कामां में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही:टारगेट पूरा करने को कर दी गर्भवती की नसबंदी, अब सोनोग्राफी में 4 माह की प्रेग्नेंट

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डीग जिले के कामां कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां देवकी पत्नी वेदप्रकाश ने आरोप लगाया है कि नसबंदी ऑपरेशन से पहले की गई प्रेग्नेंसी जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बावजूद उसे नेगेटिव दर्शाकर ऑपरेशन कर दिया गया। अब महिला 4 महीने की गर्भवती पाई गई है। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। देवकी के अनुसार 15 नवंबर 2025 को कामां उप जिला अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन से पहले लैब में प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया था। जांच रिपोर्ट में गर्भावस्था नेगेटिव बताई गई, इसी आधार पर डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर दिया। लेकिन 9 फरवरी 2026 को पेट दर्द होने पर डीग के सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी कराई गई। इसमें महिला को करीब 4 महीने की गर्भवती बताया गया। इसके बाद परिवार ने कामां थाना पुलिस में शिकायत दी है। ऑपरेशन के बाद महिला ने नसबंदी का विरोध कर मांगा क्लेम, डॉक्टर बोले– ‘फेल नहीं है ऑपरेशन’
कामां के उप जिला अस्पताल कामां से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, वीडियो में अस्पताल के चिकित्सक डॉ बीएस सोनी से महिला क्लेम की मांग कर रही है। इस पर डॉक्टर जवाब देते हैं— “लाली, तुझे जो उकसा रहे हैं, लालच में डाल रहे हैं, उनको जानकारी नहीं है। बच्चा ऑपरेशन से पहले का है, ऑपरेशन फेल नहीं है। तू परेशान होगी तो होगी… तेरे लिए इतना हो सकता है कि सरकारी अस्पताल में सफाई हो जाएगी।”महिला का कहना था कि जब रिपोर्ट पॉजिटिव थी तो फिर ऑपरेशन क्यों किया गया? इस पर डॉक्टर ने इसे “मानवीय भूल” बताया। महिला ने इसे अवैधता करार देते हुए आपत्ति जताई, तो डॉक्टर ने कहा कि संबंधित कार्मिक को सामने डांट नहीं सकते, लेकिन बाद में डांट लगा दूंगा। “मामला संज्ञान में आया है संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट लेकर जांच कराएंगे।”
-उत्सव कौशल, कलेक्टर डीग “गर्भवती महिला का अगर नसबंदी ऑपरेशन किया गया है तो यह गलत है। किसकी लापरवाही रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।”
-विजय सिंघल, सीएमएचओ डीग

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