जैसलमेर कांग्रेस कार्यकारिणी की घोषणा जल्द:जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर बोले- तीन बैठकों से गायब रहे तो पद से छुट्टी, महिलाओं-युवाओं को देंगे मौका
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा ‘संगठन सृजन अभियान’ की समीक्षा के बाद जारी किए गए नए कड़े निर्देशों के पालन में अब जिला स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। जैसलमेर जिलाध्यक्ष अमरदीन फ़कीर ने संगठन को लेकर नई रणनीति साझा करते हुए बताया कि जिले में बहुत जल्द नई कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी । इस बार संगठन में निष्क्रियता और अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं होगी। तीन बैठकों से नदारद रहे तो पद से छुट्टी जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि एआईसीसी के निर्देशों के अनुसार, अब जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर पर कार्यकारिणी की मासिक बैठकें अनिवार्य कर दी गई हैं । यदि कोई पदाधिकारी बिना किसी ठोस कारण के लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसे पद से भी हटाया जा सकता है। संगठन में जवाबदेही तय करने के लिए अब त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा भी की जाएगी। युवाओं और महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता संगठन के समावेशी स्वरूप को बनाए रखने के लिए इस बार कार्यकारिणी में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अमरदीन फ़कीर ने बताया कि जिला कार्यकारिणी में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देकर मौका दिया जाएगा । निर्देशों के अनुसार, जिला कार्यकारिणी में सदस्यों की संख्या 31 या 51 निर्धारित की गई है, जिसका कड़ाई से पालन होगा। डिजिटल मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण पर जोर पार्टी अब तकनीक के माध्यम से भी पदाधिकारियों के कार्यों पर नजर रखेगी। सभी जिलों को ‘कांग्रेस कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ का उपयोग करना अनिवार्य होगा, जिसके जरिए कार्यों का आवंटन और निगरानी की जाएगी। साथ ही, संगठन की क्षमता बढ़ाने के लिए जिले में ‘मास्टर ट्रेनर्स’ की पहचान की गई है जो पोलिंग बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। मुख्य निर्देश एक नजर में: DCC गठन: जिला कांग्रेस कमेटियों का गठन 15 दिनों के भीतर अनिवार्य है। जवाबदेही: हर पदाधिकारी को स्पष्ट भौगोलिक या संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कनेक्ट सेंटर: पीसीसी स्तर पर ‘नेशनल वॉर रूम’ की तर्ज पर निगरानी तंत्र बनेगा।
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