परमजीत पम्मी, सिंगर से बनी तस्कर:स्टेज शो करती, कोरोना काल में काम ठप हुआ, नशा तस्करी करने लगी; पंजाब पुलिस ने अरेस्ट किया

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पंजाब पुलिस ने ड्रग्स-गैंगस्टरों के खिलाफ शुरू किए ऑपरेशन प्रहार-2 में पंजाबी सिंगर परमजीत कौर पम्मी को भाई के साथ अरेस्ट कर लिया। उनसे 8 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। अब दोनों जेल भेज दिए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद सिंगर पम्मी सुर्खियों में आ गई। पम्मी पहले स्टेज शो करती थी। कुछ गाने भी रिलीज हुए। मगर, कोरोना काल में उसका सारा काम चौपट हो गया। इनकम बंद हुई तो वह अपनी मां-बहन के नशा तस्करी के धंधे में उतर गई। इसके बाद ड्रग ओवरडोज से युवक की मौत को लेकर गिरफ्तार हुई और जेल गई। जब वह बाहर निकली तो सुधरने के बजाय सिंगिंग छोड़ फिर से नशा तस्करी के धंधे में उतर आई। उसने अपने भाई को भी इसमें शामिल कर लिया। इस दौरान ब्रेकअप हुआ तो उसने शादी नहीं की। लुधियाना की रहने वाली परमजीत पम्मी सिंगर से तस्कर कैसे बनी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पम्मी के सिंगर से तस्कर बनने की पूरी कहानी जानिए… पम्मी का परिवार करता रहा नशा तस्करी
परमजीत पम्मी लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब स्थित रहीमाबाद खुर्द की रहने वाली है। पम्मी पंजाबी सिंगर के तौर पर अपना करियर डेवलप कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ उसका परिवार नशा तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। पम्मी की मां व बहन पर नशा तस्करी के तीन-तीन मामले दर्ज हैं। वहीं पम्मी की बहन बेअंत कौर पर तो हत्या का मामला भी दर्ज हो चुका है। पम्मी की बहन बेअंत कौर ने परिवार में सबसे पहले नशा तस्करी का काम शुरू किया। उस समय पम्मी पूरी तरह से सिंगिंग की दुनियां में व्यस्त थी। बेअंत कौर और उसकी मां पर 17 अगस्त 2018 में पहला पर्चा दर्ज हुआ। दूसर पर्चा 28 फरवरी 2020 में दर्ज हुआ। कोविड में स्टेज प्रोग्राम बंद हुए तो तस्करी में लगी
पम्मी ने बताया कि कोविड के दौरान स्टेज शो व अखाड़े लगने बंद हो गए। जिससे उसकी आमदनी पूरी तरह से बंद हो गई। परिवार पर डिपेंड थी तो बहन ने उसे भी नशा तस्करी करने को कहा। कोविड के दौरान पम्मी की बहन के साथ उसकी मां ने भी नशा तस्करी करनी शुरू कर दी। इसी बीच आर्थिक संकट से गुजर रही पम्मी भी मां व बहन के साथ नशा तस्करी करने लगी। परमजीत कौर पम्मी की बहन बेअंत कौर ने कुछ समय पहले ही अपने घर में नशा देकर युवक को मौत के घाट उतार दिया था। बेअंत के घर जब टीका लगाने से युवक की मौत हुई थी तो शव घर के बाहर फेंक दिया था। पुलिस ने कत्ल केस में बेअंत कौर को गिरफ्तार किया था। बेअंत कौर के खिलाफ 19 जुलाई 2022 में हत्या का मामला दर्ज हुआ और वो गिरफ्तार हो गई। ओवरडोज से युवक की मौत हुई तो जेल जाना पड़ा
माछीवाड़ा पुलिस का कहना है कि जब पम्मी की बहन जेल गए तो उसने नशा तस्करी के कारोबार को संभाला। मां के साथ मिलकर पम्मी नशा तस्करी करते रहे। माछीवाड़ा में 30 जुलाई 2023 को एक युवक की नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच की तो कुलदीप नाम के युवक पर नशा देने के आरोप लगे। कुलदीप ने नशा पम्मी से लिया था। पुलिस ने तब पम्मी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया और पम्मी व कुलदीप को गिरफ्तार किया। जेल से छूटने के बाद फिर नशा बेचने लगी
कुछ महीने जेल में रहने के बाद पम्मी जमानत पर बाहर आई और उसने फिर से नशा तस्करी का काम शुरू कर दिया। पम्मी चिट्‌टा लेकर युवकों को देती और वो आगे सप्लाई करते थे। पम्मी ने नशे के कारोबार को अब पूरी तरह से अपने हाथ में ले लिया था। इस काम में अब उसने अपने भाई को भी शमिल कर दिया। सोमवार को प्रहार-2 के दौरान पुलिस ने माछीवाड़ा साहिब में कोहाड़ा रोड स्थित अडियाना बस स्टैंड के पास पम्मी व उसके भाई सरवन को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। पम्मी की पर्सनल लाइफ के बारे में जानिए… जालंधर दूरदर्शन पर पम्मी का गीत हुआ था प्रसिद्ध
परमजीत पम्मी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उसका एक गाना ‘ कई दिन हो गए तैनू फोन मैं मिलौंदी ‘ जालंधर दूरदर्शन पर चलने के बाद वो काफी प्रसिद्ध हुआ था और उस के बाद एक गायक के साथ मिलकर उसने कई अखाड़े भी लगाए व उसी गायक के साथ एक धार्मिक एल्बम और कई पंजाबी गाने भी गाए। कोविड से पहले पम्मी ने एक धार्मिक एल्बम रिकार्ड की गई थी। एल्बम रिलीज होने से पहले कोविड शुरु हो गया और कंपनी ने वो एल्बम रिलीज नहीं की। जिसके कारण उसे भारी नुकसान झेलना पड़ा। प्यार में भी धोखा मिला तो नहीं की शादी
पम्मी ने बताया था कि गायकी दौरान उसका एक युवक के साथ अफेयर भी चला था और वो युवक एक अच्छा दोस्त भी बन गया था परन्तु यह दोस्ती अधिक समय तक ना चली और एक साल के बाद ही ब्रेकअप हो गया। माछीवाड़ा साहिब के थाना तक भी यह मामला पहुंच गया था और हमने आपसी सहमति से दूरियां बना ली थी। मैंने कभी विवाह भी नहीं किया। पम्मी और बेअंत कौर से भी इनकी एक छोटी बहन भी है, जो के घर में पीर बाबा की चौंकी लगाया करती थी। जिस कारण कई लोग उनके घर में माथा टेकने भी आते थे।

