सीईटीपी में अब जीरो लिक्विड डिस्चार्ज अनिवार्य, केंद्र का गजट नोटिफिकेशन जारी

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इंडस्ट्रीज से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को अब जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) के तहत ही ट्रीट कर छोड़ा जाएगा। इसके लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 28 जनवरी 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बाद अब देशभर में बनने वाले सभी नए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) को कंसेंट टू एस्टेब्लिशमेंट और कंसेंट टू ऑपरेट तभी मिलेगी, जब वे जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट स्थापित करेंगे। नोटिफिकेशन के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में वर्तमान में संचालित सीईटीपी को भी जेडएलडी सिस्टम पर अपग्रेड करना होगा। अभी कई जगहों पर केमिकल युक्त पानी ट्रीटमेंट के बाद भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाता और केमिकल अंश के साथ नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं। जोधपुर में सीईटीपी को आरओ या जेडएलडी प्लांट पर अपग्रेड करने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। हालांकि इसके लिए करोड़ों रुपए की फंडिंग की जरूरत है। वित्तीय सहायता नहीं मिलने के कारण यह मामला अब तक अटका हुआ है। जोधपुर की यह है स्थिति जोधपुर में टेक्सटाइल और स्टील इंडस्ट्रीज के लिए सांगरिया में अलग-अलग सीईटीपी संचालित हैं। यहां दोनों इंडस्ट्रीज से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को ट्रीट कर नदी में छोड़ा जाता है। सांगरिया स्थित सीईटीपी की क्षमता 20 एमएलडी है, जिसमें 18.50 एमएलडी टेक्सटाइल और 1.50 एमएलडी स्टील इंडस्ट्रीज का पानी शामिल है। सीईटीपी संचालन करने वाले ट्रस्ट की ओर से पानी के पूरी तरह ट्रीट होने का दावा किया जाता है, लेकिन कई बार सैंपल फेल हो चुके हैं। एक रुपए में जमीन ली, पर प्लांट अब तक अधूरा वर्तमान सांगरिया स्थित सीईटीपी में करीब 300 टेक्सटाइल और 100 स्टील इंडस्ट्रीज का पानी ट्रीट किया जाता है। नई इंडस्ट्रीज को इससे जोड़ा नहीं जा सकता। इसी कारण तनावड़ा में नए सीईटीपी के लिए रीको से 1 रुपए में जमीन ली गई थी। लेकिन नए प्लांट के लिए करीब 200 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की जरूरत है, जो ट्रस्ट के पास उपलब्ध नहीं है। सरकार से मदद मांगी गई, लेकिन अब तक सहमति नहीं मिल पाई है।

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खेजड़ी बचाओ-प्रकृति बचाओ आंदोलन:खेजड़ी बचाने के लिए 2 फरवरी को बीकानेर बंद की घोषणा, स्वेच्छा से आ रहे प्रदेश भर से प्रकृति प्रेमी

