28 माह बाद दूध फिर महंगा:गाय का दूध 52, भैंस का 66 रुपए में मिलेगा , प्रति लीटर पर 2 रुपए बढ़े

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शहर में दूध की कीमतों में इजाफा किया गया है। निजी डेयरी संचालकों ने 28 माह बाद रविवार से दूध के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। अब गाय के दूध की कीमत होम डिलीवरी में 54 और काउंटर पर 52 रुपए प्रति लीटर होगी। इससे पहले होम डिलीवरी में दाम 52 रुपए और काउंटर पर 50 रुपए प्रति लीटर रेट थी। भैंस का गोल्ड दूध 64 रुपए से बढ़कर 66 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। निर्णय उदयपुर दुग्ध व्यापार संघ की शनिवार को हुई बैठक में किया गया। अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र पालीवाल ने बताया कि बढ़ी हुई दरों से किसानों और व्यापारियों दोनों को फायदा मिलेगा। भास्कर इनसाइट- रोज 2 लाख लीटर से ज्यादा की खपत शहर में निजी और सरस डेयरी दूध की सप्लाई करती है। हालांकि सरस ने दूध के दाम नहीं बढ़ाए हैं। पिछली बार दूध के दाम में 1 अक्टूबर, 2023 को वृद्धि की गई थी। तब भी 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। अब 28 माह बाद फिर से दूध के दाम बढ़े हैं। शहर में रोज 2 लाख लीटर से ज्यादा दूध की खपत होती है। इसमें से सर्वाधिक 1 लाख लीटर हिस्सा निजी डेयरियों का है। 70 हजार लीटर सरस (उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ) और शेष अमूल व अन्य कंपनियों की सप्लाई है।

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मौसम का पारा फिर उछला:मौसम के उतार-चढ़ाव भरे मिजाज ; न ठंड कम, न गलन, दिन 27.8 तो रात 13 डिग्री

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जनवरी का आखिरी दिन मौसम के उतार-चढ़ाव भरे मिजाज में बीता। शनिवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक रहा। यह दो दिन में 8.8 डिग्री बढ़ा है। न्यूनतम तापमान भी 6.1 डिग्री बढ़कर 13 डिग्री पहुंच गया। जनवरी में औसत अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम 7.6 डिग्री रहता है। पारे में बढ़ोतरी के बावजूद बादलों के कारण ठिठुरन और गलन बनी रही। सुबह कोहरा छाया रहा, जो दिन चढ़ने पर छंट गया। मावठ का यलो अलर्ट रहा, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार मेवाड़ समेत दक्षिणी राजस्थान में दक्षिणी हवाओं की दिशा में हो रहे परिवर्तन के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। अगले दो-तीन दिन बादल छाए रहेंगे। तापमान में फिर से गिरावट और पाला पड़ने की संभावना है। हल्का कोहरा भी हो सकता है।

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दिन में कई बार बादलवाही; अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आई गिरावट, 1 से 4 फरवरी तक हल्की बारिश की संभावना

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प्रदेश में कुछ जगहों पर बारिश हुई, कोहरा भी छाया रहा श्रीगंगानगर| प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की शुरुआत के साथ ही मौसम मंे परिवर्तन आया है। श्रीगंगानगर में भी शनिवार को दिनभर बादलों की आवाजाही लगी रही और शाम को सूर्य अस्त होते ही ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया। अधिकतम व न्यूनतम दोनों ही तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव का अधिक असर जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर संभाग तथा शेखावाटी क्षेत्र में रहा है। यहां बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ ही कोहरा छाया रहा। वहीं, 1 फरवरी को मेघ गर्जन-वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ में हल्की बारिश हो सकती है। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री कम होकर 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री कम होकर 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। 1 फरवरी से 4 फरवरी तक जयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश की संभावना है। ^ एक और नया बैक टू बैक पश्चिमी विक्षोभ 2 फरवरी को सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मेघ गर्जन के साथ हल्की मध्यम बारिश की गतिविधियां 3-4 फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी व दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के अधिकतर भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। 1 फरवरी से 4 फरवरी तक जयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जोधपुर संभाग के अधिकतर भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। – राधेश्याम शर्मा, निदेशक, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र।

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Road accidents decreased in 3 years, yet in 2025 there were 22 more deaths and 27 fewer injuries.

