सादड़ी क्षेत्र की 62 वर्षीय किसान हंजा देवी मेघवाल जिले की ऐसी पहली किसान हैं, जो खुले खेत (बिना पॉलीहाउस) स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही हैं। जिले में अधिकतर किसान स्ट्रॉबेरी को केवल पॉलीहाउस या शेडनेट में उगा रहे हैं, लेकिन हंजा देवी ने कृषि पर्यवेक्षक बेटे नरेश की सलाह से यह प्रयोग किया, इन्हें खुले में उगाया। स्थानीय जलवायु के अनुकूल किस्म चयन कर उचित मल्चिंग, सिंचाई, पोषण प्रबंधन और कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल का चयन किया। भीलवाड़ा की नर्सरी से स्ट्रॉबेरी की पौध लेकर आए। उन्होंने बताया कि ट्रायल के आधार पर पहली बार 20 अक्टूबर को एक हजार स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए थे। अभी तक 900 पौधे जिंदा हैं। पौधों से फल का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। रोजाना 7 से 10 किलो तक फल तोड़कर बेच रहे हैं। हंजा देवी ने बताया कि पूरी फसल में केवल जैविक खाद का ही उपयोग किया गया है। इसमें जीवामृत, नीम तेल, वर्मी कम्पोस्ट ही डाल रहे हैं। फसल में पेस्टीसाइड और इनसेक्टीसाइड का उपयोग बिलकुल भी नहीं किया गया है। यह फसल मार्च तक रहेगी। जनवरी में ही बाजार में स्ट्रॉबेरी बेचना शुरू कर दिया था। अब एकड़ में लगाएंगे फसल वे बताती हैं कि स्ट्रॉबेरी के छोटे आकार के फल 150 रुपए प्रति किलो और बड़े आकार के फल 300 रुपए किलो तक बाजार में बिक जाते हैं। प्रयोग सफल रहा और मुनाफा बढ़ा है, इसलिए अगली बार एक एकड़ क्षेत्र में खुले में स्ट्रॉबेरी की फसल लगाएंगे। दूसरी ओर हंजा देवी ने उद्यान विभाग द्वारा 95 प्रतिशत अनुदान पर लगाए गए दो एकड़ के शेडनेट हाउस में खीरे की फसल लगा रखी है। मई से सितंबर के 100 दिनों में 2 एकड़ में खीरे की फसल लगाई। इनमें 8 लाख की लागत आई। वहीं, 100 दिन की फसल से 13 लाख के खीरे की फसल बेची। इसके बाद फिर से अक्टूबर में 2 एकड़ में 4.5 लाख की लागत से खीरे की फसल लगाई। उसमें से अब तक 5 लाख की बेच चुकी हैं। यह फसल मार्च के पहले सप्ताह तक चलेगी। तब तक 21 लाख से अधिक की फसल बेच चुके होंगे। इसमें लागत 12 से 13 लाख की हो जाएगी। हंजा देवी ने बताया कि शेडनेट संरचना के कारण तापमान व आर्द्रता का संतुलन तो होता ही है कीट एवं रोग का प्रकोप भी कम होता है।
जालोर | सिरे मंदिर रोड स्थित स्वीट भवन में फागोत्सव स्नेह मिलन समारोह किया। विद्या भारती की निदेशक मधु बाला भाटी ने बताया कि कार्यक्रम में शहर के विभिन्न मोहल्लों से आई महिलाओं का तिलक लगाकर स्वागत किया। महिलाओं ने चंग के ताल पर होली के गीत गाए और राधा-कृष्ण रूप में प्रस्तुतियों के साथ आकर्षक नृत्य किए। कार्यक्रम में सभी ने मिलकर गुलाल व पुष्पों से होली की शुभकामनाएं दीं और उत्साहपूर्वक फागोत्सव मनाया।
भास्कर न्यूज | जालोर शहर में रविवार को नगर परिषद में विकास कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग से कृषि कॉलेज के छात्र मिले। इस दौरान छात्रों ने मुख्य सचेतक ने फैकल्टी समेत भवन को लेकर समस्या बताई। इस दौरान मुख्य सचेतक ने कलेक्टर को बुलाकर पूछा कि भवन बन गया तो शिफ्ट क्यों नहीं किया जा रहा है। जहां कलेक्टर ने बताया कि केशवना में भवन तैयार है, लेकिन वहां इन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इस पर मुख्य सचेतक ने तुरंत केशवना में शिफ्ट कर कृषि विज्ञान केंद्र से ही 2 वैज्ञानिकों से शिक्षण कार्य में लगाने की बात कही। साथ ही भवन में साफ-सफाई, वॉचमेन, फर्नीचर और पानी की सुविधा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कॉलेज को उच्च शिक्षा से हटाकर जोधपुर कृषि विवि के अधीन के लिए विधानसभा में इस मुद्दे को रखने के साथ मुख्यमंत्री से मांग रखने की बात कही।
पीड़ित छात्रा त्रिपुरा की रहने वाली है। उसने लिव इन पार्टनर के टॉर्चर से बचने के लिए किसी तरह अपने मां को कॉल कर जानकारी दी थी। फोटो AI जनरेटेड
हरियाणा के गुरुग्राम में त्रिपुरा की रहने वाली 19 साल की स्टूडेंट तीन दिन तक बेइंतहा टॉर्चर झेलती रही। शादी का झांसा देकर लिव-इन में रखने वाला शिवम ने उसे न केवल बंधक बनाया बल्कि क्रूर यातनाएं दीं। प्राइवेट पार्ट पर सैनिटाइजर डालकर लाइटर से आग लगा दी
.
