आज 29 स्टेट में राजस्थान ब्लाइंड क्रिकेट टीम टॉप-4 में:25 जिलों में चार साल घर-घर जाकर ढूंढी खिलाड़ी, 10 साल में 150 तैयार की
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क्रिकेट की दुनिया में ब्लाइंड क्रिकेटर की अलग ही दुनिया है। अंधेरे के बावजूद इनके सपनों ने जीवन में उम्मीदों की रोशनी जलाए रखी है। बात उन लड़कियों की कर रहे हैं जो राजस्थान क्रिकेट की जर्सी पहनने वाली वो खिलाड़ी बन गई हैं जो ब्लाइंड क्रिकेट के मैदान में लगातार अपनी छाप छोड़ रही हैं। आज राजस्थान के 25 जिलों की 150 खिलाड़ी हैं जो 10 साल की मेहनत का परिणाम हैं, लेकिन ऐसी लड़कियों को तलाशना, इन्हें घर से मैदान तक लाना, फिटनेस, स्किल डेवलप कर एक खिलाड़ी बनाना, ये सब इतना आसान नहीं था। हाल ही महाराष्ट्र में आयोजित इंटर स्टेट वीमन क्रिकेट टूर्नामेंट में गुजरात को हराकर राजस्थान टीम ने एक बार फिर अपनी काबिलियत दिखाई है। राजस्थान ने 7 साल में अब तक 12 नेशनल टूर्नामेंट जीत लिए हैं। 2022 से देश के 29 राज्यों में राजस्थान की महिला टीम टॉप 4 में गिनी जाती हैं। बेयरिंग बॉल की आवाज सुनकर चलता है पूरा खेल टीम के खिलाड़ियों को तीन कैटेगिरी में बांटा जाता है। B1 कैटेगिरी के 4, B2 के 3, B3 के 4 खिलाड़ी होते हैं। तीनों कैटेगिरी में एक-एक खिलाड़ी एक्स्ट्रा रखा जाता है। बैटिंग करने वाले B1 खिलाड़ी को एक B2 या B3 कैटेगिरी का रनर उपलब्ध कराया जाता है। विकेट कीपर B2 या B3 का होता है। वह बॉलर को बॉलिंग फेंकते समय तीन बार हीयर, हीयर, हीयर कहता है। उसकी आवाज सुनकर बॉलर उसी दिशा में गेंद फेंकता है। खेलने के लिए प्लास्टिक के खोल में बेयरिंग वाली विशेष बॉल होती है। उसी की आवाज सुनकर खिलाड़ी शॉट लगाते हैं। स्पेशल टीचर से संपर्क, फिर परिजन तक पहुंचे राजस्थान में ब्लाइंड पुरुष टीम पहले से है, लेकिन महिला टीम नहीं थी। 2016 में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड से जुड़े इस्लाम अली, जुगल किशोर तसलीमा हुसैन और अंजुम नाज ने ऐसी लड़कियों को तलाशने के लिए ब्लॉक लेवल पर स्पेशल टीचर्स से संपर्क किया। 25 जिलों में 4 साल तक घर-घर घूमे। कहीं परिजन ने टीम को घर में घुसने तक नहीं दिया, कहीं कड़वी बातें सुनने को मिली तो कुछ से समझाइश काम आई। जैसे-तैसे 30 लड़कियों के नाम कागज पर आए। लड़कियों को मैदान तक लाना और नई को ढूंढना जारी रखा गया। इन 30 में खेल कौशल और फिटनेस 25 लड़किया में ही मिला जिन्हें धीरे-धीरे खिलाड़ी लायक बनाया गया। इस प्रक्रिया को बनाए रखा तो 10 साल में अब जाकर 150 खिलाड़ी बनी हैं। पहली बार हुए टी-20 ब्लाइंड महिला वर्ल्ड कप के लिए देश की 56 खिलाड़ियों की सूची में राजस्थान से 3 खिलाड़ी शामिल हुईं, लेकिन अंतिम 16 में मात्र एक खिलाड़ी बूंदी की सिमरनजीत कौर ने जगह बनाई। 48 खिलाड़ी अब तक 5 बार नेशनल खेल चुकी हैं।
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