जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन:विद्यार्थियों ने मोबाइल से चलाई कार, चोरी रोकने को लेजर तकनीक बनाई
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मुभीछाराउमावि गांधी चौक में जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन में जूनियर वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकी के मॉडल विकसित प्रदर्शित किए। इनमें मॉडल ऐसे थे, जिन्हें देखकर हैरत होती है कि इतनी कम उम्र में भी आइडिया लेवल पर बच्चों की सोच कितनी विकसित है। 292 बच्चों ने अपने अपने मॉडल प्रस्तुति किए। इनमें से यह चार मॉडल जो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अत्यंत उपयोगी है और जीवन को सरल बनाने वाले हैं। मोबाइल एप से कार कंट्रोल करने का मॉडल पीएमश्री सिंधासवा के 11वीं कक्षा के इंसाफ खां ने मोबाइल टेक्नोलॉजी और कार को आपस में जोड़कर अपना मॉडल बनाया है। इंसाफ ने एआई एप से कार को सेल्फ ड्राइव मोड पर चलाने के लिए एप तैयार किया। इसे उसने अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया है। इसके साथ ही कार में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए चिप भी डाली। इससे मोबाइल में इंस्टॉल एप से कार को ड्राइविंग मोड पर चला सकते हैं। इसके साथ ही कार को ड्राइवर के बिना कंट्रोल किया जा सकता है। अल्ट्रा सोनिक होम सिक्योरिटी सिस्टम बनाया पीएमश्री राउमावि भाडखा के 10वीं कक्षा के विद्यार्थी मोतीलाल ने अल्ट्रा सोनिक आधारिक होम सिक्योरिटी सिस्टम का मॉडल बनाया। कॉलोनी, घर या खेत में होने वाली चोरियों को रोकने के लिए विशेष मेथर्ड यूज किया गया। रात में कॉलोनी का मेन गेट लगा होने के बाद इस सिस्टम को चालू कर देते हैं। उसके बाद इस सिस्टम के आगे कोई भी वाहन आकर रुकेगा तो सिस्टम की अल्ट्रा रैन डिटेक्टर मॉडल,बारिश आने की सूचना देगा राउमावि कांकराला कल्याणपुरा के 9 वीं कक्षा के विद्यार्थी विक्रम प्रजापत ने रैन डिटेक्टर मॉडल बनाया। विक्रम ने अपने मॉडल में बारिश की सूचना के साथ ही घरों में उपयोग होने वाला सिस्टम भी डवलप किया। मॉडल में घर के बाहर सूख रहे कपड़ों की रॉड को इस मॉडल से जोड़ दिया। जैसे ही इस रैन डिटेक्टर पर बारिश की बूंदें पड़ती है तो कपड़ों को सुखाने वाली रॉड अपने आप ही घर में ले लेती है। वहीं जब बारिश बंद होती है और डिटेक्टर सूख जाता है तो वापस पहले वाली स्थिति में आ जाती है।
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