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यातायात नियमों की पालना को लेकर पुलिस की ओर से जिले में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर अब आंकड़ों में दिखने लगा है। पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो हर साल दर्ज होने वाले सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरणों में कमी आई है। पुलिस व प्रशासन की ओर से लगातार हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवर स्पीड और नशे में वाहन चलाने के खिलाफ कार्रवाई के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

हालांकि वर्ष 2024 की तुलना में गत वर्ष सड़क हादसों में मृतकों की संख्या 22 अधिक दर्ज की गई। इसमें गंभीर हादसों के चलते गत साल मौत के आंकड़े में बढ़ोतरी हुई है। राहत की बात यह कि घायलों की संख्या में लगातार तीन साल से गिरावट दर्ज की रही है, जो समय पर उपचार मिलने व जागरूकता के चलते संभव हो रहा है।

जिले में गत तीन साल के दर्ज प्रकरण, घायलों के आंकड़ों में साफ नजर आ रहा है। वर्ष 2023 से 25 के बीच सड़क दुर्घटनाओं के दर्ज प्रकरणों में लगातार कमी आई है। जहां 2023 में 277 प्रकरण दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह घटकर 275 व 2025 में 255 रह गए। तीन वर्षों में कुल 22 प्रकरण कम हुए हैं। वहीं घायलों की संख्या में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि राहत के बीच चिंता का विषय यह कि 2024 में जहां मृतकों की संख्या 151 रही, वहीं 2025 में यह बढ़कर 173 हो गई। यानी एक साल में 22 अधिक लोगों की जान गई।

अभियान के तहत नियमों की जानकारी के साथ किया जा रहा जागरुक प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए वाहन चालकों व स्कूल-कॉलेज में युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरुक किया जा रहा है। साथ ही विशेष चैकिंग अभियान, हेलमेट अनिवार्यता लागू कर चालकों से समझाइश कर नियमों की पालना करने की हिदायत दी जा रही है। जिले में गत तीन साल के आंकड़े देखें तो हादसों में कमी आई है।

– रमेश, एसपी, बालोतरा

जिले में स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों व औद्योगिक क्षेत्र में यातायात नियमों को लेकर नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से विशेष चैकिंग अभियान, बिना हेलमेट चालान, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई और ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर सुधार कार्य भी किए जा रहे हैं। यातायात प्रभारी महेश गोयल ने बताया कि नियमों की सख्ती व जागरूकता दोनों साथ-साथ चलने से दुर्घटनाओं में कमी आई है। लोगों में हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

आमजन यातायात नियमों की पालना कर स्वयं व परिवार को बचाता ही है, वहीं इससे अन्य चालक भी प्रेरणा लेते हैं। गत तीन साल में सड़क दुर्घटनाओं कमी आई है, लेकिन कुछ हादसे इतने गंभीर रहे कि मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हाइवे पर तेज रफ्तार व भारी वाहनों की आवाजाही, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग, गलत साइड में तेज स्पीड में ओवरटेक करना, रात के समय लापरवाही के वाहन चलाना हादसे के प्रमुख कारण रहे हैं।

साथ ही शहर सहित क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर बेसहारा पशुओं के जमावड़े के चलते आए दिन दुर्घटनाएं कारित हो रही थी। गत सालों में पंजाब से गुजरात को जोड़ने वाले मेगा हाइवे पर टापरा, रामजी की गोल, नेवाई सहित हादसे वाले ब्लैक स्पॉट में प्रशासन ने सुधार करवाए हैं। साथ ही जिले में ई-चालान, स्पीड मॉनिटरिंग व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर जागरुक करने से हादसों में कमी हो रही है। वर्ष 2023 2024 2025प्रकरण 277 275 255मृतक 176 151 173घायल 294 271 244

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Manipur Rally Against Militant Extortion

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इंफाल4 मिनट पहलेलेखक: बबीता माली

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मणिपुर के इंफाल में रंगदारी के विरोध में हजारों लोगों ने रैली निकाली। - Dainik Bhaskar

मणिपुर के इंफाल में रंगदारी के विरोध में हजारों लोगों ने रैली निकाली।

मणिपुर में उग्रवादी संगठन हर सेक्टर के कारोबारियों को फोन कर रंगदारी मांग रहे हैं। व्यापारी कहते हैं कि शिकायत नहीं कर सकते, क्योंकि उनके पास हमारा लेखा-जोखा हैं। उनके डर बाजार बंद होने लगे हैं।

इसके विरोध में शनिवार को इंफाल में हजारों लोगों ने 5 किमी लंबी रैली निकाली। यह रैली सेव मणिपुर अभियान के तहत कोकोमी नामक संगठन ने आयोजित की थी।

