Delhi NCR Dog Attack Case, Supreme Court Hearing Update | MCD Rules | आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: अदालत ने कल कहा- स्कूल और कोर्ट कैंपस में कुत्तों की क्या जरूरत, वे बच्चों-बड़ों को काट रहे
नई दिल्ली7 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट में आज आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर सुनवाई होगी। बुधवार को इस मामले करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने पूछा कि कुत्तों के कारण आम लोगों को आखिर कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। कोर्ट ने कहा कि उसका आदेश सड़कों के लिए नहीं, बल्कि केवल संस्थागत क्षेत्रों के लिए है।
बेंच ने यह भी कहा कि पिछले 20 दिनों में हाईवे पर आवारा कुत्तों की वजह से दो जजों के साथ एक्सीडेंट हुए हैं। इसमें एक जज की हालत गंभीर है। बेंच ने सवाल उठाया कि स्कूलों, अस्पतालों और अदालत परिसरों के भीतर आवारा कुत्तों की क्या आवश्यकता है और उन्हें वहां से हटाने पर क्या आपत्ति हो सकती है।
यह मामला 28 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट के एक्शन से शुरू हुआ था, जब दिल्ली में आवारा कुत्तों के काटने से होने वाली रैबीज बीमारी पर एक मीडिया रिपोर्ट पब्लिश की गई थी।

सुनवाई के दौरान 5 बड़ी बातें…
- बहस में आवारा कुत्तों के फेवर में पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि जो कुत्ता काटे उसकी नसबंदी की जा सकती है।
- इस पर कोर्ट ने कहा, अब तो बस एक ही चीज बाकी है, कुत्तों को भी काउंसलिंग देना। ताकि वापस छोड़े जाने पर वह काटे नहीं।
- इस बीच सिब्बल ने कहा, जब भी मैं मंदिरों वगैरह में गया हूं, मुझे कभी किसी ने नहीं काटा। सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दिया- ‘आप खुशकिस्मत हैं। लोगों को काटा जा रहा है, बच्चों को काटा जा रहा है। लोग मर रहे हैं।’
- कोर्ट ने कहा कि कुत्तों से दुर्घटनाओं का खतरा भी होता है। आप इसकी पहचान कैसे करेंगे? सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते।
- कोर्ट ने सरकार से पूछा कि 2018 में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे। ये ठीक से लागू क्यों नहीं हुए। नियमों के पालन में देरी से जनता को नुकसान नहीं होना चाहिए।
सीनियर एडवोकेट वेणुगोपाल ने बताया- देश में 5 करोड़ से ज्यादा कुत्ते
सीनियर एडवोकेट केके वेणुगोपाल (NALSAR, हैदराबाद के लिए) ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में एक एनिमल लॉ सेंटर है। इसमें एनिमल प्रोटेक्शन में मास्टर्स कोर्स और पीजी डिप्लोमा भी है। एनिमल प्रोटेक्शन के संबंध में इसका हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ MoU है। हमारी जांच में ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो पहले कोर्ट के सामने नहीं रखे गए थे।

शिक्षण संस्थानों में आवारा कुत्तों पर डेटा –
- भारत में कुत्तों की आबादी 5 करोड़ 25 लाख है, जरूरी शेल्टर की संख्या (प्रति सुविधा 200 कुत्ते) 77347 है।
- प्रति कुत्ते के लिए जरूरी फंक्शनल शेल्टर 40 वर्ग फुट है।
- एक कुत्ते को खिलाने का रोजाना का खर्च 40 रुपए है।
- 1.54 करोड़ कुत्तों को खिलाने का खर्च 61 करोड़ 81 लाख रुपए होगा।
- एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 194,412 स्कूलों में बिजली का कनेक्शन काम नहीं कर रहा है।
- खराब शौचालय की सुविधा, पीने के पानी की कमी, जब ऐसी खराब सुविधाएं हैं, यह मुमकिन नहीं है कि स्कूल बाड़ लगाने के लिए फंड दे पाएंगे।

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