चोरी का मामला:सुबह 3 बजे घर में घुसा चोर, घरवालों ने पकड़ा तलाशी लेने पर जेब से मिले सोने के आभूषण

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नेहरू नगर में गुरुवार की अलसुबह चोरी की वारदात को अंजाम देने आए चोर काे महिलाओं ने पकड़ लिया। खुद को घिरता देख चोर भागने के लिए महिलाओं को दांतों से काट लिया और हमला कर दिया। उसे काबू कर तलाशी लेने पर जेब से चोरी किए हुए सोने के झुमके और मंगलसूत्र बरामद हुए। नेहरू नगर निवासी सुमन ने बताया कि 22 जनवरी की अल सुबह करीब 3 बजे चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। उसने सबसे पहले कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। इसके बाद नीचे जाकर कमरे में चोरी करने लगा। आहट सुनकर ननंद चिल्लाई तो सुमन और उनके पति ने खिड़की से नीचे कूदे। शोर सुनकर परिवार के सभी 7 सदस्य इकट्ठा हो गए और घेराबंदी कर चोर को दबोच लिया। एक्सप्लेनर – महिलाओं को काटा और लात मारी जब चोर की जेब चैक की गई तो उसमें से सोने के झुमके, मंगलसूत्र और अन्य जेवरात मिले। अपनी पोल खुलते देख चोर ने सुमन के पति और ननद को दांतों से बुरी तरह काट लिया। बीच-बचाव करने आई सास को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और परिवार पर लात-घूंसों से हमला किया। शोर सुनकर पड़ोसी भी जमा हो गए, जिन्होंने पुलिस के आने तक चोर को पकड़कर रखा। पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका घर एसपी ऑफिस से महज 250 से 300 मीटर की दूरी पर है। सूचना के बाद करीब 4:30 बजे कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया।

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वसंती बूंदों में बरसी सर्दी:दिनभर चली ठंडी हवाएं, दिन का पारा 10 और रात का 4 डिग्री गिरा, आज भी चलेगी शीतलहर

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इस बार बसंत पंचमी के दिन से ही कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार रात में हुई बूंदाबांदी के बाद जब सुबह सूरज की किरण खिली तो हर तरफ शीत लहर का कहर था। कोहरा भी छाया रहा। उत्तर भारत के पहाड़ों से आ रही हवा ठंडी होने के साथ ही कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी। हर कोई दिनभर शीत लहर की वजह से ठिठुरता नजर आया। ठंडी हवा शरीर को शूल की तरह चुभ रही थी। दिनभर लोग ऊनी कपड़ों से लदे नजर आए। एक ​ही दिन में कड़ाके की सर्दी से दिन का पारा 10 डिग्री तक गिर गया। रात के पारे में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कड़ाके की सर्दी से आमजन परेशान है। भास्कर एक्सप्लेनर – आज 20-25 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवा चलेगी पिछले 24 घंटों में मौसम के मिजाज में जो बदलाव आया है, वह हैरान करने वाला है। इस सीजन में पहली बार एक ही दिन में 10 डिग्री तक दिन का पारा गिर गया। एक दिन पूर्व गुरुवार को बाड़मेर का पारा 29.3 डिग्री था, जो शुक्रवार को 19.8 डिग्री पर पहुंच गया। इसी तरह रात का पारा गुरुवार को 13.4 डिग्री था, जो शुक्रवार को 9.4 डिग्री पहुंच गया। शुक्रवार को सुबह से ही धूप खिली रही, लेकिन शीत लहर से कड़ाके की सर्दी से गलन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अब शनिवार को तेज कड़ाके की सर्दी का अलर्ट जारी किया है। शनिवार काे बाड़मेर जिले में इस सीजन की सबसे तेज शीत लहर की संभावना है। मौसम विभाग ने 20-25 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे दिन में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। रात का पारा रिकाॅर्ड स्तर पर कम होने की संभावना पिछले सालों में जनवरी में न्यूनतम पारा 5.8 डिग्री से नीचे नहीं गया है। इस साल भी 5.8 डिग्री तक पहुंचा था। अब एक बार फिर कड़ाके की सर्दी से शनिवार को रात का पारा गिरने से रिकाॅर्ड टूट सकता है। रात का पारा करीब 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। 1 जनवरी 2020 को जनवरी में न्यूनतम पारा 5.8 डिग्री था। इसके बाद 5 सालों में न्यूनतम पारा 6 से 7.8 डिग्री तक रहा था।

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परिवार में छात्रा ही संतान तो प्रोत्साहन राशि देगा बोर्ड:जयपुर-सीकर जिले की कटऑफ 593 अंक निर्धारित, सलुंबर में सबसे कम 572

