रेलवे महाप्रबंधक का निरीक्षण, कार्मिकों के उत्साहवर्धन के लिए पुरस्कार की घोषणा की

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भास्कर न्यूज | बाड़मेर उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने शनिवार को बाड़मेर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बाड़मेर स्टेशन अब आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होकर नए कलेवर में नजर आने लगा है। महाप्रबंधक ने न केवल स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, प्रतीक्षालय और टिकट काउंटरों का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए नवनिर्मित रेलवे आवासीय कॉलोनी, चिल्ड्रन पार्क और अभिरुचि केंद्र की बड़ी सौगात भी दी। इस दौरान जोनल स्तरीय संरक्षा संवाद किया गया। जहां जीएम ने धरातल पर काम करने वाले 200 से अधिक गैंगमैन, ट्रैक मेंटेनर और ट्रेन मैनेजर्स के साथ सीधा संवाद कर स्पष्ट संदेश दिया कि रेलवे के लिए यात्रियों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम को न केवल सराहा, बल्कि मौके पर ही 75 हजार रुपए के सामूहिक पुरस्कार की घोषणा कर कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। निरीक्षण के दौरान जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी, सीपीएम सुनील कुमार, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक लोकेश कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव सहित मंडल के अधिकारी और सुपरवाइजर उपस्थित थे। महाप्रबंधक ने रेलवे आवासीय कॉलोनी और चिल्ड्रन पार्क का उद्घाटन किया स्टेशन निरीक्षण के बाद जीएम ने जोनल स्तरीय संरक्षा संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इसमें ट्रैक मेंटेनर से लेकर ट्रेन मैनेजर तक करीब 200 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सुरक्षा और कार्यस्थल से जुड़े सुझाव साझा किए। संवाद के दौरान महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे के लिए सेफ्टी फर्स्ट ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही जल्द ही सभी को बेहतर सेफ्टी शूज और रिचार्जेबल ट्राई-कलर टॉर्च उपलब्ध कराई जाएगी। जीएम ने बाड़मेर में पुनर्विकसित रेलवे आवासीय कॉलोनी का फीता काटकर लोकार्पण किया। इसके साथ ही कॉलोनी में महिलाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और बच्चों के लिए करियर काउंसलिंग सेंटर का शुभारंभ किया। नवनिर्मित चिल्ड्रन पार्क का उद्घाटन कर बच्चों के साथ पौधारोपण किया। रेलवे स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने बाड़मेर में किए गए कार्यों की गुणवत्ता देख रेल अधिकारियों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने पुरस्कारों की घोषणा की। वरिष्ठ अनुभाग अभियंता कार्यालय को उत्कृष्ट कार्य के लिए 25 हजार रुपए और रेलवे आवासीय कॉलोनी को बेहतर विकास के लिए संयुक्त विभागों को 50 हजार रुपए के नकद पुरस्कार की घोषणा की।

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रूफटॉप सोलर को बढ़ावा:भारी बिजली बिलों से मुक्ति के लिए सरकारी कार्यालयों पर सोलर पैनल लगा रही है सरकार