इस दौरान उसने पीड़िता को लेकर तीन ठिकाने बदले। वर्तमान में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही बीएससी की यह छात्रा के कानों में अब भी ये शब्द गूंज रहे है, जब शिवम उसको यातनाएं देते समय बोला, तुम्हें इतना मारूंगा कि कभी चल नहीं पाओगी, ना ही मां बन पाओगी।
उधर, मामले में गुरुग्राम पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए है। मामले को हैंडल कर रही दिल्ली पुलिस इम्पैनल्ड एडवोकेट रीना राय ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस ने उसे पीड़िता से मिलने से रोका। यह क्रूरता पीड़िता के जीवन के लिए खतरा थी, फिर भी हत्या का प्रयास नहीं माना गया।
हालांकि गुरुग्राम पुलिस ने अब इस मामले में आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मगर, अभी भी कई बातें ऐसी है, जिनसे पर्दा उठना बाकी है। करीब छह माह पहले डेटिंग एप से शुरू हुई यह प्रेम कहानी इस हैवानियत वाले अंजाम तक कैसे पहुंच गई, पढें पूरी रिपोर्ट…
छात्रा त्रिपुरा की रहने वाली है, जो यहां एक फेमस यूनिवर्सिटी में बीएससी के लिए अगस्त माह में एडमिशन लिया था। लिव-इन पार्टनर के टॉर्चर के बाद वह सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में भर्ती है।
पहले एफआईआर में दर्ज छात्रा से हैवानियत की कहानी…
18 अगस्त को एडिमशन, 6 सितंबर को ऐप पर मुलाकात : पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, 18 अगस्त 2025 को उसने गुरुग्राम की एक बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। 6 सितंबर 2025 को ऑनलाइन डेटिंग ऐप से उसकी पहली बार शिवम से बातचीत हुई।
सितंबर के लास्ट में संबंध बनाए, सोसाइटी में फ्लैट में रखा: पीड़िता के अनुसार, सितंबर 2025 के आखिरी सप्ताह उसकी शिवम के घर नरेला दिल्ली में पहली मुलाकात हुई। यहां शिवम ने शादी का झांसा देकर पहली बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उनमें बातचीत गहरी हुई और दोनों सितंबर बाद Sec 33 ओवर होम्स सोसाइटी गुरुग्राम के फ्लैट में साथ रहने लगे।
जनवरी में ठिकाना बदला, शक करते हुए मारपीट शुरू की : इसके बाद शिवम जनवरी, 2026 में उसे धुनेला की ग्लोबल हाइट्स ले गया। चरित्र पर शक करते हुए पहली बार मारपीट की। उसने मारपीट के बारे में घर पर नहीं बताने के लिए मजबूर किया। उसने विरोध किया तो कई बार मारपीट की।
लिव-इन पार्टनर शिवम के साथ छात्रा गुरुग्राम के इसी पीजी में रहती थी।
13 फरवरी को फिर ठिकाना बदला, सेक्टर 69 के पीजी पहुंचे : पीड़िता के मुताबिक, कुछ दिन सब ठीक चला, मगर, फिर से प्रताड़ना शुरू हो गई। वैलेनटाइन डे से एक दिन पहले यानि 13 फरवरी को शिवम उसे सेक्टर 69 के एक पीजी में लेकर गया। यहां शिवम ने अपने नाम से कमरा लिया हुआ था।
16 फरवरी को मारपीट, स्टील बोतल और मटके से सिर फोड़ा : 16 फरवरी की रात से शिवम ने फिर से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसने स्टील की बोतल से सिर पर वार किया, सिर को बार-बार बेड,अलमारी और दीवार से टकराया, मिट्टी के मटका सिर पर फोड़ा। प्रताड़ना का यह सिलसिला दो दिन चला।
प्राइवेट पार्ट को सैनेटाइजर डालकर आग लगाई: पीड़िता के मुताबिक, 18 फरवरी को शिवम ने उसके साथ सबसे हैवानियत भरा कृत्य किया। उसके प्राइवेट पार्ट पर सैनिटाइजर डाला और लाइटर से आग लगा दी। यह यातना तीन बार दोहराई गई, जिससे गंभीर जलन और जख्म हो गए। उसने चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन मुंह दबा दिया।
