English & Tamil Two-Language Policy says MRK Panneerselvam
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2 मिनट पहले
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तमिलनाडु के कृषि मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान ये उत्तर भारतीय को लेकर बयान दिया था।
तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उत्तर भारत से आए लोग सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिलतीं। वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं।
जबकि तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) की वजह से यहां के बच्चे अमेरिका, लंदन जैसी जगहों पर करोड़ों कमा रहे हैं।
पन्नीरसेल्वम ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ये बातें कही। बीजेपी और दूसरी विपक्षी पार्टी DMK नेता के इस बयान का विरोध कर रहे है।
तमिलनाडु बीजेपी ने X पर पन्नीरसेल्वम की वीडियो शेयर करते हुए ऐसे बयानों को एक पैटर्न बताया। बीजेपी ने लिखा कि यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि एक पैटर्न बन चुका है।
DMK के कई नेता प्रवासी मजदूरों का, विशेषकर उत्तर भारतीय या हिंदी बोलने वालों का बार-बार मजाक उड़ा चुके हैं। ऐसे में जब तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, इस तरह के बयान गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक हैं।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया…
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कुछ नेता ऐसे हैं जो अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहना चाहते हैं। एनडीए सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।
- समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह एक घटिया बयान है। उत्तर भारत ने देश के आधे से अधिक प्रधानमंत्रियों को जन्म दिया है। यह एक अपमान है।
- कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु को अन्य राज्यों से कामगारों की जरूरत है, जो आकर हमारी अर्थव्यवस्था को गति दे सकें। उनका तमिलनाडु में स्वागत है और वे राज्य में सुरक्षित हैं।
- जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि जहां भी उत्तर भारतीय गए हैं, उन्होंने वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। कांग्रेस को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। डीएमके के इस बयान पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
- भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि डीएमके नेताओं की इस तरह की छोटी-छोटी टिप्पणियां उनकी मानसिकता को उजागर करती हैं। हम देश के सभी नागरिकों का सम्मान करते हैं। इस बार तमिलनाडु में डीएमके का सफाया होना चाहिए।
- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस सरकार चला रही है। वे उत्तर भारतीयों को गालियां सुना रहे हैं। राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए। क्या वे इस देश में फूट डाल रहे हैं? कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान और चीन की भाषा बोलने वाली पार्टी बनती जा रही है।
भाषा को लेकर केंद्र से लंबे समय से चल रहा विवाद
तमिलनाडु की स्टालिन सरकार और केंद्र के बीच लंबे समय से राज्य में हिंदी भाषा के इस्तेमाल को लेकर तकरार चल रही है। पिछले साल मार्च में CM स्टालिन ने स्टेट बजट 2025-26 के सिंबल से रुपए का सिंबल ‘₹’ हटाकर तमिल अक्षर ‘ரூ’ (तमिल भाषा में रुपए को दर्शाने वाले ‘रुबाई’ का पहला अक्षर) लगा दिया था।
CM स्टालिन केंद्र सरकार की 3 भाषा फार्मूले (Three Language Policy) का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कई बार भाजपा पर राज्य के लोगों पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि राज्य की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) से शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को फायदा हुआ हुआ है।

भाषा विवाद पर DMK नेताओं के पिछले बयान…
24 जनवरी: स्टालिन बोले- तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन ने तमिल भाषा शहीद दिवस पर कहा था कि यहां हिंदी के लिए कभी भी कोई जगह नहीं होगी। हम इसे थोपने का हमेशा विरोध करेंगे। तमिल भाषा के लिए हमारा प्यार कभी नहीं मरेगा। जब भी हिंदी को हम पर थोपा गया, इसका उसी तेजी से विरोध भी किया गया।
CM ने कहा कि मैं उन शहीदों को कृतज्ञतापूर्वक सम्मान देता हूं जिन्होंने तमिल के लिए अपनी कीमती जान दे दी। भाषा युद्ध में अब और कोई जान नहीं जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
14 जनवरी: DMK सांसद बोले-नार्थ में महिलाओं को बच्चा करने कहा जाता
DMK सांसद दयानिधि मारन ने 14 जनवरी को उत्तर भारतीय महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उत्तर भारतीय राज्यों में लड़कियों से कहा जाता है कि वे नौकरी नहीं करें, घर में रहें, किचन में काम करें और बच्चे पैदा करें।
मारन ने कहा था कि तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाता है। हमारे छात्राओं को गर्व होना चाहिए। हम तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए कहते हैं। उन्हें लैपटॉप देते है, जिसका इस्तेमाल वे पढ़ाई करने और इंटरव्यू देने के लिए कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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