चार हेक्टेयर में बन रही राधावन वाटिका:पूंछरी के लौठा में राधा वन वाटिका के नाम पर काट दिए पीलू के पेड़, एनजीटी ने मांगा जवाब

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गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से जुड़े पूंछरी का लौठा क्षेत्र के 4 हेक्टेयर में राधावन वाटिका बनाने का कार्य पिछले 2 महीने से चल रहा है, जिसकी दीवार निर्माण करने के नाम पर 21 व 22 जनवरी 2026 को पीलू के पेड़ों की कटाई कर दी, जिस मामले में आरक्षित वन भूमि पर कथित निर्माण गतिविधियों व पेड़ों की कटाई की शिकायत राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में करने पर प्रशासन हरकत में आ गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में लंबित वाद O.A. 24/2016 व टीटीजेड-2016 प्रावधानों के संदर्भ में वन विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, वहीं एनजीटी ने जिला कलेक्टर डीग से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने जन्मदिवस पर 15 दिसंबर 2024 को डीग में पूंछरी का लौठा व गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना का शिलान्यास किया था। उसकी के तहत सीएम ने गिरिराजजी की परिक्रमा में 1.2 किमी का राजस्थान में पड़ने वाला हिस्सा परिक्रमा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। गिरिराज जी परिक्रमा पथ के विकास को 4 जोन में बांट विकसित करने की योजना बनाई थी, जिसके तहत ही राधा वाटिका बनाने की घोषणा की गई थी। उसकी के तहत 95 लाख की लागत से राधावन वाटिका को विकसित किया जा रहा था। वाटिका में पाथवे, गजीबो हट व बाउंड्री वॉल बननी थी, जिसके तहत दीवार 260 मीटर दीवार बननी थी, लेकिन वन विभाग के कर्मिकों के मौके पर होने के बावजूद ठेकेदार ने दीवार सीधी बनाने के चक्कर में पीलू के पेड़ काट दिए। मोती कुंड के पीलू पेड़: ब्रज की धरोहर और कृष्ण-राधा प्रेम कथा का प्रतीक ब्रज की कला और संस्कृति के जानकार ज्योतिषाचार्य रामभरोसी भारद्वाज ने बताया कि पीलू ब्रज की प्राचीन वनस्पतियों में से है और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है। गर्ग संहिता में भी इसका उल्लेख है। मान्यता है कि इंद्र के प्रकोप से बचाने के बाद कृष्ण और राधा की सगाई हुई। राधा के पिता वृषभानु ने नंद बाबा को कीमती मोती दिए, जिसे कृष्ण ने मोती कुंड के पास मिट्टी में बो दिया। बाद में वहीं पेड़ उगे और उन पर मोती जैसे फल/पीलू लगने लगे। किवदंती है कि राधाजी इन पीलू के पेड़ों की छाया में ही कृष्ण से मिलने आती थीं। इसलिए ब्रज 84 कोस सहित प्राचीन नगरों में पीलू के पेड़ बहुतायत में पाए जाते थे। आज भी इन पेड़ों को ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है और श्रद्धालु इन्हें कृष्ण-राधा की प्रेम कथा से जुड़ा प्रतीक मानकर सम्मान देते हैं। एसीएफ सुरेश को बनाया जांच अधिकारी तीन दिन में रिकॉर्ड पेश करने के आदेश जिला कलक्टर के आदेश पर डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने परिक्रमा मार्ग के राजस्थान हिस्से के करीब 1.2 किमी क्षेत्र में जेसीबी से निर्माण कार्य और बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की जा रही है। इन आरोपों की जांच के लिए सहायक वन संरक्षक को प्रारंभिक जांच अधिकारी नियुक्त कर तीन दिन में रिकॉर्ड सहित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, रेंजर रामकरण मीणा ने वनपाल/ वनरक्षक द्वारा पूरे मामले में जानकारी न देने पर दोनों से ही स्पष्टीकरण मांगा था। “पूंछरी के लौठा में पेड़ काटने के मामले में एनजीटी में शिकायत हुई है,लेकिन एनजीटी से कोई नोटिस हमको नहीं मिला है। हम मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ कह सकते हैं।”
-प्रमोद धाकड़, डीएफओ ( वन विभाग)

