AITC announces Babul Supriyo, Rajeev Kumar, Menaka Guruswamy, Koel Mallick as Rajya Sabha candidates
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कोलकाता17 मिनट पहले
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एडवोकेट मेनका का जन्म 27 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ।
तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार शाम को राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। इनमें मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी और एक्ट्रेस कोयल मल्लिक का नाम शामिल है।
TMC ने X पर एक पोस्ट में लिखा- हम इन उम्मीदवारों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। वे तृणमूल की मजबूती की विरासत और हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उसके पक्के वादे को बनाए रखेंगे।
पश्चिम बंगाल समेत महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से चुने गए 37 सदस्यों का टर्म अप्रैल महीने में खत्म हो जाएगा। इन खाली सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग होगी।
बंगाल से 2026 में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से चार TMC के पास थीं। 294 सदस्यों वाली विधानसभा में मजबूत संख्या के साथ TMC पांच में से चार राज्यसभा सीटें जीतने वाली है, जबकि विपक्षी BJP को एक सीट मिलने की उम्मीद है।
TMC ने जिस सीनियर एडवोकेट मेनका अपना उम्मीदवार बनाया है, वे LGBTQ से हैं। अगर वे जीत जाते हैं तो संसद के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई LGBTQ सदस्य सांसद बनेगा।
10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने बुधवार को चुनाव प्रोसेस शुरू करने के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 6 मार्च को स्क्रूटनी होगी।
उम्मीदवार 9 मार्च तक नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं। वोटिंग 16 मार्च को होगी। वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी। चुनाव का प्रोसेस 20 मार्च तक पूरा हो जाएगा।
जानिए TMC के उम्मीदवारों के बारे में …
- बाबुल सुप्रियो: सुप्रियो, मोदी सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बाहर किए जाने के बाद BJP छोड़ दी। सितंबर 2021 में TMC में शामिल हो गए थे। बाद में उन्होंने TMC टिकट पर बल्लीगंज विधानसभा उपचुनाव जीता। ममता सरकार में मंत्री हैं। उनके नॉमिनेशन को उनकी राजनीतिक स्थिति बदलने और राज्य सरकार में लगातार भूमिका के लिए इनाम के तौर पर देखा जा रहा है।
- राजीव कुमार: कुमार इंडियन पुलिस सर्विस के पूर्व ऑफिसर हैं। इन्होंने पश्चिम बंगाल के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के तौर पर काम किया है। इससे पहले कोलकाता पुलिस के हेड थे। सारदा चिट फंड केस की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और सेंट्रल एजेंसियों के बीच हुए हाई-प्रोफाइल टकराव के सेंटर में भी वे थे।
- मेनका गुरुस्वामी: सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं। गुरुस्वामी उन वकीलों में से थे जिन्होंने 2018 में IPC की धारा 377 को हटाकर भारत में होमोसेक्सुअलिटी को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले ऐतिहासिक संवैधानिक चैलेंज में पिटीशनर्स का प्रतिनिधित्व किया था।
- कोएल मलिक: मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की एक जानी-मानी एक्टर हैं और पुराने एक्टर रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। उनके नॉमिनेशन को TMC की अपर हाउस में जाने-माने पब्लिक फिगर्स को उतारने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा माना जा रहा है।

जानिए मेनका के बारे में…
50 साल की मेनका ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड लॉ स्कूल और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया से पढ़ाई की है। वे कॉमन लॉ, संवैधानिक कानून, कॉर्पोरेट और सफेदपोश अपराध (White-Collar) के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं।
मेनका और उनकी पार्टनर अरुंधति काटजू दोनों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वे एक कपल हैं। यह कदम LGBTQ समुदाय के लिए एक बड़ा संदेश रहा।
2019 में TIME मैगज़ीन ने इन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में भी शामिल किया था, उनके LGBTQ अधिकारों के काम और प्रभाव के लिए।
गुरुस्वामी ने सेक्शन 377 के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाते हुए संविधान के तहत मौलिक अधिकारों के तौर पर मान्यता दी थी।
उन्होंने यह कहा था कि संविधान को सिर्फ यौन कृत्यों तक नहीं बल्कि प्रेम और समान अधिकारों तक भी मान्यता देनी चाहिए।








