जिले को एक साथ मिले 11 विशेषज्ञ और 5 नए डॉक्टर
[ad_1]
भास्कर संवाददाता|टोंक जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में दिनोंदिन बड़ी सौगात मिल रही है। बीते दिनों जहां टोंक के सआदत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 21 डॉक्टर लगाए गए थे। इसके सात दिन बाद ही सरकार की ओर से जिले में 11 विशेषज्ञों समेत 16 डॉक्टर नियुक्त किए हैं। ऐसे में डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले के सीएचसी समेत बड़े अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर (स्पेशलिस्ट) का पदस्थापन होने से राहत मिलेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि डॉक्टरों की इस नई खेप से जिले के दूरदराज इलाकों में मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। जारी सूची में सर्वाधिक मालपुरा के जिला अस्पताल को 5 विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराए गए हैं। जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में लगाए गए डॉक्टरों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, माइक्रो बायलॉजी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, शिशु रोग, कैंसर, एमबीबीएस एवं एमबीबीएस पीसीपीएनडीटी विशेषज्ञ का पदस्थापन किया गया है। टोंक में रिक्त चल रहे बीसीएमएचओ के पद पर रमेश चंद बैरवा को लगाया गया है। अब तक टोंक में बीसीएमएचओ का अतिरिक्त पदभार पीपलू के बीसीएमएचओ डॉ संगीत चौधरी के पास था। विशेषज्ञ डॉक्टरों के चिकित्सा संस्थानों में पदस्थापन होने से मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रदेश के जलदाय विभाग के कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 8 नए डॉक्टर लगाए गए हैं। इनमें दो टोडा व एक लांबाहरिसिंह में लगाए गए डॉक्टर शामिल है। मालपुरा अस्पताल प्रभारी डॉ. पीयूष सिंह ने बताया कि गत दिनों मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने नई सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत करते समय वादा किया था कि सोनोग्राफी मशीन आई है तो विशेषज्ञ सोनोलॉजिस्ट भी आएंगे। गंभीर मरीजों को जिला मुख्यालय समेत बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। अब स्त्री रोग, हड्डी रोग और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञों की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर ही जटिल ऑपरेशन और उपचार संभव हो सकेगा। नए डॉक्टरों को जल्द से जल्द आवंटित संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाएंगे। – डॉ.शैलेंद्र सिंह चौधरी, सीएमएचओ टोंक। छान के सीएचसी में डॉ कविता मीना व पीपलू में डॉ कपिल मीणा शिशु रोग विशेषज्ञ लगाया गया है। ऐसे में अब बच्चों को जिला अस्पताल लाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसी प्रकार टोडारायसिंह में गायनी डॉ प्रिया मिश्रा लगाए जाने से महिला रोगियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यहां काफी समय से पद रिक्त चला आ रहा था। इनका अलावा टोडारायसिंह में अशोक कुमार को एमबीबीएस पीसीपीएनडीटी, दीपा शर्मा को सआदत में फिजियोलॉजी, रामशरण सैनी को ट्रोमा टोंक में सर्जन, आत्माराम नागर को टोंक में कैंसर, सीताराम मौर्य पीसीपीएनडीटी, ईएनटी मोहम्मद सईद व सर्जन डॉ संजीव को निवाई, एमबीबीएस पीसीपीएनडीटी डॉ कपिल गौतम, ऑर्थो डॉ मनोज कुमार मीना को देवली व मेडिसिन डॉ बत्ती को लांबाहरिसिंह में नियुक्त किया गया है।
[ad_2]
Source link
