BJP-RSS Want Religious India, Constitution Doesnt Start With Bharat Mata Ki Jai

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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हैदराबाद में शुक्रवार को असदुद्दीन ओवैसी ने सभा को संबोधित किया। - Dainik Bhaskar

हैदराबाद में शुक्रवार को असदुद्दीन ओवैसी ने सभा को संबोधित किया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वंदे मातरम गाना और इसको सम्मान देना देश से वफादारी का टेस्ट ना माना जाए। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत को एक धार्मिक देश बनाना चाहते हैं।

न्यूज एजेंसी ANI को शुक्रवार को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि संविधान ‘हम लोग’ से शुरू होता है, ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों से नहीं। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 25 धर्म की आजादी के बुनियादी अधिकार की गारंटी देता है।

दरअसल, केंद्र सरकार ने 12 फरवरी को एक आदेश जारी कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही सम्मान देना अनिवार्य कर दिया है। आदेश के मुताबिक राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।

ओवैसी ने और क्या कहा…

  • वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की आलोचना करते हुए कहा कि जस्टिस कपूर कमीशन ने सावरकर को महात्मा गांधी की हत्या का साजिशकर्ता बताया था।
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कयामत शब्द का इस्तेमाल करने के लिए कटाक्ष किया। योगी बोले थे बाबरी मस्जिद कभी भी फिर से नहीं बनाई जाएगी।
  • ओवैसी ने कहा- कम से कम उन्हें एक उर्दू शब्द तो बोलना चाहिए था, ‘कयामत’ के लिए हिंदी शब्द क्या होगा। उनसे पूछो।
  • लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ मोशन में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया।
  • उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की बातों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि BJP ने तेलंगाना म्युनिसिपल इलेक्शन के दौरान बार-बार उनका नाम लिया और मजाक में कहा कि ऐसा लगता है कि वे मुझे पसंद करते हैं।

ओवैसी बोले- टीपू सुल्तान ने सावरकर की तरह अंग्रेजों को लेटर नहीं लिखे

हैदराबाद में एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए। टीपू ने अंग्रेजों को लव लेटर नहीं लिखे, जैसा वीर सावरकर ने किया था।

उन्होंने कहा कि टीपू ने अपनी तलवार उठाई और अंग्रेजों से अपने देश को आजाद कराने की लड़ाई में शहीद हो गए। क्या यह झूठ है कि APJ अब्दुल कलाम ने अपनी किताब विंग्स ऑफ फायर में लिखा था कि आज भारत के पास जो भी मिसाइल टेक्नोलॉजी और रॉकेट टेक्नोलॉजी है, हम टीपू के सपनों को पूरा कर रहे हैं? गांधी ने अपनी यंग एज मैगजीन में लिखा था कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल हैं।

ओवैसी के पिछले बयान…

7 फरवरी: हिमंता तुम 2 रुपए के भिखारी:कहो तो अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं; असम CM ने कहा था- मियां ₹5 मांगे, तो 4 दो

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के मियां मुस्लिम वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- मुझे पता है कि तुम 2 रुपए के भिखारी हो। क्या मैं ये पैसे तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं।

दरअसल कुछ दिन पहले हिमंता ने मियां मुस्लिम पर एक बयान दिया था कि अगर वो (मियां मुस्लिम) रिक्शा के लिए 5 रुपए मांगे, तो 4 रुपए ही दो। इस तरह के छोटे-छोटे काम से परेशानी होने पर ही वो राज्य छोड़ेंगे।

निजामाबाद रैली में AIMIM चीफ ने कहा कि संविधान सबको बराबर का हक देता है। पीएम हो या सीएम, किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन हिमंता कहते हैं कि मियां मुस्लिमों के साथ ऐसा करेंगे। वोट देने बांग्लादेश चले जाएं। आप क्या करना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

10 जनवरी: भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। जो पार्टियां आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, उनकी दुकान अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।

ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित जनसभा में ये बयान दिया। AIMIM प्रमुख ने कहा पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि सिर्फ एक ही धर्म का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहब का संविधान कहता है कि कोई भी भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मेयर बन सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

4 जनवरी: मोदी जी आतंकियों को उठाकर भारत लाओ, आपका 56 इंच का सीना

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने 4 जनवरी को कहा कि हमने देखा कि वेनेजुएला में ट्रम्प अपनी फौज को भेजकर वहां के राष्ट्रपति को उठाकर अमेरिका ले गए। ऐसा ही कुछ भारत भी कर सकता है। ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कहा कि आपका 56 इंच का सीना हो तो उन्हें उठाकर भारत ले आओ। पूरी खबर पढ़ें…

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ये खबर भी पढ़ें…

मदनी बोले-वंदे मातरम पर सरकार का आदेश आजादी पर हमला, ये मनमाना और एकतरफा

मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वंदे मातरम के सभी छंद गाने का विरोध किया है। संगठन ने कहा कि सरकार का ये आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। संगठन ने सरकार के आदेश को एकतरफा और मनमाना बताया। जमीयत के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुसलमान किसी को भी वंदे मातरम गाने या बजाने से नहीं रोकते, लेकिन गाने के कुछ छंद मातृभूमि को एक देवता के रूप में दिखाते हैं। ये हमारी मान्यताओं के खिलाफ हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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बाड़मेर पेयजल परियोजना:बाड़मेर के 156, शिव के 187 और बायतु के 3 गांवों में होगा हर घर नल कनेक्शन

