Mahendragarh Gangster Youth Becomes UGC NET JRF Qualified|gangster papla gurjar gang
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दीक्षांत कुमार, जिसने अपराध की दुनिया को छोड़कर शिक्षा की राह चुनी।
हरियाणा और राजस्थान के नामी गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर के साथ कभी कंधे से कंधा मिलाकर अपराध की दुनिया में कदम बढ़ाने वाला उसके साथी दीक्षांत ने अब जरायम की दुनिया से तौबा कर ली है। अब वह पढ़ाई लिखाई कर नेक इंसान बनने की राह पर है। उसने इसका पहला
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महेंद्रगढ़ के गांव खैरोली के रहने वाले दीक्षांत ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अंग्रेजी विषय में यूजीसी नेट जेआरअफ परीक्षा में सफलता हासिल की है। बता दें दीक्षांत कभी पपला गुर्जर के उन साथियों में शामिल रहा है, जिन पर पुलिस ने 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। तीन साल जेल भी काटी, लेकिन इसके बाद उसका मन अपराध की दुनिया से उचटने लगा।
मगर, अब दीक्षांत का सपना है कि वह आगे पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर एक अच्छे शिक्षक बनें और किसी प्रतिष्ठित कॉलेज या विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाकर देश के भविष्य निर्माण में योगदान दें। युवाओं को संदेश दिया है किकिसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े में पड़कर अपना भविष्य खराब न करें।

विक्रम उर्फ पपला गुर्जर की फाइल फोटो
पहले जानिए कौन है पपला गुर्जर, जिससे दीक्षांत का संपर्क था…
- दोनों महेंद्रगढ़ के खरौली गांव के रहने वाले : दीक्षांत खैरोली गांव का रहने वाला है। यह खैरोली गांव कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर का भी गांव है, जो राजस्थान और हरियाणा का मोस्ट वांटेड बदमाश रहा है। पपता ने 2014 में अपने गुरु शक्ति सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनियां में कदम रखा था। इसके बाद उसने एक साथ कई हत्याओं को अंजाम दिया। 2016 में वह अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
- 2017 में महेंद्रगढ़ कोर्ट में फायरिंग कर फरार हुआ : पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पपला गुर्जर को 2017 को जेल से पेशी पर लाया गया था। इसी दौरान उसने महेंद्रगढ़ कोर्ट परिसर में फायर कर दिया और वहां से फरार हो गया। इसके बाद पपला गुर्जर का नाम अपराध की दुनिया में गिना जाने लगा। वर्तमान में पपला पर पांच लाख का इनामी है।
- 2019 में राजस्थान के बहरोड़ थाने में फायरिंग की : फरार पपला साल 2019 में एक नेता जयराम गुर्जर की हत्या का बदला लेने राजस्थान के अलवर के बहरोड़ पहुंचा था। पुलिस को खबर लगी तो पपला को धर दबोचा गया। मगर, गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही पपला की गैंग ने एके-47 जैसे हथियारों से लैस होकर बहरोड़ थाने पर हमला बोल दिया। थोड़े ही देर में लॉकअप तोड़कर पपला गुर्गों संग फरार हो गया।
- बहरोड में वारदात में पपला के साथ दीक्षांत भी था शामिल : पुलिस के मुताबिक, गांव खैरोली का दीक्षांत भी पपला गुर्जर के संपर्क में था। जब 2019 में पपला बहरोड़ थाने में पकड़ा गया था, उस वक्त दीक्षांत ने भी अपने साथियों के साथ वारदात करने में उसका सहयोग किया था। पपला को पकड़ लिया गया, लेकिन दीक्षांत और उसके साथी फरार हो गए थे। इस पर पुलिस ने दीक्षांत समेत सभी पांचों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम रखा था।
- पपला गुर्जर 2021 में मुंबई से पकड़ा गया था : इसके बाद पपला गुर्जर कई राज्यों में फरारी काटता रहा। 28 जनवरी 2021 पपला महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ था। पुलिस ने रात में छापा मारकर पपला के साथ उसकी गर्लफ्रेंड जिया को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह जेल में बंद है।

डिग्री कॉलेज में पढ़ाई के दौरान दीक्षांत ने स्टूडेंट यूनियन का चुनाव भी लड़ा था।
दीक्षांत कैसे अपराध की दुनिया से दूर हुआ, 3 पॉइट्स…
- पिता टीचर थे, शुरू से मेधावी रहा दीक्षांत: दीक्षांत के पिता ओमप्रकाश सरकारी टीचर थे, जो अब रिटायर हो चुके है, जबकि मां हाउस वाइफ हैं। दीक्षांत शुरू से ही मेधावी विद्यार्थी रहा है। उसने 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। इसके बाद बीएससी नाॅन मेडिकल की डिग्री प्रथम श्रेणी से पास की। फिर अंग्रेजी से एमए किया, जिसे भी फर्स्ट डिवीजन से उत्तीर्ण की। स्टूडेंट यूनियन का चुनाव भी लड़ा था।
- पपला गुर्जर के संपर्क में आकर अपराध की दलदल में फंसा: पपला भी गांव खरौनी का रहने वाला है। इसी वजह से दीक्षांत भी उसके संपर्क में आ गया। मगर, 2019 में पपला बहरोड़ थाने से पपला गुर्जर के फरारी केस में नाम आने के बाद पुलिस ने दीक्षांत पकड़ा लिया था। वह वर्ष 2019 से 2021 तक वह जेल में बंद रहा।
- जेल जाने के बाद आत्ममंथन किया, छोड़ी अपराध की राह : जेल में बंदी के दौरान उसने आत्ममंथन किया और अपराध से दूर जाने के लिए अपनी पढ़ाई जारी रखी। अब यूजीसी नेट में सफलता प्राप्त कर उसपने अपने शैक्षणिक सफर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। साथ ही साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।
- पीएचडी करने की इच्छ, ग्रामीणों ने दीं शुभकामनांए : दीक्षांत का सपना है कि वह आगे पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर एक अच्छे शिक्षक बनें और किसी प्रतिष्ठित कॉलेज या विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाकर देश के भविष्य निर्माण में योगदान दें। उधर, गांव के लोगों ने दीक्षांत और उनके परिवार को इसके लिए शुभकामनाएं दीं। दीक्षांत ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े में पड़कर अपना भविष्य खराब न करें, बल्कि अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें ताकि वे अपने और अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सकें।

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एके-47 से हमला कर बहरोड़ जेल से पपला गुर्जर को भगाने वाले गैंगस्टर राजवीर गुर्जर उर्फ लारा (32) एक बार फिर बड़ा कांड करने की तैयारी में था। एक बार फिर फिल्मी स्टाइल में पपला गुर्जर को भगाने की पूरी प्लानिंग कर रखी थी। अंडरवर्ल्ड तक अपना नाम सुर्खियों में लाने के लिए कई गैंगस्टर्स को मारने वाला था। (पूरी खबर पढ़ें)
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