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मेधावी बेटियों को सशक्त बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से परिवार में संतान के रूप में एक या दो बेटियां होने पर दसवीं व बारहवीं पास करने पर क्रमश: 51 हजार व 31 हजार रुपए नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी सभी जिलों की कट-ऑफ जारी करने के साथ 22 फरवरी तक आवेदन मांगे गए हैं। माध्यमिक में शैक्षिक गढ़ माने जाने वाले सीकर, झुंझुनूं और जयपुर जिलों में कटऑफ सबसे अधिक है। आवेदन के लिए जयपुर, झुंझुनूं और सीकर में 593 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं धौलपुर में 586, अलवर में 589 और नागौर में 588 अंक लाने वाली बेटियां ही योजना का फायदा उठा सकेंगी। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर की कटऑफ 587 है, जबकि जैसलमेर में यह 577 अंक की होगी। जनजातीय बाहुल्य जिले प्रतापगढ़ में 575 और उदयपुर में 581 अंक लाने वाली बालिकाएं पात्र होंगी। नए गठित जिलों में डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा की कटऑफ 590 रखी गई है। प्रदेश के शैक्षिक रूप से सबसे प्रतिस्पर्धी जिलों में 593 अंकों के साथ जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, भरतपुर और डीग है। वहीं, सवाई माधोपुर की 592, दौसा की 591, हनुमानगढ़–श्रीगंगानगर की कटऑफ 590 रखी है। 590 से कम अंक वाले जिलों में अलवर–बीकानेर 589, नागौर, टोंक और करौली 588, अजमेर, बाड़मेर, जोधपुर और कोटपुतली-बहरोड़ 587, भीलवाड़ा और धौलपुर 586, बांसवाड़ा, बूंदी, कोटा और पाली 584, डूंगरपुर, जालौर और सिरोही 583, बारां 582, उदयपुर और बालोतरा 581, जबकि राजसमंद की कटऑफ 580 अंक है। जबकि कम प्रतिस्पर्धा वाले जिलों में कम अंकों पर भी बेटियों को पुरस्कार की पात्रता होगी । इनमें ब्यावर 579, जैसलमेर और झालावाड़ 577, प्रतापगढ़ 575, फलोदी 576 और पूरे प्रदेश में सबसे कम कट ऑफ 572 अंक निर्धारित की गई है। बेटी पढ़ाओ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से बोर्ड वर्ष 2012 से योजना चला रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की संवीक्षा के बाद, राज्य व जिले की मेरिट बनती है। पहली पुत्री के बाद जुड़वा होने पर तीनों पात्र यदि पहली संतान पुत्री है और उसके बाद दो जुड़वां पुत्रियां पैदा होती हैं तो उस स्थिति में तीनों बेटियों को इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा। 12वीं विज्ञान संकाय में सीकर 492 सर्वाधिक तो डूंगरपुर की कटऑफ 482 रही। कला संकाय में झुंझुनूं में सर्वाधिक 493 अंक, जबकि दौसा में सबसे कम 491 अंक कटऑफ है। वाणिज्य संकाय में सर्वाधिक जयपुर और खैरथल-तिजारा में 484 अंक तथा जालोर में सबसे कम 454 अंक तय किए गए हैं।

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दर्दनाक सड़क हादसा:कानू का 9 फरवरी को जन्मदिन था, बुआ से गिफ्ट में मांगे थे मेकअप किट व खिलौने

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आरटीओ चौराहे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते घर को पलभर में खामोश कर दिया। हादसे में जान गंवाने वाली 4 साल की वियांशी को घर में सब प्यार से ‘कानू’ कहते थे। दादा-दादी, बुआ और माता-पिता की दुनिया उसी के इर्द-गिर्द घूमती थी। यह बताते हुए मां सुगना की आवाज भर आई। कहती हैं, 9 फरवरी को कानू का जन्मदिन था। वह अपनी बुआ कुसुम से बार-बार मेकअप किट और खिलौना गाड़ी मांग रही थी। मासूम को क्या पता था कि उसका जन्मदिन आने से पहले ही उसकी दुनिया उजड़ जाएगी। दादी लाली देवी और दादा लालाराम की वह सबसे लाडली थी। बुआ के पास ही रहती थी। घर में उसकी हंसी, उसकी जिद और उसकी बातें पूरे माहौल को जिंदा रखती थीं। लेकिन 18 जनवरी की रात एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया। वियांशी के पिता राहुल महावर परिवार के साथ ससुराल जा रहे थे। आरटीओ चौराहे के पास ऑटो चालक की लापरवाही ने खुशहाल सफर को मातम में बदल दिया। झटके से कानू ऑटो से सड़क पर गिरी और पीछे से आ रही कार की चपेट में आ गई। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। राहुल के साथ पौती नहीं दिखी तो दादा-दादी फफक पड़े बेटी के जन्मदिन की तैयारियों के बीच नानी के घर ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में हादसा हो गया। राहुल वापस बेटी के बिना लौटे तो दादा-दादी और परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। मां सुगना देवी की आंखों से आंसू ही नहीं सूख रहे हैं। उसे बार-बार उसके जन्मदिन के लिए की जा रही तैयारियों
याद आती हैं। घर में बार-बार अपनी बहन को खोजता है 17 माह का भाई सिवियांश
राहुल अग्रवाल फार्म, मानसरोवर में किराए के मकान में रहते हैं और मार्केटिंग का काम करते हैं। परिवार में अब 17 महीने का बेटा सिवियांश है। वह कभी-कभी घर में अपनी बड़ी बहन को ढूंढता है, लेकिन जवाब में सिर्फ सन्नाटा मिलता है। बुआ कुसुम की आंखें तब भर आती हैं जब कहती हैं- ‘अब मेकअप किट किसके लिए लाऊंगी?’ कानू की हंसी अब घर में नहीं गूंजती, वो सिर्फ तस्वीरों और यादों में जिंदा रह गई है।