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भारी भरकम बिजली बिलों से मुक्ति पाने के लिए राजस्थान सरकार सरकारी कार्यालयों और भवनों की छतों पर सोलर पैनल (रूफटॉप सोलर) लगा रही है। इस योजना का लक्ष्य सरकारी कार्यालयों के बिजली खर्च को कम करना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसके तहत बाड़मेर शहर में करीब 50 कार्यालयों पर सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके लिए कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी बीकानेर को वर्क ऑर्डर दिया गया है। कंपनी ने कलेक्ट्रेट सहित मुख्य सरकारी कार्यालयों पर सोलर का स्ट्रेक्चर लगा दिया है। वहीं कई अन्य कंपनियों को भी जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण स्तर के हर कार्यालय तक सोलर पैनल लगाने का काम दिया गया है। ऐसे में बाड़मेर में करीब 50 मेगावाट से ज्यादा के सोलर पैनल लगाए जा रहे है। बाड़मेर कलेक्ट्रेट पर 60 किलोवाट और एसपी ऑफिस पर 40 किलोवाट का सोलर प्लांट लग रहा है। इसके लिए सरकारी बिल्डिंगों पर स्ट्रेक्चर लगा दिए हैं। वर्तमान में सरकारी दफ्तरों का एक बड़ा बजट केवल बिजली बिलों के भुगतान में चला जाता है। सोलर पैनल लगने के बाद दिन के समय होने वाली पूरी खपत सौर ऊर्जा से पूरी होगी। अतिरिक्त बिजली ग्रिड को जाएगी, जिससे बिल शून्य या न्यूनतम हो जाएगा। 50 मेगावाट क्षमता का सोलर सेटअप सालाना हजारों टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा। यह ग्लोबल वार्मिंग के दौर में सरकार का एक जिम्मेदार कदम है। बाड़मेर जैसे जिले में सौर विकिरण की उपलब्धता देश में सबसे अधिक है, वहां यह तकनीक सबसे अधिक प्रभावी है। सरकार सोलर प्लांट लगाने के लिए 4,67,70,368 रुपए प्रति मेगावाट का भुगतान करेगी। घर पर भी सोलर लगाने पर 78 हजार का अनुदान सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत आमजन को भी बिजली के बिल से मुक्ति के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत घरों पर 3 किलोवाट तक सोलर प्लांट लगाने पर 78 हजार रुपए का अनुदान दे रही है। इसके बाद 5 या 10 किलोवाट भी प्लांट लगाने पर 78हजार रुपए ही मिलेंगे। 1 किलोवाट तक 30 हजार, 2 किलोवाट तक 60 हजार रुपए का अनुदान है। इसके अलावा राज्य सरकार अलग से 13 हजार रुपए का अनुदान दे रही है। देश के 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना लक्ष्य है। यह योजना 15 फरवरी 2024 को लॉन्च हुई थी। सरकार ने कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी को बाड़मेर के लिए 10 मेगावाट को वर्क ऑर्डर जारी किया है। इसके तहत बाड़मेर कलेक्टर में 60 ​केवी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 40 केवी, केंद्रीय बस स्टैंड पर 40 केवी, नगर परिषद में 50 केवी, फायर स्टेशन आदर्श स्टेडियम में 25 केवी, जिला परिषद में 5 केवी, एसीबी में 10 केवी का सोलर प्लांट लग रहा हैं। इसके अलावा उप वन संरक्षक वन विभाग, यूआईटी, उपखंड अधिकारी चौहटन, बाड़मेर, शिव, गडरारोड, रामसर, बायतु, सहायक निदेशक लोक सेवाएं, जिला परिवहन कार्यालय, डिस्कॉम के सभी कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी, उप निदेशक कृषि विस्तार, उद्यानिकी विभाग, जिला रसद अधिकारी, मेडिकल कॉलेज, सीएमएचओ, उद्योग केंद्र, खनिज विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला आयुर्वेद, दी बाड़मेर सेंट्रल को-बैंक, सैनिक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, कृषि उपज मंडी, अल्पसंख्यक कार्यालय, रोजगार एवं खेल अधिकारी, पीजी कॉलेज, महिला कॉलेज, श्रम विभाग, समस्त तहसीलदार कार्यालय, बीडीओ कार्यालय में सोलर प्लांट लगाएंगे।

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लापरवाही और आढ़े-तिरछे वाहन चलाने पर दर्ज होगी एफआईआर:आईजी के निर्देश के बाद 11 मुकदमे दर्ज, भरतपुर सबसे पीछे

