Trading App Dupes Investor of ₹92.75 Lakhs, One Arrested



बारां साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी का खुलासा करते हुए 92 लाख 75 हजार रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों में 20 लाख रुपए होल्ड किए हैं और फरियादी के 10 लाख से अधिक

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एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि बारां निवासी विष्णु गालव (47) ने साइबर क्राइम थाना बारां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, 5 सितंबर 2025 को मैसेंजर ऐप के जरिए एक महिला ने उनसे संपर्क किया। महिला ने अपना नाम हरमन कौर बताया और खुद को अमृतसर निवासी व बेंगलुरु में इंफोसिस कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर बताया। इसके बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लगातार बातचीत जारी रही।

कुछ समय बाद महिला ने ‘सीएमसी ग्लोबल मार्केट’ नामक एक ट्रेडिंग ऐप के बारे में जानकारी दी और उसमें निवेश पर अधिक मुनाफा मिलने का झांसा दिया। महिला के कहने पर फरियादी ने विभिन्न तिथियों पर आरटीजीएस और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से राशि जमा करवाई। ऐप में जमा की गई राशि डॉलर में परिवर्तित होकर दिखाई जाती थी। शुरुआत में 54 हजार रुपए का लाभ दिखाकर फरियादी का विश्वास जीता गया, जिसके बाद धीरे-धीरे लाखों रुपए का निवेश करवा लिया गया।

जब फरियादी ने अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की तो आरोपी ने Foreign Money Exchange Fee और Trading Fee जमा कराने की बात कही। इसी दौरान फरियादी को ठगी का अहसास हुआ। 2 अक्टूबर से 4 दिसंबर 2025 के बीच फरियादी और उसकी पत्नी के बैंक खातों से HDFC बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों के माध्यम से कुल 92 लाख 75 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी अशोक चौधरी और साइबर सेल प्रभारी जगदीश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच में सामने आया कि ठगी NAVYANAJ ENGINEERING PRIVATE LIMITED नाम की कंपनी के फर्म अकाउंट के जरिए की गई। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान राजेश कुमार कुशवाहा (39) निवासी रायपुर, हाल भानपुरा थाना महुरानीपुर जिला झांसी के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उक्त कंपनी का डायरेक्टर है और कंपनी को काम नहीं मिलने के कारण पैसों की जरूरत थी। उसने 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए किया। आरोपी के खाते में फरियादी से ठगी गई राशि में से 15 लाख 20 हजार रुपए जमा होना पाया गया। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई XUV 700 कार बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध से जुड़ी 18 से अधिक शिकायतें दर्ज होना भी सामने आया है। अन्य खातों में ट्रांसफर की गई रकम की बरामदगी को लेकर अनुसंधान जारी है। साइबर थाना बारां ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खातों में 20 लाख रुपए होल्ड करवाए और एनबीएफसी गोल्डन लीगल के नोडल बैंक से समन्वय कर 10 लाख 5 रुपए फरियादी के खाते में रिफंड करवाए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए मिलने वाले निवेश और मुनाफे के झांसे से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।



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