वन कर्मियों पर हमला करने वाले 9 जनों को तीन -तीन साल की जेल
[ad_1]
बारां| वन विभाग के प्लांटेशन की भूमि पर अवैध कब्जा करने और कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम पर हमला करने के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 9 आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल के कारावास और 6-6 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक हरिओम मीणा ने बताया कि 5 जुलाई 2017 को केलवाड़ा रेंजर को सूचना मिली थी कि ग्राम महोदरा में ट्रैक्टरों से प्लांटेशन भूमि पर अवैध हंकाई की जा रही है। सूचना पर रेंजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां प्लांटेशन में बनी ट्रेंच और पौधों को नष्ट कर ट्रैक्टरों से हंकाई की जा रही थी। वन विभाग की टीम को देखकर आरोपी फरार हो गए। इस दौरान विभाग ने एक ट्रैक्टर मौके से जब्त कर लिया। जब जब्त ट्रैक्टर को केलवाड़ा रेंज लाया जा रहा था, तभी रास्ते में बड़ी संख्या में आरोपियों ने वनकर्मियों पर हमला कर दिया और जबरन जब्त ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए। । हमले में कर्मचारियों को चोटें आईं। इसके बाद 6 जुलाई को वन विभाग ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई एससी-एसटी कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा ने करते हुए फैसला सुनाया। जिसमें आरोपी श्रीकिशन किराड़, पप्पू, सुनील, संतोष कुमार, खुशहाल उर्फ दिलखुश, देवेंद्र, कुलदीप, गुरुदत्त और गणेशलाल को दोषी ठहराया। कोर्ट ने सभी को तीन-तीन साल का कारावास और 6-6 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
[ad_2]
Source link
