जयपुर में बदमाशों ने ज्वेलर से की लूट:कार रोक कर डंडे से किया हमला, 27 लाख के गहने लेकर भागे

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जयपुर में शनिवार रात बदमाशों ने एक ज्वेलर से लूट की वारदात को अंजाम दिया। ज्वेलर की कार को रुकवाकर बदमाशों ने डंडे से हमला किया। कार में रखा 27 लाख रुपए के गहनों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। प्रताप नगर थाना पुलिस ने सूचना पर नाकाबंद करवाई, लेकिन कार सवार लुटेरों का सुराग नहीं लगा। एसीपी (सांगानेर) हरिशंकर शर्मा ने बताया- लूट की वारदात श्योपुर निवासी रामनिवास सोनी के साथ हुई। उनकी वाटिका में गणपति ज्वेलर्स के नाम से शॉप है। रात करीब 7:30 बजे वह शॉप बंद कर कार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान प्रताप नगर में आरयूएचएस के पास अजय मार्ग पर पहुंचे थे। कार सवार बदमाशों ने उनकी कार के आगे अपनी कार लगाकर उन्हें रोक लिया। कार से उतरे बदमाशों ने डंडे से हमला किया। ज्वेलर की कार के शीशे तोड़ने के साथ ही मारपीट की गई। हमला कर बदमाश कार में रखा ज्वेलरी का बैग लेकर भाग निकले। बैग में 50 ग्राम सोना और 7 किलो चांदी रखी थी। लूट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार सवार लुटेरों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी करवाई। पुलिस वारदातस्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेजों को खंगालने के साथ लुटेरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को डिटेन किया है।

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कांग्रेस MLA गाने लगे रामजी का भजन:'जादूगर' जूनियर असिस्टेंट का 'खजाना'; SDM बोले- आलू-मटर-प्याज है क्या?