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ट्रांसफर पॉलिसी में चालकों की पदोन्नति की राह खुली:3 बार बिना टिकट यात्रा कराने पर 5 साल डिपो में नियुक्ति नहीं

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राजस्थान रोडवेज में ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। अब सभी स्थानांतरण तय नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर होंगे। पॉलिसी में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई और ईमानदार कर्मियों को प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। पॉलिसी के अनुसार बिना टिकट यात्रियों को ले जाने, कार्यस्थल पर शराब या मादक पदार्थों के सेवन और स्टेपनी के दुरुपयोग जैसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कंडक्टरों पर सख्त कार्रवाई होगी। तीन या उससे अधिक बार बिना टिकट यात्रा कराते पाए जाने वाले कंडक्टरों को निलंबित किया जाएगा। निलंबन के बाद ऐसे कंडक्टर को 5 साल तक उसी डिपो और 3 साल तक उसी जोन में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। गंभीर प्रकरणों में लिप्त अन्य कार्मिकों पर भी यही प्रावधान लागू होगा। ​​​किसी भी कार्मिक का दो साल से पहले तबादला नहीं किया जाएगा। जिन कंडक्टरों की सेवानिवृत्ति में 12 माह या उससे कम समय शेष है, उन्हें आवेदन पर गृह जिले या नजदीकी डिपो में स्थानांतरण दिया जाएगा। ड्राइवरों को सहायक यातायात निरीक्षक (यांत्रिक) पद पर पदोन्नत का प्रस्ताव है। ऐसे में 54 वर्ष की उम्र और 27 साल की सेवा पूरी कर चुके ड्राइवर पदोन्नत हो सकेंगे। हालांकि, गृह जिले में तबादले के बाद यदि कोई कंडक्टर बिना टिकट, भ्रष्टाचार या गबन के प्रकरण में लिप्त पाया गया तो उसे निलंबित कर दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। टारगेट से अधिक राजस्व लाने वाले और जिनके खिलाफ कोई रिमार्क नहीं है, ऐसे कंडक्टरों को स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए पदोन्नति का रास्ता भी खोला गया है। “ट्रांसफर-पोस्टिंग पॉलिसी लाूग हो गई है। अब इसी के आधार पर स्थानांतरण होंगे। ड्राइवरों की पदोन्नति का प्रस्ताव बोर्ड से पास होकर सरकार को भेजा गया है।”
-पुरुषोत्तम शर्मा, एमडी, रोडवेज

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ट्रंक लाइन पेट्रोलिंग पर हर माह 18 लाख खर्च:मोहनगढ़ लिफ्ट परियोजना की पाइप लाइन लीक, 2 दिन सप्लाई बंद रहेगी