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खेजड़ी बचाओ-प्रकृति बचाओ आंदोलन से जुड़ने के लिए पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने आ रहे हैं। यह अपनी तरह का पहला आंदोलन होगा, जहां लोग स्वेच्छा से अपने खर्च पर आएंगे। दो फरवरी को महापड़ाव को देखते हुए बीकानेर बंद की घोषणा भी की गई है। पर्यावरण संघर्ष समिति ने शहर, गांव और ढाणियों तक पहुंचकर प्रकृति बचाने का संदेश दिया है। आंदोलन की व्यूह रचना तैयार हो चुकी है। दो फरवरी को पॉलिटेक्निक कॉलेज के मैदान में विशाल जनसभा रखी गई है। दोपहर बाद बिश्नोई धर्मशाला के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू होगा। इस दौरान खेजड़ी की बेटी विषय पर नाटक का मंचन, भजन संध्या और रात्रि जागरण होगा। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि मुकाम के पीठाधीश्वर रामानंद महाराज के सानिध्य में महापड़ाव का शंखनाद किया जाएगा। आंदोलन का संयोजक परसाराम खोखर हैं। बड़ी संख्या में साधु संत समाज, 36 कौम के लोग शामिल होंगे। मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि भी आएंगे। जनसभा और महापड़ाव में 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। हालांकि सरकार डरी हुई है। आंदोलन को कुचलने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, लेकिन वकील समुदाय सहित कई संगठनों ने समर्थन दे दिया है। पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई ने बताया कि दो फरवरी को बीकानेर बंद रहेगा। अब सरकार से आर-पार की लड़ाई है। विधायक रविंद्र सिंह के बयान पर गंभीर हुए लोग रविंद्र सिंह भाटी ने खेजड़ी सहित हरे वृक्षों को संरक्षित करने के लिए कानून लाने की मांग करते हुए विधानसभा में कहा था कि सोलर कंपनियों के कारण 50 हजार पेड़ और काटे जाएंगे। पश्चिमी राजस्थान में अब तक 26 लाख पेड़ कट चुके हैं। उनका यह बयान पूरे प्रदेश में वायरल हुआ है। दैनिक भास्कर ने भी इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। उसे लेकर लोग गंभीर हुए हैं। इससे खेजड़ी बचाओ आंदोलन को भी बल मिला है। जीव रक्षा सभा के अध्यक्ष मोखराम धारणिया का कहना है कि जिला प्रशासन सोलर कंपनियों के दबाव में काम कर रहा है। सबसे गंभीर बात ये है कि केंद्र सरकार की कंपनी ही खेजड़ी कटवा रही हैं। सरकार के इस रवैये को देखते हुए आमजन को प्रकृति बचाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उधर, खेजड़ी पर कानून लाने की कवायद खेजड़ी बचाओ, प्रकृति बचाओ आंदोलन को देखते हुए सरकार चिंतित है। जिला प्रशासन से रोज रिपोर्ट ली जा रही है। हाल ही में राज्य मंत्री केके बिश्नोई, विधायक पब्बाराम बिश्नोई, पूर्व सांसद जसवंत सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई इस मुद्दे पर सीएम से मिले थे। उन्होंने विधानसभा सत्र में खेजड़ी और हरे वृक्षों के संरक्षण के लिए कानून लाने का आश्वासन दिया है। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई का कहना है कि सरकार पहले ही कई बार ऐसे आश्वासन दे चुकी है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद खेजड़ी के लाखों पेड़ कट चुके हैं। सोलर सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के कारण सरकार कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही करने से बच रही है।

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छात्रों ने किया भास्कर प्लांट का निरीक्षण

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भास्कर न्यूज | बाड़मेर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरनू पनजी के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को व्यवसायिक शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत भास्कर समाचार पत्र के प्रिंटिंग प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया जगत की कार्यप्रणाली, प्रिंटिंग तकनीक तथा समाचार प्रकाशन की प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा।भास्कर प्लांट में प्रोडेक्शन हेड नीतिनसिंह ने विद्यार्थियों को समाचार पत्र के निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाचार कैसे एकत्र किए जाते हैं, उनका संपादन किस प्रकार होता है और अंत में आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रिंटिंग कर अखबार पाठकों तक पहुंचाया जाता है। विद्यार्थियों ने प्रिंटिंग मशीनों, प्लेट निर्माण, रंग संयोजन तथा वितरण व्यवस्था को भी नजदीक से देखा।

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ऑक्सीजन प्लांट में धमाका:धमाका इतना जोरदार था, आसपास लोगों को लगा भूकंप आ गया, प्लांट में 100 से ज्यादा सिलेंडर थे

