझे पाव भाजी बहुत पसंद है। पाव भाजी और तवा पुलाव खाना अच्छा लगता है। साउथ इंडियन फूड भी पसंद है। स्ट्रीट फूड तो बहुत ज्यादा पसंद है। रास्ते में कभी-कभी मैसूर मसाला डोसा खाने जाता हूं। प्रोटीन और नॉनवेज को लेकर मिथ लोगों के अंदर बहुत बड़ा मिथ है की प्रोटीन सिर्फ नॉनवेज में ही होता है। मैं इस बात को नहीं मनाता हूं, लेकिन हर व्यक्ति की अपनी मान्यताएं हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से शाकाहारी हूं और मेरी एक इच्छा ऐसी है। जो कभी पूरी नहीं होगी। यह एक विवादास्पद विषय है। मैं चाहता हूं कि पूरी दुनिया शाकाहारी हो जाए। मुझे जानवरों से लगाव है और उनकी भी जिंदगी है। पूरी जीवनशैली शाकाहारी होनी चाहिए अगर शाकाहारी होने की इतनी बात करूं और जानवरों की खाल से बनी बेल्ट पहनूं, तो कहीं न कहीं दोगलापन लगता है। वीगन या शाकाहारी होना सिर्फ खाने की बात नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली है। फिर भी, मैं कोशिश करूंगा कि कभी न कभी पूरी तरह शाकाहारी जीवन जीऊं। मेरा फेवरेट जानवर है हाथी, खासकर बेबी हाथी के वीडियो देखना बहुत अच्छा लगता है। छोटा हाथी डरकर मम्मी के पीछे छुप जाता है, कितना क्यूट लगता है। घर पर कुत्ता भी है, जो बहुत पसंद है। रोल के हिसाब से अपना डाइट फॉलो करता हूं मैं अपने रोल के हिसाब से डाइट फॉलो करता हूं, लेकिन कभी-कभी थोड़ा अनहेल्दी तरीके से भी कर लेता हूं।फिल्म होमबाउंड के लिए मेरा वजन 6-7 किलो कम करना था। लगा कि 6 किलो काफी होगा, ताकि ऑन-स्क्रीन अच्छा लगूं। लेकिन मैंने ज्यादा ही कम कर लिया। खुद पर ज्यादा कठोर हो गया। उससे पहले UK में शूटिंग थी। वहां डाइट मैनेज करना मुश्किल लगा, क्योंकि चीजें अलग थीं। इसलिए मैंने खाने में बहुत गैप देना शुरू कर दिया। कभी-कभी अनहेल्दी तरीके से खुद को ज्यादा पुश कर देता हूं, जो गलत है। सिर्फ फल खाकर 6-7 घंटे गुजार देना गलत है अनहेल्दी का मतलब है इतने ज्यादा घंटे तक खाना न खाना, यह आपके शरीर के लिए सही नहीं है। अगर आपको लीन या स्किनी बनना है, तो इसके लिए भी एक सही तरीका होता है। आप ऐसी चीजें खा सकते हैं, जिससे शरीर को कोई नुकसान न हो, पोषण भी अच्छे से मिल जाए और साथ ही वही बॉडी शेप पा सको जो चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं कि खाना ही बंद कर दो। सिर्फ थोड़े से फल खाकर 6-6 घंटे या 7-7 घंटे गुजार दो। मेरे अनुसार यह तरीका गलत है। मैं फलों में सेब और केला अपने मन से खा लेता था। मतलब कुछ भी, मुझे पता था कि फल से ज्यादा वजन नहीं बढ़ेगा। इसलिए फल को अपना सेफ ऑप्शन मानता था। एक-दो मील खाता था, यानी दो मील जरूर खा लेता था। प्रोटीन शेक से वजन बढ़ाता हूं वैसे जब वजन बढ़ना होता है तो मैं मैं पनीर खाता हूं और कुछ शेक पी लेता हूं। शेक में केला, पीनट बटर, प्रोटीन शेक, प्रोटीन पाउडर डाल देता था। दूध या कभी-कभी बादाम का दूध ले लेता हूं। इससे एक अच्छा प्रोटीन शेक बनता है। यह मेरे वजन बढ़ाने में बहुत मदद करता है। जिम के पीछे पागल नहीं रहता हूं मैं जब फ्री होता हूं, तो जिम जाता हूं। लेकिन मैं ऐसा पागल नहीं हूं कि हर रोज बिना न छोड़े जिम करना ही