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पुष्करणा सावे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा:परकोटे में हो रहा 15 लाख से सड़कों का पैचवर्क, कुछ लाइबिलिटी की भी सड़कें बनीं

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पुष्करणा सावे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। यही वजह है कि करीब 15 लाख रुपए से सड़कों का पैचवर्क विशेषतौर पर परकोटे की सड़कों पर हो रहा है। इसमें से कुछ राशि पीडब्ल्यूडी और कुछ नगर निगम वहन कर रहा है। दोनों ही विभाग एआरसी से मंजूर दरों के आधार पर बिना टेंडर के काम करा रहे हैं। दरअसल, शहर में पुष्करणा सावे की धूम मची है। हर गली-मोहल्ले में रौनक है। लोग शादी से जुड़े तमाम कार्यक्रमों की तैयारियों और रस्मों-रिवाजों में व्यस्त हैं। ऐसे में प्रशासन का भी ध्यान उधर ही है। सावे से पहले ही विधायक जेठानंद व्यास ने प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की थी। खबर है कि करीब 10 लाख रुपए से बीकानेर पश्चिम की सड़कों का पैचवर्क नगर निगम कर रहा है। 3.50 लाख रुपए से पीडब्ल्यूडी काम कर रहा है। दोनों ने ही पैचवर्क के लिए कोई टेंडर नहीं किए हैं। एआरसी यानी वार्षिक दर अनुबंध किया गया है, जिसमें एक बार दरें तय होती हैं और उन्हीं दरों से छोटे काम कराए जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि जहां-जहां निगम और पीडब्ल्यूडी पैचवर्क करा रहा है, वे लाइबिलिटी की सड़कें हैं। लाइबिलिटी यानी ठेकेदार की गारंटी पीरियड वाली सड़कें, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही होती है, मगर पुष्करणा सावे को देखते हुए इसे एआरसी से बनाया जा रहा है। लाइबिलिटी पर सफाई
लाइबिलिटी पीरियड की सड़कों पर पैचवर्क के सवाल पर पीडब्ल्यूडी के एईएन विक्रम विश्नोई का कहना है कि जरूर कुछ सड़कें लाइबिलिटी की हैं, मगर जिन सड़कों को तोड़ने या किसी कारण से खोदने की अनुमति विभाग ने जारी की है, उसका पैचवर्क ठेकेदार नहीं कराता। वह विभाग को ही करना होता है। लाइबिलिटी का मतलब यह है कि अपने आप सड़क टूटे तो ठेकेदार बनाने के लिए पाबंद होता है। हालांकि निगम आयुक्त मयंक मनीष का कहना है कि मेरी जानकारी में नहीं है कि निगम ने किसी लाइबिलिटी वाली सड़क पर पैचवर्क कराया हो।

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रेप्टाइल हाउस में वन्यजीवों को लाना शुरू:सज्जनगढ़ पार्क में बढ़ा वन्यजीव परिवार, गुजरात से आए ऑस्ट्रिच और ग्रीन इगुआना

