राजस्थान में 10 शहरों का न्यूनतम तापमान डबल डिजिट में:हल्की गर्मी ने बढ़ाई मौसमी बीमारियां; दिन का पारा 32.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा

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राजस्थान में लगातार तापमान बढ़ने से दिन में सर्दी का असर लगभग खत्म हो रहा है। शनिवार को हनुमानगढ़, सिरोही को छोड़कर शेष सभी जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान भी 15 शहरों में 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम साफ रहने और तापमान इसी तरह का बरकरार रहने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सभी जगह आसमान साफ रहा और तेज धूप रही। लगातार दूसरे दिन बाड़मेर का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बाड़मेर के अलावा पाली, जालोर और जोधपुर ऐसे शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हनुमानगढ़ और सिरोही को छोड़ दे तो शेष सभी शहरों का अधिकतम तापमान 25 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज हुआ। दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा तापमान अधिक और तेज धूप रहने से लोगों को अब हल्की गर्मी महसूस होने लगी है। इस कारण लोग अब दिन में गर्म कपड़े न पहनकर सामान्य कपड़ों में रह रहे है। कल जयपुर में दिन में तेज धूप रहने से यहां अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पिलानी में अधिकतम तापमान 28.9, अजमेर में 28.3, जैसलमेर में 29.2, चित्तौड़गढ़ में 29.6, बीकानेर में 29.2, नागौर में 29, डूंगरपुर में 29.4, दौसा में 28.7, चूरू में 28.6 और भीलवाड़ा में 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसमी बीमारियों का सीजन एसएमएस हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक, अचानक दिन में तेज गर्मी होना और सुबह-शाम तेज सर्दी मौसमी बीमारियों को बढ़ा रहे हैं। इन दिनों ओपीडी में सर्दी, जुकाम और वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, वातावरण में हल्की नमी होने और तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव होना वायरल इंफेक्शन को बढ़ाने के लिए अनुकूल मौसम होता है। न्यूनतम तापमान चढ़ा, 15 शहरों में 10 डिग्री से ऊपर अधिकतम तापमान बढ़ने के साथ अब न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। शनिवार को सबसे ज्यादा ठंडा इलाका फतेहपुर का रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करौली में 6.5, दौसा में 6.8, पाली में 7.5, अलवर में 7, वनस्थली (टोंक) 7.4, सीकर में 6.3, पिलानी में 9.3 और चूरू में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, गंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बारां, प्रतापगढ़ समेत अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ।

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खेजड़ी बचाओ आंदोलन:क्रमिक अनशन पर बैठे 51 पर्यावरण प्रेमी, फलौदी में खेजड़ी के पेड़ काटने की घटना पर भी विरोध जताया

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जागो-जागो रे बिश्नोई भाइयों, खेजड़ली है संकट में… यह बोल उस गीत के हैं, जो खेजड़ी को लेकर गाए जा रहे हैं। खेजड़ी को बचाने के लिए चल रहा आंदोलन इन दिनों भक्ति का केंद्र बना हुआ है। संतों के सानिध्य में पूरे दिन भजन-कीर्तन चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रदेश और देशभर में बिश्नोई समाज के लोगों से महापड़ाव में पहुंचने की अपील की जा रही है। आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने महापड़ाव छठे दिन भी जारी रहा। पूर्व घोषणा के अनुसार शनिवार को 51 पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठे। फलौदी के आउ गांव में शनिवार को हुई खेजड़ी कटने की घटना पर लोगों ने आक्रोश जताया। संत सच्चिदानंद, भागीरथ शास्त्री, आनंद प्रकाश ने कहा कि जब सरकार के मंत्री ने दो संभागों में खेजड़ी की कटाई पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है तो इस अपराध को क्यों नहीं रोका जा रहा है। आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि रविवार को भी 51 लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कांग्रेस का पैदल मार्च
पूर्व कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला अपने कार्यकर्ताओं के साथ महापड़ाव तक पैदल मार्च कर पहुंचे। उन्होंने खेजड़ी के महत्व को उजागर करते हुए मांग रखी कि सरकार को यथाशीघ्र ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सोलर पश्चिमी राजस्थान में प्रकृति के विनाश का एक बहुत बड़ा कारण बनेगा। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि पूर्व विधायक गिरधारी महिया, सीपीएम, आम आदमी पार्टी, साइका समाज सहित कई समाजों के प्रतिनिधियों ने महापड़ाव में पहुंचकर आंदोलन का समर्थन दिया है। संभाग के श्रीगंगानगर सहित विभिन्न जिलों से भी पर्यावरण प्रेमी पहुंचे।

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