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गलत दिशा में वाहन चलाने और लापरवाह ड्राइविंग पर अब सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत 1 जुलाई 2024 से लागू इस प्रावधान को सख्ती से लागू कराने के लिए रेंज आईजी कैलाशचंद्र विश्नोई ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आईजी के निर्देशों के बाद रेंज की पुलिस हरकत में आई है और अब तक कुल 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें डीग जिले में 2, सवाईमाधोपुर में 4 और धौलपुर में 4 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस मामले में भरतपुर पुलिस सबसे पीछे है। यहां पर इस महीने सिर्फ 1 चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भरतपुर में बीते एक साल में गलत दिशा और लापरवाही से वाहन चलाने वाले 31.55 हजार चालकों के चालान काटे गए,लेकिन पिछले साल इनमें से किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस साल आईजी की सख्ती के बाद रेंज की पुलिस एफआईआर शुरू कर दी है। “धारा 281 बीएनएस के तहत गलत दिशा और लापरवाह ड्राइविंग पर अब केवल चालान नहीं, बल्कि अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी। सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं, नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।” -कैलाश चंद्र विश्नोई, आईजी

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अहिंसा सर्किल पर अव्यवस्थित खड़े वाहन, रोज ट्रैफिक जाम

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बाड़मेर | शहर के डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्किल के आसपास सड़क पर बड़ी संख्या में आवारा पशुओं का जमावड़ा बना रहता है। पशुओं के सड़क पर बैठे रहने और अचानक इधर-उधर दौड़ने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। – संतोष कुमार की रिपोर्ट। बाड़मेर | शहर के अहिंसा सर्किल क्षेत्र में खुले में रेत भरकर ले जाए जा रहे ट्रैक्टरों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। ट्रैक्टरों में रेत को बिना ढके परिवहन करने के कारण चलते समय सड़क पर रेत गिरती रहती है, जिससे मार्ग फिसलन भरा हो गया है। इससे दुपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई बार ट्रैक्टर चालकों को समझाया भी गया, लेकिन इसके बावजूद खुले में ही रेत ढोते हुए ट्रैक्टर नजर आते हैं। सड़क पर बिखरी रेत के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने में परेशानी होती है। – छगनलाल पारीक की रिपोर्ट। बाड़मेर | शहर के प्रमुख चौराहों में शामिल अहिंसा सर्किल पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगमन के बाद जैसे ही यात्री बाहर निकलते हैं, उसी समय चारों ओर से वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है। रेल से आने-जाने वाले यात्रियों, ऑटो-टैक्सी, निजी वाहनों और दुपहिया वाहनों के एक साथ निकलने से सर्किल क्षेत्र में अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। जाम के कारण आमजन, स्कूली वाहन, एम्बुलेंस सहित जरूरी सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। – कुलदीप की रिपोर्ट।

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जिले को एक साथ मिले 11 विशेषज्ञ और 5 नए डॉक्टर