कर्ज में डूबे मारवाड़ी, पंजाबी कारोबारी भी राज्य छोड़ रहे हैं। इस बाजार से जुड़े मारवाड़ी समुदाय के 500 परिवार में से 40-50 परिवार, पंजाबी समुदाय के 100 परिवार में से 20-25 परिवार बिजनेस ठप होने से पलायन कर चुके हैं।

4 तस्वीरों में देखें रैली…

इंफाल में हजारों लोगों ने रंगदारी मांगे जाने के विरोध में रैली निकाली।

इंफाल में हजारों लोगों ने रंगदारी मांगे जाने के विरोध में रैली निकाली।

रैली में कई बुजुर्गों ने भी भाग लिया।

रैली में कई बुजुर्गों ने भी भाग लिया।

इंफाल में विरोध प्रदर्शन के दौरन लोगों ने नारेबाजी की।

इंफाल में विरोध प्रदर्शन के दौरन लोगों ने नारेबाजी की।

रैली के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा।

रैली के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा।

60-65% व्यापार ही हो रहा

राज्य के प्रमुख व्यापारिक केंद्र थांगल और पाउना बाजार में 60-65% ही व्यापार हो रहा है। मणिपुर एफएमसीजी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजय पाटनी कहते है, चुराचांदपुर, कांग्पोक्पी और चंदेल जिलों तथा आसपास के इलाकों में 30-37% कारोबार होता था, जो अब बंद है।

उन्होंने बताया कि थांगल-पाउना बाजार में मारवाड़ी, जैन, पंजाबी, बिहारी, बंगाली सहित कई समुदाय के लोग बिजनेस करते थे। मणिपुर में कोई फैक्ट्री या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं है। यहां केवल ट्रेडिंग होती है। हिंसा के बाद हिल क्षेत्र में रहने वाले गुवाहाटी, मिजोरम से माल ले रहे हैं, जिससे इंफाल वैली का मार्केट चौपट हो गया है।

एफएमसीजी के साथ पर्सनल हाइजीन का सबसे बड़ा बाजार हिल्स इलाके यानी हिंसाग्रस्त जिले थे, जो अब बंद है। हिंसा के बाद माल गुवाहाटी, मिजोरम से आने लगा तो हमारा धंधा पूरी तरह चौपट हो गया। हिंसा की वजह से हमारा बिजनेस 3 साल पीछे चला गया है।

उग्रवादी 1 लाख रुपए तक रंगदारी मांगते हैं

थांगल बाजार के एक कारोबारी ने बताया कि उग्रवादी संगठन हर सेक्टर के कारोबारियों को फोन कर रंगदारी मांग रहे हैं। वे किसी से 10 हजार तो किसी से 1 लाख तक मांगते हैं। अस्पताल भी मुश्किल में जा पाते हैं।

हिंसा के 1004 दिन

कुकी-मैतेई समुदायों की लड़ाई के चलते मणिपुर को अशांत हुए आज 1004 दिन हो चुके हैं, लेकिन इंफाल वेली से म्यांमार बॉर्डर वाले मोरेह टाउन तक कहीं भी हालात सामान्य नहीं हैं।

यहां राष्ट्रपति शासन लगे 13 फरवरी को एक साल हो जाएगा और आज की स्थिति ये है कि राज्य के 16 में से 8 जिलों में ज्यादा अशांति है। इसकी बड़ी वजह कुकी-मैतेई समुदायों से जुड़े हथियारबंद गिरोह हैं, जिन्हें उग्रवादी कहा जा रहा है।

इनके खौफ के चलते ही व्यापार बंद हो रहे और युवा राज्य से बाहर जा रहे। जगह-जगह पंपों के बाहर पेट्रोल बोतलों में बिकता दिख जाएगा। उग्रवादी संगठन बेखौफ होकर रंगदारी वसूल रहे हैं। इनके ही फरमानों पर बाजार खुलते और बंद होते हैं।

केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती पूरे राज्य में हर एक-दो किमी में मिल जाएगी। फिर भी म्यांमार बॉर्डर तक यही नजारे दिख जाएंगे।

पेट्रोल ब्लैक में मिल रहा

सीजेएई अकादमी के प्रमुख प्रो. सांजेनबम जुगेश्वर ने बताया कि बोतल ऑयल कॉर्पोरेशन(BOC) चलता है। पेट्रोल कई बार हमें ब्लैक में ही लेना पड़ता है, क्योंकि उग्रवादी समूहों की धमकी के बाद कब-कौन सा पेट्रोल पंप अचानक बंद हो जाए, कह नहीं सकते।