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Ram Katha Begins in Narnaul with Rambhadracharya

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रामकथा शुरू होने से एक दिन पहले शहर में शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमें संत विंटेज कारों में चले। हेलिकॉप्टर से उन पर फूल बरसाए गए।

नारनौल के श्याम मंदिर -जौरासी धाम में शनिवार से रामकथा व 151 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ शुरू होगा। इसकी तैयारियों की भव्यता सबको चौंका रही है। 30 एकड़ में वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है। 15 किलोमीटर एरिया में पुलिस सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई है। आयो

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कथा व्यास जगद्गुरु रामभद्राचार्य को कथास्थल तक लाने के लिए डिफेंडर व रेंज रोवर समेत कई महंगी गाड़ियों का काफिला रहेगा। करीब 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है, हालांकि एंट्री सिर्फ उन्हीं को मिलेगी, जिन्हें संस्था पास जारी करेगी।

आयोजन स्थल की भव्यता के साथ ही मेहमान की लिस्ट भी चौंकाने वाली है। इनमें RSS प्रमुख मोहन भागवत समेत हरियाणा, महाराष्ट्र, यूपी, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के गवर्नरों और CM समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के नाम शामिल हैं।

कथा का आयोजन करवा रहे माइनिंग कारोबारी विनीत पिलानिया पर 6 दिसंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड हुई थी। ED की यह कार्रवाई तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबियों पर हुई थी।

23 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य का विशेष विमान नारनौल स्थित बाछोद एयरस्ट्रिप पर लैंड हुआ।

23 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य का विशेष विमान नारनौल स्थित बाछोद एयरस्ट्रिप पर लैंड हुआ।

सबसे पहले जानिए कौन करवा रहा यह आयोजन

चित्रकूट के नाम से संस्था, हरियाणा के खनन कारोबारी अध्यक्ष यह आयोजन आर्यवर्त सेवा न्यास चित्रकूट की ओर करवाया जा रहा है। नारनौल से सात किलोमीटर दूर स्थित जोरासी गांव में बने श्याम बाबा के मंदिर के पास आयोजन होगा। यह रामकथा रोजाना शाम को तीन बजे से छह बजे तक होगी। इस कथा से पहले शुक्रवार को शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई।

संस्था मूलरूप से चित्रकूट की है, जिसके संस्थापक विनीत पिलानिया हैं, जो माइनिंग का काम करते हैं। वे मूलरूप से चरखी दादरी के रहने वाले हैं। उनका यहां पर माइनिंग का कारोबार है। संस्था का गठन करीब एक साल पूर्व ही हुआ था। इसके अन्य पदाधिकारी भी माइनिंग से जुड़े लोग हैं।

नारनौल के जोरासी में रामकथा को लेकर लगा भव्य पंडाल।

नारनौल के जोरासी में रामकथा को लेकर लगा भव्य पंडाल।

3 महीने की तैयारियों में जानिए क्या 6 खास इंतजाम हुए

एंट्री पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संस्था के पदाधिकारियों ने शहर की अन्य धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजन का जिम्मा लिया हुआ है। करीब तीन माह से इसकी तैयारियां की जा रही थीं। संस्था की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुए हैं। अब उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी, जिनका रजिस्ट्रेशन हुआ है। सात अलग-अलग रंग के पास जारी किए गए हैं। ये पास अलग-अलग दिन के लिए अलग-अलग रंगों के हैं। इन पास को दिखाने के बाद ही कथा स्थल पर एंट्री मिलेगी।