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भास्कर संवाददाता|टोंक जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में दिनोंदिन बड़ी सौगात मिल रही है। बीते दिनों जहां टोंक के सआदत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 21 डॉक्टर लगाए गए थे। इसके सात दिन बाद ही सरकार की ओर से जिले में 11 विशेषज्ञों समेत 16 डॉक्टर नियुक्त किए हैं। ऐसे में डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले के सीएचसी समेत बड़े अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर (स्पेशलिस्ट) का पदस्थापन होने से राहत मिलेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि डॉक्टरों की इस नई खेप से जिले के दूरदराज इलाकों में मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। जारी सूची में सर्वाधिक मालपुरा के जिला अस्पताल को 5 विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराए गए हैं। जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में लगाए गए डॉक्टरों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, माइक्रो बायलॉजी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, शिशु रोग, कैंसर, एमबीबीएस एवं एमबीबीएस पीसीपीएनडीटी विशेषज्ञ का पदस्थापन किया गया है। टोंक में रिक्त चल रहे बीसीएमएचओ के पद पर रमेश चंद बैरवा को लगाया गया है। अब तक टोंक में बीसीएमएचओ का अतिरिक्त पदभार पीपलू के बीसीएमएचओ डॉ संगीत चौधरी के पास था। विशेषज्ञ डॉक्टरों के चिकित्सा संस्थानों में पदस्थापन होने से मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रदेश के जलदाय विभाग के कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 8 नए डॉक्टर लगाए गए हैं। इनमें दो टोडा व एक लांबाहरिसिंह में लगाए गए डॉक्टर शामिल है। मालपुरा अस्पताल प्रभारी डॉ. पीयूष सिंह ने बताया कि गत दिनों मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने नई सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत करते समय वादा किया था कि सोनोग्राफी मशीन आई है तो विशेषज्ञ सोनोलॉजिस्ट भी आएंगे। गंभीर मरीजों को जिला मुख्यालय समेत बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। अब स्त्री रोग, हड्डी रोग और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञों की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर ही जटिल ऑपरेशन और उपचार संभव हो सकेगा। नए डॉक्टरों को जल्द से जल्द आवंटित संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाएंगे। – डॉ.शैलेंद्र सिंह चौधरी, सीएमएचओ टोंक। छान के सीएचसी में डॉ कविता मीना व पीपलू में डॉ कपिल मीणा शिशु रोग विशेषज्ञ लगाया गया है। ऐसे में अब बच्चों को जिला अस्पताल लाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसी प्रकार टोडारायसिंह में गायनी डॉ प्रिया मिश्रा लगाए जाने से महिला रोगियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यहां काफी समय से पद रिक्त चला आ रहा था। इनका अलावा टोडारायसिंह में अशोक कुमार को एमबीबीएस पीसीपीएनडीटी, दीपा शर्मा को सआदत में फिजियोलॉजी, रामशरण सैनी को ट्रोमा टोंक में सर्जन, आत्माराम नागर को टोंक में कैंसर, सीताराम मौर्य पीसीपीएनडीटी, ईएनटी मोहम्मद सईद व सर्जन डॉ संजीव को निवाई, एमबीबीएस पीसीपीएनडीटी डॉ कपिल गौतम, ऑर्थो डॉ मनोज कुमार मीना को देवली व मेडिसिन डॉ बत्ती को लांबाहरिसिंह में नियुक्त किया गया है।