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वन विभाग की ओर से सज्जनगढ़ बायो पार्क में करीब दो करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे रेप्टाइल हाउस में वन्यजीवों को लाना शुरू कर दिया गया है। सोमवार देर रात गुजरात के केवड़िया सरदार पटेल जूलॉजिकल पार्क से ऑस्ट्रिच और ग्रीन इगुआना को लेकर आया गया है। ये वन्यजीव एनिमल एक्सचेंज के तहत लाए गए हैं। सज्जनगढ़ बायो पार्क से इन वन्यजीवों के बदले भेड़िया का एक जोड़ा भेजा जाएगा। गुजरात से टीम इन्हें यहां छोड़ने आई। इन जीवों को विशेष बॉक्स में लेकर आए, जिससे इन्हें रास्ते में कोई समस्या नहीं हो। रात करीब 10:30 बजे इन्हें बायो पार्क में शिफ्ट किया गया। कुछ दिन तक इनकी विशेष निगरानी की जाएगी। एक मेल ऑस्ट्रिच एनिमल एक्सचेंज में एक मेल ऑस्ट्रिच लेकर आए हैं। यहां मादा पहले से मौजूद है। यह एक बहुत बड़ा पक्षी (चिड़िया) होता है। यह उड़ नहीं सकता, लेकिन बहुत तेज दौड़ता है। इसकी गर्दन व टांगें लंबी होती हैं। इसका अंडा दुनिया का सबसे बड़ा अंडा होता है। यह ज्यादातर अफ्रीका में पाया जाता है। साथ ही दो ग्रीन इगुआना भी लेकर आए हैं। यह दिखने में हरे रंग की बड़ी छिपकली होती है। यह ज्यादातर पेड़ों पर रहती है। इंसानों को देखकर आमतौर पर भाग जाती है। इसकी लंबाई 4 से 6 फीट तक और वजन 4 से 8 किलो होता है।

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Rajasthan Budget: Social Security Pension Hike? Farmer Focus

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राजस्थान का बजट 11 फरवरी को पेश होगा। इस बार बजट में युवाओं, महिलाओं के साथ शहरों और गांवों के लिए नई स्कीम्स और विकास कार्यों की अनेकों घोषणाएं होंगी।

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बजट में युवाओं के लिए करीब एक लाख नई भर्तियों की घोषणा संभव है। आरएएस और बड़े पदों को छोड़कर ज्यादातर नौकरियों में सिलेक्श्न प्रोसेस से इंटरव्यू खत्म करने की घोषणा होने की संभावना है।

बजट में सरकारी विभागों में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का प्रावधान हो सकता है। किसानों के लिए सम्मान निधि का पैसा बढ़ाने की घोषणा संभव है।

सामाजिक सुरक्षा योजना की पेंशन में 15 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा और बजट प्रावधान भी हो सकता है। साथ ही इस बार बजट में और क्या-क्या हो सकता है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

बच्चों वाले बिल की घोषणा की उम्मीद

दो से ज्यादा बच्चों वालों के निकाय, पंचायतीराज चुनाव लड़ने से रोक हटाने के लिए बिल लाने की घोषणा होने के आसार है। बजट के दौरान इसी सत्र में बिल लाने की घोषणा होगी।

इसके अलावा बजट में खेजड़ी सहित सभी तरह के पेड़ बचाने के लिए कानून में बदलाव के लिए बिल लाने की घोषणा होगी। सोलर पावर प्लांट्स के लिए नई गाइडलाइन का ऐलान हो सकता है।

हजारों नई सहकारी समितियां, जीएसएस बनेंगी

बजट में बड़ी तादाद में नई ग्राम सेवा सहकारी समितियां, क्रय विक्रय सहकारी समितियां, लैम्प्स-पैक्स खोले जाने की घोषणा संभव है। जीरामजी स्कीम में अब गांवों में सरकारी दफ्तरों की बिल्डिंग बनाने सहित नए काम शुरू करने की घोषणा हो सकती है।

रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल क्षेत्र के विकास के लिए घोषणा

बाड़मेर रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल प्रोजेक्ट के आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए बजट में घोषणा होगी। रिफाइनररी प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने को लेकर घोषणा होगी।

सैटलाइट टाउन विकसित करने की घोषणा

बजट में जयपुर के चारों तरफ सैटेलाइट टाउन विकसित करने के लिए विकास कामों की घोषणाएं होंगी। चाकसू, बस्सी, चौमूं के लिए घोषणाएं होंगी।

बजट में नए स्टेट एक्सप्रेस हाईवे बनाने की घोषणा के आसार हैं। नए स्टेट एक्सप्रेसवे बनाने के लिए डीपीआर बनाने की घोषणा होगी। इसके बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा। जिलों में कई सड़कों को अपग्रेड करने की घोषणा होगी। नए ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाने का भी सरकार ऐलान कर सकती है।