विष्णुपुर और थाउबल के पेट्रोल पम्प मालि​कों को रंगदारी देने के लिए रोज धमकी दी जा रही हैं। जो नहीं देता या पुलिस की मदद लेता, उसके ​​खिलाफ फरमान आते हैं।

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मणिपुर में कुकी समुदाय जानवरों की आवाज निकालकर डरा रहा:हिंसा के ढाई साल बाद भी दहशत

मणिपुर की राजधानी इम्फाल वेस्ट से 25 किलोमीटर दूर आखिरी गांव कौत्रुक चिंग लेइकाई में लोग हिंसा के ढाई साल बाद भी दहशत में हैं। यहां के लोगों का आरोप की कुकी समुदाय के लोग उन्हें उकसाने के लिए रात में जानवरों की आवाज निकलते हैं। उनका कहना है कि कुकी चाहते हैं कि गांव वाले इसका जवाब दें जिससे कुकी उनपर हमला कर सकें। पूरी खबर पढ़ें…

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जांच में एक और भ्रष्टाचार उजागर:दूध पाउडर बेचने वाले 4 हेड मास्टर पोषाहार भी हड़पते रहे

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सरकारी स्कूलों से पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का दूध पाउडर मावा फैक्ट्री को बेचने वाले हेडमास्टर पोषाहार के गेहूं-चावल में भी गड़बड़ी कर रहे थे। गत 25 ​अक्टूबर को भास्कर के स्टिंग के बाद 2 नवंबर तक संयुक्त टीम ने जांच की थी। जांच में दूध पाउडर मावा फैक्ट्रियों तक पहुंचाने की पुष्टि के बाद नए खुलासे हुए। बच्चों की 100% उपस्थिति दिखाकर गेहूं-चावल खुर्द बुर्द किया जा रहा था। मिड डे मील के चेक एडवांस में साइन किए हुए मिले। बता दें कि भास्कर के खुलासे के बाद चार स्कूल के प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया गया था। विशिष्ट शासन सचिव स्कूल शिक्षा और आयुक्त मिड डे मील के आदेश पर एजुकेशन डायरेक्टर सीताराम जाट ने यह जांच टीम बनाई थी। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नागणेशियों की ढाणी, बालोतरा
प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार निलंबित है। स्टॉक में 129 किलो गेहूं लिखा था, मौके पर 142.82 किलो। 107 किलो चावल की जगह 104.32 किलो मिला। मिल्क पाउडर स्टॉक में लिखा था, लेकिन मिला नहीं। सभी विद्यार्थियों की पूरी उपस्थिति झूठ निकली। हस्ताक्षर वाले 3 खाली चेक मिले। राजकीय प्रावि जाटों की ढाणी, गंगावास, बालोतरा शीला बलाई प्रधानाध्यापिका निलंबित है। स्टॉक में 67.2 किलो गेहूं लिखा, मौके पर 46.70 किलो। 161.6 किलो चावल की जगह 123.15 किलो मिला। मिल्क पाउडर स्टॉक में 1.655 किलो लिखा, मौके पर 4.49 किलो। राज. उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागाणा फांटा, कल्याणपुर प्रधानाचार्य पप्पा राम गोदारा निलंबित है। स्टॉक रजिस्टर के मुकाबले 25 किलो चावल कम मिले। मिल्क पाउडर शून्य बता रखा था जबकि 41 किलो मिला, जबकि 6 अक्टूबर के बाद से बच्चों को दूध दिया ही नहीं जा रहा था। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भारी नगर, बावड़ी, जोधपुर प्रधानाध्यापक मंगलाराम भारी निलंबित है। स्टॉक से 12.57 किलो गेहूं अधिक मिला। 5.500 किलोग्राम चावल कम मिला। पांच खाली चेक अग्रिम हस्ताक्षर मिले। रोकड़ पंजिका 10 मार्च 2025 के बाद संधारित नहीं की गई। मिडडे मील प्रभारी भीमराज को भी जिम्मेदार माना।

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पैरासिटामोल व शुगर के इंजेक्शन की सप्लाई नहीं, हर माह 8 लाख तक की दवाएं खरीदनी पड़ रहीं