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जिले के शिव, बाड़मेर व बायतु क्षेत्र के 346 गांवों में हर घर नल कनेक्शन के तहत बाड़मेर पेयजल परियोजना पार्ट-सी के तहत कार्य शुरू हो गया है। शिव के 187, बाड़मेर के 156 तथा बायतु के 3 गांवों में हर घर नल कनेक्शन होंगे। संबंधित फर्म की ओर से मार्च 2027 तक 346 गांवों में 62 हजार 200 कनेक्शन किए जाएंगे। अगस्त 2025 से फर्म ने अब तक 300 गांवों का सर्वे करते हुए बाड़मेर के 9 तथा शिव के गूंगा क्लस्टर में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। चार साल के इंतजार के बाद बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के भाग-सी के जेजेएम के तहत 338.72 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर संबंधित फर्म को 11 जुलाई 2025 को जारी किए गए थे। हालांकि जेजेएम के तहत भाग-सी के चार साल में पांच बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त होने के बाद छठी बार टेंडर होने के साथ अब काम शुरू हुआ है। फर्म को 10 साल तक ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का कार्य करना होगा। इससे पहले भाग-सी में प्रोजेक्ट के तहत गांवों में नहरी पानी पहुंचाने के लिए 500 करोड़ की लागत से काम हो चुका है। इसमें पहले से 15 पंप हाउस, 5 सीडब्ल्यूआर बने हुए हैं। अब 7200 किमी लाइन बिछाने के साथ 63 वीटीसी, 82 सीडब्ल्यूआर व पंप हाउस के साथ 5 बूस्टर पंप लगाए जाएंगे। 9 गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य जारी सर्वे के साथ बाड़मेर के नौ तथा शिव के एक क्लस्टर में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। बाड़मेर के आटी, जूनी आटी, डाबला, इंद्राणा, लंगेरा, पिंडियों का तला, असाड़ा की बेरी, जूनापतरासर, लक्ष्मणपुरा, केलनों की ढाणी, सुजान नगर, बिदासर, महाबार, आदर्श महाबार, परा, आइदानपुरा, आइनाथ का तला, केलनों की ढाणी, मीठड़ा, बाकाना, जोगासर कुआं, सुथारों का तला, गरल, गरल सुजाननगर, टीकमाणी जाखड़ों की ढाणी, रामपुरा गरल, नोख, अजानियों की ढाणी में पाइपलाइन बिछाई जा रही है। शिव के गूंगा क्लस्टर में पाइपलाइन बिछाने का कार्य जारी है। 1830 गांवों व ढाणियों तक नहरी पानी पहुंचेगा। “बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना भाग-सी में शिव, बाड़मेर व बायतु क्षेत्र के 346 गांवों तक पानी पहुंचेगा। फर्म की ओर से 346 गांवों में से 300 का सर्वे कार्य पूरा कर दिया गया है। होली तक सर्वे पूरा हो जाएगा। बाड़मेर के नौ तथा शिव के एक क्लस्टर में पाइपलाइन बिछाने का कार्य जारी है। 62 हजार 200 जल कनेक्शन करते हुए 1840 गांव व ढाणियों तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा।”
-भुवनेश कुलदीप, एक्सईएन, पीएचईडी

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वर्ल्डकप में शादी वाला फूफा क्यों बन जाता है पाकिस्तान:पावर, पैसा, पॉलिटिक्स वजह, 1 मैच न होने से 1700 करोड़ तक का नुकसान