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विश्वकर्मा इलाके में ऑक्सीजन प्लांट में हुए ब्लास्ट से 100 मीटर दायरे में एक दर्जन से ज्यादा मकान, दुकानें और फै​क्ट्रियों की खिड़की, दरवाजे टूट गए और दीवारों में दरारें आ गईं। लोग बोले धमाक इतना जोरदार था कि ऐसे लगा जैसे भूकंप आ गया हो। थोड़ी देर बाद में पता चला कि फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ है। प्लांट उस दौरान 100 से ज्यादा सिलेंडर रखे थे। लोग इसी को लेकर डर रहे थे कि अगर चिंगारी इन तक पहुंच जाती तो इस क्षेत्र का क्या होता। पुलिस और सिविल डिफेंस ने सभी सिलेंडरों की जांच होने तक आस-पास के एरिया को सील कर दिया। कुछ सिलेंडर में लीकेज की आशंका बताई है। ऐसे में कई लोगों को दूसरी शिफ्ट कर दिया। घबराए लोग बोले एक ही सिलेंडर फटा है, अगर ज्यादा सिलेंडर में ब्लास्ट हो जाता तो इलाके में भारी नुकसान हो जाता। प्लांट में बिखरे सिलेंडर, दो घंटे तक खंगालते रहे शवों के टुकड़े ब्लास्ट के दौरान मजदूर मुन्ना के शरीर की चिथड़े पूरे प्लांट में बिखर गए। पुलिस और सिविल डिफेंस के जवान दो घंटे तक सर्च करते रहे। इसी तरह मैनेजर विनोद के दोनों पैर धड़ से अलग हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान विनोद ने भी दम तोड़ दिया। डीएनए जांच से पता चलेगा कि कौनसा अंग किस शरीर का है। दोनों लंबे समय से इसी फैक्ट्री में काम करते थे। मैनेजर विनोद मुरलीपुरा में पत्नी व 13 साल की बेटी के साथ रहते थे। बेटी रोज की तरह पिता के घर आने का इंतजार कर रही थी। काफी देर बाद घर पर हादसे का पता चला तो पत्नी बेसूद हो गई। एफएसएल जांच होगी थानाधिकारी रविन्द्र नरूका ने बताया कि ब्लास्ट के कारणों का पता एफएसएल जांच में ही लगेगा। पुलिस फैक्ट्री मालिक की भी तलाश कर रही है। फैक्ट्री का रिकॉर्ड भी तलाश किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कागज जला दिए, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई।

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पुलिस ने हेलमेट भेंट कर दी यातायात नियमों की जानकारी

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भास्कर न्यूज| बाड़मेर जिले की सड़कों पर शनिवार को रीको थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत वाहन चालकों को चालान थमाने की बजाय गुलाब के फूल और हेलमेट भेंट किए। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य लोगों को डर से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना था। सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान रीको थाना के पुलिस अधिकारी भंवरसिंह सारण ने उन वाहन चालकों को रोका जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। उन्हें फटकार लगाने के बजाय गुलाब का फूल भेंट कर यह समझाया गया कि उनका जीवन उनके परिवार के लिए कितना अनमोल है। इस दौरान कई दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट भी वितरित किए गए, ताकि वे सड़क पर सुरक्षित सफर कर सकें। इस जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस के साथ-साथ समाज के अन्य प्रबुद्ध जनों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में रीको थानाधिकारी भंवरसिंह सारण, जोधपुर विद्युत प्रसारण निगम के अधिशाषी अभियंता सवाईसिंह खत्री और मोंटेकार्लो कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित गोस्वामी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से लोगों को सुरक्षित यातायात का संदेश दिया।

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असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, ज्ञापन सौंपा

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जैसलमेर | नभडूंगरराय मंदिर सेवा समिति व ग्राम पंचायत डेढ़ा के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन देकर मंदिर के आसपास चल रहे पौधरोपण कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले घुरिया गांव के असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि निभिया गांव में नभडूंगर पहाड़ी पर स्थित प्राचीन व ऐतिहासिक देवी मंदिर, मुहार महादेव मंदिर तथा भूरा बाबा की गुफा व समाधि स्थल आए हुए हैं। इनके चारों तरफ की परिधि में बंजड़ एवं वनस्पति विहिन भूमि पर संतुलन बनाने के लिए सभी ग्रामवासियों, मंदिर विकास समिति, ग्राम पंचायत डेढ़ा व सिपला की ग्रामसभा में सर्व सम्मति से निर्णय लेकर पौधरोपण का प्रस्ताव तैयार किया गया। कार्यस्थल पर घुरिया गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने रोड़ा अटका दिया है। मौके पर कार्य कर रहे श्रमिकों को भी भगा दिया।