रोडवेज के लिए नई बसों की खरीद

बजट में रोडवेज के लिए करीब 1000 नई बसों की खरीद की घोषणा हो सकती है। रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का भी ऐलान हो सकता है। सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए ई बसें खरीदने की घोषणा होंगी। इसके लिए निकायों को अलग से बजट दिया जाएगा।

जयपुर के रिंग रोड फेज-टू पर घोषणा

जयपुर रिंग रोड के दूसरे फेज को लेकर घोषणा हो सकती है। आगरा रोड से दिल्ली रोड को जोड़ने के लिए सेकंड रिंग रोड बनाने की घोषणा की संभावना है। यह काम नेशनल हाईवे अथॉरिटी से करवाया जाना है। इसका सर्वे हो चुका है।

जयपुर मेट्रो फेज-2 के पहले पैकेज के साथ अगले फेज पर घोषणा

जयपुर मेट्रो के दूसरे फेज के पहले पैकेज का काम शुरू करने और इसे पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करने के आसार हैं। फेज-2 के पहले पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक मेट्रो का काम होना है। मेट्रो के अगले फेज और इसके विस्तार को लेकर भी बजट में घोषणाएं हो सकती हैं।

किसानों के लिए बड़े ऐलान संभव

सहकारी बैंकों के जरिए किसानों को बिना ब्याज ​फसली कर्ज दिए जाने की योजना का दायरा और बड़ा किया जाएगा। स्कीम में लाखों नए किसानों को जोड़ा जाएगा। बिना ब्याज फसली कर्ज देने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों में इन्हें मेंबर बनाया जाएगा। ग्राम सेवा सहकारी समि​तियों के मेंबर बनाने के लिए विशेष अभियान की घोषणा हो सकती है।

किसान सम्मान निधि का पैसा बढ़ेगा

किसानों को दी जाने वाली सम्मान निधि का पैसा बढ़ेगा। सरकार फेज मैनर में किसान सम्मान निधि को 12000 रुपए तक पहुंचाएगी। इसके अलावा सरकार एमएसपी पर खरीदी जाने वाली गेहूं सहित कुछ फसलों पर बोनस की घोषणाा कर सकती है। बोनस का पैसा भी बढ़ाया जा सकता है। एमएसपी पर बाजरा और ज्वार सहित चुनिंदा फसलों को खरीदने की घोषणा हो सकती है।

हाईटेक और मॉर्डन खेती की स्कीम्स का बजट बढ़ेगा

हाईटेक और मॉर्डन खेती के लिए चल रही योजनाओं में बजट बढ़ाने की घोषणा की संभावना है। ग्रीन हाउस, शेडनेट, मल्चिंग, लो टनल, फार्म पॉन्ड के लिए बजट बढ़ेगा।

नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू होंगी, कमांड एरिया बढ़ाने का प्लान

छोटे लेवल पर नई सिंचाई परियोजनाओं की घोषणा होगी। आदिवासी इलाकों के लिए भी छोटी सिंचाई परियोजनाएं शुरू होंगी। माइक्रो इरिगेशन की योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

दूध खरीद पर बोनस बढ़ने की संभावना

दूध उत्पादक किसानों से खरीदे जाने वाले दूध पर बोनस बढ़ाने की घोषणा की संभावना है। पशुधन स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ेगा। पशुधन बीमा का लाभ ज्यादा पशुपालकों को देने के लिए बजट बढ़ाया जाना तय माना जा रहा है।

सवाईमाधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट

बाड़मेर में अनार कलस्टर, सवाईमाधोपुर में अमरूद कलस्टर्स बनाकर प्रोसेसिंग की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा ऊंट पालकों के लिए अनुदान बढ़ाने की घोषणा संभव है। पशुधन ​बीमा का दायरा बढ़ेगा। दुधारू और पालतु पशुओं का सस्ता बीमा करवाने की घोषणा हो सकती है।

महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना

महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की घोषणा होने की संभावना है। इसमें महिलाओं को सब्सिडी से लेकर कर्ज दिलाने तक के प्रावधान होंगे।

लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ेगा। मेधावी छात्राओं को हर साल स्कूटी देने की योजना का दायरा बढ़ेगा।

महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को सहायता का बजट बढ़ेगा। महिला किसानों के लिए खास प्रोत्साहन स्कीम। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगियों को प्रोत्साहन राशि का ऐलान संभव।

मेडिकल और पैरामेडिकल संस्थानों में सीटें बढ़ेगी

डॉक्टरों, नर्सिंग-पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद भरने की घोषणा संभव। प्रदेश की मेडिकल और पैरामेडिकल संस्थानों में सीटें बढ़ेंगी।

नए मेडिकल कॉलेजों का काम पूरा कर हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने पर काम। नए अस्पताल खोलने की घोषणा हो सकती है।

नए पीएचसी, सीएचसी, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल बनाने और अस्पतालों को अपग्रेड करने को लेकर भी सरकार आगे बढ़ सकती है।

24 घंटे बिजली देने की कार्ययोजना

24 घंटे बिजली देने की कार्ययोजना का एलान हो सकता है। बिजली छीजत कम करने के लिए स्मार्ट मीटर। नए ग्रिड सब स्टेशन, जीएसएस बनाने की घोषणा। कम क्षमता के जीएसएस को अपग्रेड किया जाएगा।

उद्योगों को समय पर और पर्याप्त बिजली देने के लिए प्रावधान। किसानों को नए बिजली कनेक्शन। किसानों की बिजली की दरें नहीं बढ़ाने की घोषणा

पानी से जुड़े प्रोजेक्ट में क्या कर सकती है सरकार?

प्रदेश के कई शहरों के लिए सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं की घोषणा होगी। अमृत—2 योजना के तहत सीवरेज और पेयजल के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। मझोले और छोटे शहरों पर खास फोकस हो सकता है।

इसके अलावा जनजीवन मिशन के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए टाइम लाइन की घोषणा हो सकती है। अगले दो साल में बचे हुए घरों तक पानी पहुंचाने की घोषणा होगी।

नए इंडस्ट्रियल एरिया बनेंगे

निवेशकों के लिए सिंगल विंडो स्कीम का दायरा बढ़ाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए घोषणाएं। उद्योगों को कस्टमाइज्ड पैकेज देने के नियम और सरल बनाए जाएंगे।

राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह और नए निवेश आयोजनों की घोषणा।

बजट में डिफेंस इंडस्ट्री, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री लगाने के लिए खास रियायतें देने की घोषणा होगी।

नए स्कूल भवन बनाएंगे, जर्जर भवनों की मरम्मत

बजट में जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों के नए भवन बनाने के लिए अलग से प्रावधान की संभावना है। सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान की घोषणा होगी। नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे।

ये घोषणाएं भी हो सकती हैं

  • संभाग मुख्यालयों पर फेज मैनर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की घोषणा हो सकती है।
  • शहरों में पिंक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  • महिला औद्योगिक पार्क की घोषणा संभव।
  • प्रदेश के बाहर भी मुफ्त इलाज की सुविधा का प्रावधान होगा।
  • खिलाड़ियों, महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रोग्राम।
  • स्कूल, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर सैनेटरी नैपकिन वेडिंग मशीनें लगाने की घोषणा।
  • मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मेडिसिटी बनाने की घोषणा।
  • हर ब्लॉक पर डायग्नोस्टिक सेंटर और डायलिसिस की सुविधा।
  • मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना में चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने पर फैसला संभव।

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बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…

राजस्थान को केंद्र के बजट में क्या मिला?:पिछले साल से 6505 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे, लेकिन राज्य की हिस्सेदारी के प्रतिशत में कटौती

केंद्रीय बजट में राजस्थान को केंद्रीय करों (टैक्स) से हिस्सेदारी के तौर पर 90 हजार 445 करोड़ रुपए मिलेंगे। राजस्थान को इस बार केंद्रीय करों से पिछले बजट की तुलना में 6505.40 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे। पूरी खबर पढ़िए…