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श्रीगंगानगर| जिले के सरकारी अस्पताल इस साल पैरासिटामोल टेबलेट, कैल्शियम कैप्सूल तथा शुगर कंट्रोल करने के इंसुलीन इंजेक्शन की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। ऐसा स्टेट की ओर से मार्च 2025 तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाने के कारण हुआ। पैरासिटामोल टेबलेट नवंबर के बाद सप्लाई में नहीं है। इंसुलीन इंजेक्शन अगस्त के बाद से नहीं आए। कैल्शियम कैप्सूल तो अप्रैल माह से ही नहीं आ रहे। इनकी एवज में अस्पतालों में या तो कॉम्बिनेशन सॉल्ट दिए जा रहे हैं अथवा पाउच उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्लेन पैरासिटामोल टेबलेट खत्म होने की स्थिति में डाइक्लोपेरा, ब्रूफेन जैसे कॉम्बिनेशन सॉल्ट दिए जा रहे हैं। इधर कैल्शियम कैप्सूल न हों तो पाउच दिए जा रहे हैं। इंसुलीन वायल की सप्लाई अगस्त से ही बंद है। जिला अस्पताल अपने स्तर पर टेंडर प्रक्रिया करके दवाओं की सप्लाई ले रहा है। जबकि जिलेभर के सीएचसी, पीएचसी को जिला अस्पताल की टेंडर प्रक्रिया को फॉलो करके टेंडर करने होते हैं। इसलिए जहां दवाएं खत्म हो रही हैं, वहां आसपास की सीएचसी, पीएचसी से भिजवाई जा रही हैं। डीएच में 2.50 लाख पैरासिटामोल, 9.60 लाख कैल्शियम और 12 हजार वायल इंसुलीन की सालाना खपत : अकेले जिला अस्पताल में एक अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि में 2.50 लाख पैरासिटामोल प्लेन टेबलेट मरीजों को दी जा रही हैं। कैल्शियम कैप्सूल की खपत सबसे ज्यादा है। एक साल में जिला अस्पताल में रिकॉर्ड 9.60 लाख कैप्सूल की जरूरत रहती है। हर माह एक हजार इंसुलिन इंजेक्शन की भी अकेले जिला अस्पताल में खपत है। यानी एक साल में 12 हजार वायल इंसुलिन की सप्लाई चाहिए ही चाहिए। लेकिन ये तीनों ही अत्यंत जरूरत की दवाएं इस साल वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले ही खत्म हो चुकी हैं। इनकी लोकल खरीदी की जा रही है।

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Ishans Century, Suryas 3000 Runs & 23 Sixes

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त्रिवेंद्रम4 मिनट पहले

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तिरुवनंतपुरम में भारत ने टी-20 में अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 271 रन बनाए। ओपनर ईशान किशन ने सिर्फ 42 गेंदों में शानदार शतक लगाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव गेंदों के लिहाज से टी-20 में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले बैटर बने।

शनिवार को लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन 225 रन ही बना सकी। फिन एलन ने 38 गेंदों में 80 रन की तेज पारी खेली। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने 5 विकेट लिए। इसी के साथ भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रन से हराते हुए पांच मैचों की टी-20 सीरीज 4-1 से जीत ली।

पढ़िए पांचवें टी-20 के टॉप रिकॉर्ड्स…

1. भारत का टी-20 में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर

न्यूजीलैंड के खिलाफ 271 रन बनाकर भारत ने टी-20 में अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बना दिया। ओवरऑल फुल मेंबर (टेस्ट खेलने वाली) टीमों में यह पांचवां सबसे बड़ा स्कोर रहा।

टी-20 इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर इंग्लैंड के नाम है, जिसने पिछले साल 2 विकेट खोकर 304 रन बनाए थे। वहीं भारत का अब तक का बेस्ट स्कोर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में बना 297/6 रन है।

2. एक पारी में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बराबर

भारत ने 23 छक्के लगाए और टी-20 में अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले टीम ने 2024 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में भी 23 सिक्स लगाए थे।

इतना ही नहीं, भारत अब एक द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टीम भी बन गई है। 5 मैचों की इस सीरीज में भारत ने कुल 69 छक्के लगाए, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था, जिसने 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 64 सिक्स लगाए थे।

3. ईशान का पांचवां सबसे तेज भारतीय टी-20 शतक

ईशान किशन ने 42 गेंदों में शतक लगाकर भारत के लिए पांचवां सबसे तेज टी-20 शतक लगा दिया। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ लगाया गया अब तक का सबसे तेज शतक भी है।

कुल मिलाकर ईशान ने टी-20 क्रिकेट (लीग + डोमेस्टिक+इंटरनेशनल) में अपना सातवां शतक पूरा किया। भारत के लिए सबसे तेज टी-20 शतक का रिकॉर्ड अब भी रोहित शर्मा के नाम है, जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ इंदौर में 35 गेंदों में शतक लगाया था।