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सरकार को किसानों, महिलाओं और युवाओं की पीड़ा की समझ : मुख्यमंत्री

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भास्कर न्यूज | टोंक/निवाई ग्राम उत्थान शिविर के कामकाज को देखने शनिवार को निवाई आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं और राज्य सरकार को किसानों, महिलाओं और युवाओं के हमदर्द के रूप में पेश किया। उन्होंन लोकोक्ति जाके पैर न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई का, जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें गरीब और किसान के हालात की समझ है, इसलिए केन्द्र की और उनकी सरकार उनके हित के लिए काम कर रही है। एसआईआर और पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों प्रावधान देश और युवाओं के हित में हैं, इसलिए कोई समझौता नहीं होगा और गलत लोगों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। करीब 30 मिनट के अपने सम्बोधन में भजनलाल शर्मा ने केन्द्र और राज्य सरकार के लोक कल्याण और विकास के कामों को ही गिनाया। मुख्यमंत्री ने टोंक जिले में 282 करोड़ रुपए की लागत के 48 विकास कार्यों का शिलान्यास और 88 करोड़ रुपए के 16 विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्हें 51 किलो की माला भी पहनाई गई। मुख्यमंत्री ने उनके शासनकाल में एक भी पेपर लीक नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान पेपर लीक करने वाले करीब 425 लोगों को सरकार जेल में डाल चुकी है। यह कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे बेफ्रिक होकर पढ़ाई करें। नौकरी को लेकर वो जो सपना देख रहे हैं, सरकार उसे जरूर पूरा करेगी। सम्बोधन से पहले मुख्यमंत्री ने मंच पर 6 विभागों के 16 चयनितों को करीब 190 लाख रुपए के चेक बांटे। उन्होंने निवाई नगरपालिका के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा ने निवाई पालिका का दर्जा बढ़ाकर उसे नगर परिषद करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के साथी इसका विरोध कर रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया देश के निवासियों के खिलाफ नहीं हैं। देश में अवैध रूप से घुसपैठ कर यहां दस्तावेज बनाकर रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालना है। यह काम नहीं रुकेगा और सरकार एक-एक को ढूंढ-ढूंढकर बाहर निकालेगी। सभा में विरोध ना हो जाए, इस भय से दो किसानों को बाहर किया मुख्यमंत्री की निवाई में हुई आमसभा में पुलिस बेहद चौकन्ना रही। अंदेशा था कि सभा में कुछ किसान अपनी मांग को लेकर हंगामा कर सकते हैं, इसको लेकर पत्रकार दीर्घा के बायीं तरफ बैठे लोगों के आसपास और पीछे सादा वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इस दौरान दो अलग-अलग किसानों देवरी निवासी सुखपाल गुर्जर एवं एक अन्य ने मुख्यमंत्री के आने से पहले अपनी सीट से उठकर तेज आवाज में बोलना शुरू कर दिया। वहां तैनात पीपलू पुलिस वृत्ताधिकारी रामवतार ने पुलिस जाब्ते के जरिए उन्हें सभा स्थल से बाहर निकाल दिया। सभा में आए कई लोगों ने सर्दी से बचाव के लिए काले रंग का कोट-जैकैट और मफलर पहन रखे थे, पुलिस ने उन्हें उतरवा दिया।

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रेवाड़ी कीअपराधिक वारदातों में राजस्थान का लिंक:कार लूट से सरपंचों के बीच 'चौधर' की जंग में हुए हमले से जुड़े तार

