Agniveer Karan Singh Rathore Funeral


पश्चिम बंगाल में शहीद हुए सीकर के अग्निवीर करणसिंह राठौड़ (22) का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। श्रीमाधोपुर के कंचनपुर-जोरावरनगर गांव में चार मासूम भतीजों ने करणसिंह को मुखाग्नि दी।

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करणसिंह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तैनात थे। एक फरवरी को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था।

बुधवार सुबह 8:30 बजे उनकी पार्थिव देह श्रीमाधोपुर थाने पहुंची थी। अग्निवीर के सम्मान में थाने से पैतृक गांव कंचनपुर-जोरावरनगर की राठ़ौड़ों की ढाणी तक 11 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई।

जैसे ही करणसिंह की पार्थिव देह उनके गांव पहुंची, उनकी मां मुकेश कंवर पार्थिव देह को देखकर बेसुध हो गईं। बहन निकिता कंवर रो-रोकर अपने भाई को पुकारने लगी। इस दौरान पिता दयाल सिंह ने हाथ जोड़कर बेटे को आखिरी नमन किया।

अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव देह को घर से 2 किलोमीटर दूर कंचनपुर गोशाला के पास स्थित मोक्ष धाम लेकर गए। जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

पहले देखें 3 PHOTOS…

अग्निवीर करणसिंह की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के दौरान मां और बहन फूट-फूटकर रोने लगी। पिता ने बेटे को नमन कर विदाई दी।

अग्निवीर करणसिंह की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के दौरान मां और बहन फूट-फूटकर रोने लगी। पिता ने बेटे को नमन कर विदाई दी।

बहन निकिता कंवर और पिता दयाल सिंह को सैन्य अधिकारियों ने सौंपा तिरंगा।

बहन निकिता कंवर और पिता दयाल सिंह को सैन्य अधिकारियों ने सौंपा तिरंगा।

अग्निवीर को उनके मासूम भतीजों नवनीत, जियांश, तेजपाल और लोकेन्द्र सिंह ने मुखाग्नि दी।

अग्निवीर को उनके मासूम भतीजों नवनीत, जियांश, तेजपाल और लोकेन्द्र सिंह ने मुखाग्नि दी।

खाना खाने की तैयारी कर रहे थे, हार्ट अटैक आया

सूबेदार करणा राम ने बताया- 1 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे करणसिंह ड्यूटी पर जाने से पहले खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। खाना खाने से पहले वे बाथरूम के लिए गए थे। इस बीच करणसिंह को हार्ट अटैक आ गया। जिसके बाद जवान तुरंत उन्हें हॉस्पिटल ले गए। हॉस्पिटल में डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रिश्तेदार चतर सिंह राठौड़ ने बताया- करणसिंह दिसंबर 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। वे 17 कॉर्प्स सिलीगुड़ी बागडोगरा में तैनात थे। 1 फरवरी की शाम को सिलीगुड़ी से आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) ने फोन पर उनके निधन की सूचना दी थी।

निधन के 3 घंटे पहले मां से फोन पर बात की थी

करणसिंह ने निधन से लगभग तीन घंटे पहले अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे ड्यूटी जाने की तैयारी कर रहे हैं और अभी खाना खाएंगे। इसके तीन घंटे बाद शहादत की खबर सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया।

बहन निकिता कंवर और मां मुकेश कंवर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

बहन निकिता कंवर और मां मुकेश कंवर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

सेना से जुड़ा परिवार, पिता 10 साल पहले रिटायर हुए

करणसिंह का पूरा परिवार देश सेवा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब 10 साल पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। करणसिंह के दोनों चाचा भी सेना में हैं। करणसिंह इकलौते बेटे थे। उनकी बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल में हैं। करणसिंह अविवाहित थे।

अंतिम विदाई से जुड़ी अन्य PHOTOS….

तिरंगा यात्रा श्रीमाधोपुर थाने से शुरू हुई। 11 किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

तिरंगा यात्रा श्रीमाधोपुर थाने से शुरू हुई। 11 किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

तिरंगा यात्रा जब कंचनपुर पहुंची तो राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के स्टूडेंट्स ने पुष्प वर्षा की और भारत माता के जयकारे लगाए।

तिरंगा यात्रा जब कंचनपुर पहुंची तो राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के स्टूडेंट्स ने पुष्प वर्षा की और भारत माता के जयकारे लगाए।

घर में आखिरी दर्शन के बाद अग्निवीर करणसिंह की पार्थिव देह अंतिम संस्कार के लिए मोक्षधाम लेकर गए।

घर में आखिरी दर्शन के बाद अग्निवीर करणसिंह की पार्थिव देह अंतिम संस्कार के लिए मोक्षधाम लेकर गए।

पिता दयाल सिंह राठौड़ ने मोक्ष धाम में बेटे को आखिरी सैल्यूट किया।

पिता दयाल सिंह राठौड़ ने मोक्ष धाम में बेटे को आखिरी सैल्यूट किया।

जयपुर से आए 18 जाट रेजिमेंट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

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