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बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की गूंगा व बड़ोड़ा गांव के पास मुख्य पाइप लाइन लीकेज होने से दो दिन का शटडाउन लिया गया है। ऐसे में बाड़मेर व बालोतरा के लिए होने वाली नहरी पानी की सप्लाई दो दिन बाधित रहेगी। परियोजना के तहत मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पहुंचने वाली मुख्य पाइप में लीकेज होने के चलते पिछले 4 महीने में 16 बार शटडाउन लिए जा चुके हैं। विभाग की ओर से ट्रंक लाइन की देखरेख पर मासिक 18 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी ट्रंक लाइन में बार-बार लीकेज हो रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही व संबंधित फर्म के अधूरे मेंटेनेंस कार्य के चलते जैसलमेर, बाड़मेर व बालोतरा की जनता परेशान है। पीएचईडी नगरखंड एक्सईएन बिजेंद्र प्रसाद मीणा का कहना है कि नहरी पानी के बाड़मेर जीरो पॉइंट तक नहीं पहुंचने से बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में बुधवार व गुरुवार दो दिन सप्लाई बंद रखी जाएगी। वहीं दूसरी ओर फर्म की ओर से ट्रंक लाइन की मॉनिटरिंग भी समय पर नहीं होने से बाड़मेर तक पहुंचने वाले 20% से 25% पानी की चोरी हो रही है। ऐसे में बाड़मेर शहर सहित आसपास के गांवों में सर्दियों में भी जल संकट बना है। चार माह में लीकेज के कारण 16 बार शटडाउन फर्म की लापरवाही के चलते बार-बार ट्रंक लाइन में लीकेज, पेट्रोलिंग के अभाव में न तो पानी पहुंच रहा है और न ही चोरी रोकी जा रही है। पीएचईडी परियोजना खंड मोहनगढ़ ट्रंक लाइन मेंटेनेंस के नाम पर अक्टूबर 25 से फरवरी तक 16 दिन शटडाउन ले चुका है। अक्टूबर में तीन बार लाइन फूटने के कारण शटडाउन लिया गया। अक्टूबर 4, 5 तथा 31 को नहर बंद रही। नवंबर में चार दिन नहर बंद रखी गई। नवंबर 1, 2, 3 तथा 28 को पानी बंद रहा। दिसंबर में 7 दिन शटडाउन लिया गया। नवंबर 4, 5, 14, 15, 16, 17, 18 को शटडाउन लिया गया। बीकेजी में पाइप लाइन फूटने तथा गैसकेट फटने से 5 दिन लगातार पानी सप्लाई बंद रखी गई। अब मोहनगढ़ से भागू का गांव में ट्रंक लाइन लीकेज के चलते दो दिन शहर में पानी नहीं पहुंचेगा। शहर में चार महीने से पानी का अंतराल एक-दो दिन के स्थान पर 6 से 7 दिन का जारी है।

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स्वास्थ्य से खिलवाड़:कागजों में 71 की मान्यता, गांवों में 300 से ज्यादा अस्पताल फर्जी डॉक्टर चला रहे