30 एकड़ में पंडाल, जयपुर से लाइटें मंगवाई करीब 30 एकड़ में पंडाल लगा हुआ है। कथास्थल व हवन स्थल को वाटर प्रूफ पंडाल से ढका है, ताकि बारिश व सर्दी से बचाव हो सके। लाइटिंग के लिए अलवर व जयपुर से विशेष लाइटें मंगाई गई हैं। 35 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंडाल के बाहर ग्राउंड भी काफी बड़ा बनाया गया है, जहां पर लोगों के सुनने के लिए स्क्रीन लगाई गई हैं।

50 जगह कैमरे, विशेष कंट्रोल रूम में कनेक्शन सिक्योरिटी के लिए 50 जगह कैमरे लगाए गए हैं। पंडाल में जगह-जगह कैमरों के अलावा रास्तों पर भी कैमरे लगे हैं। जिनके संचालन के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। नारनौल व निजामपुर की ओर 6 जगह पार्किंग बनाई गई हैं।

8 दिन डायवर्ट रहेगा रूट, भारी वाहनों पर रोक 30 जनवरी तक नारनौल से निजामपुर रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा। नारनौल की तरफ से निजामपुर जाने वाले वाहन अब मांदी से होते हुए निजामपुर की ओर जाएंगे। निजामपुर से नारनौल आने वाले वाहनों को नेशनल हाईवे 148-बी से होते हुए बाइपास का प्रयोग करके नारनौल की तरफ भेजा जाएगा।

डिफेंडर-रेंज रोवर काफिले में चलेंगे कथा व्यास रामभद्राचार्य शुक्रवार को ही नारनौल पहुंच गए। वो विनीत पिलानिया की सेक्टर एक स्थिति कोठी में ठहरे हैं। वे रोजाना गाड़ियों के काफिले के साथ कथास्थल तक जाएंगे। रामभद्राचार्य के जाने-आने के लिए जो काफिला रहेगा उसमें डिफेंडर, रेंज रोवर जैसे कई महंगी गाड़ियां रहेंगी।

पुलिस सिक्योरिटी के साथ प्राइवेट इंतजाम भी प्रशासन की ओर से एसपी पूजा वशिष्ठ दो बार आयोजन स्थल का जायजा ले चुकी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इस 15 किलोमीटर के नारनौल-निजामपुर रोड पर जगह-जगह पुलिस तैनात की गई है। इसके अलावा आयोजकों की ओर से प्राइवेट सुरक्षाकर्मी भी लगाए हैं। जिनमें मेल-फीमेल दोनों हैं। ये खास ड्रेस कोड में तैनात रहेंगे।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य 23 जनवरी को ही नारनौल पहुंच गए थे।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य 23 जनवरी को ही नारनौल पहुंच गए थे।

अब जानिए आयोजकों की मेहमान लिस्ट में कितने बड़े नाम शामिल

हरियाणा में पहली बार हो रहा आयोजन ​​​​​​​आर्यवर्त सेवा न्यास के प्रवक्ता कपिल भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में ही इस तरह का पहला आयोजन सेवा न्यास की ओर से हो रहा है। सेवा न्यास की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पूरी व्यवस्था की गई हैं। कई राज्यों में निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। हालांकि कौन हस्ती किन दिन मेहमान रहेगी, ये शेड्यूल अभी सार्वजनिक नहीं किया है।

मेहमानों की लिस्ट में भागवत समेत कई गवर्नर व सीएम RSS प्रमुख मोहन भागवत, यूपी CM योगी आदित्यनाथ, हरियाणा CM नायब सैनी, महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस, हरियाणा गवर्नर असीम घोष, राजस्थान गवर्नर हरी भाऊ किशन राव, मध्यप्रदेश गवर्नर मंगू भाई छगन भाई पटेल, केंद्रीय मंत्री मनोहर खट्टर, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान समेत कई राजनीतिक हस्तियां आमंत्रित हैं। हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के भी आने की संभावना है।

रामकथा से पूर्व शुक्रवार को शहर में कलश यात्रा निकाली गई।

रामकथा से पूर्व शुक्रवार को शहर में कलश यात्रा निकाली गई।

जन्म से दृष्टिबाधित रामभद्राचार्य, कठोर टिप्पणियों के लिए मशहूर जगद्गुरु रामभद्राचार्य एक संस्कृत विद्वान और हिंदू धर्मगुरु हैं। वे जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं, फिर भी अपनी असाधारण विद्वत्ता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें रामभक्ति परंपरा के प्रमुख आचार्य के रूप में माना जाता है। रामानंद संप्रदाय में उन्हें जगद्गुरु की उपाधि मिली है। उन्होंने संस्कृत, हिंदी और अवधी में कई रचनाएं की हैं। वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट का संचालन करते हैं। उन्हें 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी तीखी और कठोर टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं।

