किसान की आदान-अनुदान राशि जारी करने की मांग:3 साल में किसानों की 2 आक्रोश रैली, फिर भी 52 करोड़ रुपए अभी भी बाकी
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बाड़मेर जिले में रबी 2022-23 और खरीफ 2022 के आदान-अनुदान को लेकर सरकार और किसानों के बीच पिछले दो साल से संघर्ष चल रहा है। किसान लगातार आदान-अनुदान राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। अब तक दो बड़े प्रदर्शन भी हुए। गुड़ामालानी में ट्रैक्टर मार्च निकाले गए। पहली बार हुए किसानों के प्रदर्शन के बाद 84 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। दूसरी बार प्रदर्शन के बाद 89 करोड़ रुपए जारी किए। ऐसे में अब 225 करोड़ में दो किश्त के रूप में 173 करोड़ रुपए जारी किए है, अभी भी 55 करोड़ रुपए जारी नहीं हुए है। ऐसे में 16 हजार किसानों को आदान-अनुदान राशि के लिए इंतजार करना होगा। हाल ही में जारी किए 89 करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा करने के लिए बिल ट्रेजरी को भेज दिए गए है।करीब एक सप्ताह की प्रक्रिया के बाद यह राशि किसानों के खातों में जमा हो जाएगी। 1.03 लाख किसानों के 173 करोड़ आवंटित रबी 2022-23 से प्रभावित किसानों की संख्या करीब 1.19 लाख है। अब तक 1.03 लाख किसानों के लिए सरकार से बजट मिला है। करीब 16 हजार किसानों के लिए बजट नहीं दिया है। ऐसे में इन्हें अब भी इंतजार करना होगा। 1.03 लाख किसानों को 173 करोड़ रुपए दिए है। इसमें 840 करोड़ रुपए पूर्व में स्वीकृत हुए थे। जबकि 89 करोड़ रुपए 3 दिन पहले स्वीकृत हुए। रबी 2022-23 से प्रभावित किसानों का कुल आदान-अनुदान राशि करीब 225 करोड़ है। 4-5 दिन में 89 करोड़ खातों में जमा होंगे सरकार की ओर से 19 जनवरी को 89 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। करीब 35 हजार किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित होगी। इसके लिए इन किसानों के बिलों को ट्रेजरी भेज दिया है। करीब 4-5 दिन की प्रक्रिया के बाद यह राशि किसानों के खातों में जमा होगी। लघु-सीमांत किसानों के हिसाब से अधिकतम 34 हजार रुपए किसानों के खातों में जमा होंगे। 16 हजार किसानों के करीब 52 करोड़ रुपए अभी भी बाकी है। दो बार ट्रैक्टर मार्च, दो साल से कई बार ज्ञापन दे चुके > 20 जनवरी 2026: किसानों ने लंबित मांगों को लेकर अन्नदाता आक्रोश रैली निकाली। इसी दिन सरकार ने 89 करोड़ रुपए जारी किए।
> 9 दिसंबर 2025: किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। धोरीमन्ना में रोका। 10 दिन बाद ही सरकार ने 84 करोड़ ही जारी कर दिए। 14 हजार खाते गड़बड़, इनमें 5-6 हजार हैक हुए आपदा एवं राहत प्रबंधन विभाग बाड़मेर को ओर से करीब 14 हजार खातों में गड़बड़ी मिली है। DMIS पोर्टल में सेंधमारी कर हैकर्स ने कई किसानों के खातों में बैंक खाता नंबर बदल दिए है। कई किसानों के बैंक खाते बंद हो गए। कई खातों में आईएफएससी कोड गलत है। कई खातों में IFSC कोड बाहरी राज्यों के है। कई जन आधार में एयरटेल, फिनो बैंक सहित मिनी फाइनेंशियल बैंकों के खाते एड है। किसानों से अपील बैंक खातों में गड़बड़ी की वजह से आदान-अनुदान राशि नहीं जमा हो रही है। किसानों को अपने जनाधार में बैंक खाता अपडेट करवाना होगा। अगर 31 मार्च तक खाते अपडेट नहीं हुए तो इन किसानों का आदान- अनुदान बजट लैप्स हो जाएगा। किसान ई-मित्र से बैंक खाते को अपडेट करें। जिन किसानों के राष्ट्रीकृत बैंकों के खाते नहीं है, वो जन आधार में खाते को जोड़ें।
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