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40 करोड़ का खाद्यान्न घोटाला:न अधिकार-न टेंडर छात्रावासों में सप्लाई, अधीक्षकों से करवाई खरीद, निजी संस्था से फर्जी सप्लाई

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जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (टीएडी) उदयपुर मुख्यालय के अधीन संचालित छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में भोजन सामग्री खरीदी को लेकर उठे सवाल अब सिर्फ आरोप नहीं रहे। दस्तावेजी सबूतों के साथ यह मामला करीब 40 करोड़ रुपए के संभावित घोटाले में तब्दील हो चुका है। जुलाई-2025 से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और बारां जिलों में सरकारी नियमों को खुली चुनौती देते हुए बड़े पैमाने पर खाद्यान्न सामग्री की खरीद की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खरीद न केवल बिना टेंडर हुई, बल्कि ऐसे छात्रावास अधीक्षकों से करवाई गई जिन्हें कानूनन खरीद का अधिकार ही नहीं है। सरकारी नियमानुसार किसी भी सरकारी खरीद के लिए संबंधित कार्यालय का उपापन संस्था होना और आहरण-वितरण का अधिकार होना अनिवार्य है। टीएडी के जिला अधिकारियों ने इन नियमों को दरकिनार कर छात्रावास अधीक्षकों से सीधे खरीद करवा दी। बांसवाड़ा जिले में तो मामला और भी गंभीर है। यहां टीएडी उपायुक्त अरुणा डिंडोर ने खाद्यान्न सामग्री की राशि सीधे छात्रावास अधीक्षकों को हस्तांतरित कर दी, जबकि टीएडी आयुक्त के आदेशों में स्पष्ट है कि खाद्यान्न सामग्री की उपापन संस्था स्वयं टीएडी उपायुक्त होती है। उपभोक्ता भंडार की आड़ में निजी संस्था से फर्जी सप्लाई
प्रतापगढ़ जिले में तो पूरे सिस्टम की पोल खुल गई, जहां अधिकारियों ने सहकारी उपभोक्ता भंडार से मिलते-जुलते नाम वाली निजी संस्था कांठल प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार (प्रतापगढ़) से बिना किसी टेंडर के पूरे जिले में खाद्यान्न आपूर्ति दिखा दी। सवाल जो मांग रहे जवाब… लापरवाही या मिलीभगत? रजिस्ट्रार के पत्र से पकड़ाई धांधली
अब इस मामले में अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां का गत 30 जनवरी का पत्र सामने आया है। इसने पूरे मामले को विस्फोटक बना दिया है। कांठल प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार का कार्यक्षेत्र केवल प्रतापगढ़ के वार्ड 25 से 40 तक सीमित है। यह संस्था केवल अपने पंजीकृत सदस्यों को ही सामग्री दे सकती है। इसे किसी भी सरकारी विभाग, छात्रावास या आवासीय विद्यालय को सप्लाई करने का कोई अधिकार नहीं है। यानी इन सबके बावजूद इसी संस्था के नाम से टीएडी छात्रावासों में लाखों रुपए की खाद्यान्न सप्लाई दर्ज कर दी गई। आरटीटीपी नियमों से बचने का खेल, मंत्री के आदेश भी बेअसर दस्तावेज बताते हैं कि अधीक्षकों से हर माह 80 हजार से लेकर 4-5 लाख रुपए तक की खरीद करवाई गई। कहीं एकमुश्त बड़े बिल बनाए गए तो कहीं 10 हजार से कम के कई छोटे बिल काटकर आरटीटीपी नियमों से बचने की कोशिश की गई। शिकायतों में यह भी गंभीर आरोप है कि बिलों में दर्शाई गई लगभग 50% सामग्री छात्रावासों तक पहुंची ही नहीं, जबकि भुगतान पूरी राशि का किया गया। निर्देशों की पालना नहीं
बता दें, पहले छात्रावासों में खाद्यान्न आपूर्ति स्वच्छ परियोजना और उपभोक्ता भंडारों के माध्यम से होती थी। आरटीपीपी नियमों की बाध्यता के बाद आपूर्ति रुकी। इसके बाद टीएडी कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने विभाग स्तर पर टेंडर जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए, लेकिन आज तक उन निर्देशों की पालना नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि न टेंडर, न वैकल्पिक व्यवस्था अनधिकृत खरीद और फर्जी सप्लाई का पूरा तंत्र खड़ा हो गया। जवाब से बच रहे जिम्मेदार
मामले में जब दैनिक भास्कर ने टीएडी कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी और विभाग के अतिरिक्त आयुक्त-प्रथम कृष्णपाल सिंह चौहान से संपर्क करना चाहा, तो बार-बार कॉल के बावजूद दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया।