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नमस्कार विधानसभा में विधायकजी को लगा कि राम के भजन गाएंगे तो सत्ता पक्ष मांगों पर गौर फरमाएगा। फलोदी में 35 हजार की नौकरी करने वाले बीकानेर के सरकारी कर्मचारी के पास अकूत संपत्ति निकली। बाड़मेर में SDM ने सरकारी स्कूल का मिड-डे मील चखकर पूछा- इसमें आलू, प्याज, मटर कहां है? राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. विधानसभा में विधायकजी का माइक बंद किया विधानसभा चल रही है। माननीय विविध विधियों से अपनी बात सदन के पटल पर रख रहे हैं। एक माननीय ने तो ऐसे संकेत के माध्यम से अपनी बात दूसरे माननीय तक पहुंचाई कि न बता सकते हैं, न दिखा सकते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। इशारा अश्लील था। लेकिन हम बात करेंगे राम जी के भजन की। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से कांग्रेस विधायक मांगेलाल मीणा अपनी मांगें रख रहे थे। कह रहे थे कि सरकार मेरी मांगों को बजट का जवाब देते वक्त समावेशित करे। लेकिन सभापति महोदय ने इसी बीच छगन सिंह राजपुरोहित का नाम ले लिया। अपनी बात कटती देख मांगेलाल भजन गाने लगे- म्हारी काया का सैलानी भंवरा राम सुमर ले रे.. फिर बोले-राम की बात करने वाले विघ्न नहीं डालते। विध्न डालने वालों को क्या कहते हैं, आप सब जानते हैं। सभापति जी ने उनका माइक बंद कर दिया। 2. बीकानेर के जूनियर असिस्टेंट की ‘जादूगरी’ जादूगर वैसे ही बदनाम हैं। बेचारा जादूगर ज्यादा से ज्यादा क्या कर सकता है? टोपी से कबूतर निकाल सकता है, बस। लेकिन असली जादूगर तो बीकानेर का शुभकरण परिहार निकला। फलोदी की एक ग्राम पंचायत में जूनियर असिस्टेंट की मामूली नौकरी। एसीबी ने छापा मारा तो सवा 2 करोड़ का तो सोना ही निकल आया। लाखों की चांदी। पांच सौ के नोटों की गड्डियां देख टीम ने मशीन मंगवाई। गिने तो 76 लाख निकले। इतना ही नहीं, पांच मकान और 65 बीघा जमीन का मालिक निकला। ये महाशय पत्नी को गिफ्ट में मकान और प्लॉट देते हैं। अब आप सोचिए, 35 हजार के मासिक वेतन में क्या जोड़ा जा सकता है। आधा वेतन तो दूध-सब्जी की भेंट चढ़ जाता है। अभी तो टीमें खंगाल रही हैं। जादूगरी के और भी जलवे सामने आ सकते हैं। 3. SDM पहुंचे सरकारी स्कूल, चखा मिड-डे मील सुदूर रेगिस्तानी जिले बाड़मेर का गडरा रोड इलाका। इलाके में एक सरकारी स्कूल। दोपहर का वक्त था। एसडीएम साहब अचानक पधार गए। वही एसडीएम जो धोती-कमीज और सिंधी टोपी वाली रील में वायरल हुए थे। बरामदे में बैठकर बच्चे मिड डे मील खा रहे थे। एसडीएम साहब ने आदेश दिया- एक थाली में भोजन ले आओ। थाली लाई गई। साहब ने एक कौर खाया, फिर बच्चों से पूछा- स्वाद कैसा है बेटा? एक बच्चे की आवाज आई- मस्त है। एसडीएम ने फिर पूछा- मस्त है? तो इसमें प्याज कहां है? आलू कहां है? मटर कहां है? मिर्ची कहां है? कुछ नहीं है। इसके बाद एसडीएम साहब रसोईघर में पहुंचे जहां कुक और हेल्पर नाम की दो महिलाएं अपराधी की तरह खड़ी थीं। एसडीएम बोले- अपने घर में जो बनता है वैसा बनाओ। बच्चे कोई दूसरे तो हैं नहीं। अपने घर के बच्चे हैं। बच्चे तो घर के हैं, लेकिन मिड-डे मिल के लिए हर बच्चे के हिसाब से करीब साढ़े 6 रुपए मिलते हैं। 2200 रुपए मंथली में कुक-हेल्पर आहार बनाती हैं। स्वाद कैसे आएगा? किसी भामाशाह के जरिए स्वाद की व्यवस्था कर भी दी जाए तो ‘बीकानेर वाले जादूगर’ हर जगह बैठे हैं। जो कुछ भी गायब कर सकते हैं। 4. चलते-चलते.. अजमेर में केकड़ी इलाके के एक गांव में हेरिटेज रिसॉर्ट है। हवेली टाइप रिसॉर्ट का मुख्य द्वार ग्रामीण मोहल्ले में खुलता है। वहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब घूम रहा है। रिसॉर्ट में ठहरे विदेशी पर्यटकों के साथ गांव के बच्चे मस्ती में डांस कर रहे हैं। बैकग्राउंड में तेज आवाज में देसी म्यूजिक बज रहा है। बोल कुछ इस प्रकार हैं- बालम नई फॉर्च्युनर लाया है, जिसमें सवार बींदणी की चोटी रफ्तार के कारण हिल रही है और गाड़ी जयपुर से अजमेर तक इसी तरह चलेगी। गाने के बोल से न बच्चों को कुछ लेना-देना, न उनके साथ नाच रहे युवा पर्यटक को। बच्चों के साथ बच्चा बनकर विदेशी युवक खूब नाच रहा है। दल के साथ की महिलाएं खुश होकर अपने मोबाइल में यह दृश्य कैद कर रही हैं। बच्चे और पर्यटक एक-दूसरे की भाषा नहीं समझ रहे। लेकिन संगीत इन्हें ऐसे जोड़ा कि अब सोशल मीडिया पर जलवे हैं। इनपुट सहयोग- ऋषभ सैनी (जयपुर), अनुराग हर्ष (बीकानेर), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..

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जयपुर में बदमाशों ने ज्वेलर से की लूट:कार रोक कर डंडे से किया हमला, 27 लाख के गहने लेकर भागे