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जब भी कोई ICC टूर्नामेंट भारत में होता है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का रवैया लगभग तय रहता है। पहले वह कहता है – हम नहीं खेलेंगे। फिर कुछ दिन बाद कहता है – हम खेलेंगे, लेकिन हमारी शर्तें माननी होंगी और आखिर में, टूर्नामेंट खेल भी लेता है, मगर तब तक इतना हंगामा कर चुका होता है कि पूरा इवेंट उसी के इर्द-गिर्द घूमता दिखता है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान का रोल क्रिकेट टीम से ज्यादा शादी में आए फूफा जैसा लगने लगा है, जो पहले कहता है, ‘मैं नहीं आऊंगा’, फिर कहता है, ‘आऊंगा लेकिन मेरी बात चलेगी’, और अंत में खाना खाकर फोटो खिंचवाकर निकल जाता है। पाकिस्तान के इस रवैये की शुरुआत भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी। तब वह बहुत आनाकानी करने के बाद खेलने के लिए राजी हुआ। इस बार भी पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, फिर यू-टर्न ले लिया। बीच में इतना माहौल बनाया गया कि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सवाल है, पाकिस्तान ऐसा करता क्यों है? जवाब भावनाओं में नहीं, पावर, पैरिटी, पैसे, पॉलिटिक्स और प्रतिशोध में छिपा है। पाकिस्तान का ये रवैया सिर्फ जिद या राजनीति नहीं है। इसके पीछे पांच ठोस वजहें हैं- 1. पावरः क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना 2. पैरिटीः भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी 3. पैसेः भारत के साथ बाइलेट्रल सीरीज की चाह, ताकि कमाई हो 4. पॉलिटिक्सः अपने देश में मजबूत दिखने की मजबूरी 5. प्रतिशोधः चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के पाकिस्तान न जाने का बदला इन सभी वजहों को एक-एक कर विस्तार से समझते हैं… 1. पावर- क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान की असली ताकत उसके खिलाड़ी नहीं, बल्कि इंडिया-पाकिस्तान राइवलरी है। ICC का सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल भी यही है। ICC की कुल कमाई का करीब 90% हिस्सा मीडिया राइट्स से आता है। मीडिया राइट्स में भी सबसे बड़ा योगदान भारतीय मार्केट का होता है, क्योंकि क्रिकेट की सबसे बड़ी ऑडियंस भारत में है, सबसे ज्यादा स्पॉन्सर भारत से आते हैं, और सबसे महंगी ब्रॉडकास्ट डील्स भारत में होती हैं। इसी वजह से ICC ने 2024 से 2027 के लिए अपने मीडिया राइट्स जियो हॉटस्टार को करीब 3.1 बिलियन डॉलर में बेचे हैं। अलग-अलग सूत्रों और इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक, इस 3.1 बिलियन डॉलर की डील का 10% से 25% हिस्सा सिर्फ इसलिए प्रीमियम में गया क्योंकि ICC ने अपने हर बड़े व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट में कम से कम एक भारत-पाकिस्तान मैच की गारंटी दी। ICC ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2027 वनडे वर्ल्ड कप में कुल 4 भारत-पाकिस्तान मैच तय कर दिए। अब इसी आधार पर एक भारत-पाकिस्तान मैच की कीमत निकाली जा सकती है। पाकिस्तान को पता है कि ICC के सबसे बड़े टूर्नामेंट में उसकी भूमिका एक टीम की नहीं, बल्कि रेवेन्यू ट्रिगर की है। इसलिए वह हर बार भारत में टूर्नामेंट आते ही ‘हम नहीं खेलेंगे’ बोलकर दबाव बनाता है। यह सिर्फ भारत को नहीं, बल्कि ICC और बाकी देशों को भी संदेश होता है, अगर हम नहीं खेले, तो आपकी कमाई घट जाएगी। ICC की कमाई सिर्फ ICC के पास नहीं रहती ICC अपनी कमाई को अपने सदस्य बोर्ड्स में डिस्ट्रीब्यूट करती है। यानी ICC जितना कमाएगी, उतना ज्यादा पैसा दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स में जाएगा। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं हुआ, तो ICC की कमाई घटेगी। उस कमाई के घटने का नुकसान सिर्फ ICC को नहीं, बल्कि हर सदस्य बोर्ड को होगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड से लेकर छोटे बोर्ड्स तक शामिल हैं।भारत जैसे अमीर बोर्ड (BCCI) को इससे बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन बाकी बोर्ड्स की कमाई और योजनाएं हिल जाती हैं। यही पाकिस्तान का असली लेवरेज है। ICC अपनी कमाई का कितना हिस्सा किस बोर्ड को देती है इसे अगले ग्राफिक्स में देख सकते हैं… 2. पैरिटी- भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी दूसरी वजह भावनात्मक और राजनीतिक है, लेकिन उतनी ही असली है। क्रिकेट की दुनिया में आज भारत सिर्फ सबसे बड़ी टीम नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा मार्केट, सबसे बड़ा ब्रांड और सबसे बड़ा कंट्रोल सेंटर भी है। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं- पाकिस्तान आबादी के लिहाज से भारत के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेटिंग नेशन है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी कह चुके हैं कि ICC के सभी सदस्यों को पाकिस्तान का महत्व समझना चाहिए। भारत-पाकिस्तान मैच अहम है तो यह सिर्फ भारत की वजह से नहीं है। पाकिस्तान इस मैच में खेलता है तभी मुकाबला संभव होता है। भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक जितने इंटरनेशनल मैच हुए हैं उसमें अब भी ज्यादा जीत पाकिस्तान के नाम है। इसलिए ICC पाकिस्तान को भी उतनी ही अहमियत दे जितनी वह भारत को देती है। 3. पैसेः भारत के साथ बाइलेट्रल सीरीज की चाह, ताकि कमाई हो भारत ने 2012 के बाद से पाकिस्तान से कोई बाइलेट्रल सीरीज नहीं खेली है। भारत का स्टांस है कि क्रिकेट और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। भारत के इस फैसले से पाकिस्तान की क्रिकेट को बहुत नुकसान झेलना पड़ा है। 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सालाना 69 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू जेनरेट करता है। अगर भारत उसके साथ बाइलेट्रल सीरीज खेले तो उसकी कमाई तीन गुनी होकर सालाना करीब 200 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका सहित सभी बोर्ड इस कोशिश में रहते हैं कि भारतीय टीम उनके यहां ज्यादा से ज्यादा टूर करे। उनके ब्रॉडकास्ट राइट्स को ऊंची कीमत इसलिए मिलती है क्योंकि हर दो साल में कम से कम एक बार टीम इंडिया उनके यहां जाकर सीरीज खेलती है। पाकिस्तान को यह मौका नहीं मिलता है। पाकिस्तान ने 2018 में BCCI के खिलाफ ICC में एक केस भी दर्ज कराया था। इसमें उसने कहा था कि भारत उससे वादा करने के बावजूद बायलेट्रल सीरीज नहीं खेलता है इसलिए उसे 70 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिया जाए। पाकिस्तान यह मुकदमा हार गया था।
4. पॉलिटिक्सः अपने देश में मजबूत दिखने की मजबूरी भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं है। यह राष्ट्रीय भावना, राजनीति और पहचान का हिस्सा है। 90 के दशक में पाकिस्तान के कप्तान इमरान खान ने यहां तक कह दिया था कि कश्मीर विवाद का हल क्रिकेट मैच से हो जाए, जो टीम जीते कश्मीर उसका। जब भी क्रिकेट की राजनीति में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और BCCI आमने-सामने होते हैं, तो पाकिस्तानी अधिकारी मामले को इस तरह दिखाने की कोशिश करते हैं कि उसने भारत को सबक सिखा दिया। ऐसे में भारत में टूर्नामेंट हो और PCB बिना शोर किए सीधे खेलने चला जाए, तो पाकिस्तान के अंदर उसे कमजोर या झुका हुआ कहा जा सकता है। इसलिए PCB पहले “हम नहीं खेलेंगे” बोलकर घरेलू दर्शकों को संकेत देता है कि- फिर अंत में खेल भी लेता है, क्योंकि असल फायदा वहीं है। 5. प्रतिशोधः चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के पाकिस्तान न जाने का बदला भारत ने पिछले साल पाकिस्तान की मेजबानी में हुए चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था। भारत के सभी मैच दुबई में खेले गए। इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि अगर भारतीय टीम हमारे यहां नहीं आती तो फिर पाकिस्तानी टीम भी वर्ल्ड कप खेलने भारत नहीं जाएगी और उसके मैच किसी अन्य देश में कराए जाए। भारत ने इस प्रस्ताव को मान लिया। इस वजह से इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के मैच कोलंबो में हो रहे हैं। जब वर्ल्ड कप शुरू होने की बारी आई तो पाकिस्तान ने बांग्लादेश का मामला उठा दिया। बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किया गया। इसके बाद बांग्लादेश ने भी पाकिस्तान की शह पर यह मांग रखी कि उसके भी मैच श्रीलंका में हो। ICC ने बांग्लादेश की डिमांड नहीं मानी। बांग्लादेश वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के मैच का बायकॉट करने का फैसला लिया। हालांकि, बाद में वह पलट गया। पाकिस्तान की धमकी उसका सबसे बड़ा हथियार पाकिस्तान की धमकी का असर इसलिए होता है क्योंकि यह सिर्फ एक मैच की बात नहीं है। यह ICC के पूरे बिजनेस मॉडल की बात है। ICC भारत-पाकिस्तान मैच किसी भी हालत पर करवाना चाहता है। अगर यह मैच नहीं हुए, तो 4 बातें हो सकती हैं- यही वजह है कि पाकिस्तान बार-बार नहीं खेलेंगे बोलकर खुद को महत्वपूर्ण साबित करने की कोशिश है। इसी वजह से हर बार उसकी धमकी के बाद ICC, बोर्ड्स और दूसरे देश एक्टिव हो जाते हैं। फिर पाकिस्तान अपने स्टैंड से पलटी मार जाता है। एक और इंडिया Vs पाकिस्तान मैच हो जाता है।

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पलवल में रहस्यमयी बीमारी से 15 दिन से 12 मौत:5 स्कूली बच्चे भी शामिल, हर घर में बीमार; ग्रामीण बोले- जाने किसकी नजर लग गई