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वेस्टइंडीज ने साउथअफ्रीका को 6 रन से आखिरी टी-20 हराया:हेटमायर ने नाबाद 48 रन बनाए; सीरीज 2-1 से अफ्रीका के नाम

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वेस्टइंडीज ने टी-20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 6 रन से हरा दिया है। जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खराब मौसम और बिजली गिरने के डर के चलते मैच को 10-10 ओवर का कर दिया गया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 114 रन बनाए, लेकिन डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर साउथ अफ्रीका को 125 रनों का टारगेट मिला। जवाब में अफ्रीकी टीम 10 ओवर में 118 रन ही बना सकी। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैच जीतकर साउथ अफ्रीका ने सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। खराब मौसम के चलते दो बार रुका मैच
मैच की शुरुआत से पहले ही बिजली गिरने के चलते खेल 75 मिनट देरी से शुरू हुआ। उस वक्त अंपायरों ने इसे 16-16 ओवर का करने का फैसला लिया था। वेस्टइंडीज की पारी के 6 ओवर ही हुए थे कि एक बार फिर आसमानी बिजली के चलते खेल रोकना पड़ा। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद मैच को 10 ओवर का कर दिया गया। जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तब विंडीज के पास बैटिंग के लिए सिर्फ 4 ओवर बचे थे। हेटमायर ने नाबाद 48 रन बनाए
वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर अलग ही अंदाज में नजर आए। वे क्रीज पर बिना हेलमेट या कैप पहने ही बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने लुंगी एनगिडी और केशव महाराज के खिलाफ आक्रामक शॉट खेले। हेटमायर का एक छक्का सीधा स्टैंड्स में बैठे एक दर्शक के सिर पर जाकर लगा, जिसके बाद मेडिकल टीम को उसका चेकअप करना पड़ा। हेटमायर ने 22 गेंदों में नाबाद 48 रनों की पारी खेली, जिसमें 6 छक्के शामिल थे। शाई होप ने भी 18 गेंदों में 32 रनों का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका को डी कॉक ने दिलाई तेज शुरुआत
10 ओवर में 114 रन बनाने के बाद टारगेट को रिवाइज किया गया और साउथ अफ्रीका को 125 रनों का लक्ष्य मिला। क्विंटन डी कॉक ने पहले ही ओवर में 19 रन बनाकर इरादे साफ कर दिए थे, लेकिन कप्तान एडेन मार्कराम सस्ते में आउट हो गए। डी कॉक भी 23 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मिडिल ऑर्डर में रयान रिकेल्टन और डेवाल्ड ब्रेविस ने कुछ बड़े शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन दोनों को गुडाकेश मोटी ने एक ही ओवर में आउट कर मैच का रुख पलट दिया। साउथ अफ्रीका को आखिरी 12 गेंदों में जीत के लिए 27 रन चाहिए थे
साउथ अफ्रीका को आखिरी 12 गेंदों में जीत के लिए 27 रन चाहिए थे। ट्रिस्टन स्टब्स ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर समीकरण को अंतिम 5 गेंदों में 15 रन तक पहुंचा दिया। सीरीज का अपना पहला मैच खेल रहे तेज गेंदबाज शमर जोसेफ ने आखिरी ओवर में बेहतरीन यॉर्कर डालीं। उन्होंने जेसन स्मिथ का मिडल स्टंप उखाड़ दिया। अंतिम गेंद पर साउथ अफ्रीका को 8 रन की जरूरत थी, लेकिन कॉर्बिन बॉश सिर्फ एक रन ले सके। शॉट मारते वक्त उनका बल्ला भी टूट गया और वे क्रीज पर बैट टच करना भूल गए, जिससे टीम को शॉर्ट रन’ का नुकसान उठाना पड़ा। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए हुआ मैच
यह साउथ अफ्रीका का सालाना ‘पिंक टी-20 मुकाबला था। आमतौर पर यह वनडे फॉर्मेट में खेला जाता है, लेकिन इस बार साउथ अफ्रीका में कोई वनडे शेड्यूल नहीं होने के कारण इसे टी-20 में आयोजित किया गया। इस मैच का मकसद ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना और इलाज के लिए फंड जुटाना होता है। हार के बावजूद साउथ अफ्रीका के लिए राहत की बात यह रही कि उनके उस मिडिल ऑर्डर को बैटिंग का मौका मिला, जिसकी पहले दो मैचों में जरूरत नहीं पड़ी थी। ________________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 90 रन से दूसरा टी-20 हराया:सलमान आगा और उस्मान खान की फिफ्टी, अबरार-शादाब को 3-3 विकेट; सीरीज जीती पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 90 रन से दूसरा टी-20 हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। लाहौर में शनिवार को पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्तान ने 5 विकेट खोकर 198 रन बनाए। सलमान आगा और उस्मान खान ने फिफ्टी लगाई। ऑस्ट्रेलिया 108 रन ही बना सका। पूरी खबर

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गफूर भट्टा में जगह-जगह सड़कें टूटी होने से परेशानी

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जैसलमेर | जैसलमेर शहर के गफूर भट्टा में कुछ साल पहले ही लाखों रुपए की लागत के साथ सड़क निर्माण करवाया गया था। वार्ड नंबर 10 में कई दिनों से नाले क्षतिग्रस्त है। डी ब्लॉक की पहली गली से पानी का रिसाव होने से जगह-जगह गड्ढे हो गए है। जिससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही नालों में कचरा इकट्ठा होने से गंदा पानी आगे नही जाकर रोड़ पर ही बिखर जाता है। -मनोजकीरिपोर्ट…

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गांजा समेत पकड़ा प्राइवेट स्लीपर बस का ड्राइवर:10.155 किलो गांजा और बस जब्त की, दिल्ली से अजमेर लाया था आरोपी

