जोधपुर की दासानिया पंचायत में कमेटी की मनमर्जी:खाली भूमि पर भी 91 पट्टे… लेने वालों में 3 सरपंच-उप सरपंच परिवार के
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दासानिया पंचायत में पट्टों को लेकर धांधली हुई है। वर्ष 2020 से 2025 तक 5 साल में यहां 210 पट्टे जारी हुए। इनमें से खसरा नंबर 449/2 में खाली जमीन पर 91 पट्टे जारी कर दिए। जबकि खाली जमीन पर बिना नीलामी पट्टे नहीं दिए जा सकते। ये पट्टे लेने वालों में पंचायत स्टैंडिंग कमेटी में शामिल उपसरपंच रुपाराम के दो बेटे बाबूलाल और उत्तम सिंह भी हैं। सरपंच परिवार के गंगाराम को भी पट्टा मिला है। नियमानुसार कमेटी सदस्य के परिवार को पट्टे जारी नहीं हो सकते। इसमें खसरा 375/2 में 30% पट्टे ऐसे हैं जो है तो दुकानों के हैं, जो आवासीय में बनी हैं। ऐसे पट्टे कॉमर्शियल श्रेणी में ही दे सकते हैं।यहां तक की गैर मुमकिन ओरण 375 में भी पट्टा जारी किया गया है। इधर, पट्टों के लाभार्थियों से जो भी डीएलसी राशि ली गई उसे ग्राम विकास अधिकारी ने पंचायत के बैंक खाते में डाला ही नहीं। इसे नगद खर्च किया गया। इसे अलग से कैश बुक में इंद्राज किया गया है। ऐसे में पैसों की धांधली की भी आशंका है। विधानसभा में 55 पट्टों की ही जानकारी
15वीं विधानसभा के दौरान तत्कालीन विधायक दिव्या मदेरणा के सवाल के जवाब में शेरगढ़ पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी ने गलत जानकारी भी भेजी। ग्राम पंचायत के कुल 55 पट्टों की जानकारी ही दी जबकि उस समय भी यह संख्या 150 के करीब थी। जिनकी जानकारी छुपाई गई उसमें आदुराम सहित कई रसूखदार के पट्टे हैं। खाली जमीन पर इनको दिए पट्टे
इन खसरों में रमेश पुत्र टीकूराम, दीपाराम पुत्र उदाराम, हरदानराम पुत्र नरिंगराम, उपसरपंच पुत्र बाबूलाल व उत्तम सिंह पुत्र रूपाराम, प्रेमसिंह पुत्र नरपतसिंह, मानाराम पुत्र हदुराम, पेम्पराम पुत्र खेताराम, मोटाराम पुत्र भभूताराम, गंगाराम पुत्र प्रभु राम, आदूराम पुत्र गजाराम, लाखाराम पुत्र नगाराम, रामूराम पुत्र खेताराम सहित करीब 91 लोगों को पट्टे जारी किए गए हैं। सीईओ-संपर्क पोर्टल के जवाब विरोधाभासी 9 जुलाई 2025 को पंचायत समिति शेरगढ़ के अतिरिक्त बीडीओ ने जिला परिषद के सीईओ को जांच रिपोर्ट में कहा था कि खसरा 449 में कोई पट्टा जारी ही नहीं किया गया है। कमेटी में शामिल सदस्य के परिवारजन पट्टे नहीं ले सकते हैं दासानिया में बिजली पोल के पीछे दिख रही इसी खाली जमीन पर पंचायत ने पट्टे जारी कर रखे हैं। “फाइल मंगवाकर मामले की जांच करवाई जाएगी जो भी गड़बड़ मिलती है उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।”
-आशीष कुमार मिश्रा, सीईओ, जिला परिषद, जोधपुर “पूर्व में अगर किसी ने गलत जवाब भेजा है तो देखना पड़ेगा। जो भी रिपोर्ट है उसे देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
-धनसिंह, बीडीओ, पंचायत समिति, शेरगढ़
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