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जयपुर में शनिवार रात बदमाशों ने एक ज्वेलर से लूट की वारदात को अंजाम दिया। ज्वेलर की कार को रुकवाकर बदमाशों ने डंडे से हमला किया। कार में रखा 27 लाख रुपए के गहनों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। प्रताप नगर थाना पुलिस ने सूचना पर नाकाबंद करवाई, लेकिन कार सवार लुटेरों का सुराग नहीं लगा। एसीपी (सांगानेर) हरिशंकर शर्मा ने बताया- लूट की वारदात श्योपुर निवासी रामनिवास सोनी के साथ हुई। उनकी वाटिका में गणपति ज्वेलर्स के नाम से शॉप है। रात करीब 7:30 बजे वह शॉप बंद कर कार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान प्रताप नगर में आरयूएचएस के पास अजय मार्ग पर पहुंचे थे। कार सवार बदमाशों ने उनकी कार के आगे अपनी कार लगाकर उन्हें रोक लिया। कार से उतरे बदमाशों ने डंडे से हमला किया। ज्वेलर की कार के शीशे तोड़ने के साथ ही मारपीट की गई। हमला कर बदमाश कार में रखा ज्वेलरी का बैग लेकर भाग निकले। बैग में 50 ग्राम सोना और 7 किलो चांदी रखी थी। लूट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार सवार लुटेरों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी करवाई। पुलिस वारदातस्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेजों को खंगालने के साथ लुटेरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को डिटेन किया है।

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आकाशदीप ने कहा- सलमान ने मेरी जिंदगी खराब नहीं की:नागिन 7 के एक्टर ने दी ₹5 करोड़ की चुनौती, शो में ड्रैगन बनकर लौटीं कनिका मान

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टीवी का पॉपुलर सुपरनैचुरल शो ‘नागिन’ एक बार फिर नए सीजन के साथ दर्शकों के बीच आ चुका है। एकता कपूर की इस हिट फ्रेंचाइजी ने अब तक छह सफल सीजन पूरे किए हैं और हर बार नए ट्विस्ट, नए किरदार और हाई-टेक प्रेजेंटेशन के साथ दर्शकों को बांधे रखा है। ‘नागिन 7’ में इस बार कहानी और भी बड़े लेवल पर जाती दिख रही है। इच्छाधारी नागिन के साथ-साथ अब शो में इच्छाधारी ड्रैगन की एंट्री हो चुकी है, वहीं एक खतरनाक विलेन के रूप में आकाशदीप सहगल की वापसी ने एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में हमने कनिका मान और आकाशदीप सहगल से खास बातचीत की। दोनों ने अपने किरदार, शो और वापसी को लेकर खुलकर बात की है। नागिन एक बड़ी फ्रेंचाइजी है। क्या आपने पहले कभी सोचा था कि आप इसका हिस्सा बनेंगी? कनिका मान- नागिन अपने आप में एक बहुत बड़ी फ्रेंचाइजी है। इसके अब तक छह सीजन आ चुके हैं और मुझे सभी बहुत पसंद आए हैं। मेरे घर, पड़ोस और रिश्तेदारों में सब लोग नागिन देखते हैं। मुझे ये शो बहुत इंटरेस्टिंग लगता था, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इसका हिस्सा बनूंगी।
एकता कपूर मैम के शो हमेशा अलग लेवल के होते हैं। इस बार मैं इच्छाधारी नागिन नहीं, बल्कि इच्छाधारी ड्रैगन हूं, यही चीज मुझे सबसे ज्यादा एक्साइट कर रही थी। नागिन 7 में आपका लुक और गेटअप काफी चर्चा में है। इस किरदार में खुद को देखकर और इसे निभाते हुए आपको कैसा लग रहा है? आकाशदीप सहगल- ये किरदार चुनौतीपूर्ण भी है और बहुत मजेदार भी। इसका अंदाज बिल्कुल अलग है। इससे पहले मैंने ऐसा कैरेक्टर नहीं निभाया। इसमें एक अलग स्टाइल है, स्वैग है और फ्लो है। शो में मेरे डायलॉग्स बहुत स्ट्रॉन्ग हैं और विलेन का रोल होने की वजह से कई शेड्स खेलने को मिलते हैं, इसलिए इसे निभाने में बहुत मजा आ रहा है। आपका रोल शो में गेम-चेंजर कैसे साबित होगा, इस पर कोई हिंट देंगी? कनिका मान- मेरा कैरेक्टर दूसरे एपिसोड में ड्रैगन के तौर पर इंट्रोड्यूस हुआ है। अब दर्शक देख रहे हैं कि वो किस तरह का इम्पैक्ट लेकर आ रहा है। राधिका की जर्नी एक रोलर-कोस्टर जैसी है उसकी बैकग्राउंड, ड्रैगन बनने तक का सफर और जो सिचुएशंस वो फेस करती है, वो सब बहुत इंटेंस है। कुछ सीन ऐसे हैं कि अगर वो रियल लाइफ में हो जाएं, तो इंसान अंदर से हिल जाए। फैंस पूछते हैं कि आपने वापसी में इतना वक्त क्यों लगाया? आकाशदीप सहगल- सबसे पहले मैं दर्शकों से माफी मांगना चाहता हूं। 2015 में मेरी मां का निधन हो गया था। उसके बाद मैं आत्म-खोज के दौर में चला गया। मुझे ये समझने में समय लगा कि मैं असल में कौन हूं और जिंदगी से क्या चाहता हूं। इस इंडस्ट्री में इंसान काम में इतना उलझ जाता है कि खुद से दूर हो जाता है। सेट पर आपकी और प्रियंका की दोस्ती कैसी रहती है? कनिका मान- हम दोनों गॉसिप टाइप लोग नहीं हैं, लेकिन बातें कभी खत्म ही नहीं होतीं। हमारी दोस्ती 10 साल पुरानी है। हमने एक-दूसरे को अप्स एंड डाउन में देखा है। हम एक-दूसरे को जेनुइनली सपोर्ट करते हैं और एक-दूसरे की ग्रोथ देखकर खुश होते हैं। काफी समय तक ये चर्चा रही कि आपने एक्टिंग से संन्यास ले लिया है और सलमान खान को लेकर भी कई अटकलें लगीं? आकाशदीप सहगल- संन्यास मैंने लिया है, लेकिन वो बाहरी नहीं बल्कि अपने मन के भीतर लिया है। सिर्फ पहाड़ों पर जाकर खड़े हो जाना ही संन्यास नहीं होता। असली मोक्ष तो दुनिया में रहते हुए, जिम्मेदारियों के बीच खुद को समझकर भी पाया जा सकता है। जहां तक सलमान खान से जुड़ी अफवाहों की बात है, तो मैं साफ कहना चाहता हूं कि मैं सलमान से भी उतना ही प्यार करता हूं, जितना शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन से करता हूं। ये कहना कि सलमान ने मेरी जिंदगी खराब की, पूरी तरह गलत है। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा। अगर कोई ऐसा दावा करता है कि मैंने ये बात कही है, तो मैं खुले तौर पर चुनौती देता हूं अगर किसी के पास ऐसा कोई वीडियो या सबूत हो, तो मैं उसे ₹5 करोड़ देने को तैयार हूं। आपका किरदार शो में कितना अहम साबित होने वाला है? आकाशदीप सहगल- ये पूरी तरह दर्शकों पर निर्भर करता है। लेकिन जिस तरह से मेरी एंट्री को पसंद किया गया है, उससे लगता है कि ये किरदार बड़ा होने वाला है। लोग इसे ‘विलेन ऑफ विलेंस’ कह रहे हैं।