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रेवाड़ी की सीमा धारूहेड़ा से बावल तक राजस्थान से सटा हुआ है। जो अब रेवाड़ी में अपराध की बड़ी वजह बनता जा रहा है। जिले में होने वाली अधिकतर आपराधिक वारदातों में राजस्थान का लिंक जुड़ा है। दिसंबर में हुई कार लूट, मंदिर में चोरी, गुगेल चोर गैंग और दो सरपंचों के बीच ‘चौधर’ को लेकर हुए हर विवाद में राजस्थान के अपराधियों का नाम जुड़ा है। दिसंबर से अब तक घटनाओं से कुछ ऐसा ही देखने को मिला है।
रायपुर के बवदेव मंदिर में चोरी
रायपुर के एतिहासिक बनदेव मंदिर में 6-7 जनवरी को चोरी हुई। पुलिस ने चोरी के आरोप में राजस्थान के तीन युवकों को गिरफ्तार किया। जिनमें रेवाड़ी के सीमा से जुड़े राजस्थान के गांव खेडाती निवासी मोहित साढे 18, बासली निवासी सचिन (20) और महावीर खेडा ठाकरान महावीर (24) शामिल थे। 12वीं पास 18 साल के मोहित ने इसकी साजिश रचि थी। ड्राइवर को गोली मारकर लूटी कार
राजस्थान के अजमेर निवासी पीएचडी स्कॉलर देवांशु ने यूपी आजमगढ़ निवासी शुभम के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन से जयपुर के लिए टैक्सी किराए पर ली। बनीपुर चौक पर ड्राइवर संजय को गोली मारकर टैक्सी लूटी और संजय को फेंककर फरार हो गए। इस मामले का मास्टरमाइंड भी राजस्थान के अजमेर निवासी देवांशु ही था।
सरपंचों की लड़ाई से जुड़े तार
गांव माजरा और भाखली गांव के सरपंचों के बीच 19 से 26 जनवरी के बीच दो बार भिड़ंत हुई। 19 को माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी और 26 को भालखी के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ डालिया पर हमला हुआ। सुरेंद्र डालिया पर हुए हमले के आरोपी में गिरफ्तार कोटपुतली बहरोड़ के गांव काठुवास निवासी साहिल व राजस्थान के जिला कोटपुतली बहरोड़ के गांव परतापुर निवासी पंकज को गिरफ्तार किया है। हमले में प्रयोग हथियार भी हमलावरों में शामिल परतापुर के रवि के खेत से बरामद हुए हैं। काली का भी राजस्थान से नाता
चोरी की तीन दर्जन मामलों में नामजद गुगेल चोर गिरोह के तार भी राजस्थान से जुडे हैं। महेंद्रगढ़ के गांव पड़तल निवासी काली की शादी भी राजस्थान में हुई थी। जो अपने पिता की मौत के बाद मायके आकर बस गई। काली ने अपने बच्चों के साथ चोर गिरोह बनाया। काली व उसका बेटा विजय 10-10 हजार और बेटी पिंकी पांच हजार की इनामी बदमाश हैं।
दूसरे जिलों से भी जुड़े तार
रेवाड़ी के अंकित उर्फ चमन और बहाला निवासी कारोबारी मोहन के चर्चित हत्याकांड से भी बाहरी बदमाशों के नाम जुड़े है। मोहन हत्यकांड में सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। चमन हत्याकांड में रेवाड़ी के गोकलगढ़ के इनामी बदमाशों के साथ रोहतक, जींद के आरोपियों के नाम जुड़े है। चोरी, स्ननेचिंग में मेवात, फरीदाबाद, नारनौल, गुरुग्राम जैसे पड़ोसी जिलों का नाम जुड़ता रहा है।

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शिविर में दी नालसा वीर परिवार सहायता योजना की जानकारी