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हरियाणा के पलवल जिले के गांव छायंसा के लोग इन दिनों काफी दहशत में है। यहां 15 दिन में 12 रहस्यमयी मौत हो चुकी हैं। मरने वालों में 5 स्कूली बच्चे भी हैं। ग्रामीणों की माने तो उनकी समझ नहीं आ रहा है कि मौतें किस वजह से हो रही है। ग्रामीण कहते है कि कुछ दिन पहले दो तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी, फिर अचानक तीनों की मौत हो गई। इसके बाद मौतों का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमता नहीं दिख रहा है। गांव के हर घर में मरीज है, जिनमें से कुछ की तबीयत ज्यादा नाजुक है। तीमारदार सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी हास्पिटल्स के चक्कर काट-काट कर थक चुके है, लेकिन उनके बीमार परिजनों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। हालांकि, लगातार हो रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल लिया है। मगर, हालात अभी भी काबू में नहीं है। दैनिक भास्कर एप की टीम शनिवार को गांव छायंसा पहुंची तो यहां हर घर में मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे गांव की स्क्रीनिंग और ब्लड सैंपल जुटाने में जुटी थी। कहना था कि ज्यादातर बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षण मिल रहे हैं। जितनी भी मौत हुईं, उन सभी में यही लक्षण थे। गांव छायंसा में क्या इन इन मौतों का राज, क्या कहते है ग्रामीण, सरकार की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए और स्वास्थ्य विभाग की जांच में क्या मिला? ऐसे ही सवालों का जवाब जाने के लिए पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट… गांव भायंसा में क्या हालात और क्यों सहमे हैं लोग… जानिए वे सात केस, जिनमें स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की… स्वास्थ्य विभाग ने अब तक क्या-क्या कदम उठाए, 4 पॉइंट्स… संक्रमण फैलने के कारणों का नहीं खुलासा
पलवल CMO डॉ सत्येंद्र वशिष्ठ ने कहा कि अभी तक इस संक्रमण के इतनी तेजी के साथ फैलने के कारणों को लेकर सटीक कुछ नहीं कहा जा सकता। अभी पूरी तरह से पता नहीं चला है कि गांव में ये किस कारण ये फैल रहा है। उनकी टीमें इसको लेकर काम कर रही हैं। छायंसा में 5 हजार आबादी, कई घर टैंकर का पानी पी रहे
उधर, गांव छायंसा के सरपंच मोहम्मद इस्लाम ने दैनिक भास्कर एप को बताया कि गांव की आबादी करीब 5 हजार है। गांव मुस्लिम बाहुल्य है। गांव में पानी के तीन जगहों से सप्लाई होती है। गांव के कुछ घरों में सरकारी पानी की सप्लाई है।
घरों में लोगों ने जमीन के अंदर कुंडे बना रखे हैं। जिनमें एक साथ पानी भरने के लिए गांव घर्रोट से पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं। कुछ लोग हथीन शहर से आरओ प्लांट का पानी पीने के लिए मंगाते हैं। लगातार हो रही मौतों के कारण गांव में अजीब सा डर पैदा हो गया है। क्या है हेपेटाइटिस, इन्फोग्राफिक्स में जानिए… —————— ये खबर भी पढ़ें…
रेवाड़ी में 9 दिन में एक परिवार में 3 मौतें:पहले बीमारी से भतीजी-मां की मौत, अब युवक ने ट्रेन से कटकर दी जान रेवाड़ी में नागल पठानी स्टेशन के पास एक युवक ने मालगाड़ी के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान गांव मुरलीपुर निवासी 23 वर्षीय अतर सिंह के रूप में हुई है। अतर सिंह के परिवार में पिछले 9 दिन में तीन मौत हो चुकी है। (पूरी खबर पढ़ें)

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होलाष्टक 24 से, होली तक नहीं होंगे शुभ कार्य:होलाष्टक ऋतुओं का संधिकाल, इस दौरान बीमारियां बढ़ने का भी खतरा

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होली के आठ दिन पहले होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन शुक्ल सप्तमी युक्त अष्टमी 24 फरवरी से शुरू होगी। ये होलाष्टक होलिका दहन के साथ पूरे होंगे। इस बार अष्टमी तिथि का क्षय हुआ है। मंगलवार को सप्तमी तिथि सुबह 7:06 तक रहेगी। मान्यता के अनुसार अष्टमी से पूर्णिमा तक नवग्रह भी उग्र रूप लिए रहते हैं। यही वजह है कि इस अवधि में किए जाने वाले शुभ कार्यों में अमंगल होने की आशंका बनी रहती है। ग्रहों की प्रतिकूलता के कारण होलाष्टक में आठ दिनों तक सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। धार्मिक व तांत्रिक महत्व ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धार्मिक दृष्टि से यह समय भक्ति, तपस्या और संयम का माना गया है। इस दौरान देवी-देवताओं की साधना, जप और व्रत करने से विशेष लाभ मिलता है। तांत्रिक दृष्टि से यह समय सिद्धियों और साधनाओं के लिए उपयुक्त माना जाता है, लेकिन शुभ कार्यों के लिए नहीं। किस दिन कौनसा ग्रह उग्र अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि,एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहू उग्र रहते हैं। इस दौरान नकारात्मकता की अधिकता रहती है। इसका असर व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ता है। डॉ. पंकज विश्नोई, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, बाड़मेर होलाष्टक की परंपरा के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं है होलाष्टक का विज्ञान प्रकृति और मौसम के बदलाव से जुड़ा हुआ है। इन दिनों वातावरण में बैक्टीरिया वायरस अधिक सक्रिय होते हैं। सर्दी से गर्मी की ओर जाते इस मौसम में शरीर पर सूर्य की पराबैंगनी किरणें विपरीत प्रभाव डालती हैं। होलाष्टक शीत ऋतु से ग्रीष्म ऋतु के बीच का समय है। आयुर्वेद के अनुसार, इस दौरान शरीर में कफ दोष असंतुलित हो सकता है, जिससे सर्दी, खांसी और सुस्ती हो सकती है। यह समय स्वास्थ्य पर ध्यान देने का है। होलाष्टक के दौरान तामसिक भोजन से बचकर हल्का, सुपाच्य और सात्विक आहार लेने की सलाह दी जाती है, जो शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

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न्यूजीलैंड को हराकर सुपर-8 के करीब पहुंचा साउथ अफ्रीका:ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं; टीम इंडिया आज अगले राउंड में पहुंच सकती है