हाल ही में, प्रयागराज में माघ मेले में चल रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण में उन्होंने तल्ख रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया है। उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने अन्याय किया है। वे बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने वाले बयान का भी समर्थन कर चुके हैं।

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हरियाणा के नारनौल में NIA के निशाने पर आने के बाद तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबियों ED की रेड हुई थी। ED रामपुरा गांव के पूर्व सरपंच नरेश उर्फ नरसी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पढ़ें पूरी खबर…

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बड़े हादसे की आंशका:टोल बचाने के लिए ट्रक और बस ड्राइवर धड़ल्ले से कर रहे आरओबी का उपयोग, हो सकता है हादसा

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शहर में रेलवे ओवरब्रिज के हाइट बैरियर टूट जाने के बाद शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कें अब ओवरलोड ट्रकों और बसों के लिए खुल गई हैं। इस वजह से दिनभर शहर के भीतर जाम की स्थिति बनी रहती है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एक अनुमान के मुताबिक इस ओवरब्रिज से रोजाना 150-200 बड़े और ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। रेलवे स्टेशन रोड, बजरिया, रंजीत नगर तिराहा, रेडक्रॉस सर्किल व्यस्त इलाकों में दिनभर भारी वाहन गुजरते हैं। संकरे रास्तों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में जब बड़े ट्रक घुसते हैं, तो दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की जान हलक में अटक जाती है। जानकारी के अनुसार मथुरा-भरतपुर रोड पर स्थित ओवरब्रिज शहर के मुख्य व्यापारिक एवं आवागमन क्षेत्र के लिए काफी अहम है। ओवरब्रिज के दोनों ओर लगे हाइट बैरियर का काम ट्रकों और बड़े वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोकना है। अब बैरियर टूट जाने के बाद अब बिना रोक-टोक के भारी वाहन शहर के भीतर आ-जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि इससे शहर की मुख्य सड़कों पर दिनभर जाम की समस्या बढ़ गई है। खासकर सुबह और शाम के समय शहर की नाकेबंदी जैसी स्थिति बन जाती है। इस ओवरब्रिज से रोजाना बड़ी संख्या में बाइक, स्कूटी, ट्रैक्टर और कारें गुजरती हैं। इसके अलावा मजदूर, स्कूली बच्चे आदि भी आते-जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर इस पुल पर हाइट बैरियर लगाया जाना बेहद जरूरी है। इस संबंध में जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि जल्द ही ओवरब्रिज पर हाइट बैरियर लगा दिए जाएंगे। गुंडवा टोल प्लाजा को रोजाना हो रहा 20-25 हजार का नुकसान ओवरलोड वाहनों से बढ़ रहा है खतरा… शहर की अंदरूनी सड़कें भारी ट्रकों का भार सहने के लिए नहीं बनी हैं। लगातार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से पाइपलाइन फटने और सड़कें धंसने की शिकायतें बढ़ रही हैं। ओवरब्रिज से मथुरा साइड की ओर की सड़क को फोर लेन बनाया जा रहा है। इसलिए सड़क खुदाई की जा रही है। इससे सड़क संकरी हो गई है। इसके अलावा बिजली के पोल पर बिजली की केबल भी लटक रही है। ऐसे में अगर कोई हाई-बॉडी ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। अब तक 5-6 बार टूट चुका है हाइट बैरियर… पिछले कुछ सालों बस और ट्रक की टक्कर से ये हाइट बैरियर 5-6 बार टूट चुके हैं। इनकी मरम्मत में भी काफी खर्च आता है। अभी कुछ दिन पहले ही एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले मथुरा साइड का हाइट बैरियर तोड़ा और कुछ दिन बाद एक अन्य ओवर लोड वाहन ने रेल पुलिस चौकी साइड का हाइट बैरियर तोड़ दिया। आरओबी से होकर जयपुर, आगरा और बालाजी जा रहे वाहन… गुड़वा टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या भी इस वजह से घट गई है। टोल कर्मियों के अनुसार रोजाना जब से हाइट बैरियर टूटे हैं, तब से 250-300 बड़े और छोटे वाहनों की संख्या में कमी आई है। अब ये वाहन शहर के अंदर होकर जयपुर, आगरा आदि स्थानों के लिए जा रहे हैं। इससे रोज करीब 20-25 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरब्रिज से गुजर रहे भारी वाहन…. आरओबी पर मथुरा साइड में रात के समय भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यहां पुलिसकर्मियों की रात्रिकालीन ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन इसके बावजूद ओवरलोड ट्रक और बसें धड़ल्ले से गुजर रही हैं।