चाकू मारे, यूरिन पिलाया, न्यूड वीडियो बनाई: पीड़िता का आरोप है कि शिवम इतना सब करने के बाद भी नहीं रूका। उसके पैरों और शरीर पर चाकू से वार किए, यूरिन तक पिलाया और नग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल की धमकी दी। तीन दिन तक प्रताड़ना झेलने के बाद उसने 18 फरवरी रात 10 बजे हिम्मत करके शिवम के मोबाइल से अपनी मां को कॉल लगाकर जानकारी दी।
रविवार को गुरुग्राम पहुंची छात्रा की मां ने मीडिया को बेटी के साथ हुई हैवानियत की जानकारी दी थी।
छात्रा तक कैसे पहुंची पुलिस, मां ने बताई पूरी कहानी…
बेटी ने फोन कर कहा- मुझे जान से मार देगा : पीड़िता की मां के मुताबिक 18 फरवरी रात करीब 10 बजे बेटी का फोन आया था। उसने बताया था कि- “मेरे पास समय नहीं है, मुझे मार दिया जाएगा…। शिवम पिछले 3 दिनों से मुझे पीट रहा है, जलाया है, आज जान से मार देगा”। यह सब बाते उसने अपनी लोकल लैंग्वेज में बताई, ताकि शिवम को पता ना चल सके।
यूरिन पिलाया, कई बार निजी अंगों को जलाया : पीड़िता की मां ने आगे बताया कि बेटी ने कॉल पर बताया कि शिवम ने उसे तीन दिनों तक कमरे में बंद रखा, उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। यूरिन तक पिलाया। रोज कई बार उसके निजी अंगों को जलाया। मां ने कहा कि आरोपी ने चाकू से शरीर के कई हिस्सों पर वार किया।
गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में लिव-इन पार्टनर के साथ मारपीट करने का आरोपी शिवम। वह दिल्ली के नरेला का रहने वाला है।
मां की सूचना पर पुलिस ने छात्रा को बंधन मुक्त कराया : बेटी की कॉल कटने के बाद उसकी मां ने तुरंत इसकी जानकारी गुरुग्राम पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को बरामद कर आरोपी शिवम को अरेस्ट कर लिया। छात्रा की हालत गंभीर देखते हुए उसे सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया।
अब जानिए पुलिस ने इस मामले में क्या-क्या किया…
पुलिस ने दिल्ली जाकर पीड़िता के बयान दर्ज किए
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पहले सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल डॉक्टरों ने उसे बयान देने के लिए अनफिट बताया था। बाद में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, वहां डॉक्टरों ने उसे बयान देने के लिए फिट घोषित किया। इसके बाद पुलिस ने उसके विस्तृत बयान दर्ज किए। एएसआई बीना कुमारी को इस मामले में जांच अधिकारी बनाया गया है।
पुलिस ने शिवम के खिलाफ केस दर्ज किया
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी शिवम को अरेस्ट कर लिया है। 19 फरवरी को उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 118(1), 118(2), 127(2), 69 और 351 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह रिपोर्ट पीड़िता के बयान के आधार पर ही दर्ज की गई है।
पुलिस ने केस को चिन्हित अपराध की कैटेगिरी में रखा
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में रेप और मारपीट की धाराएं पहले ही लगा रखी है। आरोपी शिवम को जेल भेजा जा चुका है। गुरुग्राम पुलिस ने इसे चिन्हित अपराध की कैटेगिरी में रखा है, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
कितने खतरनाक हो सकते है डेटिंग ऐप, इन्फोग्राफिक्स में जानिए…
————
ये खबर भी पढ़ें….