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टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के 24 मुकाबले खेले जा चुके हैं। 6 दिन में 16 मैच और बचे हैं। अब तक किसी भी टीम ने सुपर-8 में जगह नहीं बनाई, लेकिन शनिवार को साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को हराकर अपनी पोजिशन लगभग कन्फर्म कर ली। अफगानिस्तान का क्वालिफाई कर पाना मुश्किल है, वहीं ओमान एलिमिनेट होने वाली पहली टीम बन गई। ग्रुप-ए: आज भारत-पाकिस्तान के पास क्वालिफिकेशन का मौका ग्रुप-ए में मेजबान भारत और 2009 की चैंपियन पाकिस्तान के अलावा अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया हैं। भारत और पाकिस्तान 2-2 मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 पोजिशन पर हैं। आज दोनों के बीच होने वाला मैच जीतने वाली टीम सुपर-8 में अपनी जगह लगभग कन्फर्म कर लेगी। वहीं हारने वाली टीम को आखिरी दोनों मैच जीतने ही होंगे। इस ग्रुप में नामीबिया दोनों मैच हार चुकी है, टीम ने एक और मुकाबला गंवाया तो एलिमिनेट हो जाएगी। अमेरिका और नीदरलैंड भी 2-2 मैच हार चुकी है, इन्हें भी क्वालिफाई करने के लिए आखिरी मुकाबले जीतने ही होंगे। दोनों टीमें 1-1 जीत के साथ तीसरे और चौथे नंबर पर हैं। ग्रुप-बी: ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं ग्रुप-बी की सिचुएशन इस समय सबसे ज्यादा मजेदार है। होम टीम श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को हराने वाली जिम्बाब्वे 2-2 जीत के साथ टॉप-2 पोजिशन पर हैं। ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका के खिलाफ एक मैच खेलना है, यहां अगर कंगारू टीम हार गई तो उनका अगले राउंड में पहुंचना नामुमकिन सा हो जाएगा। क्योंकि जिम्बाब्वे फिर आयरलैंड को हराकर ही सुपर-8 में पहुंच जाएगी। श्रीलंका का एक मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ भी है, इसे जीतने वाली टीम अपनी जगह अगले राउंड में कन्फर्म कर लेगी। ऑस्ट्रेलिया को ओमान से भी भिड़ना है, लेकिन उन्हें क्वालिफाई करने के लिए आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे। ओमान 3 मैच हारकर बाहर हो चुकी है। आयरलैंड 2 मैच हार चुकी है, टीम का क्वालिफाई कर पाना बेहद मुश्किल है। उनका आखिरी मैच जिम्बाब्वे से होगा। ग्रुप-सी: इंग्लैंड को सभी मैच जीतने होंगे 2-2 बार की चैंपियन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के अलावा इस ग्रुप में स्कॉटलैंड, इटली और नेपाल भी हैं। दोनों वर्ल्ड चैंपियन टीमें 2-2 मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में शुरुआती 2 पोजिशन पर हैं। इंग्लैंड को इकलौती हार विंडीज से ही मिली। अब इंग्लिश टीम को क्वालिफाई करने के लिए इटली के खिलाफ आखिरी मैच जीतना ही होगा। वेस्टइंडीज को इटली और नेपाल से भिड़ना है, दोनों मुकाबले जीतकर टीम नंबर-1 पर रहकर फिनिश करेगी। स्कॉटलैंड और नेपाल ने 1-1 मैच और गंवाया तो टीमें अगले राउंड से बाहर हो जाएंगी। इटली को 1 जीत और 1 हार मिली है, लेकिन उनके 2 मुकाबले इंग्लैंड और वेस्टइंडीज से बचे हैं, ऐसे में टीम का दोनों मैच जीतकर क्वालिफाई कर पाना मुश्किल है। ग्रुप-डी: अफगानिस्तान लगभग बाहर, साउथ अफ्रीका की राह आसान टूर्नामेंट का सबसे मुश्किल ग्रुप यही था। इसमें 2024 की फाइनलिस्ट साउथ अफ्रीका, 2021 की रनर-अप न्यूजीलैंड और 2024 की सेमीफाइनलिस्ट अफगानिस्तान की टीमें थीं। अफगानिस्तान ने कीवी और प्रोटियाज टीम के खिलाफ अपने दोनों मैच गंवा दिए। अब उन्हें क्वालिफाई करने के लिए आखिरी दोनों मैच जीतने के साथ न्यूजीलैंड के हारने की दुआ भी करनी होगी। साउथ अफ्रीका 3 जीत से 6 पॉइंट्स लेकर लगभग अगले राउंड में जगह बना चुकी है। टीम UAE को आखिरी मैच हराकर नंबर-1 पर रहकर ग्रुप स्टेज फिनिश कर सकती है। न्यूजीलैंड भी 2 मैच जीत चुका है, टीम कनाडा के खिलाफ आखिरी मैच जीतकर सुपर-8 में पहुंच जाएगी। UAE को एक जीत मिली है, लेकिन उनके 2 मैच अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के खिलाफ है। अगर टीम दोनों जीत गई तो अगले राउंड में पहुंच जाएगी। वहीं अफगानिस्तान और कनाडा एक भी मैच हारीं तो बाहर हो जाएंगी।

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IMD Weather Update Today cold Wave Alert rain UP Rajasthan MP chhattisgarh snowfall Uttarakhand himachal jammu Kashmir

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लखनऊ/भोपाल/जयपुर/रायपुर/देहरादून49 मिनट पहले

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देश के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 13 से 16 फरवरी तक दो विस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं। इससे अगले दो दिन में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में दिन का तापमान 30°C के पार हो चुका है।

वहीं यूपी और राजस्थान में 16 फरवरी से बारिश की संभावना है। राजस्थान के जयपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में के कई जिलों में बारिश की आशंका है। नए वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के सबसे ज्यादा असर 17 और 18 फरवरी को रहेगा।

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत 17 शहरों में दिन में गर्मी बढ़ गई है, जबकि पचमढ़ी, खजुराहो और कटनी की रातें ठंडी बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में दिन के तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को रायपुर का तापमान 32.5°C रहा।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में तापमान में सामान्य की तुलना में 6.8 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया और यहां का पारा 26.4 डिग्री पहुंच गया है। 16 फरवरी से लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।

उत्तराखंड में 16 फरवरी को 5 जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इनमें शामिल है। वहीं राज्य के 3 शहरों का तापमान -20°C से नीचे बना हुआ है। मुनस्यारी में पारा गिरकर -28°C, बद्रीनाथ में -20°C, गंगोत्री में -22°C रहा।

देश में मौसम की तस्वीर…

उत्तराखंड के बागेश्वर में ठंडी हवाएं चल रही हैं।

उत्तराखंड के बागेश्वर में ठंडी हवाएं चल रही हैं।

अगले दो दिन का मौसम…

  • 16 फरवरी- अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश की आशंका।
  • 17 फरवरी- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश-बर्फबारी की संभावना।