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कागजों पर सिर्फ 71 अस्पताल, लेकिन हकीकत में 300 से ज्यादा अवैध क्लिनिक। यह आंकड़ा किसी तरक्की का नहीं, बल्कि बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में फैलते झोलाछाप अस्पतालों का है। भास्कर स्टिंग में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रूह कंपाने वाली हैं क्योंकि बिना डिग्री के फर्जी डॉक्टर सरकारी अस्पताल के ठीक सामने चारपाई पर ड्रिप चढ़ा रहे हैं। हाल ये है कि बाड़मेर जिले में फर्जी डॉक्टरों ने गांवों के गली-मोहल्लों तक अवैध क्लिनिक खोल रखे हैं और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की जिंदगी से इलाज के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रसूताओं की जांच से लेकर प्रसव तक अवैध क्लिनिक पर करवाए जा रहे हैं। भूणिया में पीएचसी के सामने मेडिकल स्टोर पर रोज सुबह होते ही मरीजों के लिए बेड लग जाते हैं। ऐसे ही हालात बामणोर सीएचसी की नवीन बिल्डिंग के सामने के है। यहां 100 मीटर में करीब 5-7 अवैध क्लिनिक हैं। बड़े अक्षरों में अस्पताल का नाम भी लिख रखा है। भूणिया, बामणोर सहित कई गांवों में मान्यता प्राप्त अस्पताल एक भी नहीं है। सेड़वा, बाखासर, सांता, चौैहटन, धनाऊ, रामसर, गडरारोड, गागरिया, शिव, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना, तालसर सहित करीब 140 से ज्यादा गांवों में बड़े स्तर अवैध क्लिनिक संचालित हो रहे हैं। सरकारी अस्पताल के सामने ही अवैध क्लिनिक भास्कर टीम जब भूणिया पीएचसी पहुंची, तो यहां का नजारा सरकारी सिस्टम को चुनौती देने वाला था। एक तरफ सरकारी अस्पताल है, तो ठीक उसके सामने मेडिकल स्टोर के बाहर मरीजों के लिए चारपाइयां बिछी हुई थीं। बिना किसी डिग्री के धूल और मक्खियों के बीच मरीजों की रगों में सीधे ड्रिप उतारी जा रही थी। जबकि यहां से रोज स्वास्थ्य अधिकारी निकलते हैं। बाहर मेडिकल स्टोर, अंदर अस्पताल यह तस्वीर भूणिया की है, जहां बाहर तो मेडिकल स्टोर का नाम लिखा है, लेकिन अंदर पहुंचते हैं तो पीछे पूरा अस्पताल है। यहां खुलेआम फर्जी डॉक्टर मरीजों की जिंदगी से खेल रहे हैं। इसी तरह भूणिया में सोनू मेडिकल, गोदारा मेडिकल, चौधरी मेडिकल, श्रीराम मेडिकल, बालाजी लेबोरेट्री सहित कई अवैध क्लिनिक चला रहे है, यह सब मेडिकल स्टोर की आड़ में ही संचालित हो रहे हैं। बामणोर सीएचसी के सामने चल रहे कई अवैध अस्पताल यह तस्वीर बामणोर सीएचसी की नवीन बिल्डिंग के सामने की है। जहां 100 मीटर में करीब एक दर्जन अवैध क्लिनिक, अस्पताल है। खुलेआम मरीजों को बेड पर लिटाया हुआ है। यहां तक की कई मेडिकल स्टोर के साथ अस्पताल भी खोल रखे हैं। ओपीडी के साथ वार्ड भी बनाए हुए हैं और उनमें मरीज भर्ती हैं। भास्कर टीम जब शटर वाली दुकान में पहुंची तो अंदर दो मरीजों को ड्रिप चढ़ रही थी। ​यहां अस्पताल ही नहीं, अवैध लेबोरेट्री भी चल रही है। बाहर सीमेंट के दुकान का कलर है, लेकिन अंदर अस्पताल है। 71 अस्पताल ही मान्य भास्कर ने अस्पतालों को लेकर पड़ताल की तो सामने आया कि जिले में 71 अस्पताल ही मान्यता प्राप्त है। बाड़मेर शहर में 37, चौहटन में 7, गुड़ामालानी में 6, धनाऊ में 3, शिव में 2, धोरीमन्ना में 4, सेड़वा में 4, रामसर में 3, मांगता, नोखड़ा, सनावड़ा, गडरारोड में 1-1 अस्पताल हैं। ये अस्पताल कस्बों के आसपास खुले हैं। इनके अलावा विभाग के रिकार्ड में किसी को मान्यता प्राप्त नहीं है। अवैध क्लिनिकों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट और एनएमसी एक्ट में कार्यवाही और एफआईआर दर्ज करवाने का प्रावधान है। शहर में सिर्फ 6 लेबोरेट्री, गांवों में एक को भी नहीं बाड़मेर शहर में लक्की, हरि दयालु, महालक्ष्मी, उषा, महावीर व भारत 6 लेबोरेट्री को मान्यता दी गई है। इनके अलावा गांवों में कोई भी लेबोरट्री स्वास्थ्य विभाग से अधिकृत नहीं है। सिस्टम से ये 2 ​तीखे सवाल 1. सरकारी अस्पताल के सामने अवैध क्लिनिक चल रहे हैं, क्या विभाग को ये नजर नहीं आता?
2. बिना डिग्री के प्रसव करवा रहे हैं, अगर किसी जच्चा-बच्चा की जान गई तो जिम्मेदार कौन होगा? “कई बार अवैध क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई कर सीज भी किए हैं। यह ड्रग इंस्पेक्टर और मूल विभाग का काम है। अब अभियान चलाकर कार्यवाही करेंगे।” -डॉ. विष्णुराम विश्नोई, सीएमएचओ, बाड़मेर।

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सीएम भजनलाल शर्मा अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगे:पिछली घोषणाएं अधूरी: सिटी बस से पेयजल तक कई प्रोजेक्ट फाइलों में

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सीएम भजनलाल सरकार का तीसरा बजट बुधवार को आने वाला है, जिसको लेकर भरतपुर की जनता को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जारी किए जा रहे रिपोर्ट कार्ड में भले ही उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त गिनाई जा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। बजट घोषणाओं में शामिल कई योजनाएं आज भी फाइलों में अटकी पड़ी हैं, जबकि कुछ योजनाएं आधी-अधूरी हालत में ही छोड़ दी गई हैं। वहीं, योजनाओं की मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन की कमी के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई विभागों में समन्वय की कमी भी बड़ी वजह बन रही है। दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि अधिकांश योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं और जल्द ही धरातल पर नजर आएंगी। पिछले दो बजट में सरकार कई अहम और बड़ी योजनाओं की घोषणा कर भूल गई। भरतपुर जिले के लोग अब भी पिछली दो बजट घोषणाओं के अधूरे वादों का हिसाब मांग रहे हैं। सिटी बस सेवा, शहरी पेयजल परियोजना, पाइप लाइन बदलाव और सड़क सुरक्षा जैसे करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। हालात ये हैं कि 2024-25 और 2025-26 के बजट में घोषित कई बड़े काम कागजों से बाहर ही नहीं निकल सके, जबकि नई घोषणाओं की तैयारी हो चुकी है। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की पिछली बजट घोषणाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बजट 2024–25 में पीडब्ल्यूडी के तहत 163 निर्माण कार्यों की घोषणा की गई थी। इनमें से 120 कार्य पूरे हो चुके हैं, 38 कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 5 कार्य अड़चनों के कारण अब भी लंबित हैं। मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2025–26 के तहत शुरू किए गए कई बड़े प्रोजेक्ट्स में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है। अधूरे और लंबित प्रोजेक्ट (जो सिर्फ कागजों तक सीमित) प्रगति पर हैं ये प्रोजेक्ट (जिनका काम अभी जारी है ) “बजट घोषणा 2024–25 के तहत पीडब्ल्यूडी में घोषित 163 कार्यों में से 120 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि शेष 38 कार्य अंतिम चरण में हैं। बजट घोषणा 2025–26 के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को शुरू करा दिया गया है और सभी परियोजनाएं निर्धारित योजना के अनुसार प्रगति पर हैं।”
-आर.सी. मीना, अधीक्षण अभियंता (एसई), सार्वजनिक निर्माण विभाग

