Jhunjhunu Teacher Transfer Students Protest Update

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झुंझुनूं में लेक्चरर के ट्रांसफर से नाराज बच्चे पिछले 6 दिनों से धरने पर बैठे थे। लेक्चरर अनिल कुमार धरना स्थल पर पहुंचे तो उन्हें देख बच्चे फूट-फूटकर रोने लगे।

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बच्चों को मनाने के लिए खुद लेक्चरर स्टूडेंट के सामने हाथ जोड़कर घुटनों पर बैठ गए। बोले- तुम स्कूल में जाकर पढ़ो, ये ही मेरे लिए सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा होगी।

मामला जिले के सूरजगढ़ ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, अगवाना खुर्द का है। कुछ दिनों पहले भूगोल के लेक्चरर अनिल कुमार का 11 जनवरी को ट्रांसफर हो गया था।

इसके बाद 12 जनवरी से बच्चे धरने पर बैठ गए और लेक्चरर को दोबारा बुलाने की मांग करने लगे। शुक्रवार को जब वे बच्चों को मनाने पहुंचे तो वे भावुक होकर रोने लगे।

शुक्रवार देर रात को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि-लेक्चरर का ट्रांसफर जल्द किया जाएगा। इसके लिए अ​धिकारियों से बात करेंगे। इस पर बच्चे माने और धरना खत्म किया।

फोटो में देखें लेक्चरर को देख कैसे भावुक हुए बच्चे…

धरने पर लेक्चरर को देख एक बच्ची उनके पैरों में गिर गई और हाथ जोड़ने लगी।

धरने पर लेक्चरर को देख एक बच्ची उनके पैरों में गिर गई और हाथ जोड़ने लगी।

लेक्चरर के सामने बच्चे हाथ जोड़कर बैठे थे। इस पर उन्हें मनाने के लिए लेक्चरर घुटनों के बल बैठकर हाथ जोड़कर समझाने लगे।

लेक्चरर के सामने बच्चे हाथ जोड़कर बैठे थे। इस पर उन्हें मनाने के लिए लेक्चरर घुटनों के बल बैठकर हाथ जोड़कर समझाने लगे।

एक बच्ची जब रोने लगी तो लेक्चरर हाथ जोड़कर उन्हें समझाते रहे और धरना खत्म करने की बात कही।

एक बच्ची जब रोने लगी तो लेक्चरर हाथ जोड़कर उन्हें समझाते रहे और धरना खत्म करने की बात कही।

लेक्चरर 200 किलोमीटर दूर से बच्चों को मनाने पहुंचे थे। जब वे उन्हें समझा रहे थे तो कुछ स्टूडेंट रोने लगे।

लेक्चरर 200 किलोमीटर दूर से बच्चों को मनाने पहुंचे थे। जब वे उन्हें समझा रहे थे तो कुछ स्टूडेंट रोने लगे।

लेक्चरर को देख पैरों से लिपटकर रोने लगे बच्चे लेक्चरर को जब पता चला कि बच्चे अब तक धरने पर बैठे हैं तो शुक्रवार को उन्हें मनाने के लिए स्कूल पहुंचे। इस दौरान उन्हें देखते ही बच्चे पैरों से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे।

धरने से उठने के लिए वे बच्चों को समझाते रहे, लेकिन जब वे नहीं माने तो उनके सामने हाथ जोड़ घुटने पर बैठ गए। बोले- बच्चों…धरना खत्म कर दो..। तुम वापस स्कूल जाकर पढ़ो, ये ही मेरी गुरु दक्षिणा होगी। लेकिन, स्टूडेंट का कहना था- जब तक आपकी वापसी नहीं हाेगी तब तक स्कूल की दहलीज पार नहीं करेंगे।

धरने पर बैठी एक बच्ची रोते- रोते बेहोश हो गई। इस पर वहां मौजूद स्टाफ ने उसे संभाला और घर पहुंचाया।

धरने पर बैठी एक बच्ची रोते- रोते बेहोश हो गई। इस पर वहां मौजूद स्टाफ ने उसे संभाला और घर पहुंचाया।

बच्चों ने दी टीसी कटवाने की चेतावनी मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता देवी और एसीबीईओ अनिल शर्मा भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घंटों तक बच्चों को समझाने का प्रयास किया कि ट्रांसफर विभाग की एक सामान्य और सरकारी प्रक्रिया है, लेकिन बच्चे नहीं माने।

बच्चों इस कदर जिद पर अड़ गए कि प्रधानाचार्या को अपने ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) कटवाने के लिए 11वीं और 12वीं के 5 से 7 स्टूडेंट ने लिखित आवेदन सौंपा दिया। छात्रों का कहना है कि यदि उन्हें उनके पसंदीदा शिक्षक से शिक्षा नहीं मिली, तो वे इस स्कूल में पढ़ना ही छोड़ देंगे।

धरने पर सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि पेरेंट्स भी बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक कारणों या प्रशासनिक मनमर्जी से किए गए ऐसे तबादले ग्रामीण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।

लेक्चरर के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूल स्टाफ भी था, जो बच्चों से समझाइश कर रहे थे।

लेक्चरर के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूल स्टाफ भी था, जो बच्चों से समझाइश कर रहे थे।

अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सूरजगढ़) अनिल शर्मा ने बताया- शिक्षक का तबादला हो गया था। इसके विरोध में स्टूडेंट आंदोलन कर रहे थे, धरने पर बैठे थे। इस पर टीचर को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने भी बच्चों को समझाया।

उन्होंने बताया- शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी समझाइश की। बच्चों ने गुस्से में टीसी के लिए भी लिखकर दिया था। हालांकि अब बच्चों और उनके पेरेंट्स को समझा दिया गया है, जिसके बाद दोनों तरफ से किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

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