खबरें और भी हैं…

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पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्टार को घर में घुसकर मारी गोली:आरोपी 10वीं फेल, लव प्रपोजल ठुकराना बर्दाश्त नहीं कर पाया

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22 जून 2025 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ के घर के आसपास एक शख्स कई दिनों से संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई दे रहा था। उसकी हरकतों से साफ लग रहा था कि वह किसी मौके की तलाश में है, ताकि सना के घर में घुस सके। और आखिरकार, उसे मौका मिल ही गया। जैसे ही उसे अवसर मिला, वह घर के अंदर घुस गया और सीढ़ियां चढ़कर सीधे सना के कमरे तक पहुंच गया। कमरे में उसे देखकर सना घबरा गईं। उन्होंने घबराहट में कहा, “तुम यहां कैसे आए? माहौल को शांत करने की कोशिश में उन्होंने कहा, “बैठो… मैं पानी लेकर आती हूं। तुम बहुत गुस्से में हो, पहले शांत हो जाओ। उनकी बातों से साफ लग रहा था कि वह किसी तरह स्थिति को संभालना चाहती थीं। लेकिन उस शख्स ने गुस्से में जवाब दिया, तुम मुझसे मिलने क्यों नहीं आई? इतना कहते ही उसने सना पर दो गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल सना की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह उनका फोन लेकर वहां से फरार हो गया। अब सवाल यह उठता है कि आखिर वह शख्स कौन था? और उसने सना को क्यों निशाना बनाया? जानिए अनसुनी दास्तानें के चैप्टर 3 में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ की मौत की पूरी और दर्दनाक कहानी। खूबसूरती, शोहरत और सोशल मीडिया सना यूसुफ का जन्म 29 मई 2008 को पाकिस्तान में हुआ था। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर चित्राल में रहती थीं। उनके पिता का नाम सैयद यूसुफ हसन शाह है, जो अपर चित्राल के रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। सना बचपन से ही बेहद खूबसूरत थीं। उन्हें मनोरंजन और सोशल मीडिया में खास रुचि थी। जब सना 14 साल की हुईं, तब उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू किया। शुरुआत में वह अपनी तस्वीरें पोस्ट करती थीं। उनकी खूबसूरती की वजह से उनकी तस्वीरों को काफी पसंद किया जाने लगा। धीरे-धीरे उन्होंने चितराली संस्कृति, पारंपरिक कपड़ों और स्थानीय जीवन से जुड़े कंटेंट शेयर करना शुरू किया। उनका कंटेंट लोगों को पसंद आने लगा, क्योंकि एक ओर वह अपनी संस्कृति को गर्व से प्रस्तुत करती थीं और दूसरी ओर लड़कियों की शिक्षा और मजह 17 साल की उम्र में वह महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करती थीं। खास बात यह थी कि जैसे ही सना ने सोशल मीडिया पर अपनी दूसरी वीडियो डाली, वह वायरल हो गईं। इससे वह बेहद खुश थीं। सना अक्सर कहती थीं, “मैं खुद तो खुश रहना चाहती हूं, लेकिन दूसरों को भी खुश देखना चाहती हूं।” वह डॉक्टर बनना चाहती थीं, ताकि लोगों की सेवा कर सकें। हालांकि उनकी वीडियो लगातार वायरल होने लगीं और वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन गईं। धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि फैंस के साथ-साथ उन्हें कई ब्रांड्स के ऑफर भी मिलने लगे। बड़ी बात यह थी कि सना ने कभी भी फेमस होने के लिए ऐसा कोई कंटेंट नहीं बनाया, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। सना न सिर्फ दिखने में खूबसूरत थीं, बल्कि उनके बोलने के अंदाज को भी लोग काफी पसंद करते थे। कोई उनकी तुलना पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर से करता था, तो कोई बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा से। कम उम्र में ही सना अपनी जिंदगी के एक बेहतरीन मुकाम पर पहुंच गई थीं। लेकिन सना को यह नहीं पता था कि जिस सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शोहरत मिल रही थी, आगे चलकर वही उनकी मौत का कारण भी बन जाएगा। एकतरफा प्यार, इंकार और खौफनाक अंजाम इसी दौरान सना की जिंदगी में एक शख्स की एंट्री हुई, जिसे लोग काका के नाम से जानते थे। यह व्यक्ति न तो उनका कोई रिश्तेदार था, न बॉयफ्रेंड और न ही उनका कोई निजी संबंध था। दोनों के बीच शुरुआत में सिर्फ प्रोफेशनल काम की बात हुई थी। अब बात करते हैं कि आखिर यह काका कौन था। दरअसल, काका खुद टिकटॉक पर फेमस होना चाहता था। वह चाहता था कि उसकी भी बड़ी फैन फॉलोइंग हो, उसे ब्रांड्स के ऑफर मिलें और वह खूब पैसा कमाए। इसी चाह में वह पूरी तरह सोशल मीडिया की दुनिया में डूब चुका था। बताया जाता है कि उसके पिता को जो भी पेंशन मिलती थी, वह उसका बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर खर्च कर