शब-ए-बारात; इबादत, तिलावत में गुजरीमगफिरत की रात, गुनाहों की माफी मांगी
जयपुर | मुस्लिम समाज की ओर से मंगलवार को शब-ए-बारात मनाया गया। शहर के मुस्लिम मोहल्लों में स्थित मस्जिदों को रोशनी से सजाया गया। मान्यता है कि इस रात इबादत करने वालों के सभी गुनाह माफ हो जाते हैं। अकीदतमंदों ने पूरी रात इबादत, कुरान की तिलावत में गुजारी और मस्जिदों में मुस्लिम उलेमाओं ने शब-ए-बारात अहमियत और फजीलत बताई। इस रात को ‘तौबा’ या ‘मगफिरत’ की रात भी कहते हैं। इस रात दुआ करने पर अल्लाह अपने बंदों सभी गुनाह माफ कर देता है। पैगंबर हजरत मुहम्मद कब्रिस्तान जाकर अपने पूर्वजों के लिए दुआ करते थे, इसलिए कब्रिस्तान जाना सुन्नत माना है। ऐसे में शब-ए-रात के मौके पर कब्रिस्तानों में दुआ पड़ी गई। 15 दिन बाद शुरू होगा माह-ए-रमजान: शब-ए-बारात बरकतों वाले महीने रमजान से 15 दिन पहले मनाया जाता है। इसके रमजान शुरू होने वाला है।
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