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रेलवे का फॉर्मूला:अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में इमरजेंसी कोटा, वीक डेज में कम, वीकेंड पर ज्यादा सीट कन्फर्म होंगी

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रेलवे ने अमृत भारत नॉन एसी और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में आपातकालीन कोटा (ईक्यू) के तहत सीट आरक्षण का नया फॉर्मूला लागू किया है। अब इन ट्रेनों में वेटिंग और आरएसी दोनों प्रकार के टिकट जारी किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (पीएम) संजय मनोचा ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवेज को निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पहले जारी निर्देशों के अनुसार अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल महिला, दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी), वरिष्ठ नागरिक कोटा और ड्यूटी पास कोटा ही लागू किया गया था। अब आपातकालीन कोटा भी जोड़ा गया है। अमृत भारत ट्रेनों में 24 बर्थ (सीट) का आपातकालीन कोटा रिजर्व रहेगा। वंदे भारत स्लीपर में आपातकालीन कोटा विभिन्न श्रेणियों में सप्ताह के दिनों के अनुसार रहेगा। व्यवस्था एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) के आधार पर लागू होगी। रेलवे के अनुसार अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह जोनल रेलवे मांग और सीटों की उपलब्धता के आधार पर समय-समय पर आपातकालीन कोटा की समीक्षा कर सकेगा। नए प्रावधान के तहत वंदे भारत स्लीपर में वेटिंग टिकट और अमृत भारत ट्रेनों में आरएसी/वेटिंग टिकट जारी किए जाएंगे।

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कार्रवाई का विरोध:जयपुर में कल से शराब की दुकानें बंद, ठेकेदार बोले- समय 3 घंटे और बढ़ाएं