पुलिस अधिकारी की बेटी के प्राइवेट पार्ट सैनिटाइजर से जलाए:गुरुग्राम में लिव-इन पार्टनर ने मारपीट कर न्यूड VIDEO बनाया, यूरिन पिलाया; BSc की छात्रा
हरियाणा के गुरुग्राम में 19 साल की लिव-इन पार्टनर टॉर्चर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवती बीएससी की छात्रा है और उसकी मां त्रिपुरा में पुलिस अधिकारी है। आरोपी शिवम ने लिव-इन में रहते हुए उसके प्राइवेट पार्ट को सैनिटाइजर डालकर लाइटर से आग लगाई। साथ ही मारपीट कर वीडियो भी बनाया। (पूरी खबर पढ़ें)
सड़कों के टूटने का कारणलंबी बारिश को बता दिया पंचायत समिति बाइपास- बारिश के बाद से पीडब्ल्यूडी का यहरोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। यह रोड गारंटी पीरियड में भी है। जालोर में पंचायत समिति बाइपास रोड, घांचियों की पिलानी रोड व लिंक रोड क्षतिग्रस्त पड़ीं नगर परिषद में रविवार को मुख्यसचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कई नएविकास कार्यों का शिलान्यास औरपूर्ण कायों के बाद लोकार्पण केदौरान सभी सड़कों को गड्ढों सेमुक्त करने का दावा किया। साथही ये भी कहा कि जो बची हैउनका काम चल रहा होगा।जब भास्कर ने इस दावे कीसच्चाई जानी तो पता चला किजालोर शहर में ही 8 सड़कें ऐसी हैंजिन पर गड्ढे नहीं भरे। ना ही यहांकोई मरम्मत का काम चल रहा है। बारिश के बाद शहर में नगर परिषदऔर पीडब्ल्यूडी की कई सड़कों परगड्ढे पड़े हैं।इतना ही नहीं कुछ सड़केंरिपेयरिंग की थी, उनपर भी गड्ढेपड़ चुके हैं। तिलकद्वार, घांचियोंकी पिलानी और ऊपर कोटा,वाल्मिकी कॉलोनी, किले कीघाटी, रतनपुरा रोड से एफसीआईरोड समेत कई जगह नगर परिषदकी सड़कें टूटी हुई है। हालांकिघांचियों की पिलानी सड़क कोबारिश के बाद रिपेयर किया,लेकिन फिर से बिखर चुकी है।इधर, पंचायत समिति बाइपास रोड,महेशपुरा रोड और रणछोड़ नगररोड समेत कई सड़कें बिखरी हुईपड़ी है। इन सड़कों पर रिपेयरिंगका कार्य भी नहीं चल रहा है। घांचियों की पिलानी रोड- इसे एक ही रात में रिपेयर किया पर1 माह में इसके 300 मीटर हिस्से में 40 गड्ढे हो चुके हैं। एफसीआई-रतनपुरा लिंक रोड- डेढ़ साल पहले ही बना था।एक हिस्सा कई महीनों पानी में डूबा रहा, पूरी तरह टूटा। जालोर विधानसभा क्षेत्र में लोकार्पण कार्यक्रम में संबोधित करते गर्ग व अन्य लोग। ये किस्मत की बात है कि जब बीजेपी काराज हो तो बारिश ज्यादा होती है और कांग्रेसराज में कम होती है। इसलिए उनके समयसड़कें कम टूटती थी और हमारे समय ज्यादाटूटती है। कांग्रेस के समय सड़कें कम टूटतीथी उसके बाद भी रिपेयरिंग का वापसबरसात आने वाली होती तब होता था। सड़केंरिपेयरिंग करने में दस-दस महीने लग जातेथे। इस बार बहुत ज्यादा बारिश हुई, जिससेशहर और ग्रामीण इलाकों में सड़कें बहुतज्यादा टूटी। बारिश अक्टूबर में भी चलीइसलिए हम गड्ढे नहीं भर पाए। बारिशसमाप्त होने के बाद हमनें सभी सड़कों कोगड्ढों से मुक्त कर दिया है। स्थानीय विकास निधि और राज्य-केंद्र वित्त पोषित कुल 334 कार्यों का शिलान्यास इस मौके पर स्थानीय विकास निधि योजनाके तहत 1 करोड़ 93 लाख से 19 वराज्य-केन्द्र वित्त आयोग से पोषित1172.26 लाख के 315 कार्यों काशिलान्यास व लोकार्पण किया। इस मौकेपर मुख्य सचेतक गर्ग ने कहा कि इस बारभारत सरकार और राज्य सरकार काबजट का मूल सिद्धांत आधारभूत ढांचा,जिससे लोगों को सुविधा मिले। आधारभूतसंरचना में सम्मिलित शिक्षा, सड़क,बिजली एवं पेयजल के लिए मुख्यमंत्रीशिक्षित राजस्थान अभियान, अटल प्रगतिपथ, पीएम कुसुम योजना सहित विभिन्नफ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम सेआमजन को लाभान्वित कर रही हैं। मुख्यसचेतक गर्ग ने कहा कि पिछली सरकारकार्य करने का तरीका ऐसा था कि लोगों केसमस्याआंे से तंग होने के बाद समाधानहोता था। भाजपा का मूल सिद्धांत रहा हैकि समस्या होते ही समाधान करो। लोगोंको घर बैठे सुविधा मिलनी चाहिए।कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. प्रदीप के.गवांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष जसराजपुरोहित, नगर परिषद आयुक्त दिलीपमाथुर, भवानी सिंह बाकरा, दीपसिंहधनानी, जशोदा कंवर, रवि सोलंकी,पुखराज विराणा समेत लोग मौजूद रहे।
Mamata Banerjee Alliance Leader; Rahul Gandhi Should Quit INDIA Lead, Says Manishankar Aiyar
कोलकाता4 मिनट पहले
कॉपी लिंक