है। मैं मोटिवेशन से चलने वाला व्यक्ति हूं। अगर किसी फिल्म के लिए कहा जाए कि दो-तीन महीने में ऐसी बॉडी बनानी है, तो मैं पूरा समय दे दूंगा। लेकिन अगर हेक्टिक शेड्यूल में भी सुबह दो घंटे निकालने को कहा जाए, तो भाई, मुझे बहुत मुश्किल होगा। उतना डिसिप्लिन मुझमें नहीं है। ‘मर्दानी 2’ के समय हैवी डाइट फॉलो किया फिल्म ‘मर्दानी 2’ के दौरान मेरा डाइट बहुत सख्त और हैवी चल रहा था। कई दिनों में मैंने एक बार 18-18 अंडे भी खाए थे, मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। पनीर, ढेर सारे फल और 3-4 बड़ी रोटियां, फिर सब्जी, दाल-चावल खाता रहता था। दिन में साढ़े तीन से चार प्रोटीन शेक पीता था। रात को दूध पीता था। इस तरह मैंने बहुत हैवी और सही डाइट फॉलो की थी। उस समय मैं ठीक-ठाक वजन बढ़ा पाया। जिंदगी भर मैं हमेशा पतला ही रहा हूं। मेरे लिए वजन बढ़ाना आसान नहीं। मेरा मेटाबॉलिज्म बहुत तेज है। शुरुआती दिनों में सेट्स पर क्वालिटी फूड नहीं मिलता था शुरुआती दिनों में जहां सेट्स पर काम करता था, वहां क्वालिटी फूड नहीं मिलता था। सेट पर अच्छा खाना बहुत जरूरी लगता है, क्योंकि आखिरकार हम खाने के लिए ही तो काम करते हैं। अब हर जगह ऑर्डर कर सकते हैं और सेट का खाना भी बेहतर हो गया है। लेकिन शुरुआत में जहां जाता था, वहां बेसिक क्वालिटी का फूड भी नहीं होता था, जो सबसे जरूरी चीज है। स्ट्रगल के दिनों में भेल खाने का कुछ अलग ही आनंद था मैं पहले ट्रेन और बस से सफर करता था। ऑडिशन देकर घर लौटते समय जाते वक्त कुछ नहीं खाता था। मुझे लगता था कि वापस आने पर ₹5-7 की भेल खाने में मजा आएगा, क्योंकि अब काम पूरा हो गया है। मैं इसे डिजर्व करता हूं। अंधेरी स्टेशन पर सुखी भेल लेता, ट्रेन में बैठकर अकेले गाने सुनते हुए खाता। कोई साथ न होने पर अलग मजा आता था। वो यादें अभी भी ताजा हैं। ———————————————————- स्टार की थाली की यह खबर भी पढ़ें… स्टार की थाली विद त्रिधा चौधरी:बोलीं- स्ट्रीट फूड मेरा फेवरेट, 7 दिन कार्ब्स छोड़ने से वजन कम, इंजेक्शन लगाकर पतला होने की जरूरत नहीं वेब सीरीज आश्रम में बबीता का किरदार निभाकर चर्चा में आई एक्ट्रेस त्रिधा चौधरी की हाल ही में कपिल शर्मा के किस किस को प्यार करूं 2 रिलीज हुई है। वेब सीरीज और फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बना चुकीं त्रिधा ने मुंबई के जुहू स्थित महाराजा भोग रेस्टोरेंट में बैठकर हमारे साथ अपनी पसंदीदा डिशेज, फिटनेस मंत्र और बचपन की यादें शेयर कीं। आज ‘स्टार की थाली’ में जानिए एक्ट्रेस की पसंदीदा डिशेज और उनकी खाने की रूटीन।पूरी खबर पढ़ें….
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Rakhi Sawant Claims Her Kiss Made Mika Singh’s Voice Melodious
पॉडकास्ट में बोलती हुईं राखी सावंत।
आइटम गर्ल राखी सावंत ने पंजाबी मूल के बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह के साथ हुई किस कॉन्ट्रोवर्सी को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक पॉडकास्ट के दौरान राखी सावंत ने कहा- मीका के गले में पहले आवाज ही नहीं थी। जिस दिन उसने मुझे किस किया, उसकी आवाज सुरीली हो
.
