दर्दनाक सड़क हादसा:कानू का 9 फरवरी को जन्मदिन था, बुआ से गिफ्ट में मांगे थे मेकअप किट व खिलौने

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आरटीओ चौराहे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते घर को पलभर में खामोश कर दिया। हादसे में जान गंवाने वाली 4 साल की वियांशी को घर में सब प्यार से ‘कानू’ कहते थे। दादा-दादी, बुआ और माता-पिता की दुनिया उसी के इर्द-गिर्द घूमती थी। यह बताते हुए मां सुगना की आवाज भर आई। कहती हैं, 9 फरवरी को कानू का जन्मदिन था। वह अपनी बुआ कुसुम से बार-बार मेकअप किट और खिलौना गाड़ी मांग रही थी। मासूम को क्या पता था कि उसका जन्मदिन आने से पहले ही उसकी दुनिया उजड़ जाएगी। दादी लाली देवी और दादा लालाराम की वह सबसे लाडली थी। बुआ के पास ही रहती थी। घर में उसकी हंसी, उसकी जिद और उसकी बातें पूरे माहौल को जिंदा रखती थीं। लेकिन 18 जनवरी की रात एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया। वियांशी के पिता राहुल महावर परिवार के साथ ससुराल जा रहे थे। आरटीओ चौराहे के पास ऑटो चालक की लापरवाही ने खुशहाल सफर को मातम में बदल दिया। झटके से कानू ऑटो से सड़क पर गिरी और पीछे से आ रही कार की चपेट में आ गई। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। राहुल के साथ पौती नहीं दिखी तो दादा-दादी फफक पड़े बेटी के जन्मदिन की तैयारियों के बीच नानी के घर ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में हादसा हो गया। राहुल वापस बेटी के बिना लौटे तो दादा-दादी और परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। मां सुगना देवी की आंखों से आंसू ही नहीं सूख रहे हैं। उसे बार-बार उसके जन्मदिन के लिए की जा रही तैयारियों
याद आती हैं। घर में बार-बार अपनी बहन को खोजता है 17 माह का भाई सिवियांश
राहुल अग्रवाल फार्म, मानसरोवर में किराए के मकान में रहते हैं और मार्केटिंग का काम करते हैं। परिवार में अब 17 महीने का बेटा सिवियांश है। वह कभी-कभी घर में अपनी बड़ी बहन को ढूंढता है, लेकिन जवाब में सिर्फ सन्नाटा मिलता है। बुआ कुसुम की आंखें तब भर आती हैं जब कहती हैं- ‘अब मेकअप किट किसके लिए लाऊंगी?’ कानू की हंसी अब घर में नहीं गूंजती, वो सिर्फ तस्वीरों और यादों में जिंदा रह गई है।

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