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर रविवार को कोलकाता पहुंचे थे।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कोलकाता में कहा कि ममता दीदी के बिना, INDIA गठबंधन का ‘I’, ‘N’, ‘D’, ‘I’, ‘A’ खत्म हो जाएगा। क्योंकि ममता बनर्जी इस गठबंधन की लीडर हैं। उनके साथ, दो-चार और लोग हैं जो यह जगह पा सकते हैं।
मुझे लगता है कि राहुल गांधी को गठबंधन का नेतृत्व करने की बजाय छोटी पार्टियों को मौका देना चाहिए। फिर चाहे वह स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों, या कोई और राहुल गांधी को इन लोगों को जिम्मेदारी देनी चाहिए।
अय्यर बोले- मैं ममता का राइट हैंडमैन था
मणिशंकर अय्यर ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के CM ममता बनर्जी का समर्थन करने पर कहा, ‘मैं खुद TMC में ममता दी का पहला नेशनल सेक्रेटरी था। मैं दिसंबर 1997 के आखिर में यहां पार्टी में शामिल हुआ था। लेकिन तीन हफ्ते के अंदर ही मुझे एहसास हो गया कि यह पार्टी बंगालियों की है और मैं बंगाली नहीं हूं। तो फिर मैं वहां क्या करता? इसलिए मैंने पार्टी छोड़ दी, लेकिन तीन हफ्ते तक मैं ममता दी का राइट-हैंड मैन था जब उन्होंने यह पार्टी बनाई।’
अय्यर का 6 दिनों में राहुल के खिलाफ दूसरा बयान…
16 फरवरी: अय्यर बोले- मैं गांधियन-राजीवियन हूं, राहुलियन नहीं
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह गांधियन, नेहरूवियन और राजीवियन हैं, लेकिन ‘राहुलियन’ नहीं हैं। मणिशंकर ने अपने पुराने बयान पर विवाद को स्पष्ट करते हुए कहा- राहुल गांधी मुझसे करीब 30 साल छोटे हैं। मुझे उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिला। इसलिए मैं खुद को राहुलवादी कैसे कह सकता हूं?
अय्यर की ये टिप्पणियां कांग्रेस के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच आई हैं। विवाद की शुरुआत 16 फरवरी को हुई जब उन्होंने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि INDIA ब्लॉक को मजबूत करने के लिए एमके स्टालिन सबसे सही नेता हैं, जबकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
——————–
ये खबर भी पढ़ें…
मणिशंकर बोले- राजीव 2 बार फेल होने के बावजूद पीएम बने
पूर्वकेंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक फिर विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की शिक्षा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘आश्चर्य है इतने कमजोर एजुकेशन रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री कैसे बनाया गया।’ पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान की 16वीं विधानसभा का पांचवां सत्र एक बड़ी कंट्रोवर्सी में फंस गया है। विपक्ष के सचेतक रफीक खान ने कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में किए गए निर्णय और उसके प्रतिवेदन में अंतर बताकर सरकार पर आरोप लगाया। जबकि सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इसे निराधार बताया और कहा कि जब बीएसी में प्रस्ताव तय हो गया, तो सदन में चर्चा उससे अलग कैसे कराई जा सकती है। पक्ष और विपक्ष के तर्कों के बीच यह बड़ी कंट्रोवर्सी कितने दिन सदन का कामकाज प्रभावित रखेगा, यह सोमवार की कार्यवाही में दिखेगा। सरकार ने प्रक्रिया और नियमों की धज्जियां उड़ाईं विपक्ष के सचेतक रफीक खान ने विवाद पर कहा- सरकार ने विधानसभा के नियम और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाई। सदन में शनिवार को सरकार के 2 वर्षों की उपलब्धि के प्रतिवेदन पर सरकार ने प्रस्ताव रखा। यह नियमों के विपरीत था। प्रस्ताव क्या होना चाहिए था
रफीक : सदन में मुख्यमंत्री ने सरकार के 2 साल और कांग्रेस सरकार के 5 वर्षों पर सदन में चर्चा के लिए कहा था। उसके अनुसार सदन में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन कार्यसूची ओर प्रस्ताव में “सरकार @ 2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024-25-2026 प्रतिवेदन लेकर आ गई। यह नियम विरुद्ध था। सदन में नियम 263 के अंतर्गत बिजली, पानी, ओलावृष्टि सहित अन्य विषयों सहित ऐसे प्रतिवेदन पर चर्चा की जा सकती है। बीएसी में आप राजी क्यों हुए
रफीक : हम राजी नहीं थे। तय हुआ था दो साल बनाम 5 साल। बीएसी के प्रस्ताव में बदल दिया। यानी अब बीएसी के मिनिट्स ऑफिशियल बन जाएं तब ही मीटिंग से बाहर निकला जाए। यह तो सदन की गरिमा के खिलाफ है। 5 साल का काम बताते, आप चर्चा से भागे क्यों?
