हाईकोर्ट में शनिवार को काम करने के विरोध में वकील:कार्य बहिष्कार पर जा सकते हैं, बार ने बुलाई बैठक; हाईकोर्ट प्रशासन ने कॉज लिस्ट जारी की
[ad_1]
![]()
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने फुल बेंच के निर्णय के तहत साल 2026 के पहले और चौथे शनिवार को वर्किंग-डे घोषित कर दिया है। इसे लेकर हाईकोर्ट प्रशासन ने कॉज लिस्ट (वाद सूची) भी जारी कर दी है। इसके बाद वकीलों ने इस निर्णय का विरोध शुरू कर दिया है। वकीलों ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को इस निर्णय के विरोध में ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में बार इस निर्णय को लेकर अपना रुख तय करेगी। बता दें कि साल की शुरुआत में हाईकोर्ट की जयपुर, जोधपुर बार और बीसीआर ने इस निर्णय के विरोध में एक दिन का स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार किया था। इसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में पांच जजों की कमेटी गठित की थी। कमेटी को 21 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सौंपनी थी। कमेटी का निर्णय बार को नहीं बताया गया हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने बताया कि पांच जजों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सौंप दी है। लेकिन कमेटी के निर्णय से बार को अवगत नहीं कराया गया है। अब शनिवार की कॉज लिस्ट जारी होने से साफ है कि हाईकोर्ट प्रशासन अपने पहले के निर्णय पर ही कायम है। हाईकोर्ट की फुल बेंच में हुआ था निर्णय 12 दिसंबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जनवरी से हाईकोर्ट अब हर महीने के दो शनिवार खुला रहेगा। इससे सालभर में 24 दिन ज्यादा काम हो सकेगा। लंबित मामलों को निपटाने में तेजी आएगी। फुल कोर्ट मीटिंग में माना गया कि अदालतों में लगातार बढ़ रहे मामलों के दबाव को देखते हुए न्यायिक समय का विस्तार जरूरी हो गया है। महीने के दो शनिवार हाईकोर्ट खुलने से न केवल लंबित मामलों की संख्या घटेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी, तेज और समयबद्ध बन सकेगी।
[ad_2]
Source link