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भास्कर न्यूज| जैसलमेर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार बीएसएफ की 192वीं बटालियन के ऑडिटोरियम में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में जिले के सेना, सशस्त्र सेना के सेवारत व भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को नालसा वीर परिवार सहायता योजना के बारे में जागरूक किया गया। शिविर में बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट सतीष कुमार, सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता शिप्रा शांडिल्य, मयंक व्यास व खेमेंद्रसिंह भाटी, अधिकार मित्र जगदीश कुमार, प्राधिकरण के कर्मचारी व सैनिकों ने भाग लिया। शिविर में शिप्रा शांडिल्य ने बताया कि इस योजना के तहत सैन्य कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को संपत्ति विवाद, वैवाहिक विवाद, सिविल विवाद व अन्य विधिक मामलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने तालमेल बढ़ाने के लिए उन्हें विधिक सेवा संस्थानों की कार्यप्रणाली, नालसा व सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। शिविर में खेमेंद्रसिंह भाटी ने बताया कि सैन्य कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए विधिक सेवा क्लिनिक जिला मुख्यालय पर सैनिक कल्याण बोर्ड जैसलमेर में स्थापित किया गया है।

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Rajasthan SOG to Arrest Firm Owner in RSSB OMR Scam

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तीन भर्तियों में ओएमआर शीट में गड़बड़ी कर 38 अभ्यर्थियों को एग्जाम पास कराया गया था। इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के पूर्व चेयरमैन बीएल जाटावत से भी पूछताछ करेगी। उनके कार्यकाल में जिस फर्म राभव लिमिटेड को

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एसओजी ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर संजय माथुर और सिस्टम एनालिस्ट प्रवीण गंगवाल सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रामप्रवेश पहले से पेपर में गड़बड़ी के चलते विवादित था। उसकी एक कंपनी ब्लैकलिस्ट हो चुकी थी। एसओजी के मुताबिक, तत्कालीन चेयरमैन बीएल जाटावत के कार्यकाल में टेंडर उसी विवादित व्यक्ति की कंपनी को दे दिया गया।

जब वही कंपनी (राभव लिमिटेड) उत्तर प्रदेश में ओएमआर शीट में गड़बड़ी के विवादों में आई तो बोर्ड ने आनन-फानन में एक जांच कमेटी बना दी। चौंकाने वाली बात ये है कि जांच का जिम्मा भी संजय माथुर और प्रवीण गंगवाल को दिया गया था, जबकि ये दोनों ही अफसर पेपर की गड़बड़ियों में शामिल थे।

आज संडे बिग स्टोरी में पढ़िए अबतक इस मामले में क्या-क्या सामने आए हैं…

जिसे टेंडर दिया वो फर्म हो चुकी थी ब्लैक लिस्ट

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 2019 में गोपनीय फर्म राभव लिमिटेड कंपनी को सरकारी भर्तियों में OMR शीट जांचने का ठेका दिया था। तब बोर्ड के चेयरमैन बीएल जाटावत थे। उन्हीं की ओर से ही टेंडर पास किया गया था। इस कंपनी के डायरेक्टर राम प्रवेश का प्रोफाइल पहले से ही विवादित था।

साल 2018 में राम प्रवेश ने एक फर्म एक्सिस डिजी नेट लिमिटेड बनाई थी। फर्जीवाड़े के चलते पहले ही साल में वह ब्लैकलिस्ट हो गई थी। तब उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज मामले में कार्रवाई कर रामप्रवेश सिंह को अरेस्ट किया था।

डॉ. बी.एल. जाटावत का कार्यकाल 24 फरवरी 2018 से 16 जनवरी 2021 तक था।

डॉ. बी.एल. जाटावत का कार्यकाल 24 फरवरी 2018 से 16 जनवरी 2021 तक था।

इस मामले में जेल से बाहर आने पर साल 2019 में रामप्रवेश सिंह ने ब्लैकलिस्ट फर्म को छोड़कर दो नई फर्म बनाई। इसमें से एक राभव लिमिटेड थी। ये कंपनी नई दिल्ली के एड्रेस- सी-136, मंगोलपुरी इण्डस्ट्रियल एरिया, फेज-1 पर रजिस्टर्ड थी।

एसओजी के मुताबिक, सवाल उठता है कि टेंडर देने के दौरान नियमों को ताक पर रखा गया। फर्म के सही होने की पुष्टि कर रामप्रवेश का टेंडर पास कर दिया गया।