रफीक : हम भागे नहीं। किसी भी पार्टी की सरकार हो उसकी उपलब्धि के गुणगान के लिए राज्यपाल अभिभाषण, बजट भाषण, विभागों को अनुदान की मांगों पर सदन में विस्तृत चर्चा होती है। भजनलाल सरकार अपनी झूठी शान को प्रदर्शित करने के लिए सदन का दुरुपयोग करना चाहती है। विपक्ष को तो सदन के गरिमा और संसदीय परंपराओं का सम्मान करना है। विवाद : कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नहीं चाहते कि नेता प्रतिपक्ष बोलें
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- विपक्ष का हंगामा निराधार और गैर जिम्मेदाराना है। सदन में सदैव नियमों और प्रक्रियाओं की पालना सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 5 फरवरी को राज्य सरकार के 2 साल की उपलब्धियों का ब्यौरा सदन की पटल पर रखा था। उस दौरान प्रतिपक्ष के सदस्यों ने चर्चा के लिए सदन में सहमति दी थी। बीएसी में जो तय हुआ, प्रस्ताव अलग क्यों?
पटेल : सदन में सहमति के बाद 16 फरवरी को बीएसी की बैठक में सर्वसम्मति से 19वां प्रतिवेदन तैयार किया गया। इसके एजेंडा संख्या 2 में ‘सरकार/2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024-25 व 2025-26‘ विषय पर चर्चा के लिए रखा गया। इस प्रतिवेदन को मुख्य सचेतक ने सदन में भी पढ़ा, जिस पर सदन ने सहमति दी। इसके बावजूद शनिवार को प्रतिपक्ष द्वारा हंगामा किया गया। जब सदन ने प्रस्ताव मंजूर किया तो हंगामा क्यों?
पटेल : हमारी सरकार के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों को सुनने की क्षमता विपक्ष में नहीं है। कांग्रेस में अंदरूनी विवाद चल रहा है। इसीलिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा नहीं चाहते थे कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सदन में बोलें। जबकि हम चाहते हैं कि विपक्ष हमारी कमियां बताए, जिन्हें हम राज्य हित में सुधार सकें। कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट होने का ही काम किया है। प्रस्ताव में 5 साल का काम जुड़वाने में हर्ज क्या था पटेल : मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दो साल में ऐतिहासिक विकास कार्य कराए हैं। विधानसभा के नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात रखे। पूर्व मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बजाय सदन में आकर अपने अनुभव साझा करें। आप अपनी सरकार के काम बताते। किए होते तो बताते न।
राहुल पुट्ठी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपने गाने के बारे में बताया।
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा द्वारा शो के दौरान पूर्व सरपंच को चिल्लाकर मंच से उतारने का मामला और तूल पकड़ रहा है। इस कंट्रोवर्सी के बीच अब हरियाणवी म्यूजिक इंड्स्ट्री के और सिंगर भी कूद पड़े हैं। हांसी के सिंगर राहुल पुट्ठी ने पूरी कॉन्ट्रोवर्सी पर एक
.
