परिवार में छात्रा ही संतान तो प्रोत्साहन राशि देगा बोर्ड:जयपुर-सीकर जिले की कटऑफ 593 अंक निर्धारित, सलुंबर में सबसे कम 572
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मेधावी बेटियों को सशक्त बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से परिवार में संतान के रूप में एक या दो बेटियां होने पर दसवीं व बारहवीं पास करने पर क्रमश: 51 हजार व 31 हजार रुपए नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी सभी जिलों की कट-ऑफ जारी करने के साथ 22 फरवरी तक आवेदन मांगे गए हैं। माध्यमिक में शैक्षिक गढ़ माने जाने वाले सीकर, झुंझुनूं और जयपुर जिलों में कटऑफ सबसे अधिक है। आवेदन के लिए जयपुर, झुंझुनूं और सीकर में 593 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं धौलपुर में 586, अलवर में 589 और नागौर में 588 अंक लाने वाली बेटियां ही योजना का फायदा उठा सकेंगी। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर की कटऑफ 587 है, जबकि जैसलमेर में यह 577 अंक की होगी। जनजातीय बाहुल्य जिले प्रतापगढ़ में 575 और उदयपुर में 581 अंक लाने वाली बालिकाएं पात्र होंगी। नए गठित जिलों में डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा की कटऑफ 590 रखी गई है। प्रदेश के शैक्षिक रूप से सबसे प्रतिस्पर्धी जिलों में 593 अंकों के साथ जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, भरतपुर और डीग है। वहीं, सवाई माधोपुर की 592, दौसा की 591, हनुमानगढ़–श्रीगंगानगर की कटऑफ 590 रखी है। 590 से कम अंक वाले जिलों में अलवर–बीकानेर 589, नागौर, टोंक और करौली 588, अजमेर, बाड़मेर, जोधपुर और कोटपुतली-बहरोड़ 587, भीलवाड़ा और धौलपुर 586, बांसवाड़ा, बूंदी, कोटा और पाली 584, डूंगरपुर, जालौर और सिरोही 583, बारां 582, उदयपुर और बालोतरा 581, जबकि राजसमंद की कटऑफ 580 अंक है। जबकि कम प्रतिस्पर्धा वाले जिलों में कम अंकों पर भी बेटियों को पुरस्कार की पात्रता होगी । इनमें ब्यावर 579, जैसलमेर और झालावाड़ 577, प्रतापगढ़ 575, फलोदी 576 और पूरे प्रदेश में सबसे कम कट ऑफ 572 अंक निर्धारित की गई है। बेटी पढ़ाओ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से बोर्ड वर्ष 2012 से योजना चला रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की संवीक्षा के बाद, राज्य व जिले की मेरिट बनती है। पहली पुत्री के बाद जुड़वा होने पर तीनों पात्र यदि पहली संतान पुत्री है और उसके बाद दो जुड़वां पुत्रियां पैदा होती हैं तो उस स्थिति में तीनों बेटियों को इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा। 12वीं विज्ञान संकाय में सीकर 492 सर्वाधिक तो डूंगरपुर की कटऑफ 482 रही। कला संकाय में झुंझुनूं में सर्वाधिक 493 अंक, जबकि दौसा में सबसे कम 491 अंक कटऑफ है। वाणिज्य संकाय में सर्वाधिक जयपुर और खैरथल-तिजारा में 484 अंक तथा जालोर में सबसे कम 454 अंक तय किए गए हैं।
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