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अजमेर की जिला स्पेशल टीम ने सिविल लाइंस थाना पुलिस के सहियोग से नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिल्ली- अजमेर मार्ग पर चलने वाली एक निजी स्लीपर बस से भारी मात्रा में गांजा पकड़ा। पुलिस ने बस चालक को गिरफ्तार कर वाहन को भी जब्त कर लिया है। आरोपी के कब्जे से कुल 10.155 किलोग्राम गांजा मिला है।
कार्रवाई जिला स्पेशल टीम के इंचार्ज सत्यवान के नेतत्व में की गई। एसएचओ शंभु सिंह ने बताया कि शनिवार को जिला स्पेशल टीम को ऋषभ ट्रेवल्स की स्लीपर बस से मादक पदार्थ तस्करी की सूचना पर हुई थी। आरपीएससी कार्यालय के सामने नाकाबंदी लगाई गई जैसे ही बस अजमेर पहुंची घेराबंदी कर चालक दिल्ली निवासी अमरजीत सिंह को धर दबोचा। उसके पास 10.155 किलोग्राम गांजा शुरुआती पूछताछ में चालक ने तस्करी की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह खेप दिल्ली में किसने सौंपी थी और अजमेर में इसे किसे सप्लाई किया जाना था। तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की जांच अलवर गेट थाना पुलिस को सौंपी गई है।

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सूजा शरीफ में उर्स व पैगामे अमन, तालिमी कॉन्फ्रेंस कल

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भास्कर न्यूज | बाड़मेर सूजों का निवाण स्थित दरगाह दादा मियां के सालाना उर्स पर सोमवार को इस्लामी विद्वान हजरत मौलाना अमीनूल कादरी विशेष तकरीर पेश करेंगे। इस अवसर पर आयोजित अमन-ए-पैगाम एवं तालिमी कॉन्फ्रेंस में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी तथा राजस्थान मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष एम.डी. चौपदार सहित कई अतिथि शिरकत करेंगे। सालाना जलसे के दौरान दारूल उलूम फैजे सिद्धिकिया संस्थान का 147वां जश्न भी मनाया जाएगा, जिसमें छात्रों को सनद प्रदान कर दस्तारबंदी की जाएगी। दरगाह एवं संस्थान परिसर में जायरीनों की सुविधा के लिए विशाल डोम व शामियानें लगाए गए हैं। परिसर को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। धर्मगुरु पीर सैयद गुलाम शाह जिलानी के नेतृत्व में जलसे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। दारूल उलूम फैजे सिद्धिकिया संस्थान के सचिव अब्दुल रशीद ने बताया कि उर्स व जश्न का आगाज सोमवार सुबह 8 बजे पारंपरिक तरीके से होगा। प्रारंभिक चरण में जामेआ सिद्धिकिया की ओर से मजलिस-ए-मशावरत आयोजित की जाएगी। सुबह 10 से 12 बजे तक धार्मिक पाठ खत्मे बुखारी शरीफ होगा। दोपहर 3 बजे दरगाह हजरत पीर सैयद कुत्बे आलम शाह जिलानी की दरगाह पर चादर व गुलपोशी पेश की जाएगी। शाम 4 बजे कौमी एकता एवं तालिमी कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। शाम 7 बजे इदारे के छात्रों का कार्यक्रम तथा रात्रि 9 बजे मौलाना अमीनूल कादरी सहित अन्य उल्मा-ए-किराम की तकरीर होगी।

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डोटासरा और भाजपा MLA के बीच करोड़ों की शर्त लगी:धरने पर पहुंचे 'राम के वंशज'; कूच से सहमति तक 'छत' पर नेताजी