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कांग्रेस नेता ने 10 बार पैर पकड़ माफी मांगी,VIDEO:पानीपत में महिला से मोबाइल नंबर मांगने का आरोप, ग्रामीणों ने पकड़ा तो बोला- तू मेरी बहन

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पानीपत बस स्टैंड का एक वीडियो सामने आया है जिसमे कांग्रेस के एक नेता की लोग जमकर क्लास ले रहे हैं। नेता बार-बार एक महिला के पैरों की तरफ झुककर फिर घुटनों पर बैठकर माफी मांगते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है प्राइवेट बस में महिला का मोबाइल नंबर मांगने से उपजे विवाद के बाद ये सारा हंगामा हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल किया। हालांकि इस संबंध में महिला की ओर से किसी थाने में शिकायत देने की बात सामने नहीं आई है। वीडियो में दिख रहे सतपाल वाल्मीकि इसराना हलके से कांग्रेस के टिकट के दावेदारों में शामिल रहे थे। हालांकि इस घटना और वायरल वीडियो को लेकर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया या पक्ष नहीं आया। दैनिक भास्कर एप की टीम ने जब उनका पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने इतना ही कहा- किसी शोक सभा में हूं, अगली सुबह बात करूंगा। पूरे घटनाक्रम से जुड़े PHOTOS… यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला… टिकट की दौड़ में थे शामिल
सतपाल वाल्मीकि इसराना विधानसभा क्षेत्र से सक्रिय राजनीति में हैं और 2024 के चुनावों में कांग्रेस की ओर से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी के लिए भी असहज स्थिति पैदा हो गई। वहीं स्थानीय विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर यूजर्स कमेंट कर रहे हैं।

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धूम फेम एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री छोड़ने की वजह बताई:रिमी सेन बोलीं– महिलाओं के लिए इंडस्ट्री में लंबा करियर नहीं, बॉलीवुड का नशा खत्म हो गया

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फिल्म ‘धूम’ से पहचान बनाने वाली पूर्व एक्ट्रेस रिमी सेन ने हाल ही में एक्टिंग छोड़कर दुबई में अपना रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने का ऐलान किया है। एक हालिया पॉडकास्ट में रिमी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सच्चाइयों पर खुलकर बात की और बताया कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला क्यों लिया। Buildcaps के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान रिमी सेन ने कहा कि बॉलीवुड में खासतौर पर महिला कलाकारों के लिए करियर की उम्र सीमित होती है, जबकि पुरुष अभिनेता दशकों तक लीड रोल में बने रहते हैं। उन्होंने अपने नए बिजनेस को एक्टिंग से कहीं ज्यादा स्थिर और सुरक्षित बताया। इस पॉडकास्ट में रिमी के साथ Buildcaps के फाउंडर प्रियंक शाह और जाने-माने रियल एस्टेट बिजनेसमैन आशीष शर्मा भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान आशीष शर्मा ने मजाकिया अंदाज में रिमी की तारीफ करते हुए कहा, “रिमी जी, हमारे लिए भी कुछ छोड़ दो, आपने तो पूरा दुबई ही निचोड़ दिया। हमें यहां तक पहुंचने में 18 साल लगे और मैडम ने आते ही सब फोड़ दिया।” इस पर रिमी सेन ने जवाब दिया, “रियल एस्टेट एक स्टेबल बिजनेस है। बॉलीवुड का नशा अब खत्म हो चुका है और अब रियल एस्टेट का नशा चढ़ गया है।” बॉलीवुड में जेंडर असमानता पर बोलीं रिमी पॉडकास्ट में रिमी ने फिल्म इंडस्ट्री में जेंडर असमानता पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा- “फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए करियर की अवधि बहुत छोटी होती है। यह एक मेल-डोमिनेटेड इंडस्ट्री है। आज भी सलमान खान और शाहरुख खान जैसे अभिनेता 20-25 साल बाद भी लीड रोल निभा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जिन अभिनेत्रियों ने कभी इन सुपरस्टार्स के साथ काम किया, आज वे सपोर्टिंग रोल या पारिवारिक किरदार निभा रही हैं, और कुछ तो ऑनस्क्रीन मां तक का रोल कर रही हैं। स्टारडम भी एक नशा है रिमी ने स्टारडम को भी एक तरह की लत बताया। उन्होंने कहा- “फेम का नशा भी जुए की तरह होता है। समझदार इंसान जानता है कि कब टेबल छोड़नी है। किसी भी बिजनेस में सही समय पर बाहर निकलना बेहद जरूरी है।” उन्होंने आगे कहा- “अगर बिना विजन के किसी काम में लगे रहेंगे, तो पूरी जिंदगी संघर्ष ही करते रह जाएंगे। मैंने शुरू से अपने करियर को एक बिजनेस की तरह देखा। मुझे पता था कि गरिमा के साथ कहां तक जाना है। उसके बाद गिरावट आती है, खासकर महिलाओं के लिए।” रिमी ने यह भी बताया कि वह कभी फेम की आदी नहीं रहीं। उन्हें जब तक अच्छा काम मिल रहा था, उन्होंने एंजॉय किया। लेकिन जब एक जैसे कॉमेडी रोल मिलने लगे और संतुष्टि खत्म हो गई, तो रिमी ने इंडस्ट्री से एग्जिट कर लिया। रिमी ने कहा कि उन्होंने अपने करियर के हर कदम को सोच-समझकर और प्लानिंग के साथ आगे बढ़ाया और आज वह अपने नए सफर से पूरी तरह संतुष्ट हैं।