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Kainchi Dham Glass Bridge Om Design Over Shipra River; Spiritual Tourism Boost

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कैंची धाम में तैयार हो रहा ओम आकार का ग्लास ब्रिज।

विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालु जल्द ही कांच के पुल से एडवेंचर को एन्‍जॉय करते हुए बाबा नीब करौली महाराज के दर्शन कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से ‘ओम’ आकार के ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए एंटी-स्लिप सतह, व्यू-पॉइ

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नैनीताल जिले के भवाली स्थित कैंची धाम में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत बन रहा यह पुल श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन के साथ-साथ शिप्रा घाटी का अद्भुत अनुभव भी कराएगा। यह ग्लास ब्रिज स्टेट ऑफ द आर्ट थीम पर तैयार किया जा रहा है। ‘ओम’ आकार के कारण इसे ‘ओम ब्रिज’ नाम दिया गया है। इसकी कुल लंबाई 36 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर होगी। विभाग के अनुसार, ब्रिज के दाहिने एबटमेंट का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाएं हिस्से और फैब्रिकेशन का काम जारी है। धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ और जाम की समस्या को देखते हुए इसे जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

कैंची धाम में सालभर भारी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु।

कैंची धाम में सालभर भारी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु।

क्या है स्टेट ऑफ द आर्ट थीम

कैंची धाम में बनने वाला ओम ग्लास ब्रिज पारंपरिक निर्माण पद्धति से अलग, आधुनिक और नवीन तकनीक के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसमें हाई-स्ट्रेंथ सेफ्टी ग्लास का उपयोग होगा, जो बहु-स्तरीय होने के कारण भारी वजन और झटकों को आसानी से सहन कर सकेगा। ब्रिज का डिजाइन और इंजीनियरिंग भी खास होगी, ओम के आकार में तैयार इस संरचना में संतुलन, मजबूती और सौंदर्य तीनों का विशेष ध्यान रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से एंटी-स्लिप ग्लास, मजबूत रेलिंग और तय क्षमता के अनुसार ही श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्था की जाएगी।

इसके साथ ही पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ऐसी तकनीक अपनाई जा रही है, जिससे पुल से नीचे शिप्रा घाटी साफ दिखाई दे, फोटो-व्यू पॉइंट मिलें और श्रद्धालुओं को रोमांचक लेकिन पूरी तरह सुरक्षित अनुभव हो। पूरे ढांचे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसका रखरखाव कम हो और यह मौसम व भारी भीड़ दोनों की चुनौती को लंबे समय तक झेल सके।

स्टेट ऑफ द आर्ट थीम के तहत तैयार ग्लास ब्रिज का डिजाइन।

स्टेट ऑफ द आर्ट थीम के तहत तैयार ग्लास ब्रिज का डिजाइन।

कांच के फर्श से दिखेंगी शिप्रा नदी की वादियां

ब्रिज में विशेष पारदर्शी ग्लास लगाया जाएगा। श्रद्धालु जब पुल से गुजरेंगे तो उनके पैरों के नीचे शिप्रा नदी और आसपास की घाटियां साफ दिखाई देंगी। कैंची धाम में सड़क और मंदिर को जोड़ने वाला मौजूदा पुल दशकों पुराना है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उसके बगल में नया ग्लास ब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सके।