राखी सावंत ने आगे कहा-
पहले गाता था, सावण में लग गई आग, दिल मेरा हाय….मेरा किस करने के बाद हुड़ दबंग..दबंग..दबंग, मतलब राखी को किस करके मीका के सुर आ गए।

राखी के मुताबिक, उनके टच या उस कॉन्ट्रोवर्सी ने मीका को वह पहचान और सुर दिए, जो आज उनके पास हैं। राखी सावंत का यह वीडियो अब खूब वायरल हो रहा है।

बर्थडे पार्टी में राखी सावंत के साथ जबरदस्ती किया था किस राखी सावंत को जबरन किस करने का मामला साल 2006 का है। मीका सिंह ने अपने जन्मदिन की पार्टी रखी थी। जहां मीका आपा खोकर कंट्रोवर्सी क्वीन राखी सावंत को जबरदस्ती किस कर बैठे थे। मीका की अचानक की गई इस हरकत से राखी समेत उस पार्टी में मौजूद हर शख्स हैरान था। इसके बाद पार्टी में तो राखी शांत रहीं लेकिन बाद में उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। राखी ने सिंगर के खिलाफ 11 जून 2006 को एफआईआर दर्ज करवा दी। मीका सिंह IPC की धारा 354 और 323 के तहत केस दर्ज हुआ था।

राखी सावंत को जबरन किस करते मीका सिंह और उसके बाद इससे हैरान दिख रही राखी सावंत।- फाइल फोटो
कोर्ट के बाहर हुआ राजीनामा, केस खत्म हुआ 2006 से यह मामला कोर्ट में अटका हुआ था। हालांकि करीब 17 साल बाद 2 साल पहले यह मामला सुलझ गया। कोर्ट ने इस मामले की FIR और चार्जशीट को रद्द कर दिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राखी सावंत और मीका सिंह ने आपसी सहमति से यह मामला सुलझा लिया है। मीका सिंह ने इसको लेकर अप्रैल 2023 में एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की अपील की थी। राखी सावंत ने भी कोर्ट में एफिडेविट जमा करवाया था, जिसमें कहा कि दोनों ने बातचीत से मामला सुलझा लिया है. उन्हें अहसास हुआ कि सबकुछ गलतफहमी की वजह से हुआ।

किस विवाद के बाद मीका सिंह और राखी सावंत में राजीनामा हुआ तो पब्लिक प्लेस पर वह कुछ इस तरह से मिले। – फाइल फोटो
मीका ने कहा था- सबक सिखाने के लिए किस किया इस मामले में मीका सिंह ने बाद में कहा था कि उन्होंने हर किसी को कहा था कि उनके चेहरे पर केक न लगाएं। इसके बावजूद राखी ने केक लगा दिया। इसलिए राखी को सबक सिखाने के लिए उन्हें जबरन किस किया। इसके बाद मीका की गिरफ्तारी भी हुई और बाद में वह जमानत पर छूटे। इसके बाद 2021 में उनके बीच सुलह हो गई थी। इस दौरान वह सार्वजनिक तौर पर भी एक-दूसरे से मिलते हुए नजर आए थे।


जमीन खोदकर निकाले एक्ट्रेस और परिवार के 6 कंकाल:कातिल तसल्ली होने तक कुचलता रहा सिर, एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, पार्ट-2
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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के लैला खान हत्याकांड के पार्ट-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में हुए बम ब्लास्ट के पास लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतु कुत्ते का भी कंकाल था। लैला खान हत्याकांड, पार्ट- 2 में जानिए कैसे और क्यों हुआ परिवार के 6 लोगों का कत्ल…. 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। परवेज कश्मीर का रहनेवाला था। देखने में सुंदर और आम कद-काठी का था। उसने कश्मीर में एक चुनाव लड़ा, जिसमें खूब पैसे लगे, लेकिन वो चुनाव हार गया। कर्जा बढ़ गया तो वो गुजारे के लिए दिल्ली आकर काम ढूंढने लगा। यहीं उसकी मुलाकात लैला की मां सेलिना से हुई। सेलिना देखने में सुंदर थीं और रहन-सहन भी काफी ग्लैमरस था। दोनों की पहले दोस्ती हुई और फिर अच्छी बातचीत होने लगी। सेलिना ने परवेज को बताया था कि उनकी बेटी हीरोइन हैं। परवेज को लगा कि अगर वो सेलिना के संपर्क में रहा तो