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पंजाबी सिंगर सिंगा ने कलाकारों को छक्का कहा:नए रिलीज गीत असला 2.0 में हथियार दिखाए, विवादित बोल भी बोले; पहले हो चुकी FIR

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पंजाबी सिंगर सिंगा ने एक इंटरव्यू में बिना नाम लिए म्यूजिक इंडस्ट्री के कई कलाकारों को छक्का कहकर संबोधित किया। ये इंटरव्यू एक साल पुराना है। लेकिन इसकी क्लिप अब ट्रोल हो रही है। इस क्लिप को द कूल ब्रो इंस्टा पेज पर शेयर किया गया है। इसमें सिंगा ये कहते नजर आ रहे हैं कि देखा जाए तो आजकल म्यूजिक इंडस्ट्री में ज्यादातर छक्के नहीं आ गए। मुझे लगता है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में मर्द नहीं रह गए हैं। सिंगा ने कहा कि न ही कोई बंदा है और न ही मर्दों वाली बात रह गई है। इसके साथ ही सिंगा ने कुछ समय इंडस्ट्री में चुप्पी और कूल गीत निकालने के बाद फिर से हथियार कल्चर वाला गीत रिलीज किया है। 23 जनवरी को अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज असला 2.0 में हथियारों की सरेआम नुमाइश की है। इस गीत में सलवारों पर नजर…जैसे कई विवादित बोल भी हैं। अकसर विवादों में रहने वाले सिंगा पर नवंबर 2022 में मोहाली के मटौर पुलिस स्टेशन में गन कल्चर प्रमोट करने और जालंधर-कपूरथला में धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज हो चुका है। उन पर गाने तेरी अम्मी में अश्लील शब्दों का प्रयोग करने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। भीम आर्मी और कुछ अन्य संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। न्यू रिलीज असला 2.0 में विवादित बोल, गाली भी दी
सिंगा के नए गीत असला 2.0 में हथियारों की सरेआम नुमाइश के साथ विवादित बोल भी हैं। गीत के बोलों में चक्क लो असला, वध गया मसला, भीड़ पै गई ए यरां ते जैसी उकसाने वाली लाइनें हैं। इसके साथ ही अज्ज ठोकणे ही ठोकणे आ कहकर गाली दी गई गई है। सिंगा ने गीत के वीडियो में फायरिंग, वॉट्सएप के जरिए हथियार भेजने जैसे सीन फिल्माए हैं। मैं देखेया अकसर मचदे साले, अक्ख रखदेया सलवारां ते जैसी शब्दावली का यूज किया गया है। इसके साथ ही उकसाने वाले बोल जैसे वेलियां न अक्ख लाके, भैण न ब्याह लेयो भी गीत में हैं। अब पढ़िए सिंगर सिंगा के साथ जुड़े विवाद… विवादों पर मोहाली और अमृतसर में FIR: सिंगा के खिलाफ शिकायतों की लिस्ट काफी लंबी है। सबसे प्रमुख मामला मोहाली के मटौर थाने में दर्ज हुआ था, जहां उन पर हथियारों के प्रदर्शन पर रोक वाले सरकारी आदेश के उल्लंघन का आरोप लगा। इसके अलावा, अमृतसर में भी उनके खिलाफ अश्लीलता फैलाने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। ‘तेरी अम्मी’ जैसे गानों के बोलों को लेकर उन्हें सामाजिक संस्थाओं के भारी दबाव का सामना करना पड़ा था। सिद्धू मूसेवाला और बब्बू मान के साथ क्लैश: पंजाबी इंडस्ट्री की गुटबाजी में सिंगा केंद्र में रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की मौत तक दोनों के बीच कोल्ड वार चलती रही। दोनों एक-दूसरे को जवाब देने के लिए ट्रैक निकालते रहे। इसी तरह सिंगर बब्बू मान के प्रशंसकों के साथ भी सिंगा की तीखी बहस हो चुकी है। मान के समर्थकों ने आरोप लगाया था कि सिंगा ने अपने बयानों से बब्बू मान का अपमान किया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप: सिंगा केवल म्यूजिक इंडस्ट्री के साथी कलाकारों के साथ जुड़े विवादों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन पर धार्मिक भावनाओं के अपमान के आरोप भी लगे हैं। एक पुराने विवाद में ईसाई समुदाय ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। क्योंकि उनके एक वीडियो में ईसाइयत से जुड़े प्रतीकों को गलत तरीके से पेश करने का दावा किया गया था। इस मामले में विवाद इतना बढ़ा कि सिंगा को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।