दोषी खुद ही कर रहे थे जांच राम प्रवेश यादव की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ ने 15 अगस्त 2019 को दलाल शादान और विनोद गौड़ को भी अरेस्ट किया था। इनके पास से तब राजस्थान की तीन भर्तियों महिला पर्यवेक्षक, कृषि पर्यवेक्षक और प्रयोगशाला सहायक की कई OMR शीट मिली थी।

तब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जांच के लिए आनन-फानन में एक टीम बना दी। जांच टीम का हेड तकनीकी प्रमुख संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल को बनाया गया। ये दोनों अधिकारी खुद ही लंबे समय से उस कंपनी के साथ मिलकर ओएमआर शीट्स में गड़बड़ी कर रहे थे। यही वजह रही कि इस मामले में कंपनी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। आरोप है कि तत्कालीन बोर्ड चेयरमैन बीएल जाटावत ने फर्म के विवादों में आने के बाद भी उस कंपनी को सौंपे गए किसी एग्जाम की जांच नहीं करवाई।

सरकार से भी छिपाए रखा सच उत्तर प्रदेश में फर्म राभव लिमिटेड के मालिक पर हुई कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद भी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इसकी जानकारी सरकार से छिपाई। सरकार को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई कि उनके द्वारा नियुक्त की गई फर्म उत्तर प्रदेश में OMR शीट्स में गड़बड़ी करने के मामले में पकड़ी गई है। पकड़ी गई फर्म और राजस्थान में काम कर रही फर्म का मालिक एक है।

फर्म संचालक खुद देता था निर्देश बोर्ड का उपनिदेशक (सिस्टम एनालिस्ट) संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल से हुई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों फर्म संचालक राम प्रवेश यादव के डायरेक्ट संपर्क में थे। यादव जिन कैंडिडेट को पास कराने की डील करता था, उनकी OMR शीट के नंबर सीधे प्रवीण गंगवाल और संजय माथुर को भेजता था।

यादव से मिले निर्देश के बाद वह खाली छोड़े प्रश्नों में गोले भर दिया करते थे। इसके बाद OMR शीट आगे जाती थी। एग्जाम में बैठे सभी कैंडिडेट की OMR शीट एक साथ स्कैन होने के लिए बाद में यादव की ही फर्म में जाती थी। जहां उनके अंक दिए जाते थे।

संजय माथुर ने साली के लिए परीक्षा में की थी धांधली संजय माथुर ने एसओजी रिमांड के दौरान बताया कि उसकी साली को परीक्षा में पास कराने के लिए उसने ओएमआर शीट्स में धांधली की थी। इसके बाद अन्य परीक्षाओं में भी पैसा लेकर अभ्यर्थियों को पास कराना शुरू कर दिया था।

अब रामप्रवेश और बीएल जाटावत से पूछताछ करेगी SOG एसओजी राजस्थान का कहना है कि आरोपी राम प्रवेश सिंह यादव को भी वह जल्द पूछताछ के लिए जयपुर लेकर आएंगे। फर्म के कौन-कौन से कर्मचारी इस काम में शामिल थे, इसका भी पता लगाएंगे।

माना जा रहा है कि इस कार्रवाई में एसओजी जांच व पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी कर सकती है, जिसके बाद बीएल जाटावत की भूमिका के पूरे सबूत जुटाने के बाद अगली कड़ी में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले एसओजी OMR शीट्स में फर्जीवाड़ा कर जॉब पाने वाले 38 कैंडिडेट्स से पूछताछ कर अरेस्ट करेगी।

कर्मचारी चयन बोर्ड से डेटा गायब! राभव लिमिटेड ने राजस्थान में 3 एग्जाम के अभ्यर्थियों की OMR शीट जांची थी। बोर्ड के पास अभ्यर्थियों की OMR शीट का रिकॉर्ड रहता है। लेकिन अब इनका डेटा ही गायब होने की आशंका है। एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख ने बताया कि पिछले एक साल से करीब 5 बार बोर्ड को पत्र लिखकर तीनों एग्जाम में पास हुए अभ्यर्थियों की OMR शीट्स मांग चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक बोर्ड केवल 5 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट उपलब्ध करा सका है। बोर्ड के इस तरह से रवैये को लेकर भी एसओजी का शक अन्य लोगों पर भी गहराता जा रहा है।

