कांग्रेस विधायक ने सड़कों से जुडा मुद्दा उठाया:बोले, 3 माह बाद भी किसानों को नहीं मिला मुआवजा, BJP विधायक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मामला उठाया

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राजस्थान विधानसभा में पीपल्दा से कांग्रेस विधायक चेतन पटेल ने सड़कों व अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा जारी करने की मांग करते हुए सरकार को घेरा। विधायक पटेल ने सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी से पूछा कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले बजट सत्र के दौरान सदन में घोषणा की गई थी कि प्रत्येक विधानसभा में पांच पांच करोड़ राशि की सड़कों के प्रस्ताव केवल विधायकों से लेने होंगे। तो इस घोषणा की पालना पीपल्दा विधानसभा में क्यों नही की गई? सरकार में इसका जिम्मेदार कौन है? जिसपर मंत्री दिया कुमारी ने बताया की सरकार ने उनके 12 सड़कों के प्रस्ताव में से 8 को स्वीकृति दे दी है। इनकी निविदा प्रकियाधीन है। 4 सड़कों के प्रस्ताव को विभाग द्वारा दिखवाया जा रहा है। चेतन पटेल ने पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में साल 2025 में अतिवृष्टि से नष्ट फसलों का मुआवजा, फसल बीमा, क्षतिग्रस्त मकान के लिए किसानों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई। विधायक ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो जल्द ही किसान आंदोलन करेंगे। किसानों ने सरकार के खिलाफ रणनीति तय कर ली है। इधर बजट सत्र में प्रश्नकाल के पहले दिन कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा ने तारांकित प्रश्न के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का मामला उठाया। इसका मौखिक उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने एवं आंगबाड़ी केन्द्रों के संचालन की राशि में बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा केन्द्र को प्रस्ताव भेजा हुआ। पूरक प्रश्न में विधायक शर्मा ने पूछा कि 727 आंगनबाड़ी केन्द्र 1 कमरे में संचालित हैं उन्हें बड़े और पर्याप्त भवन में स्थानान्तरित करने हेतु सरकार क्या कदम उठाने जा रही है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में पोषण वाटिकाओं के विकसित होने के बाद इन वाटिकाओं से वंचित रहे। नए खोले गए आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिकाओं के विकास की सरकार की क्या योजना है। इस पर मंत्री दिया कुमारी ने बताया है कि सरकार निरंतर आंगनबाड़ी केन्द्रों में संसाधनों की उपलब्धता के लिए प्रयासरत है। स्थान की उपलब्धता के आधार पर बचे हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी पोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।

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