देता था। जैसे मॉडल्स के साथ ब्रांड शूट करवाना और फोटोशूट कराना। हालांकि, इन सब कोशिशों के बावजूद उसे कोई खास सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन वह लगातार कोशिश करता रहा। इसी बीच एक रात वह इंस्टाग्राम स्क्रॉल करते हुए अपने लिए किसी नई मॉडल की तलाश कर रहा था। तभी उसकी नजर एक 17 साल की मासूम और बेहद खूबसूरत लड़की पर पड़ी वह लड़की और कोई नहीं सना यूसुफ थीं। काका ने तुरंत सना को मैसेज किया और दोनों के बीच काम को लेकर बातचीत शुरू हुई। हालांकि, काका ने कभी साफ तौर पर यह नहीं बताया कि किस ब्रांड के लिए या किस तरह का शूट करवाना है। सना की तस्वीरें देखने के बाद वह उनके प्रति आकर्षित हो गया। धीरे-धीरे यह आकर्षण एकतरफा लगाव में बदल गया। काका सना के प्रति दीवाना होता जा रहा था। उसे कोई शूट नहीं करवाना था, बल्कि वह उनसे शादी करने का सपना देखने लगा। उसकी दीवानगी बढ़ती चली गई और वह हर हाल में सना को पाना चाहता था। काका ने कभी सना को अपने बारे में कुछ नहीं बताया। उसके सामने वो ऐसी बातें करता जैसे वह किसी अमीर परिवार से ताल्लुख रखता हो। कई बार यह दावा किया गया कि दोनों की मुलाकातें भी होती थीं। लेकिन सना के वकील ने साफ किया कि दोनों की कभी कोई मुलाकात नहीं हुई। समय के साथ सना को समझ आ गया कि काका किसी बड़े ब्रांड से जुड़ा प्रोफेशनल व्यक्ति नहीं है। वह न तो कोई असली ब्रांड शूट करता था और न ही उसका करियर वैसा था जैसा वह दिखाता था। बताया जाता है कि वह दसवीं कक्षा में फेल हो चुका था और अपने पिता की पेंशन का पैसा सोशल मीडिया पर खर्च करता था। यह सब जानने के बाद सना ने उससे दूरी बना ली। जब काका इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजता, तो सना पहले की तरह जवाब नहीं देती थीं। उन्होंने उसे पूरी तरह नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। लेकिन काका ने हार नहीं मानी। उसने दोबारा कोशिश की और सीधे सना से शादी के लिए पूछ लिया। इतना ही नहीं, उसने धमकी दी कि अगर सना ने शादी के लिए हां नहीं कहा तो वह उन्हें गोली मार देगा। सना ने शुरुआत में उसकी इस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। 29 मई को सना का जन्मदिन था। वह बेहद खुश थीं। हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाया। उधर काका उनसे मिलना चाहता था। वह अपने घर से एक बड़ी कार किराए पर लेकर निकला, लेकिन सना ने मिलने से मना कर दिया। काका की हरकतों से सना अब डरने लगी थीं। बाहर से वह जन्मदिन मना रही थीं, लेकिन मन में काका का डर था। जैसे ही सना ने मिलने से इनकार किया, काका गुस्से से बेकाबू हो गया। यही वह पल था जब उसका एकतरफा लगाव नफरत में बदल गया। वह लगातार सना को धमकियां देने लगा। सना समझ नहीं पा रही थीं कि क्या करें। डर के कारण उन्होंने आखिरकार उससे मिलने के लिए हामी भर दी। रेकी, हत्या और 48 घंटे में गिरफ्तारी 2 जून 2025 को दोनों के मिलने की बात तय हुई। काका सना से मिलने के लिए इतना उतावला था कि सुबह 5 बजे ही इस्लामाबाद पहुंच गया। इस बार वह अपने साथ बंदूक लेकर आया था। उसने मन बना लिया था कि अगर सना उससे नहीं मिलीं तो वह उन्हें नुकसान पहुंचाएगा। सुबह 5 बजे से शाम 4 बजे तक वह इस्लामाबाद की सड़कों पर घूमता रहा। बाद में सना ने एक बार फिर मिलने से मना कर दिया। इसके बाद काका सेक्टर G-13 में सना के घर के आसपास घूमने लगा। सना अपने पिता और बुआ के साथ पहली मंजिल पर रहती थीं, जबकि नीचे उनके रिश्तेदार रहते थे। घर में लोगों का आना-जाना रहता था, इसलिए दरवाजा अक्सर खुला रहता था। मौका मिलते ही शाम करीब 5 बजे काका घर के अंदर घुस गया और सीधे सना के कमरे तक पहुंच गया। काका को कमरे में देखकर सना हैरान रह गईं। उन्होंने धीमी आवाज में पूछा, तुम यहां कैसे आए? लेकिन काका गुस्से में था। वह बस यह जानना चाहता था कि सना ने उससे मिलने से इनकार क्यों किया। सना ने माहौल शांत करने की कोशिश की और कहा, तुम बहुत गुस्से में हो, बैठो, मैं पानी लेकर आती हूं। लेकिन काका ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। उसने पिस्तौल निकाली और सना पर गोली चला दी। बताया जाता है कि उसने दो गोलियां मारीं। इसके बाद वह उनका फोन लेकर सीढ़ियों से नीचे भागा। इस दौरान सना की मां और बुआ ने उसे देख लिया। काका ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन बंदूक नहीं चली। इसके बाद वह वहां से भाग गया और फैसलाबाद पहुंच गया। काका ने सना के फोन से अपनी और उनकी चैट डिलीट करने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटा सके। हालांकि, पुलिस ने जांच शुरू की और 48 घंटों के भीतर उसे फैसलाबाद से गिरफ्तार कर लिया।

