सुरक्षा खामियां, अस्पताल का हैंडओवर से इनकार
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कल फिर होगी फायर सेफ्टी सिस्टम की टेस्टिंग भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा राजस्थान बजट में भीलवाड़ा जिले के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए 20 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी, जिसमें नई यूनिट के लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। लेकिन हालात यह है कि डेढ़ साल से महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में बना 240 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल अब तक मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर नहीं हो पाया। बिल्डिंग में तैयार फायर सेफ्टी सिस्टम की खामियों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने हैंडओवर लेने से मना कर दिया। फायर सेफ्टी की एनओसी नहीं मिलने से हैंडओवर की प्रोसेस फिर रुक गई। आरएसआरडीसी की जेईएन खुशबू ने बताया कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के लिए जो उपकरण लगाए गए थे, उनमें कुछ खामियां मिली, जिन्हें बदल दिया गया है। सोमवार, 23 फरवरी को फायर सिस्टम की एक बार फिर से टेस्टिंग की जाएगी। यह सफल होने के बाद बिल्डिंग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। बाकी सभी काम पूरे हो गए हैं। जिले को अब इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की जरूरत पड़ने लगी है। अस्पताल में मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। अस्पताल में ओपीडी कई बार 3 हजार से ज्यादा हो जाती है। हैंडओवर होने के साथ ही राज्य सरकार द्वारा दिए गए 20 करोड़ के बजट के अनुसार मेडिकल कॉलेज की ओर से प्राथमिकता के आधार पर उपकरणों की लिस्टिंग तैयार की जा रही है। उपकरणों की नई लिस्ट राजमेस को भेजी जाएगी, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज को नई बिल्डिंग शुरू करने में मदद मिल जाएगी। यूनिट शुरू होने से अस्पताल में 240 बेड क्षमता और मिल जाएगी। 20 करोड़ का बजट, बन रही संसाधनों की सूची
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