4. ईशान ने एक पारी में लगाए 10 छक्के

ईशान किशन ने 103 रन की अपनी पारी में 10 छक्के लगा दिए। यह किसी भारतीय बल्लेबाज के एक टी-20 इनिंग में दूसरे सबसे ज्यादा सिक्स लगाने की बराबरी है। इस मामले में टॉप पर अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में 13 छक्के लगाए थे।

5. सूर्या के सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन

सूर्यकुमार यादव ने गेंदों के लिहाज से टी-20 में सबसे तेज 3000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड बना दिया। सूर्या ने सिर्फ 1822 गेंदों में यह आंकड़ा छुआ।

इससे पहले यह रिकॉर्ड UAE के मोहम्मद वसीम (1947 गेंद) और इंग्लैंड के जोस बटलर (2068 गेंद) के नाम था। यह सूर्या की 98वीं टी-20 इनिंग रही।

6. न्यूजीलैंड के खिलाफ सूर्या ने रोहित को छोड़ा पीछे

सूर्यकुमार यादव ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके नाम अब 526 रन हो गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 511 रन बनाए थे।

7. सूर्या ने छठी बार एक ओवर में बनाए 20+ रन

सूर्यकुमार यादव ने छठी बार टी-20 इंटरनेशनल में एक ओवर में 20 या उससे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने जैकब डफी के एक ओवर में 22 रन बटोरे। इसके साथ ही सूर्या ने रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। इन दोनों के अलावा युवराज सिंह चार बार ऐसा कर चुके हैं।

8. संजू सैमसन ने खुद का रिकॉर्ड तोड़ा

संजू सैमसन पूरी टी-20 सीरीज में सिर्फ 46 रन ही बना सके। यह बतौर विकेटकीपर एक द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में उनका सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उन्होंने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 51 रन बनाए थे। इस तरह संजू ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।

9. न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ बनाया सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर

न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 में सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बना दिया। टीम ने पहले 6 ओवरों में 79 रन बना डाले। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2016 लॉडरहिल में वेस्टइंडीज के नाम था, जब उसने भारत के खिलाफ पावरप्ले में 78 रन बनाए थे।

इसी स्कोर की बदौलत न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 में सबसे तेज टीम फिफ्टी भी दर्ज की, जो महज 3.1 ओवर में पूरी हो गई। ओपनर फिन एलन ने सिर्फ 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह भारत के खिलाफ किसी भी न्यूजीलैंड बल्लेबाज की सबसे तेज फिफ्टी है।

10. बुमराह के टी-20 करियर का सबसे महंगा ओवर

जसप्रीत बुमराह ने टी-20 में अपने करियर का सबसे महंगा ओवर डाल दिया। बुमराह ने अपने तीसरे ओवर में 22 रन खर्च किए। इससे पहले उनका सबसे महंगा ओवर 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ कानपुर में आया था, जब उन्होंने एक ओवर में 21 रन दिए थे।

जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर के स्पेल में 58 रन दिए।

जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर के स्पेल में 58 रन दिए।

11. सूर्या ने छठा प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता

सूर्यकुमार यादव ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने छठा प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतते हुए टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज के मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली है। इस खास लिस्ट में अब सूर्या, कोहली और श्रीलंका के वनिंदू हसरंगा तीनों के नाम 6-6 अवॉर्ड दर्ज हैं।

12. अर्शदीप टी-20 में सबसे महंगे 5-विकेट लेने वाले बॉलर

टी-20 में एक पारी में सबसे ज्यादा रन देकर 5 विकेट लेने का रिकॉर्ड अब अर्शदीप सिंह के नाम हो गया है। उन्होंने 51 रन देकर 5 विकेट लिए। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2023 में जोहान्सबर्ग में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 5/40 लेने वाले वेस्टइंडीज के अलजारी जोसफ के नाम था।

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खबर हटके- आंखें स्कैन करके खाना बांटेगी सरकार:₹10 करोड़ के लिए सालभर जेल में रहेगा युवक; ₹15 लाख में कुत्ते को भारत से ऑस्ट्रेलिया पहुंचाया

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दिल्ली सरकार ₹5 में खाना देने के लिए लोगों की आंखें स्कैन करेगी। वहीं, एक शख्स ने ₹10 करोड़ वापस देने के बदले अपने लिए एक साल जेल की सजा चुनी। उधर, एक कपल ने ₹15 लाख खर्च करके अपने पालतू कुत्ते को ऑस्ट्रेलिया पहुंचाया है। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: किशन कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