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शहर में सोमवार से शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। राज लिकर वेलफेयर सोसायटी ने पर यह निर्णय लिया है। सोसायटी का आरोप है कि पुलिस तय समय से पहले ही जबरदस्ती कर दुकानें बंद कराने पहुंच रही है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार शराब दुकानों का समय सुबह 10 से रात 8 बजे तक है। सोसायटी अध्यक्ष निलेश मेवाड़ा के अनुसार, कई स्थानों पर पुलिस शाम 7:30 बजे ही दुकानें बंद कराने लगती है, जिससे लाइसेंसधारी संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोसायटी ने मांग की है कि दुकानों का संचालन समय 3 घंटे बढ़ाया जाए और पुलिस अनावश्यक हस्तक्षेप न करे। समस्याओं के समाधान के लिए कई बार मौखिक आग्रह किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं होती। इसके विरोध में शहर की सभी शराब दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। मांगों को लेकर आबकारी कमिश्नर से वार्ता कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। राजधानी में 358 शराब की दुकानें

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नगर निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में:11 रेस्टोरेंट्स से पार्किंग समस्या, सिर्फ 1 के पास लाइसेंस, निगम ने उसी को तोड़ा

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चांदपोल बाजार स्थित बाबा हरिश्चंद्र मार्ग पर अवैध रूप से संचालित रेस्टोरेंट्स के मामले में नगर निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल की शिकायत के बाद निगम का दस्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन 11 में से 10 अवैध संचालकों को छोड़कर केवल उस एक दुकानदार पर कार्रवाई की गई, जिसके पास वैध दस्तावेज और फूड लाइसेंस था। पूर्व मेयर ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर बताया था कि उनके निवास के पास करीब 200 मीटर दायरे में 11 रेस्टोरेंट व फूड जोन संचालित हो रहे हैं। इनके पास न पार्किंग व्यवस्था है और न ही सुरक्षा कर्मी, जिससे ग्राहक सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। शिकायत के साथ फोटो और वीडियो भी संलग्न किए गए थे। पत्र में सभी प्रतिष्ठानों के नाम दर्ज करते हुए उल्लेख किया गया था कि केवल ‘संपत नमकीन भंडार’ के पास ही दुकान के वैध दस्तावेज और फूड लाइसेंस है। 29 जनवरी को निगम का अतिक्रमण दस्ता मौके पर पहुंचा। अन्य संचालकों को पूर्व सूचना मिलने के कारण उन्होंने सड़क से अतिक्रमण हटा लिया, जबकि निगम ने केवल लाइसेंसधारी संपत नमकीन भंडार के टीन-शेड और भट्टी हटाकर कार्रवाई की। घटना के बाद पूर्व मेयर ने निगम कमिश्नर गौरव सैनी को लिखित शिकायत दी, लेकिन सुनवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेजी है। नियमों के अनुसार फूड लाइसेंस तभी जारी होता है, जब दुकान के स्वामित्व या पट्टे के दस्तावेज उपलब्ध हों। पूर्व मेयर का कहना था कि शेष प्रतिष्ठान बिना वैध दस्तावेज और बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं। इनकी भेजी थी सूची “बाबा हरिश्चंद्र मार्ग में अतिक्रमण व फूड लाइसेंस के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, उसकी मुझे जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य शाखा ही बता सकती है।”
-बलबीर चौधरी, उपायुक्त किशनपोल जोन “रिहायशी इलाका होने की वजह से बाबा हरिश्चंद्र मार्ग में अधिकतर लोगों के पास फूड लाइसेंस नहीं है, सभी को नोटिस दिए हैं। विजिलेंस ने कार्रवाई भी की है।”
-डॉ. सोनिया अग्रवाल, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

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आकाशदीप ने कहा- सलमान ने मेरी जिंदगी खराब नहीं की:नागिन 7 के एक्टर ने दी ₹5 करोड़ की चुनौती, शो में ड्रैगन बनकर लौटीं कनिका मान