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Rashid Khan; SA Vs AFG T20 World Cup 2026 LIVE Score Update

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स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले

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टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का 13वां मुकाबला आज साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच सुबह 11:00 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 10:30 बजे किया जाएगा। दोनों टीमें ग्रुप-डी में शामिल हैं और यह मुकाबला सुपर-8 की रेस के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

पिछले टी-20 वर्ल्ड कप (2024) में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था। दोनों टीमों के बीच पहला सेमीफाइनल खेला गया था, जिसमें साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को महज 56 रन पर ऑलआउट कर दिया था। इसके बाद साउथ अफ्रीकी टीम ने टारगेट को 9वें ओवर में ही हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की थी।

अफगानिस्तान अपना पहला मैच हारा अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अहम है, क्योंकि टीम को अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस मैच में हार उनके सुपर-8 में पहुंचने की राह मुश्किल कर सकती है।

वहीं साउथ अफ्रीका ने कनाडा के खिलाफ जीत के साथ टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की है, जिसमें कप्तान ऐडन मार्करम और डेविड मिलर का अहम योगदान रहा। टीम ने इस टूर्नामेंट का बेस्ट स्कोर 213 रन बनाया था। अगर साउथ अफ्रीका यह मुकाबला जीतने में सफल रहता है, तो उसका सुपर-8 में क्वालिफाई करना काफी आसान हो जाएगा।

SA के खिलाफ कभी नहीं जीती AFG

साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच अब तक टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 3 मुकाबले खेले गए हैं। इन सभी मैचों में साउथ अफ्रीका ने जीत दर्ज करते हुए अपना दबदबा बनाए रखा है। अफगानिस्तान को अब तक साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। ये तीनों मुकाबले वर्ल्ड कप (2010, 2016 और 2024) में खेले गए हैं।

मार्करम ने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था साउथ अफ्रीका के कप्तान ऐडन मार्करम ने कनाडा के खिलाफ 32 गेंदों पर 59 रन बनाए थे। वह एक बार फिर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाना चाहेंगे। तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने उस मैच में 31 रन देकर 4 विकेट लिए थे। वहीं पिछले वर्ल्ड कप के बाद से रायन रिकेल्टन ने टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं।

इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

  • क्विंटन डी कॉक टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने से सिर्फ 61 रन दूर हैं। वे 3000 टी-20 इंटरनेशनल रन पूरे करने वाले साउथ अफ्रीका के पहले बल्लेबाज बन सकते हैं।
  • अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान अपने करियर के एक और बड़े मुकाम के बेहद करीब हैं। राशिद अब तक टी-20 क्रिकेट में 697 विकेट ले चुके हैं और 700 विकेट पूरे करने के लिए उन्हें सिर्फ 3 और विकेट की जरूरत है।

गुलबदीन नाईब से फिर होंगी उम्मीदें अफगानिस्तान के गुलबदीन नाईब ने अपने पिछले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 35 गेंदों में 63 रन बनाए थे। मुजीब उर रहमान ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए थे। इब्राहिम जादरान पिछले वर्ल्ड कप के बाद से टीम के टॉप स्कोरर हैं।

पिच रिपोर्ट नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बैटिंग फ्रेंडली है। यहां हाई स्कोरिंग मैच होते हैं। यहां अब तक 9 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। इसमें 6 में पहले बैटिंग करने वाली और 3 में चेज करने वाली टीम को जीत मिली। यहां 3 बार पहली पारी में 220 से ज्यादा रन का स्कोर बन चुका है। यहां पहली पारी में एवरेज स्कोर 191 है।

वेदर कंडीशन सोमवार को अहमदाबाद का मौसम गर्म रहेगा। दिन के दौरान आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी, जिससे तापमान थोड़ा ज्यादा रह सकता है। शाम होते-होते मौसम थोड़ा ठंडा हो जाएगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान 18 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

पॉसिबल प्लेइंग-11 अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, दारविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नाईब, राशिद खान (कप्तान), फजलहक फारूकी, जियाउर रहमान और मुजीब उर रहमान।

साउथ अफ्रीका: ऐडन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक, रायन रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यानसन, कोर्बिन बॉश, कगिसो रबाडा, केशव महाराज और लुंगी एनगिडी।

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कामां थाना क्षेत्र का मामला:बेटी की शादी से 9 दिन पहले मां की मौत चारा लेकर घर लौटते समय लगा था करंट

