15 डिग्री से ऊंचे पहाड़ों पर सख्ती:यूडीए ने कलेक्टर के पास भेजी फाइलें, कैलाशपुरी क्षेत्र में अवैध होटल-रिसॉर्ट-विला के पट्टे रद्द होंगे
[ad_1]
![]()
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और कैलाशपुरी में अवैध निर्माण (होटल्स-रिसॉर्ट, विला व भवनों के निर्माण) करने वाले भूमाफियाओं के आवंटन (पट्टे) रद्द करने की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूडीए की जांच में सामने आया है कि कई भूमाफियाओं ने आवासीय स्वीकृति की आड़ में ये निर्माण किए। जिनमें व्यवसायिक गतिविधियां संचालित मिली, उन्हें सीज कर दिया गया है। अब ऐसे 6 भूमि मालिकों के आवंटन रद्द कराने के लिए यूडीए ने फाइलें कलेक्टर नमित मेहता के पास भेज दी हैं। कलेक्टर नमित विधिक परीक्षण के साथ इन आवंटनों को रद्द करेंगे। कलेक्टर मेहता ने बताया कि पूर्व में जारी गलत स्वीकृति कराने वाले और आवासीय स्वीकृति की आड़ में व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वालों के भूमि आवंटन रद्द किए जाएंगे। नई हिल पॉलिसी के नियमानुसार 15 डिग्री से ऊंचे पहाड़ों को काटकर किसी भी सूरत में नए निर्माण नहीं करने दिए जाएंगे। यूडीए पिछले 4 दिन में सरे, मोनहपुरा, कैलाशपुरी में 22 रिसॉर्ट एवं विला सीज कर चुका है। इन क्षेत्रों में निर्माणाधीन व तैयार हो चुके 25 से ज्यादा रिसॉर्ट, होटल, विला व अन्य भवनों को नोटिस देकर आगामी 7 दिवस के भीतर मय दस्तावेज जवाब मांगा है। अब यूडीए हर निर्माणकर्ता को नोटिस देकर 7 दिन के भीतर जवाब मांग रहा है ताकि वह संबंधित दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कर सीज, आवंटन निरस्ती और निर्माण रोकने जैसी कार्रवाई कर सके। कन्वर्जन को ऐसे गलियां ढूंढते रहे यूडीए तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि सरे स्थित नंदा हिल रिसॉर्ट के मालिक ने कन्वर्जन के लिए सरे खुर्द-कैलाशपुरी होकर गुजरने वाला पीछे वाला मार्ग दिखाया। यह रास्ता खराब व घुमावदार है, इसलिए यहां पर्यटक पहुंचते नहीं है। ऐसे में रिसॉर्ट मालिक ने भी लाभगढ़ रिसॉर्ट की ओर बने रास्तों से ही खुद का आवागमन शुरू कर दिया। बड़ी बात यह है कि इस रिसॉर्ट मालिक ने यूडीए की बिलानाम भूमि पर ही गार्डन बनवा लिया, जिसे अब बुधवार को बाउंड्री हटाकर मुक्त किया है। पंचायतें बिना अधिकार देती रहीं मंजूरी, आंखें मूंदे रहे अधिकारी यूडीए तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि सरे, मोहनपुरा, कैलाशपुरी सहित 70 गांवों को जून-2025 में यूडीए में शामिल किया गया। 15 अगस्त 2025 को जोन आवंटन जारी किया गया। इसके बाद 16 अगस्त, 2025 से जांच शुरू की। पड़ताल में पता चला कि पहले निर्माण स्वीकृति पंचायतों ने जारी कर दी, जबकि पंचायतों को इसका अधिकार नहीं हैं। यूडीए के अधीन आने से पूर्व इन गांवों में भी निर्माण स्वीकृति के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली टाउन प्लानिंग कमेटी अधिकृत थी। ऐसे सवाल यह उठता है कि क्या पंचायतों की इस अंधेरगर्दी की जिम्मेदारी तत्कालीन जिला परिषद सीईओ, तहसीलदारों, उपखंड अधिकारियों की थी? जो आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे रहे। अनंता और वैष्णोदेवी मंदिर के बीच हाईवे से सटे पहाड़ों की कटाई जारी
राजसमंद की सीमा में अनंता हॉस्पिटल-वैष्णो देवी मंदिर के बीच हाईवे के बगल से सटे पहाड़ों की कटाई जारी है। गुरुवार को भी दो अलग-अलग जगहों पर जेसीबी से पहाड़ों को काटा जा रहा था। मोरिंगा वैली में भी पहाड़ों को काटकर निर्माण किए जा रहे हैं। यहां बताया गया कि राजसमंद के इस ग्रामीण क्षेत्र में नई हिल पॉलिसी लागू ही नहीं होती है।
[ad_2]
Source link
