चित्तौड़गढ़ में आसमान में बादल, ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी:मौसम विभाग का अनुमान – फिर सक्रिय होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, और बढ़ेगी ठंड




चित्तौड़गढ़ में गुरुवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। शहर और आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे, जिससे धूप नहीं निकल पाई। ठंड का असर भी पहले की तुलना में ज्यादा महसूस किया जा रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय लोगों को गलन का सामना करना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के कारण सर्दी और तेज लगने लगी है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। तापमान में दर्ज की गई गिरावट मौसम विभाग के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है, जबकि न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में आई इस कमी के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है। हालांकि मौसम विभाग ने जिले के लिए किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन इसके बावजूद मौसम में ठंडक साफ तौर पर महसूस की जा रही है। आसपास के जिलों का असर चित्तौड़गढ़ पर मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चित्तौड़गढ़ में ठंड बढ़ने का मुख्य कारण आसपास के जिलों में हो रही बारिश और उत्तर दिशा से चल रही ठंडी हवाएं हैं। इन कारणों से जिले के तापमान में गिरावट आई है। भले ही चित्तौड़गढ़ में बारिश नहीं हुई हो, लेकिन पड़ोसी जिलों में मौसम में आए बदलाव का सीधा असर यहां देखने को मिल रहा है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय गलन ज्यादा महसूस हो रही है। लगातार बदल रहा है मौसम का मिजाज चित्तौड़गढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। कभी तापमान बढ़ रहा है तो कभी अचानक गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह दो दिनों के भीतर तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ठंडी हवाओं से बढ़ी गलन गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने के कारण गलन का असर ज्यादा महसूस किया गया। धूप नहीं निकलने से तापमान और कम महसूस हो रहा है। सुबह के समय सड़कों पर लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव करने की सलाह दी जा रही है। मौसम के इस बदलाव से लोग दिनभर सर्दी का अहसास करते रहे। फिर आ सकता है नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 31 जनवरी और 1 फरवरी को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से राजस्थान के कई जिलों में मेघ गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि चित्तौड़गढ़ जिले के लिए अभी कोई सीधा अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों में होने वाले मौसम बदलाव का असर चित्तौड़गढ़ में भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।



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