स्वदेश दर्शन योजना से बनेगा मॉडल पर्यटन स्थल

डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने बताया कि ग्लास ब्रिज के साथ-साथ ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत धाम परिसर का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। ₹1759.50 लाख की योजना में ध्यान केंद्र, जन-सुविधा केंद्र और आधुनिक मार्गों का निर्माण शामिल है। कार्य पूर्ण होने पर कैंची धाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।

कैंची धाम में प्रस्तावित मल्टीलेवल कार पार्किंग का डिजाइन।

कैंची धाम में प्रस्तावित मल्टीलेवल कार पार्किंग का डिजाइन।

340 पाइलों वाली मल्टीलेवल पार्किंग का काम भी तेज

धाम में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ₹4081.39 लाख की पुनरीक्षित लागत से कई बड़े कार्य चल रहे हैं। इनमें (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रमुख है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पार्किंग के लिए सभी 340 पाइलों और 89 कॉलमों का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर स्लैब का काम जारी है। पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

कैंची धाम धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।

कैंची धाम धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।

क्या होती है (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग

(G+3) का अर्थ है ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन अतिरिक्त मंज़िलें, यानी कुल चार मंज़िला पार्किंग। ऐसी पार्किंग कम जमीन में अधिक वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने के लिए बनाई जाती है। इसमें रैंप या लिफ्ट, सीसीटीवी, पर्याप्त लाइटिंग, अग्नि सुरक्षा और वेंटिलेशन की व्यवस्था होती है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर यह सड़क किनारे पार्किंग की समस्या कम कर ट्रैफिक को सुचारु बनाती है।

1960 में शिप्रा नदी किनारे स्थापित हुआ था धाम

कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। बाबा नीब करौली महाराज ने 1960 के दशक में शिप्रा नदी के किनारे इस आश्रम और हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

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उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्वविख्यात बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम एक बार फिर सुर्खियों में है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुके इस मंदिर में अब युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। (पढ़ें पूरी खबर)

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बाड़मेर,जैसलमेर समेत 8 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार:पाली सबसे ठंडा रहा, जानिए- अगले हफ्ते तक कैसा रहेगा मौसम

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राजस्थान में अब दिन गर्म होने लगे हैं। यहां तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक ऊपर दर्ज हो रहा है। दिन में तेज धूप रहने से लोगों को हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर समेत 8 शहरों में सोमवार को अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, कुछ शहरों में रात में भी सर्दी अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले 3-4 दिनों तक मौसम साफ रहने और तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो उत्तरी जिलों को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली रही। बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ के इलाकों में सुबह से दोपहर तक हल्के बादल छाए रहे, लेकिन शाम होते-होते यहां भी आसमान साफ हो गया। सोमवार को दिन में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया। बाड़मेर के अलावा जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में 30.6-30.6, फलोदी और जवाई (पाली) में 30.2, डूंगरपुर में 30.1, जालौर में 30 और चित्तौड़गढ़ में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन सभी शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री ऊपर रहा। इन शहरों के अलावा भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 29.3, जयपुर में 27, अजमेर में 28.4, पिलानी में 26.9, सीकर में 27.4, उदयपुर में 29.5, कोटा में 27.9, चूरू में 29.8, गंगानगर में 26.3 और नागौर में 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन सभी शहरों में भी अधिकतम तापमान औसत से 2 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। रात में कम होने लगी सर्दी
दिन में तापमान चढ़ने के साथ अब रात में भी तापमान बढ़ने लगा है। इस कारण कुछ शहरों में अब लोगों को रात की तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई। डूंगरपुर में न्यूनतम तापमान 14.9, बीकानेर में 15.3, जैसलमेर में 14.6, जयपुर में 13.7, प्रतापगढ़ में 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यहां अन्य दिनों की तुलना में कल कम सर्दी रही। सबसे ठंडा इलाका पाली रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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