असल में, 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा अपनी बहन कविता व बहनोई धर्मवीर उर्फ धरमू की शादी की सिल्वर जुबली (25वीं सालगिराह) कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद मुआना के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को चिल्लाकर मंच से उतार दिया था।
अब, सिंगर राहुल पुट्ठी ने सरपंचों पर मासूम शर्मा की टिप्पणी का जवाब गाने से दिया है। 3 मिनट 25 सेकेंड के गाने में मासूम शर्मा को लेकर काफी कुछ कहा है। ‘एक पेटी दारू में नाचन आला सै’, ‘आखिरी वॉर्निंग’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए हैं।
राहुल पुट्ठी के गाने ‘तू नाचन आला स’ का पोस्टर।
ये हैं राहुल पुट्ठी के गाने के बोल
राहुल पुट्ठी ने अपने यूट्यूबर चैनल पर 22 फरवरी को इस गाने को रिलीज किया। इस गाने के बोल हैं- “जो मेरे दिल में थी, वो बात बतावण आया सूं। हरियाणे एक बहोत बड़े स्टार नै औकात बतावण आया सूं। कलाकार भतेरे हरियाणा म्ह, उनके रोले न होते। वे तेरे की ज्यूं पीके घमंड में बावले न होते। तेरे कांपै ज्यां स हाथ, तेरा कांपै सारा गात, तेरे इस बीमारी न कोई जांचण आला सै। तूं सरपंच, मंत्री-एमएलए न कुछ ना मानै, तू भी एक दारू की पेटी मैं नाचन आला स।”
लाइव आकर बोले- आदमी को आदमी नहीं समझता गाना रिलीज होने के बाद राहुल पुट़्ठी फेसबुक पर लाइव आए और कहा- नमस्कार भाई, मैं आपका राहुल पुट्ठी। आजकल एक माणस सै, जो माणस ने माणस नहीं मानण लागरा (आदमी को आदमी नहीं समझता)। सरपंच, मंत्री-एमएलए, किसे न कुछ नहीं मानण ए नहीं लागरा। गाने की चार लाइन सुनाने के बाद कहते हैं कि यो गाना है भाई। इस गाने ने शेयर कर दो। सरपंच सर्वसमाज बनाता है। थाहम कदे बणै होते तो थाहम न बेरा होता (तुम कभी बने होते तो पता होता)। अगर हक की बात लगी हो तो कमेंट कर देना।
खटोला गाने से हुआ राहुल और मासूम के साथ विवाद
मासूम शर्मा और राहुल पुट्ठी के बीच विवाद ‘एक खटोला जेल के भीतर’ गाने से शुरू हुआ। मासूम के ‘एक खटोला’ गाने के जवाब में राहुल पुट्ठी ने ‘जेल में बेड’ गाना लॅान्च किया था। उसके बाद मासूम शर्मा का ‘खटोला-2’ गाना आया तो राहुल पुट्ठी ने उसके जवाब में ‘जेल में कट्टा’ लॅान्च किया। लगातार विवाद के बीच हरियाणा सरकार ने बदमाशी से जुड़े गानों पर एक्शन लिया तो दोनों के ये गाने डिलीट हो गए।
हांसी के रहने वाले हैं राहुल पुट्ठी
हरियाणवी सिंगर राहुल हांसी जिले के पुट्ठी गांव के रहने वाले हैं। राहुल को बचपन से हरियाणवी रागनी और भजन गाने का शौक रहा, जिसके बाद उन्होंने राममेहर महला से गायकी के गुर सीखे। राहुल के अनुसार, शुरुआत में परिवार के लोग इस शौक के कारण पिटाई भी कर देते थे, लेकिन बाद में जब उन्हें लगा कि वह इसमें नाम बना रहा है तो परिवार ने भी उनका साथ दिया। वह 12वीं तक पढ़े हैं। राहुल के पिता सत्यवान हांसी में मैकेनिक हैं। राहुल की दो बहनें व एक भाई है। राहुल इनमें सबसे बड़े हैं।
18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद
विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में हुआ। मासूम शर्मा स्टेज पर आए तो भीड़ देख भड़क गए। उन्होंने वहां खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो।
मासूम शर्मा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पूर्व सरपंच ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली और कहा कि मासूम को पैसे देकर कहीं भी नचवा लो। अगर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत बुलाई जाएगी।
——————————————
ये खबर भी पढ़ें :-
पूर्व सरपंच बोले- मासूम शर्मा बटेऊ जैसा नखरा छोड़े:पंचायत के सामने लाइव माफी मांगनी पड़ेगी; हरियाणवी सिंगर के भाई ने गलती मानी
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच हुआ विवाद शांत नहीं हुआ। 21 फरवरी की शाम जींद में मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच से माफी मांगी और कहा कि मासूम शर्मा बाहर है। इसलिए उसकी जगह मैं आया हूं। इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