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प्रतिनियुक्ति-पदस्थापन सिस्टम का असर:नियम 30 छात्रों पर एक शिक्षक का लेकिन 112 स्कूलों में हालात इसके उलट, 5 विद्यार्थियों पर 7 शिक्षक

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जिले के महात्मा गांधी विद्यालयों में 2025 की शिक्षक पदस्थापन और प्रतिनियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार विद्यालयों में विद्यार्थियों से ज्यादा शिक्षकों की संख्या है। उच्चैन के महात्मा गांधी विद्यालय गलपट्टी में 5 विद्यार्थियों पर 7 शिक्षक, नगला छितर में 15 विद्यार्थियों पर 8 शिक्षक व सेवर ब्लॉक में महात्मा गांधी विषदा में 57 विद्यार्थियों 8 शिक्षक व श्रीनगर में 33 विद्यार्थियों पर 7 शिक्षक तैनात है। इसके अलावा सेवर ब्लॉक के सबसे बड़े विद्यालय जघीना में 198 विद्यार्थियों पर 20 शिक्षक, पीपला में 184 विद्यार्थियों पर 20 शिक्षकों की तैनाती है, जबकि नियम 30 विद्यार्थियों पर 1 शिक्षक की नियुक्ति होनी चाहिए। वर्ष 2025 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महात्मा गांधी विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की गई थी। भर्ती के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक अपने गृह क्षेत्र में पदस्थापन पाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी विद्यालयों में समायोजित हो गए, ​जिनको एक वर्ष के लिए विद्यार्थियों का अनुपात विद्यालय में देखे बिना एक साल के लिए डेप्युटेशन (प्रतियुक्ति) दे गई। इसका असर यह हुआ कि जिन क्षेत्रों में छात्र संख्या सीमित थी, वहां भी शिक्षकों की भरमार हो गई। इस कारण महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुुपात पूरी तरह बिगड़ गया है। यह हुआ असर… सीमित छात्र संख्या वाले विद्यालयों में अब हो गई शिक्षकों की भरमार ऐसे समझें महात्मा गांधी विद्यालयों में विद्यार्थियों की हाल
1- महात्मा गांधी गिलगिलिया पट्टी (उच्चैन) में कक्षा 1 में 1 एडमिशन, 2 में शून्य, 3 में शून्य, 4 में 2, 5 में शून्य, 6 में 2 सहित कुल 5 एडमिशन हुए है।
2- महात्मा गांधी नगला छितर (उच्चैन ब्लॉक) में कक्षा 1 में 5 एडमिशन, कक्षा 2 में 1, कक्षा 3 में 1, कक्षा 4 में 3, कक्षा 5 में 2, कक्षा 6 में 1, कक्षा 7 में 2 एडमिशन मिलाकर 15 एडमिशन हुए हैं।
3- महात्मा गांधी श्रीनगर (सेवर ब्लॉक) कक्षा एक में 8 एडमिशन, 2 में 1, 3 में 2, 4 में 5, 5 में 6 और कक्षा 7 में 7 सहित कुल 33 एडमिशन हुए हैं।
4- महात्मा गांधी विषदा (सेवर) कक्षा 1 में 12 एडमिशन, 2 में 9, 3 में 7, 4 में 7, 5 में 4 , 6 में 8, 7 में 5, कक्षा 8 में 5 सहित कुल 57 एडमिशन हैं। “पिछली सरकार में हिंदी मीडियम स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम कर दिया था, हमने विरोध भी किया एक ही ग्राम पंचायत में 2-2 महात्मा गांधी विद्यालय खोल दिए गए थे। वहीं, हाल में शिक्षकों के पदस्थापन किए हैं। विद्यार्थियों से अधिक शिक्षकों का पदस्थापन कर दिया।”
-होतीलाल जेमन, सियाराम संगठन जिलाध्यक्ष “एक- दो दिन में डाटा एकत्रित कर बताता हूं। शिक्षक पदस्थापन विषय की जानकारी नहीं है।”
-बृजेश सिंह, सहायक निर्देशक

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