सदन में पक्ष-विपक्ष में तकरा:कफ सिरप से मौतों पर सदन में हंगामा, चिकित्सा मंत्री का जवाब- दवा से एक भी बच्चे की मौत नहीं




प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत को लेकर सदन में हंगामा हुआ। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब दिया कि कफ सिरप की वजह से प्रदेश में एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई। केवल दवा के ओवरडोज की वजह से बच्चों की मौत हुई है। माता-पिता ने बिना डॉक्टर पर्ची के ही बड़ों की कफ सिरप बच्चों को दे दी। यह सीरप सरकारी अस्पताल के किसी डॉक्टर ने प्रेस्क्राइब नहीं की थी। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा के पूरक प्रश्न के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सवाल उठाया। जूली ने पूछा कि यह जांच किसने की? इस दौरान कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नौक-झौंक हो गई। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जूली से कहा कि इस मामले में अलग से आइये। एक भी मौत होना गंभीर है। निशुल्क दवा योजना में मरीज बढ़े, राशि आवंटन घटा मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना को लेकर विधायक हरिमोहन शर्मा ने सवाल उठाया कि योजना में मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद राशि का आवंटन कम क्यों किया जा रहा है। चिकित्सा गजेंद्र सिंह ने कहा कि योजना के तहत उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाओं का खर्चा कम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में एक हजार 572 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसी प्रकार वर्ष 2024 में 1 हजार 725 तथा वर्ष 2025 में 1 हजार 656 करोड़ रुपए व्यय किए। उन्होंने बताया कि आरजीएचएस योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 19.95 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में दिसम्बर तक 15.73 करोड़ व्यक्तियों को लाभान्वित किया है। एक ही सवाल के दो जवाब – अजमेर में प्रस्तावित जीएनएम नर्सिंग स्कूल को लेकर विधायक अनिता भदेल के सवाल पर पहले लिखित में जवाब दिया गया, जिसमें बताया कि प्रस्ताव तैयार कर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। भदेल ने पूछा कब तक होगी तो चिकित्सा मंत्री ने कहा- 2025 में ही नर्सिंग स्कूल खोलने, पद सृजन, फर्नीचर, मशीनरी की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। सीमेंट कंपनियों ने रोके रास्ते
सदन में शून्यकाल के दौरान विधायक छोटू सिंह ने पश्चिमी राजस्थान के जिलों में खेजड़ी की कटाई के साथ ही सोलर व सीमेंट कंपनियों की ओर से रास्तों, नाड़ी व ओरण की जमीनों पर कब्जा करने का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि कंपनियां ओरण भूमि और खेजड़ी को समाप्त कर रहे है। सरकार कंपनियों से ओरण, चरागाह की जमीनें मुक्त करवाए।



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