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कामां थाना क्षेत्र के गांव नगला हरसुख (पाछौल) में बेटी की शादी से महज 9 दिन पहले एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। खेत से हरा चारा लेकर घर लौट रही महिला सरसों के खेत में टूटे पड़े 11 हजार केवी बिजली के तार की चपेट में आ गई। हादसे के बाद परिवार की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
मिली जानकारी के अनुसार नगला हरसुख (पाछौल) निवासी समय सिंह गुर्जर की 40 वर्षीय पत्नी संजो गुर्जर मंगलवार दोपहर खेत से चारा लेकर लौट रही थी। इसी दौरान खेत में टूटे पड़े बिजली के तार से करंट लग गया। पास ही सिंचाई कर रहे पति समय सिंह और ग्रामीणों ने महिला को तार से अलग कर तुरंत कामां अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर राजपाल यादव ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। बताया गया है कि संजो की बेटी पूजा और उनके बड़े भाई पूरन सिंह की बेटी रोशनी की शादी 19 फरवरी को होनी थी। 13 फरवरी को दोनों की लग्न-सगाई बरसाना थाना क्षेत्र के गांव डभारा में तय थी। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सूचना पर भी विभाग ने नहीं की सुनवाई संजो गुर्जर की करंट से मौत ने बिजली विभाग की लापरवाही उजागर कर दी। गांव के बंध वाले जंगल में परिवार के 3 ट्यूबवेलों के लिए निकली 11 हजार केवी लाइन के क्रॉसिंग पाइंट पर स्पार्किंग हुई और तार सरसों के खेत में गिर गया। फसल में तार दिखाई नहीं दिया और महिला चपेट में आ गई। ग्रामीणों ने बताया विभाग ने शिकायत पर भी सुनवाई नहीं की।

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T20 World Cup 2026 Run-Out Rule Change

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स्पोर्ट्स डेस्क10 मिनट पहले

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टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अंपायरिंग से जुड़ा एक अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार हर रन-आउट अपील के लिए थर्ड अंपायर की मदद नहीं ली जा रही है।

जिन मामलों में रन-आउट साफ और स्पष्ट नजर आता है, वहां फील्ड अंपायर खुद ही आउट या नॉट-आउट का फैसला सुना रहे हैं। ICC ने यह बदलाव मैच की रफ्तार बनाए रखने और अंपायरिंग फैसले को और ज्यादा इम्पैक्टफुल बनाने के लिए किया है।

टी-20 वर्ल्ड कप के 7वें मैच में इटली के गेंदबाज स्कॉटलैंड के ब्रेंडन मैकमुलेन को रनआउट करते हुए।

टी-20 वर्ल्ड कप के 7वें मैच में इटली के गेंदबाज स्कॉटलैंड के ब्रेंडन मैकमुलेन को रनआउट करते हुए।

इसे दो उदाहरण से समझिए…

1. उस्मान-शाहीन कन्फ्यूजन, तुरंत दिया गया फैसला

अमेरिका के खिलाफ पाकिस्तान की पारी के आखिरी ओवर में लगातार दो रन-आउट देखने को मिले। 19.4 ओवर में सौरभ नेत्रवलकर ने ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ गेंद डाली। उस्मान खान बल्ला नहीं लगा सके और गेंद सीधे विकेटकीपर के पास चली गई। इसी बीच शाहीन अफरीदी ने सिंगल के लिए कॉल कर दिया।

उस्मान ने रिस्पॉन्स नहीं किया और दोनों बल्लेबाज एक ही छोर पर पहुंच गए। स्थिति बिल्कुल साफ थी, बल्लेबाज क्रीज से बाहर थे। फील्ड अंपायर ने बिना किसी रेफरल के तुरंत उस्मान को रन-आउट दे दिया।

2. तीसरे रन का जोखिम, अबरार आउट

19.6 ओवर में पाकिस्तान को एक और झटका लगा। इस बार शाहीन अफरीदी ने फुल डिलीवरी को डीप मिड-विकेट की ओर स्लॉग किया। 2 रन आसानी से पूरे हो गए, लेकिन तीसरे रन की कोशिश में जोखिम भारी पड़ गया।

डीप मिड-विकेट से तेज थ्रो सीधे कीपर एंड पर आया। शाहीन ने रन पूरा किया, लेकिन स्ट्राइकर एंड पर मौजूद अबरार अहमद क्रीज में नहीं पहुंच सके। विकेटकीपर ने गेंद स्टंप्स को मारी और फील्ड अंपायर ने आउट का फैसला सुना दिया।

पाकिस्तान के अबरार अहमद शून्य के स्कोर पर रनआउट हो गए।

पाकिस्तान के अबरार अहमद शून्य के स्कोर पर रनआउट हो गए।

पहले लगभग हर अपील जाती थी थर्ड अंपायर के पास

पुराने नियम में रन-आउट की लगभग हर अपील थर्ड अंपायर को रेफर कर दी जाती थी। फील्ड अंपायर सीधे टीवी अंपायर की मदद लेते थे और रिप्ले देखकर अंतिम फैसला सुनाया जाता था। इससे कई बार ऐसे मामलों में भी खेल रुकता था, जहां नतीजा पहले से स्पष्ट होता था।