उसे भी फिल्मों में काम मिल सकता है। जब एक रोज परवेज ने सेलिना से कहा कि वो फिल्मों में काम करना चाहता है। जवाब मिला कि इस काम के 25 लाख लगेंगे। परवेज ने रकम जमा कर उसे दी और कुछ समय बाद मुंबई पहुंच गया। समय के साथ सेलिना और परवेज में नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोनों ने 2010 में शादी कर ली। परवेज अब सेलिना के घर में ही उनके बच्चों के साथ रहने लगा। परिवार ने उसे अपना लिया। दिन गुजरने लगे और परवेज को ये अंदाजा लगाने में देर नहीं लगी कि सेलिना ने पैसों के लिए उसे फिल्मों में काम दिलवाने का झूठा झासा दिया था। पैसे मांगने पर उसके सेलिना से झगड़े बढ़ने लगे। लैला और उसके भाई-बहनों का भी रवैया उसके लिए बिगड़ने लगा। परवेज से शादी के बावजूद सेलिना पहले पति नादिर पटेल और दूसरे पति आसिफ शेख से मिला करती थीं। इसके अलावा भी उनके कई पुरुषों से मिलना-जुलना था। 2010 के आखिर में सेलिना, परवेज को मुंबई में अकेले छोड़कर परिवार के साथ अफ्रीका चली गईं। कुछ महीने वहां रहने के बाद वो दुबई गईं। परवेज मुंबई में अकेला था, उसके पास कोई खास पैसे नहीं थे, बमुश्किल उसका गुजारा हुआ। सेलिना ने उसका पासपोर्ट भी छिपा दिया, जिससे वो भाग न सके। 3 महीने बाद सब मुंबई लौटे, परवेज अब भी घर पर ही था। कुछ दिनों बाद उसे पता चला कि सेलिना मुंबई की अपनी सारी प्रॉपर्टी बेचकर बच्चों के साथ दुबई शिफ्ट हो रही हैं। उनका परवेज को साथ ले जाने का कोई प्लान नहीं था। प्रॉपर्टी बेचने के लिए वो दूसरे पति आसिफ शेख की मदद ले रही थीं। परवेज के लिए मुंबई में कुछ नहीं था, उसके 12 लाख डूब चुके थे और कश्मीर लौटने के सवाल ही नहीं था। तभी उसने एक प्लान बनाया। प्लान था, बेइज्जती का बदला लेना और प्रॉपर्टी पर कब्जा। उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची। मुंबई जैसे शोर-शराबे वाले शहर में पूरे परिवार को अकेले मार पाना मुश्किल होता, तो उसने साजिश के लिए इगतपुरी फार्महाउस चुना। वो जानता था कि लैला का परिवार अक्सर छुट्टियां मनाने वहीं जाता था। एक रोज उसने सेलिना से कहा कि इगतपुरी वाले फार्महाउस में एक वॉचमैन रख लेना चाहिए। खाली पड़े फार्महाउस की देख-रेख भी हो जाएगी और वहां का सामान भी सुरक्षित रहेगा। सेलिना ने साफ इनकार कर दिया। उनके लिए ये फिजूल खर्च था। कई दिनों तक वो यही दोहराता रहा और आखिरकार सेलिना मान गईं। वॉचमैन रखने की जिम्मेदारी परवेज ने अपने कंधों पर ली। ये उसके लिए सुनहरा मौका था। उसने वॉचमैन के नाम पर कश्मीर से अपना दोस्त साकिर हुसैन मानी बुलाया, जो इस साजिश में उसकी मदद करने वाला था। 8 फरवरी 2011 सभी फार्महाउस पहुंचे। लैला, लैला की मां सेलिना, बहन अजमीना (आफरीन), जारा, भाई इमरान और कजिन रेशमा। पालतु कुत्ता भी साथ था। सभी ने मिलकर डिनर किया और फिर बच्चे सोने के लिए नीचे वाले कमरों में चले गए, जबकि परवेज और सेलिना पहली मंजिल के कमरे में रुके। देर रात हो चुकी थी, लेकिन परवेज के अंदर एक हलचल थी। वो बार-बार झांकते हुए सबके सोने की तसल्ली करता रहा। उस समय सेलिना जाग रही थीं। परवेज ने तुरंत दोस्त साकिर मानी को बुला लिया। पूरे फार्महाउस में सन्नाटा था, आसपास कोई न था। तभी उसने मौका पाते ही सेलिना के सिर पर लोहे की रॉड से जोरदार हमला किया। पहले हमले के बाद सेलिना चीख पड़ीं और फर्श पर गिर पड़ीं। परवेज ने एक और हमला किया। सेलिना की चीख, ग्राउंड फ्लोर के कमरों तक पहुंची, लैला जाग रही थीं, वो भागते हुए सीढ़ियों से ऊपर बढ़ीं। देखा मां फर्श पर खून से लथपथ पड़ी कराह रही थीं और परवेज के हाथ में हथियार था। लैला कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही परवेज ने एक-एक कर उन पर कई हमले कर दिए। चीखें सुनकर पहली मंजिल पर जैसे-जैसे भाई-बहन पहुंचे, वैसे-वैसे परवेज एक-एक कर सबको मारता चला गया। उन 5 महिलाओं में इमरान ही इकलौता लड़का था। लेकिन वो भी दो हट्टे-कट्टे आदमियों के सामने कब तक टिक पाता। उसे भी मार दिया गया। सभी फर्श पर तड़प रहे थे, खून बहता चला जा रहा था। लेकिन परवेज को अब भी तसल्ली नहीं हुई। उसने रॉड उठाई और सबके सिर पर लगातार तब तक मारता रहा, जब तक उनकी सांसे रुक नहीं गईं। अब बारी थी लाशों को ठिकाने लगाने की। इसका इंतजाम वो महीनेभर पहले सेलिना से ही करवा चुका था। परवेज ने सेलिना से कहा था कि वो फार्महाउस में एक स्वीमिंग पूल बनवाना चाहता है। उन्होंने इनकार किया, लेकिन उसने जिद कर पैसे ले लिए। एक जेसीबी बुलवाई और जनवरी में ही फार्महाउस के पीछे एक बड़ा गड्ढा खुदवा लिया। परवेज और साकिर ने पहले इमरान, जारा और रेशमा की लाशों को गड्ढे में डाला फिर खून से सने गद्दे ढक दिए। थोड़ी मिट्टी डाली और बची हुई लैला, सेलिना और आफरीन और कुत्ते की लाशों को उनके ऊपर रखा। हड़बड़ाहट इस कदर थी कि परवेज ने लाशों से गहने तक नहीं हटाए। एक साल बाद जब कंकाल मिले तो लैला के गले की चेन, सेलिना के कंगन, आफरीन की अंगूठी जस की तस थी। दोनों ने फार्महाउस से हर कीमती सामान उठाया और पूरे फार्महाउस में आग लगा दी। एक कार को साकिर लेकर निकला और दूसरी कार से परवेज कश्मीर आया। जिसे उसने किश्तवाड़ में किराए की दुकान लेकर पार्क कर दिया। गुजारे के लिए वो दिहाड़ी का काम करने लगा। 14 साल बाद कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत 2011 में हुई लैला खान और परिवार की हत्या का केस 13 सालों तक चला। आखिरकार 24 मई 2024 को मुंबई सत्र न्यायालय ने परवेज टाक को परिवार के 6 लोगों की हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा, सबूत मिटाने के आरोप में 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस माना। ये अपनी तरह का मामला था, जिसमें कोई चश्मदीद नहीं था। हत्याकांड में परवेज टाक का साथ देने वाला साकिर मानी कभी पकड़ा नहीं गया। जेल में परवेज टाक से हुई थी एजाज खान की मुलाकात एक्टर ऐजाज खान, लैला की छोटी बहन के दोस्त थे। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में ऐजाज ने कहा, ‘लैला से मेरी सीधी दोस्ती नहीं थी, लेकिन उसकी छोटी बहन आफरीन और जारा मेरी बहुत अच्छी दोस्त थीं। मेरा उनके घर आना-जाना लगा रहता था। पहले हम अकसर फोन पर बात करते थे, लेकिन अचानक एक दिन उसका फोन बंद आने लगा। मैंने इधर-उधर लोगों से पूछा, लेकिन किसी को कुछ पता नहीं था। मुझे लगा कि शायद वो लोग फिर से उमराह, मक्का-मदीना या ईरान गए होंगे, इसलिए संपर्क नहीं हो पा रहा है। लेकिन जब मुझे न्यूज के जरिए यह पता चला कि लैला और उनका परिवार अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो मैं अंदर से पूरी तरह टूट गया। लैला, उसकी बहनें, भाई कोई भी ऐसी मौत डिजर्व नहीं करता था। बहुत कम उम्र थी, सब मेहनती, होशियार और खूबसूरत थे।’ ‘पहली बार मेरी परवेज टाक से लैला के घर पर मुलाकात हुई थी और दूसरी बार मुंबई के आर्थर रोड जेल में। मैं कुछ दिन जेल में था। एक दिन मुझे किसी ने कहा कि कोई आपसे मिलने आया है। मैंने पूछा कौन? उसने कहा- “वही, जो गैंग मर्डर करके आया है।” मैं समझ गया। परवेज टाक लंगड़ाते हुए आया। उसके दोनों पैर किसी बीमारी से सड़ चुके थे। मैंने उससे पूछा- “तूने ऐसा क्यों किया?” तो उसने कहा- “मैंने कुछ नहीं किया।” उसी वक्त उसकी बीवी और बच्चे भी उससे मिलने आए थे। मैंने उसकी तरफ इशारा करके कहा- “अगर इनके साथ ऐसा हो, तो तुझे कैसा लगेगा?” उसी जेल में वो सड़-सड़ कर मर रहा है।’ कई स्कैंडल के नाम रही लैला खान की जिंदगी राकेश ने हमसे बातचीत में लैला खान की कंट्रोवर्शियल जिंदगी पर भी बात की। उन्होंने कहा, मेरी फिल्म वफा के रिलीज होने के 3-4 महीने बाद की बात है। ओशिवारा में ‘समर्थ वैभव’ नाम की बिल्डिंग है, उसके नीचे एक व्हाइट लामा कैफे है। लैला ने मुझे फोन कर वहां आने को कहा। मैं वहां गया तो देखा कि लैला, उसकी मां, उसका बॉयफ्रेंड (जो एक बिल्डर का बेटा था) और दुबई से आया मेरा ही एक दोस्त, सब एक टेबल पर बैठे थे। उस टेबल पर बंदूक रखी हुई थी। मैं देखकर डर गया। दुबई वाले दोस्त ने मुझे बताया कि “देख राकेश, लैला ने मुझसे 5 करोड़ लिए थे। वो मेरे साथ लिव-इन में थी और अब इस लड़के के साथ है। तुम लैला को समझाओ, वरना ये बड़ी मुश्किल में फंस जाएगी।” इस घटना के 1-2 साल बाद लैला हमेशा के लिए लापता हो गई । लैला खान के बारे में- लैला खान का असली नाम रेशमा पटेल था। उनका जन्म 1978 में मुंबई में हुआ था। हालांकि जन्म की असल तारीख क्या है, इस बात का जिक्र कहीं नहीं मिलता। लैला खान की मां का नाम अथिया पटेल था, हालांकि हर कोई उन्हें सेलिना नाम से बुलाता था। लंबे संघर्ष के बाद लैला खान को 2002 की बिग बजट कन्नड़ फिल्म ‘मेकअप’ में काम मिला। 30 नवंबर 2002 को रिलीज हुई फिल्म को क्रिटिक्स की तो सराहना मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। इस फिल्म से मेकर्स को 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। इसके बाद लैला खान को भारत के पहले सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना की कमबैक फिल्म ‘वफाः ए डेडली लव स्टोरी’ में उनके अपोजिट कास्ट किया गया। फिल्म में लैला खान को एक बेवफा पत्नी के रूप में दिखाया गया था। फिल्म को राखी सावंत के भाई राकेश सावंत ने डायरेक्ट किया था। 19 दिसंबर 2008 को रिलीज हुई फिल्म वफा बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी और सी-ग्रेड फिल्म करने के लिए राजेश खन्ना की भी जमकर आलोचना हुई। (नोटः ये खबर लैला खान की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाने वाले डायरेक्टर राकेश सावंत से बातचीत, केस की जांच कर रहे डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अंबादास पोते के पुराने इंटरव्यू और दैनिक भास्कर की सीनियर रिपोर्टर वर्षा राय की रिसर्च के आधार पर लिखी गई है। ) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ………………………………………………. फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा, पार्ट-1 छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए… बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 2 में अगले मंगलवार-बुधवार पढ़िए कहानी नीरज ग्रोवर हत्याकांड की, जिनकी लाश के एक्ट्रेस ने 300 टुकड़े किए गए थे। …………………………………………………………………. एक्ट्रेस के घर से लापता हुए नीरज ग्रोवरः लाश के सामने बनाए गए शारीरिक संबंध, 300 टुकड़े कर थैलियों में ठिकाने लगाई गई लाश, पार्ट-1 मई 2008 की बात है, उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी।’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस पर रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया, ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ अमरनाथ ग्रोवर ने दबाव देकर कहा, ‘नहीं, ये केस कुछ अलग है।’ पूरी कहानी पढ़िए अगले मंगलवार-बुधवार, बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-2 में।
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