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भाई ने सोशल मीडिया स्टार का रेप किया:बॉयफ्रेंड से रिश्ते पर परिवार को एतराज, अगवा कर इज्जत के नाम पर बेरहमी से मार डाला

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31 जनवरी 2023… की बात है, जब सोशल मीडिया स्टार टीबा अल-अली अपने देश इराक लौटी थीं। पिता से विवाद के कारण वह लंबे समय से तुर्की में रह रही थीं और परिवार से दूरी बनाए रखना चाहती थीं। इराक में वह कहां ठहरी थीं, यह घर में किसी को नहीं पता था सिर्फ उनकी मां को ही टीबा का पता मालूम था। मां अपनी बेटी से एक बार मिलना चाहती थीं। उन्होंने टीबा को फोन किया और टीबा भी मां से मिलने के लिए मान गईं। लेकिन यही फैसला उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ। मां के साथ वहां पूरा परिवार पहुंच गया और टीबा का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद टीबा को जबरन साउथ इराक ले जाया गया, जहां बेटी और पिता के बीच तीखी बहस हुई। कहा जाता है कि इसी दौरान परिवार ने टीबा को कोई नशीला पदार्थ पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गईं। इसी हालत में गुस्साए पिता ने अपनी ही बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी। जब यह मामला सामने आया, तो इराक ही नहीं बल्कि तुर्की में भी भारी आक्रोश फैल गया। हर किसी के मन में बस एक ही सवाल था आखिर ऐसी कौन-सी वजह थी, कि एक पिता ने बिना किसी पछतावे के अपनी ही बेटी की जान ले ली? आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर 3 में पढ़िए सोशल मीडिया स्टार टीबा अल-अली की हत्या की दर्दनाक कहानी… टीबा अल-अली का जन्म वर्ष 2000 में इराक में हुआ था। उनके पिता का नाम तैय्यब अली था। वह पढ़ाई में ठीक-ठाक थीं, लेकिन खेल-कूद, सोशल एक्टिविटीज और एक्स्ट्रा करिकुलर कामों में ज्यादा रुचि रखती थीं। छोटी उम्र से ही टीबा ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश शुरू कर दी थी। लेकिन टीबा के पिता हमेशा से चाहते थे कि वह घर पर ही रहे और पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे। 2017 में टीबा अपने परिवार के साथ आगे की पढ़ाई के लिए तुर्की चली गई थीं। वहां उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत की और खुद को स्वतंत्र महसूस किया। हालांकि उनके परिवार ने वापस इराक लौटने का फैसला लिया लेकिन टीबा तुर्की में रहना पसंद करने लगीं। उन्होंने अपनी पढ़ाई और जिंदगी को वहीं आगे बढ़ाने का फैसला किया। बचपन से ही टीबा ने ठान लिया था कि वह अपनी एक अलग पहचान बनाएंगी। इसी सोच के साथ उन्होंने सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। सबसे पहले उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल बनाया, जहां वह मेकअप, फिटनेस, फैशन और अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें शेयर करने लगीं। लेकिन जैसे ही उनके पिता को इस बारे में जानकारी हुई तो बाप-बेटी के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। टीबा के पिता उन पर पाबंदी सी लगाना चाहते थे इसी डर के कारण टीबा कभी इराक परिवार से मिलने नहीं जाती थीं। हालांकि, धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर टीबा के फॉलोअर्स बढ़ने लगे और उनके वीडियो लोगों को काफी पसंद आने लगे। उनकी पर्सनैलिटी, खुले विचार और आत्मनिर्भर अंदाज ने उन्हें सोशल मीडिया की दुनिया में खास बना दिया। उनकी लोकप्रियता इराक से निकलकर तुर्की और अन्य देशों तक फैल गई। टीबा ने न सिर्फ अपनी निजी जिंदगी को दिखाना शुरू किया बल्कि समाज में महिलाओं की आजादी और स्वतंत्रता के मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। अपने एक व्लॉग में कहा था कि वह तुर्की में पढ़ाई करने आई थीं लेकिन यहां कि जिंदगी उन्हें इतनी पसंद आई कि वह यहां रहने लगी। इसी दौरान टीबा की मुलाकात मुहम्मद अल-शामी से हुई, जो सीरियाई मूल के थे। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने शादी करने का फैसला किया। तुर्की में रहते हुए दोनों ने मिलकर अपनी जिंदगी को व्लॉग्स और सोशल मीडिया के जरिए दिखाना शुरू कर दिया। टीबा की यह आजादी और मुहम्मद अल-शामी के साथ उनका रिश्ता पिता को कभी मंजूर नहीं था, जो आगे चलकर एक खौफनाक अंजाम तक भी पहुंचा। वह नहीं चाहते थे कि दोनों साथ रहे और शादी करें। लेकिन टीबा ने मुहम्मद अल-शामी से शादी करने का फैसला कर लिया। इसी दौरान जनवरी 2023 में टीबा 25वें अरबियन गल्फ कप में अपनी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सपोर्ट करने के लिए इराक लौटीं। जब टीबा इराक लौटीं, तो उन्हें अपनी जनजाति से जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस से संपर्क किया। जैसे तैसे वह कहीं छुप गईं। सिर्फ उनकी मां जानती थीं कि टीबा कहां ठहरी थीं। मां-बेटी के बीच लगातार बातचीत होती थी। मां टीबा को बहुत याद करती थीं और उनसे मिलना भी चाहती थीं। आखिरकार टीबा अपनी मां से एक दोस्त के घर मिलने के लिए तैयार हो गईं, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वह कभी भी अपने पिता के घर नहीं जाएंगी। यह फैसला बाद में उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ, क्योंकि जैसे ही मां उस जगह पहुंचीं तो अचानक पूरा परिवार वहां आ गया। टीबा का अपहरण कर उन्हें दक्षिणी इराक के अल-दीवानिया ले जाया गया, जहां उनका परिवार और उनकी जनजाति रहती थी। वहां टीबा और उनके पिता के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। बहस के दौरान टीबा ने आरोप लगाया कि 2015 में महज 15 साल की उम्र में उनके भाई ने उनके साथ दुष्कर्म किया और पिता ने उन्हें बचाने की कोई कोशिश तक नहीं की। बस इसी डर के कारण वह परिवार के साथ तुर्की जाने के बाद इराक लौटना नहीं चाहती थीं, क्योंकि उन्हें लगता था कि शोषण जारी रहेगा और पिता फिर अनदेखा करेंगे। तुर्की जाने से पहले टीबा ने यह बात अपनी मां को भी बताई थी, लेकिन इराक में महिलाओं के अधिकार न होने के कारण मां कुछ नहीं कर सकीं। लगभग सभी लोगों ने खासकर उनके पिता ने टीबा से कहा कि वह इसे नजरअंदाज कर दें। जबकि पिता ने बेटी की बात समझने की जगह उसे ही दोषी ठहराया और कहा कि एक पुरुष के साथ उनका रिश्ता और उसे सोशल मीडिया पर दिखाया, जिससे परिवार के साथ ही उनकी पूरी जनजाति शर्मशार हुई। कहा जाता है इसी दौरान परिवार ने टीबा को कुछ पीने को दिया, जिसे पीते ही टीबा को नींद आ गई और फिर 31 जनवरी 2023 को उनके पिता ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर डाली। जैसे ही एक युवा यूट्यूब स्टार की हत्या की खबर इराक में फैली तो हर तरह प्रदर्शन शुरू हो गया। देखते ही देखते इराक में प्रदर्शनकारियों ने टीबा की हत्या के खिलाफ न्याय की मांग करना शुरू कर दिया। उधर महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने टीबा की हत्या और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को अनुमति देने वाले कानूनों के विरोध में भी जमकर प्रदर्शन किया। 3 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र मिशन ने इस हत्या की निंदा की और इराक सरकार से जेंडर-आधारित हिंसा को अपराध घोषित करने की मांग की। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी हत्या की कड़ी निंदा की। पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा था कि जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करें कि आखिर टीबा की हत्या क्यों और किसने की। ऐसा भी कहा जाता है कि परिवारिक विवाद 2015 से चला आ रहा था। पुलिस और परिवार के बीच पहले एक समझौता भी हुआ था, जिसके चलते पुलिस जाकर विवाद सुलझाने वाली थी। लेकिन इसी दौरान पुलिस तब हैरान रह गई जब पिता खुद थाने आकर काबूल किया कि उसने ही अपनी बेटी की हत्या की थी। टीबा के पिता तैय्यब अली ने पुलिस के सामने कहा कि उनकी बेटी ने परिवार की इज्जत खराब कर दी थी। बेटी की हत्या को उन्हें कोई पछतावा नहीं था और कहा कि हां- मैंने ही बेटी की हत्या की। टीबा अल-अली के पिता तैय्यब अली को अपनी बेटी की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

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