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टीवी का पॉपुलर सुपरनैचुरल शो ‘नागिन’ एक बार फिर नए सीजन के साथ दर्शकों के बीच आ चुका है। एकता कपूर की इस हिट फ्रेंचाइजी ने अब तक छह सफल सीजन पूरे किए हैं और हर बार नए ट्विस्ट, नए किरदार और हाई-टेक प्रेजेंटेशन के साथ दर्शकों को बांधे रखा है। ‘नागिन 7’ में इस बार कहानी और भी बड़े लेवल पर जाती दिख रही है। इच्छाधारी नागिन के साथ-साथ अब शो में इच्छाधारी ड्रैगन की एंट्री हो चुकी है, वहीं एक खतरनाक विलेन के रूप में आकाशदीप सहगल की वापसी ने एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में हमने कनिका मान और आकाशदीप सहगल से खास बातचीत की। दोनों ने अपने किरदार, शो और वापसी को लेकर खुलकर बात की है। नागिन एक बड़ी फ्रेंचाइजी है। क्या आपने पहले कभी सोचा था कि आप इसका हिस्सा बनेंगी? कनिका मान- नागिन अपने आप में एक बहुत बड़ी फ्रेंचाइजी है। इसके अब तक छह सीजन आ चुके हैं और मुझे सभी बहुत पसंद आए हैं। मेरे घर, पड़ोस और रिश्तेदारों में सब लोग नागिन देखते हैं। मुझे ये शो बहुत इंटरेस्टिंग लगता था, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इसका हिस्सा बनूंगी।
एकता कपूर मैम के शो हमेशा अलग लेवल के होते हैं। इस बार मैं इच्छाधारी नागिन नहीं, बल्कि इच्छाधारी ड्रैगन हूं, यही चीज मुझे सबसे ज्यादा एक्साइट कर रही थी। नागिन 7 में आपका लुक और गेटअप काफी चर्चा में है। इस किरदार में खुद को देखकर और इसे निभाते हुए आपको कैसा लग रहा है? आकाशदीप सहगल- ये किरदार चुनौतीपूर्ण भी है और बहुत मजेदार भी। इसका अंदाज बिल्कुल अलग है। इससे पहले मैंने ऐसा कैरेक्टर नहीं निभाया। इसमें एक अलग स्टाइल है, स्वैग है और फ्लो है। शो में मेरे डायलॉग्स बहुत स्ट्रॉन्ग हैं और विलेन का रोल होने की वजह से कई शेड्स खेलने को मिलते हैं, इसलिए इसे निभाने में बहुत मजा आ रहा है। आपका रोल शो में गेम-चेंजर कैसे साबित होगा, इस पर कोई हिंट देंगी? कनिका मान- मेरा कैरेक्टर दूसरे एपिसोड में ड्रैगन के तौर पर इंट्रोड्यूस हुआ है। अब दर्शक देख रहे हैं कि वो किस तरह का इम्पैक्ट लेकर आ रहा है। राधिका की जर्नी एक रोलर-कोस्टर जैसी है उसकी बैकग्राउंड, ड्रैगन बनने तक का सफर और जो सिचुएशंस वो फेस करती है, वो सब बहुत इंटेंस है। कुछ सीन ऐसे हैं कि अगर वो रियल लाइफ में हो जाएं, तो इंसान अंदर से हिल जाए। फैंस पूछते हैं कि आपने वापसी में इतना वक्त क्यों लगाया? आकाशदीप सहगल- सबसे पहले मैं दर्शकों से माफी मांगना चाहता हूं। 2015 में मेरी मां का निधन हो गया था। उसके बाद मैं आत्म-खोज के दौर में चला गया। मुझे ये समझने में समय लगा कि मैं असल में कौन हूं और जिंदगी से क्या चाहता हूं। इस इंडस्ट्री में इंसान काम में इतना उलझ जाता है कि खुद से दूर हो जाता है। सेट पर आपकी और प्रियंका की दोस्ती कैसी रहती है? कनिका मान- हम दोनों गॉसिप टाइप लोग नहीं हैं, लेकिन बातें कभी खत्म ही नहीं होतीं। हमारी दोस्ती 10 साल पुरानी है। हमने एक-दूसरे को अप्स एंड डाउन में देखा है। हम एक-दूसरे को जेनुइनली सपोर्ट करते हैं और एक-दूसरे की ग्रोथ देखकर खुश होते हैं। काफी समय तक ये चर्चा रही कि आपने एक्टिंग से संन्यास ले लिया है और सलमान खान को लेकर भी कई अटकलें लगीं? आकाशदीप सहगल- संन्यास मैंने लिया है, लेकिन वो बाहरी नहीं बल्कि अपने मन के भीतर लिया है। सिर्फ पहाड़ों पर जाकर खड़े हो जाना ही संन्यास नहीं होता। असली मोक्ष तो दुनिया में रहते हुए, जिम्मेदारियों के बीच खुद को समझकर भी पाया जा सकता है। जहां तक सलमान खान से जुड़ी अफवाहों की बात है, तो मैं साफ कहना चाहता हूं कि मैं सलमान से भी उतना ही प्यार करता हूं, जितना शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन से करता हूं। ये कहना कि सलमान ने मेरी जिंदगी खराब की, पूरी तरह गलत है। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा। अगर कोई ऐसा दावा करता है कि मैंने ये बात कही है, तो मैं खुले तौर पर चुनौती देता हूं अगर किसी के पास ऐसा कोई वीडियो या सबूत हो, तो मैं उसे ₹5 करोड़ देने को तैयार हूं। आपका किरदार शो में कितना अहम साबित होने वाला है? आकाशदीप सहगल- ये पूरी तरह दर्शकों पर निर्भर करता है। लेकिन जिस तरह से मेरी एंट्री को पसंद किया गया है, उससे लगता है कि ये किरदार बड़ा होने वाला है। लोग इसे ‘विलेन ऑफ विलेंस’ कह रहे हैं।