पहले अधिकतर रन-आउट अपील थर्ड अंपायर के पास जाती थी।

पहले अधिकतर रन-आउट अपील थर्ड अंपायर के पास जाती थी।

अब जिम्मेदारी हालात के हिसाब से दी

नए सिस्टम में जिम्मेदारी को सिचुएशन के हिसाब से बांटा गया। अगर बल्लेबाज क्रीज से काफी बाहर हो, बैट लाइन के पीछे न पहुंचा हो, थ्रो के समय स्थिति साफ दिख रही हो, ऐसे में फील्ड अंपायर बिना रेफरल के फैसला दे सकता है।

लेकिन अगर मामला करीबी हो, बैट हवा में था या जमीन पर, बेल्स कब गिरीं, फ्रेम-टू-फ्रेम जांच की जरूरत हो तो निर्णय थर्ड अंपायर को भेजा जाता है।

मैच की रफ्तार पर दिखा असर

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर मैच की गति पर पड़ा है। अनावश्यक रेफरल कम होने से समय की बचत हो रही है और मैच का नैचुरल टेम्पो बना रहता है। ICC का मानना है कि स्पष्ट मामलों में ऑन-फील्ड निर्णय खेल को ज्यादा फ्लो में रखता है, जबकि करीबी फैसलों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल संतुलन बनाए रखता है।

हालांकि, इस प्रयोग को लेकर बहस भी जारी है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी के दौर में हर रन-आउट को स्क्रीन पर देखना ज्यादा सुरक्षित तरीका हो सकता है, क्योंकि इससे मानवीय गलती की संभावना कम हो जाती है।

USA की टीम उस्मान खान को आउट करने के बाद सेलिब्रेट करती हुईं।

USA की टीम उस्मान खान को आउट करने के बाद सेलिब्रेट करती हुईं।

———————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नामीबिया के खिलाफ अभिषेक का खेलना मुश्किल

नामीबिया के खिलाफ भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा का खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। मंगलवार को मैच से दो दिन पहले दिल्ली में टीम इंडिया का पहला ट्रेनिंग सेशन हुआ, लेकिन अभिषेक मैदान पर दिखाई नहीं दिए। बताया जा रहा है कि वे पेट से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं और अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं। पढ़िए पूरी खबर…

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पानी में खतरनाक फ्लोराइड और नाइट्रेट मिला:प्रदेश के 6 हजार से ज्यादा गांवों के पानी में हानिकारक रसायन

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प्रदेश के 6 हजार से ज्यादा गांवों का पानी गुणवत्ता में खराब पाया गया है। उसमें कई प्रकार के हानिकारक रसायनों की मात्रा मिली है। सबसे ज्यादा गांवों में स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक फ्लोराइड और नाइट्रेट मिला है। इसका टीडीएस बढ़ा हुआ है। जलशक्ति मंत्रालय की वर्ष 2025–26 की गुणवत्ता रिपोर्ट में 6211 गांवों से लिए पानी के सैंपल में रासायनिक और बैक्टीरिया मिले हैं। पूरे प्रदेश में 1193 गांवों में फ्लोराइड और 1708 गांवों में नाइट्रेट की मात्रा अधिक पाई गई है। 62 गांवों में पीएच, 1198 गांवों में टीडीएस बढ़ा हुआ, 21 गांवों से लिए गए नमूनों में अन्य प्रकार की गंदगी पाई गई। नागौर, डीडवाना-कुचामन और बाड़मेर में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। नागौर जिले के 32 गांवों के पानी में पीएच, 171 में टीडीएस, 147 में क्लोराइड, 115 में फ्लोराइड और 134 में नाइट्रेट मिला है। डीडवाना के 133 गांवों में टीडीएस, 103 में क्लोराइड, 120 में फ्लोराइड और 135 गांवों के पानी में नाइट्रेट की मात्रा मिली है। इसी तरह बाड़मेर के 171 गांवों में टीडीएस, 132 गांवों में क्लोराइड, 113 गांवों में फ्लोराइड व 160 गांवों के पानी में नाइट्रेट की मात्रा पाई गई है। बाड़मेर से ही अलग होकर बने नए जिले बालोतरा के भी 200 गांवों के पानी से लिए नमूनों में हानिकारक पदार्थ मिले हैं। टोंक के 272 गांवों में पानी अशुद्ध मिला है। इसी तरह बीकानेर के 52 गांवों में खारापन और 69 में नाइट्रेट की समस्या है, जबकि चूरू के 68 गांवों में नाइट्रेट और 51 में फ्लोराइड पाया गया। सीकर जिला पूरे प्रदेश में नाइट्रेट के मामले में सबसे खराब है। यहां सर्वाधिक 204 गांवों का पानी इस रसायन से दूषित है। अन्य जिलों में दौसा, झुंझुनूं, जयपुर, जालोर, कोटा, टोंक इत्यादि जिलों के भी दर्जनों गांवों में इस तरह की समस्या है। कोटा के 98 गांवों में नाइट्रेट और 43 में टीडीएस की समस्या मिली है। बारां के 46 गांव, टोंक के 66 गांव, झुंझुनूं के 170 गांव, पाली के 32 गांव, जालोर के 71 गांव, जोधपुर के 24 गांव के लोग पानी में नाइट्रेट की समस्या से परेशान हैं। उदयपुर के 42 गांवों में फ्लोराइड का असर है। यह रिपोर्ट उन्हीं गांवों के सर्वे की है, जहां से केंद्रीय टीम ने सैंपल लिए थे। 12 जिलों के गांवों के पानी में जीरो टीडीएस प्रदेश के 41 जिलों में अजमेर, बांसवाड़ा, ब्यावर, बूंदी, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, प्रतापगढ़ ऐसे जिले हैं, जहां के गांवों में पानी के नमूनों में बिल्कुल टीडीएस नहीं मिला है। अन्य हानिकारक तत्व भी नहीं मिले हैं। इसी तरह धौलपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जैसे जिलों में भी टीडीएस या फ्लोराइड की मात्रा बहुत कम मिली है।