पिछले 8 साल का रिकॉर्ड खंगालेगी एसओजी एसओजी के रिमांड पर चल रहे पांचों आरोपियों को एसओजी ने रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में आईटी हेड संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल कई साल से परीक्षा करवा रहे थे। वर्ष 2018 में हुई परीक्षा में की गई धांधली के बाद एसओजी को शक है कि आरोपियों ने वर्ष 2025 तक हुई कई अन्य परीक्षा में भी धांधली की होगी, इसलिए 8 साल के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

पूर्व चेयरमैन बोले- हमने तो खुद आरोपियों के नाम ढूंढकर FIR करवाई कर्मचारी चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बीएल जाटावत ने कहा- इस मामले में हमने खुद सांगानेर थाने में 25 नवंबर, 2019 और 27 दिसंबर, 2019 को दो FIR करवाई थी। इन मामलों को दर्ज करवाने से पहले अपने स्तर पर जांच की गई थी, इसके लिए कर्मचारी चयन बोर्ड के सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी।

जाटावत ने बताया कि पहले इस मामले की जांच गोमती नगर एसओजी-एटीएस उत्तर प्रदेश ने शुरू की थी। ओएमआर शीट से संबंधित ये मामला जब हमारी जानकारी में आया, तो ये उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी।

संबंधित परीक्षाओं की भी पूरी स्कैनिंग की गई थी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड के सचिव ने संदिग्ध कैंडिडेट्स की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में हाईकोर्ट में भी कुछ रिट याचिकाएं लगाई गई थीं, जिन्हें हाईकोर्ट ने सराहनीय मानते हुए खारिज कर दिया था।

संबंधित संदिग्ध कैंडिडेट्स के सिलेक्शन की तो कोई बात ही नहीं है, क्योंकि हमारी जांच के बाद शुरुआती लिस्ट में ही इन संदिग्धों की पहचान हो गई थी। बोर्ड ने फिर री स्केलिंग के बाद रिजल्ट जारी किया था। फिर भी एसओजी या कोई अन्य एजेंसी जांच करेगी तो पूरा सहयोग करेंगे।

SOG के अधिकारी बोले- अभी होंगी और गिरफ्तारियां डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि जिस समय यूपी पुलिस की एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, उस दौरान बोर्ड ने एक शिकायत सांगानेर थाने में दी थी। एसओजी ने जब जांच ली तो पता चला कि यूपी एसआईटी ने दर्ज केस में चालान पेश कर दिया है। चालान में राजस्थान में हुई गड़बड़ी को लेकर कोई भी पॉइंट पेश नहीं किए गए थे। उसी को बेस बनाते हुए हमने यह कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई का यह पहला चरण है। आगे और बड़ी गिरफ्तारियां की जाएंगी।

एसओजी ने 5 आरोपियों को किया था गिरफ्तार SOG ने 20 जनवरी को बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया था। RSSB के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर सहित प्रवीण गंगवाल, शादान खान, विनोद कुमार गौड़ और पूनम माथुर को अरेस्ट किया था। प्रवीण गंगवाल राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर में प्रोग्रामर है। दोनों आरोपी पूरी OMR शीट्स की स्कैनिंग और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया के प्रभारी थे। इन दोनों ने आउटसोर्स फर्म के कर्मचारी शादान खान और विनोद कुमार गौड़ के साथ मिलीभगत की। इस तरह 38 लोगों की नौकरी लगवाई गई।

डी-बार हुए अभ्यर्थी हुए अंडर ग्राउंड ओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपए तक देने वाले 38 अभ्यर्थियों के घर जब एसओजी की टीम पहुंची तो वह सभी अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। एसओजी की टीम निरंतर संभावित ठिकानों पर दबिश दे कर डीबार किए गए अभ्यर्थियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।

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