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नमस्कार रामजी’ को लेकर पीसीसी चीफ डोटासरा और भाजपा विधायक गोपाल शर्मा के बीच ‘करोड़ों की शर्त’ लग गई। बस ऑपरेटर्स के धरने पर पहुंचे पूर्व मंत्री खाचरियावास बोले- मैं राम का वंशज हूं। जयपुर कूच करने निकले नेताजी गाड़ी की छत पर डटे रहे और जोधपुर में निगम की तिजोरी से निकला 1 रुपया खजाने में जमा हो गया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ‘रामजी’ को लेकर माननीयों में ‘करोड़ों की शर्त’ जनवरी अपने आखिरी पड़ाव पर था। बजट सत्र चल रहा था। सदन शुरू होने से पहले माननीय धूप सेंक रहे थे। इस दौरान डोटासराजी और गोपालजी की संक्षिप्त मुलाकात हुई। डोटासरा कांग्रेस पार्टी संगठन के चीफ और गोपालजी कमल वाली पार्टी के विधायक। औपचारिक अभिवादन के आदान-प्रदान के बाद बात ‘रामजी’ पर अटक गई। डोटासराजी ने मनरेगा स्कीम का नाम बदलने, गांधी की जगह ‘रामजी’ जोड़ने का उलाहना दिया। गोपालजी के पास जवाब तैयार था। बोले- गांधीजी तो खुद रामजी को प्रेम करते थे। रामराज्य की बात करते थे। डोटासराजी कहां मानने वाले थे, पलटवार किया- लेकिन रामजी कहां है? ग्राम है वो तो। रामजी बिल में लिख दो, मैं आपको लाख रुपए दूंगा। गोपालजी राजनीति विषय छोड़ अर्थव्यवस्था की तरफ मुड़े। कहा- आजकल लाख रुपए की क्या कीमत है? डोटासराजी आमादा थे, शर्त की रेट बढ़ाई- मैं आपको करोड़ रुपए दे दूंगा। आप तो उस बिल में रामजी लिख दो। ग्राम लिख रखा है और उसको आप रामजी बना रहे हो। लगे हाथ डोटासराजी ने इसमें एक शिकायत और जोड़ दी। बोले- हमारा इंडिया गठबंधन सही है, उसको आप इंडी गठबंधन बना रहे हो। गोपालजी ने सरेंडर नहीं किया। कहा- वो है ही इंडी। इंडी अलायंस। इसके बाद दोनों नेताओं ने ठहाका लगाकर हाथ मिलाया और अपनी-अपनी दिशा में बढ़े। 2. प्रताप सिंह खाचरियावास बोले- मैं राम का वंशज शहीद स्मारक पर बस ऑपरेटर्स का धरना चल रहा था। एक हादसे के बाद सरकार सख्त हो गई थी। सरकार सख्त होती है तो कानून-कायदे से चलने लगती है। इससे परेशानी होने लगती है। पूर्व परिवहन मंत्री खाचरियावास जी को बस ऑपरेटर्स ने कुछ ‘गुर’ सीखने के लिए बुलाया। वे पहुंचे। ऑपरेटर्स ने समस्या बताई- हर जिले में अफसर अपना नियम लगाते हैं। बताइये एक जगह से पास हुई RC को अजमेर में निरस्त कर दिया। समस्या सुनकर पूर्व मंत्रीजी को ‘अपने दिन’ याद आ गए। बोले- हमारे राज में ऐसा होता था क्या? फोन पर ऑनलाइन ही काम हो जाते थे। तुम्हीं लोगों ने दूसरी पार्टी को मजे दे दिए। चुनाव में सनातन की बातें की गई। भाई मैं मैं राम का वंशज हूं। कछावा वंश का क्षत्रिय हूं। शक्ल नहीं दिख रही क्या? लगता नहीं क्या राम का वंशज? सभा में एक यूनियन पदाधिकारी ने फिर पूर्व मंत्रीजी के कार्यकाल की बात छेड़ी- आपने तो परमिट 9 साल कर दी थी। अब घटा दी गई है। पूर्व मंत्रीजी को फिर जोश आया। बोले- बताओ, हमारी सरकार ने जो सुविधाएं दी थी, वो भी कम कर दी? उन्होंने वादा किया था कि चुनाव के बाद हर किसी को 1 लाख देंगे। एक लाख मिले क्या? अब तक चुपचाप भाषण सुन रहा एक ऑपरेटर बड़ी मायूसी से बोला- एक लाख तो नहीं मिले, हां एक लाख के चालान जरूर भर चुके हैं। इस पर सभा में ठहाका गूंज उठा। 