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साइफर्ट-एलन ने सबसे बड़ी साझेदारी की:दोनों के 100 सिक्स भी पूरे, पाकिस्तान ने 16 ओवर स्पिनर्स से फिंकवाए; रिकॉर्ड्स

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टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को खेले गए मुकाबलों में पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और नीदरलैंड ने जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड की ओर से टिम साइफर्ट और फिन एलन ने इतिहास रच दिया। दोनों ने टी-20 वर्ल्ड कप में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी कर डाली। खास बात यह भी रही कि इस मैच के दौरान दोनों बल्लेबाजों ने अपने-अपने 100 टी-20 छक्के भी पूरे किए। वहीं पाकिस्तान ने अमेरिका को 32 रन से हराया। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने 16 ओवर स्पिनर्स से ही गेंदबाजी करवाई। पढ़िए तीनों मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… NAM Vs NED पहला मैच 1. इरास्मस ने नामीबिया के लिए टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा कैच लपके नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने टी-20 वर्ल्ड कप में टीम के लिए सबसे ज्यादा कैच लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इरास्मस ने 16 मैचों में कुल 7 कैच लपके। इससे पहले यह रिकॉर्ड माइकल वैन लिंगेन के नाम था। उन्होंने 13 मैच में 6 कैच लिए थे। UAE Vs NZ दूसरा मैच 2. साइफर्ट-एलन ने टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी साझेदारी की टी-20 वर्ल्ड कप में टिम साइफर्ट और फिन एलन की जोड़ी ने इतिहास रच दिया। दोनों ने UAE के खिलाफ चेन्नई में पहले विकेट के लिए नाबाद 175 रन जोड़े, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इस जोड़ी ने 2022 में जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की 170* रन की पार्टनरशिप का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। 3. साइफर्ट-एलन के 100 टी-20 सिक्स पूरे न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टिम साइफर्ट और फिन एलन ने टी-20 इंटरनेशनल में अपने-अपने 100 सिक्स पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ दोनों कीवी टीम के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इस सूची में मार्टिन गप्टिल 173 छक्कों के साथ टॉप पर हैं, जबकि कॉलिन मुनरो और ग्लेन फिलिप्स क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। 4. फिलिप्स के एक ओवर में 27 रन बने टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स के नाम अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। UAE के खिलाफ चेन्नई में उनके एक ओवर में 27 रन बने, जो फुल मेंबर टीम के गेंदबाज द्वारा किसी एसोसिएट टीम के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे महंगा ओवर है। इससे पहले काइल एबॉट, तबरेज शम्सी और जोफ्रा आर्चर के ओवर में 22-22 रन बने थे, लेकिन फिलिप्स का ओवर इन सभी से आगे निकल गया। एसोसिएट टीम यानी ऐसी टीमें जो ICC की फुल मेंबर नहीं होती हैं। PAK Vs USA तीसरा मैच 5. शैडली वान शाल्कविक टी-20 वर्ल्ड कप में USA के टॉप विकेट टेकर टी-20 वर्ल्ड कप में USA के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड शैडली वान शाल्कविक के नाम हो गया है। उन्होंने 2024 से 2026 के बीच खेले 6 मैचों में 8 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेट टेकर बने। वहीं सौरभ नेत्रवलकर और हरमीत सिंह ने 7-7 विकेट लेकर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर जगह बनाई। शाल्कविक ने फुल मेंबर टीमों के खिलाफ दो बार 4/25 के आंकड़े दर्ज किए हैं। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में पहले भारत के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 4 विकेट लिए और फिर पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो SSC में भी 4 विकेट ले डाले। वे इस वर्ल्ड कप के टॉप विकेट टेकर भी हैं। 6. पाकिस्तान ने 16 ओवर्स स्पिनर्स से फिंकवाए पाकिस्तान ने USA के खिलाफ 16 ओवर स्पिनर्स से करवाए। यह किसी एक पारी में पाकिस्तान द्वारा कराए गए स्पिन ओवरों की सूची में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में पाकिस्तान ने रिकॉर्ड 18 ओवर स्पिन से डलवाए थे।

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