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प्रभास के साथ पीरियड ड्रामा करने की ख्वाहिश:‘कार्तिकेय 2’ के बाद निखिल सिद्धार्थ की पैन इंडिया उड़ान और ‘स्वयंभू’ से नई चुनौती

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‘कार्तिकेय 2’ की ऐतिहासिक सफलता ने अभिनेता निखिल सिद्धार्थ को पैन इंडिया पहचान दिलाई और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि मजबूत कंटेंट और आस्था से जुड़ी कहानी दर्शकों के दिलों तक सीधे पहुंच सकती है। अब निखिल अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्वयंभू’ के साथ आने वाले हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में निखिल ने ‘कार्तिकेय 2’ की सफलता, इंडस्ट्री से मिले समर्थन, पैन इंडिया सिनेमा की बदलती परिभाषा और अपनी आने वाली फिल्म ‘स्वयंभू’ को लेकर उम्मीदों पर खुलकर चर्चा की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘कार्तिकेय 2’ का इतना प्रभाव था कि हर किसी ने इसे अपना लिया। किसी ने यह नहीं सोचा कि निखिल कहां से हैं। आप पैन इंडिया स्टार बन गए। क्या बॉलीवुड से किसी स्टार ने आपको फोन करके बधाई दी या कोई अच्छा फीडबैक दिया? जवाब: हां, लगभग सभी ने फिल्म के बारे में बहुत अच्छी बातें कहीं। ऋतिक रोशन सर ने फिल्म देखी थी और कार्तिक आर्यन और शाहिद कपूर ने भी देखी। इन सबने ‘कार्तिकेय 2’ की बहुत तारीफ की, जिससे मुझे बेहद खुशी हुई। तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री ने भी इस फिल्म को पूरी तरह अपना लिया। मेरा मानना है कि अगर कोई फिल्म राष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट बनाना चाहती है तो उसके लिए बहुत बड़े बजट की जरूरत नहीं होती। तीन-चार सौ करोड़ रुपए खर्च करना जरूरी नहीं है। हमने ‘कार्तिकेय 2’ सीमित बजट में बनाई और अच्छा परिणाम दिया। मेरी आने वाली फिल्म ‘स्वयंभू’ बड़े बजट की है, लेकिन अनावश्यक रूप से बहुत अधिक खर्चीली नहीं है। हमें साउथ फिल्म इंडस्ट्री से भरपूर समर्थन मिला है और अब बॉलीवुड से भी अच्छा सहयोग मिल रहा है। सवाल: ‘कार्तिकेय 2’ के बाद आपको बॉलीवुड कई प्रस्ताव मिले होंगे। क्या आप उनके बारे में कुछ बताना चाहेंगे? जवाब: हां, मुझे कई अच्छे प्रस्ताव मिले, बड़े निर्माताओं से भी बातचीत हुई। लेकिन मेरी मां हमेशा एक कहावत याद दिलाती हैं, “ना घर का, ना घाट का।” इसलिए जो भी करूं, अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। मैं फिलहाल तेलुगु फिल्में कर रहा हूं, जिन्हें बाद में मलयालम, तमिल, कन्नड़ और हिंदी में डब किया जाता है। लेकिन ‘इंडिया हाउस’ जैसी फिल्म के लिए हम दो भाषाओं में अलग-अलग शूटिंग कर रहे हैं। एक बार हिंदी में और एक बार तेलुगु में, ताकि भाषा का सम्मान हो और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिले। मैं तेलुगु फिल्में करता रहूंगा। हर फिल्म को पूरे भारत में प्रचारित करना जरूरी नहीं होता, क्योंकि कुछ फिल्में क्षेत्रीय दर्शकों के लिए ही होती हैं। लेकिन ‘स्वयंभू’ ऐसी फिल्म नहीं है। यह लगभग तीन घंटे तीन मिनट की फिल्म है और मुझे विश्वास है कि उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और विदेशों में भी दर्शकों को पसंद आएगी। सवाल: अगर आपको हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से किसी अभिनेत्री के साथ काम करने का मौका मिले, तो आपकी पसंद कौन होगी? आपकी बकेट लिस्ट में कौन है? जवाब: मैं हमेशा से रवीना टंडन जी का प्रशंसक रहा हूं और मुझे ‘इंडिया हाउस’ में उनके साथ काम करने का अवसर मिल रहा है, जो मेरे लिए सौभाग्य की बात है। श्रीदेवी जी दक्षिण भारत की बहुत बड़ी आइकन थीं। उनकी बेटी जान्हवी कपूर बहुत अच्छा काम कर रही हैं और कई तेलुगु फिल्मों में भी काम कर रही हैं। उनके जैसी प्रतिभाशाली कलाकार के साथ काम करना हमेशा अच्छा अनुभव रहेगा। सवाल: अगर आपको किसी पीरियड ड्रामा फिल्म में प्रभास या रणबीर कपूर के साथ काम करने का अवसर मिले, और विषय हमारी प्राचीन संस्कृति या रामायण जैसा हो, तो आप किसे चुनेंगे? जवाब: मैं प्रभास भाई को चुनूंगा, क्योंकि वे बेहद शानदार इंसान हैं और उनके साथ काम करना मजेदार रहेगा। हालांकि रणबीर भी बेहतरीन कलाकार हैं, लेकिन प्रभास पूरे देश के प्रिय सितारे हैं। हम सभी उनकी आने वाली फिल्मों ‘कल्कि 2’ और ‘स्पिरिट’ का इंतजार कर रहे हैं।

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आरजीएचएस में अनियमितताओं का मामला:भरतपुर -डीग के 7 कार्मिक निलंबित भरतपुर नर्सिंग होम पर मुकदमा दर्ज

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राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में घोर अनियमितताओं के मामले में राज्य स्तर से बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार को भरतपुर और डीग जिले में कार्यरत 7 कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि इन्होंने आरजीएचएस कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी क्लेम उठाए और सरकार को लाखों रुपए की चपत लगाई।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान जयपुर के निदेशक (अराजपत्रित) ने अलग-अलग आदेश जारी कर इन कार्मिकों को निलंबित किया। निलंबित होने वालों में आरबीएम अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर सौरभ कुमार रावत और सुरेश चंद गुप्ता, उप स्वास्थ्य केंद्र नगला माय की मंजू कुमारी, उप जिला चिकित्सालय बयाना के सत्यप्रकाश छावड़ी, उप स्वास्थ्य केंद्र खुडासा की एएनएम मीना कुमारी चौधरी, सीएचसी उच्चैन की अनुपमा तथा डीग जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र कुचावटी की किशन देई शामिल हैं। सभी का मुख्यालय संयुक्त निदेशक कार्यालय जोन भरतपुर किया गया है। आदेश में विभागीय जांच प्रस्तावित होने के चलते निलंबन आवश्यक बताया गया है। इसके अलावा भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश सीएमएचओ को दिए गए हैं। भास्कर इनसाइट – अब तक 2 डॉक्टर सहित तीन जनों के खिलाफ हो चुकी एफआईआर, 500 कार्मिकों के कार्ड हो चुके ब्लॉक आरजीएचएस में दवाइयों के नाम पर काजू-बादाम और घरेलू सामान तक लेने के मामलों में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। अब तक सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर 3 जनों कशिश फार्मेसी के राकेश कुमार, पक्का बाग शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर जनता क्लिनिक के डॉ. विकास फौजदार, अपेक्स डेंटल के संचालक डॉ. मनीष गोयल के खिलाफ अटलबंध थाना में एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई जांच में 500 कार्मिकों के आरजीएचएस कार्ड ब्लॉक किए जा चुके हैं। 13 डॉक्टरों को जयपुर तलब कर बयान लिए गए हैं। इससे पहले एसपी दिगंत आनंद 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर चुके हैं। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय 2 प्रोफेसरों को निलंबित कर चुका है। शिक्षा विभाग ने भी भरतपुर के 6 और डीग के 2 कार्मिकों को निलंबित किया है। लाभार्थियों के कार्ड से फर्जी क्लेम राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि भरतपुर स्थित कशिश फार्मेसी और भरतपुर नर्सिंग होम ने मिलीभगत कर आरजीएचएस में फर्जीवाड़ा किया। आरोप है कि अस्पताल की डॉक्टर द्वारा पूर्व अनुमोदन नहीं होने के बावजूद आरजीएचएस का बोर्ड लगाकर लाभार्थियों को सुविधा देने का प्रलोभन दिया गया। मरीजों के एसएसओ आईडी-पासवर्ड लेकर टीआईडी जनरेट किए गए और उपचार के बाद अपनी ही फार्मेसी से दवाइयों व जांचों को पोर्टल पर एडजस्ट कर भुगतान प्राप्त किया गया दोनों ने फर्जी बिल बनाकर क्लेम स्वीकृत करवाने की कोशिश की। अस्पताल को पहले ही डी-एम्पेनल किया जा चुका है। अब एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है।

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