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ज्वेलरी से भरा बैग लूटने का मामला:प्रतापनगर में ज्वेलर्स पर हमला, मारपीट कर 50 ग्राम सोना, 7 किलो चांदी लूटी

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प्रतापनगर इलाके में शनिवार रात करीब 8 बजे कार सवार बदमाशों ने एक ज्वेलर पर हमला कर ज्वेलरी से भरा बैग लूट लिया। बदमाशों ने पहले ज्वेलर की कार को ओवरटेक कर रोका, फिर डंडों से शीशे तोड़कर मारपीट की और बैग लेकर फरार हो गए। बैग में 50 ग्राम सोना और 7 किलो चांदी रखी हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश शुरू की। हालांकि देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं लगा था। RUHS के पास वारदात: कार के शीशे तोड़े पुलिस के अनुसार श्योपुर निवासी रामनिवास सोनी की वाटिका में गणपति ज्वेलर्स के नाम से दुकान हैं। शनिवार शाम साढ़े 7 बजे वे दुकान बंद कर कार से घर लौट रहे थे। प्रतापनगर में आरयूएचएस के पास अजय मार्ग पर कार सवार बदमाशों ने उनकी कार को आगे से रोक लिया। इसके बाद डंडों से कार के शीशे तोड़े और मारपीट कर ज्वेलरी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। वारदात के तरीके को देखते हुए शक है कि बदमाश पहले से रैकी कर रहे थे। वारदात के बाद एसएचओ पूरणमल यादव के नेतृत्व में आधा दर्जन टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश कर रही हैं।

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कीजिए भानपुर कलां स्थित एकलिंग अलंकारेश्वर महादेव के दर्शन:जयपुर में सबसे ऊंचा 5.6 फीट का शिवलिंग, 6 टन की शिला से बना

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अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा आश्रम में एकलिंग अलंकारेश्वर महादेव मंदिर की अपनी अलग पहचान है। यहां पाषाण की 6 टन वजनी शिला से निर्मित 5.6 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है। इसकी गोलाई 9.8 फीट है। शिवलिंग निर्माण के लिए पाषाण अलवर जिले के झिरी गांव की खान से लाए थे। 2000 में स्थापना वर्ष की गई थी। शिवलिंग पर सर्प की आकृति भी है। मंदिर परिसर में चैत्र और शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक अखंड रामायण पाठ होते है। प्रत्येक रविवार को भंडारे का आयोजन होता, जिसमें श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन प्रसादी वितरित की जाती है। मंदिर के ऊपर लगभग महाभारत काल की गुफा स्थित है, जहां सिद्ध बाबा ने तपस्या की थी। यह गुफा श्रद्धालुओं के लिए दर्शनीय स्थल है। ऐसे पहुंचे मंदिर
35 किमी शहर से दूर। दिल्ली हाईवे से 8 किमी अंदर भानपुर कलां गांव में है मंदिर। यहां से 1 किमी तक कार से जा सकते हैं, इसके बाद 1 किमी पैदल या बाइक से पहाड़ियों के ऊपर स्थित सिद्ध बाबा आश्रम तक पहुंच सकते हैं। “जयपुर में इस प्रकार की 6 टन शिला से निर्मित शिवलिंग वाला यह एकमात्र मंदिर है।”
-भगवान गुर्जर, साधक सिद्ध बाबा प्राणी ट्रस्ट

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