ब्रिज के नीचे रखा डस्टबिनभरा, बाहर डाल रहे कचरा पेयजल लाइन फूटी, व्यर्थ बह रहा पानी खबरें भेजने के लिए QR कोड स्कैन करेंया 9414356130 पर वॉट्सएप करें सामतीपुरा रोड स्थित नर्बदा कॉलोनी में सुंदेलाव तालाब काओवरफ्लो पानी कॉलोनी में घुस गया। हालांकि अब तालाब का ओवरफ्लोबंद हो चुका है, लेकिन भरा हुआ पानी अब भी सरकारी विभागों के आगेजमा है। लंबे समय से पानी भरा रहने से गंदगी और परेशानी का माहौलबना हुआ है। पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, जिससेबीमारी फैलने की आशंका है। – मुकेश कुमार शहर के आत्मानंद आश्रमके सामने आहोर रोड स्थित ब्रिज केनीचे रखा डस्टबिन कई दिनों सेखाली नहीं किया है। डस्टबिनओवरफ्लो होने से लग कचरा बाहरडालकर जा रहे हैं, जिससे आसपासगंदगी फैल रही है। गंदगी में पड़ीप्लास्टिक खाने से गायों केबीमार होने की आशंका भीजताई जा रही है। स्थानीय लोगोंने नगर परिषद से शीघ्र सफाईकरवाने की मांग की है। -दीपक रेलवे स्टेशन रोड स्थित नहर के पास पेयजल पाइपलाइन फूटने सेपानी व्यर्थ बह रहा है। लगातार बहते पानी से सड़क पर जलभराव की स्थितिबन गई है। इससे राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानीका सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने पीएचईडी विभाग से शीघ्रमरम्मत कर व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। – प्रकाश माली कचरा और पॉलीथिनसड़कों पर फेंक रहे हैं सांड़बाव से लेकर घाचियोंकी फिलानी तक दुकानदारों द्वाराकचरा व पॉलीथिन सड़कों पर फेंकीजा रही है। यह कचरा नालियों मेंफंसने से गंदा पानी बाजार के मुख्यमार्ग पर बह रहा है। नालियों कीसफाई नहीं होने से दुर्गंध औरबीमारी फैलने की आशंका बढ़ गईहै। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद सेदुकानदारों को पाबंद कर नियमितसफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने कीमांग की है। – रूस्तम खान
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक साधारण सा दिखने वाला पेन पूरे ज्योमेट्री बॉक्स की जगह ले सकता है? श्रीगंगानगर के जपनूर सिंह ने इसे हकीकत में कर दिखाया है। खास बात है कि जपनूर के “5-इन-1 स्मार्ट पेन’ को अब भारत सरकार से डिजाइन पेटेंट मिल गया है। यह आविष्कार न केवल स्कूली बच्चों के भारी बस्ते का बोझ कम करेगा, बल्कि देश में “मेक इन इंडिया’की नई इबारत भी लिखेगा। वर्तमान में श्री गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल अमृतसर में क्लास 6 के छात्र जपनूर सिंह ने अपनी मेधा और नवाचार से देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने जपनूर द्वारा डिजाइन किए गए एक अनोखे मल्टी-यूज ज्योमेट्री पेन को आधिकारिक तौर पर रजिस्टर कर लिया है। पंजाबी सिटी निवासी जपनूर के पिता डॉ. प्रभदीप सिंह का दावा है कि उनका बेटा संभवतः श्रीगंगानगर के सबसे कम उम्र के ऐसे इनोवेटर बन गए हैं जिनके नाम पर भारत सरकार का डिजाइन पेटेंट दर्ज है। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि अगर सोच बड़ी हो और सही मार्गदर्शन मिले, तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती। भारी ज्योमेट्री बॉक्स का स्मार्ट विकल्प जपनूर का यह आविष्कार स्कूली छात्रों की सबसे बड़ी समस्या-भारी बैग और खोते हुए छोटे उपकरणों का समाधान है। ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के सहयोग से विकसित इस ऑल-इन-वन पेन में कई खूबियां समाहित हैं.… 5-इन-1 तकनीक: इस एक पेन में लिखने के लिए पेन, ड्राइंग के लिए पेंसिल, सुधार के लिए इरेजर, मापने के लिए मिनी स्केल और वृत्त बनाने के लिए कम्पास (सर्कल मेकर) को बेहद खूबसूरती से फिट किया गया है।
छात्रों का बोझ होगा कम: अब छात्रों को परीक्षा या क्लास में अलग से भारी ज्योमेट्री बॉक्स ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनका बैग हल्का और व्यवस्थित रहेगा। इसलिए खास है यह आविष्कार विशेषता – छात्रों के लिए लाभ कॉम्पेक्ट डिजाइन – पेन की तरह जेब में आ जाता है। समय की बचत – परीक्षा के दौरान बार-बार औजार बदलने की जरूरत नहीं। लागत प्रभावी- अलग-अलग 5 चीजें खरीदने के बजाय एक स्मार्ट टूल। खो जाने का डर नहीं – छोटे स्केल और इरेजर गुम होने की समस्या खत्म।