3. नरेश मीणा का कूच और सहमति जब-जब विधानसभा चलती है तब-तब मुद्दों की हवा भी चलती है। सोये हुए गण जाग जाते हैं। बुझी हुई यूनियनें जागृत हो जाती हैं। संगठनों के आंदोलन आकार लेने लगते हैं। भूली-चूकी मांगें हिनहिनाने लगती हैं। कुल मिलाकर यह ‘सीजन’ होता है। बजट पेश होने से ठीक पहले नेताजी ने 12 मांगें गिनाईं और मासूमियत से कहा- चूंकि ये मांगे जिला स्तर की नहीं हैं, प्रदेश स्तर की हैं। इसलिए हम राजधानी कूच करेंगे। कूच का नाम सुनते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। तय समय और तय स्थान पर लोग अपने-अपने वाहन लेकर जुट गए। कूच शुरू हो गया। कार का सनरूफ खोलकर नेताजी अवतरित हुए। कूच शोभायात्रा बन गया और मांगों की झांकी निकलने लगी। प्रशासन पहले से तैयार था। कूच को हाईवे पर चढ़ने से पहले रोक दिया गया। इसके बाद नेताजी कार की छत पर जम गए। ताकि जो कुछ हो जनता के सामने हो और दूर तक की जनता को वे नजर आते रहें। नेताजी के छत पर बने रहने का एक लाभ यह हुआ कि रील बनाने वालों को उन्हें ढूंढने में मशक्कत नहीं करनी पड़ी। नेताजी ने कार की छत पर ही भोजन किया। पुलिस के आला अफसरों को कार की छत पर बैठकर ही लेटर सौंपा। कार की छत पर से ही कलेक्टर साहिबा से सहमति वाली दूरभाष वार्ता कर ली। कूच में शामिल बसों की छतों पर जमे समर्थक धमाल गा-गाकर वातावरण को छतमय करते रहे। सहमति के बाद कूच का वहीं से विसर्जन हो गया। 4. चलते-चलते.. नगर निगम के पुराने दफ्तर में 2 दशक से बंद पड़ी तिजोरी पर सबकी निगाहें थीं। आंखें सैकड़ों, सवाल एक-तिजोरी में क्या है? अफसरों में उत्सुकता थी लेकिन वे चेहरे से झलकने नहीं दे रहे थे। कर्मचारियों के चेहरे पर उत्सुकता थी और वे इसे झलका भी रहे थे। जिस हिसाब से तिजोरी भारी-भरकम थी, उस हिसाब से अंदाजा लगाया जा रहा था कि तत्कालीन बजट कितना अनसेफ रहा होगा। जिसे सुरक्षित रखने के लिए इसका इंतजाम करना पड़ा। तिजोरी की चाबी गायब थी और रिकॉर्ड से भी गायब थी। इसलिए मिस्त्री को बुलाने का फैसला लिया गया। तिजोरी का साइज और वजन देख मिस्त्री ने मेहनताना चांदी के स्तर तक बढ़ा दिया। बोला-ढाई हजार लगेंगे। मेहनताना तय रहा। इसके बाद मिस्त्री छैनी-हथौड़ा लेकर बिलग पड़ा। अफसरों-कार्मियों की जिज्ञासा और धड़कनें समान अनुपात बढ़ती जा रही थी। हथौड़े के मुकम्मल प्रहार से तिजोरी का पल्ला खुल गया। कैमरे में वीडियो बना रहा कार्मिक मोबाइल की बत्ती जलाकर लगभग तिजोरी में घुस गया। तिजोरी खाली थी। लेकिन अंदर एक और लॉकर था। सुई से हाथी निकल चुका था और पूंछ फंस गई थी। मिस्त्री ने ‘पूंछ’ पर भी हथौड़े से प्रहार किया और अंदरूनी लॉकर ने सरेंडर कर दिया। अंदर के लॉकर से 1 रुपए का कलदार खनखनाते हुए लुढ़का। अफसर एक दूसरे का मुंह ताकने लगे। एक कार्मिक ने बढ़कर सिक्का उठाया और गौर फरमाते हुए आर्केलॉजिस्ट की तरह बोला-1982 का है सर। किसी ने शगुन के तौर पर रखा होगा। तिजोरी खाली नहीं रहनी चाहिए न। कर्मचारी दबी हंसी हंसने लगे। एक ने अधिकारी से पूछा-सिक्के का क्या करें सर? सर ने सोच-विचार करने के बाद कहा-खजाने में जमा करा दो। सन्नाटे को मिस्त्री की मांग ने तोड़ा। बोला- साहब, मेरा पेमेंट कर दो। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक), अंकित ढाका (जोधपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी…

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