एसओजी ने 3 डॉक्टर और 2 टीचर्स को किया अरेस्ट:3 राज्यों में 6 जगह दी थी दबिश, रुपए लेकर डमी कैंडिडेट बन दी थी एग्जाम
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स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने डमी कैंडिडेट बैठकर एग्जाम देने वाले तीन डॉक्टर्स और दो सरकारी टीचर को अरेस्ट किया है। तीन राज्यों में दबिश देकर 6 जगहों पर दबिश देकर एसओजी ने पांचों आरोपियों को अरेस्ट किया। मामले में एक संदिग्ध डॉक्टर को राउंडअप कर जयपुर एसओजी हेड क्वार्टर लाया जा रहा है। एसओजी जांच में सामने आया है कि पकड़े गए छहों आरोपियों ने लाखों रुपए लेकर डमी कैंडिडेट बैठकर एग्जाम पास करवाई थी। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 का आयोजन किया गया था। दिसम्बर-2022 में सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान विषय की परीक्षा हुई थी। सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का पेपर लीक होने के कारण ये परीक्षा निरस्त कर जनवरी-2023 को दोबारा करवाई गई थी। सार्वजनिक परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों की ओर से डमी कैंडिडेट के जरिए से एग्जाम पास कर वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) पद पर धोखाधड़ीपूर्वक चयनित होने की शिकायत प्राप्त हुई थी। एसओजी जांच के दौरान 14 अभ्यर्थियों एवं अन्य संलिप्त आरोपियों के खिलाफ साल-2023 में FIR दर्ज की गई। एसओजी की ओर से तुरंत कार्रवाई कर मामले में 12 मूल अभ्यर्थी, 3 डमी कैंडिडेट और 5 सहयोगी आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। डमी कैंडिडेट की पहचान थी मुश्किल
एडीजी बंसल ने बताया- इस प्रकरण में सबसे बड़ी चुनौती केवल फोटोग्राफ के आधार पर डमी कैंडिडेंट की पहचान करना था। आईजी शरत कविराज की ओर से राज्य में वन-टाइम रजिस्ट्रेशन डाटाबेस के समानांतर एक विशेष सॉफ्टवेयर बनाया गया। जिसमें अभ्यर्थियों के फोटो एवं विवरण उपलब्ध थे। उक्त डाटाबेस के आधार पर संदिग्ध फोटोग्राफ का मिलान कर कई आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। दबिश देकर छहों को पकड़ा
सॉफ्टवेयर से जांच में 10-10 हजार रुपए के इनामी छह आरोपी भी शामिल मिले। जिसके एड्रेस-मोबाइल नंबर सामने आने पर लोकेशन ट्रेस की गई। एसओजी की ओर से सोमवार सुबह करीब 10 बजे अण्डमान, कोलकाता, जालौर, कोटा और जयपुर में 6 स्थानों पर दी। एसओजी ने 10-10 हजार रुपए के ईनामी 5 डमी कैंडिडेट अरेस्ट (3 एमबीबीएस स्टूडेंट और 2 सरकारी टीचर) और 1 संदिग्ध एमबीबीएस स्टूडेंट को पकड़ा। रुपए लेकर दी थी एग्जाम
-एसओजी ने महेश कुमार बिश्नोई (एमबीबीएस छात्र, चतुर्थ वर्ष, जयपुर) को अरेस्ट किया। आरोपी डॉक्टर महेश ने पूर्व में अरेस्ट हुए मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार गोदारा निवासी जालौरा की जगह एग्जाम दी थी। जिसके एवज में 3 लाख रुपए लिए थे।
– महिपाल बिश्रोई (एमबीबीएस छात्र, चतुर्थ वर्ष, कोटा) को अरेस्ट किया। आरोपी डॉक्टर महिपाल ने पूर्व में अरेस्ट मूल अभ्यर्थी सुरतराम मीणा निवासी बरनाला गंगापुर सिटी की जगह एग्जाम दी थी। एग्जाम पास करवाने के एवज में 5 लाख रुपए लिए थे।
– सही राम (एमबीबीएस छात्र, चतुर्थ वर्ष, पोर्ट ब्लेयर) को अरेस्ट किया। आरोपी डॉक्टर सही राम ने पूर्व में अरेस्ट मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार निवासी सांचौर, जिला जालौरा की जगह एग्जाम दी थी। जिसके एवज में 3 लाख रुपए लिए थे।
– हनुमाना राम (राजकीय अध्यापक) को अरेस्ट किया। आरोपी टीचर हनुमाना राम ने फरार मूल अभ्यर्थी अशोक कुमार बिश्नोई निवासी धोरीमन्ना बाड़मेर की जगह एग्जाम दी थी। जिसके एवज में 5 लाख रुपए लिए थे।
– एसओजी ने निवास कुराडा (राजकीय अध्यापक) को अरेस्ट किया है। आरोपी निवास ने फरार चल रहे मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह बिश्नोई निवासी करावड़ी जालौर की जगह एग्जाम दी थी। एग्जाम पास करवाने के एवज में 5 लाख रुपए लिए थे।
– एसओजी ने प्रिंस (संदिग्ध डमी, एमबीबीएस छात्र, कोलकाता) को पकड़ा है। संदिग्ध प्रिंस ने फरार मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह चिश्नोई निवासी करावड़ी जालौर की जगह एग्जाम दी थी। जिसे पकड़ कोलकात्ता से जयपुर लाया जा रहा है।
अब तक 26 आरोपी अरेस्ट एसओजी की ओर से मामले में अब तक 12 मूल अभ्यर्थी, 9 डमी परीक्षार्थी, 5 बिचौलिए सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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