Dehradun Elevated Road: Faster Commute & Traffic Relief

[ad_1]

दोनों सड़कों के बन जाने से देहरादून सिटी के अंदर जाम में कमी आएगी।

देहरादून शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड अब पहले से ज्यादा तेज रफ्तार के हिसाब से बनाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) के पुराने डिजाइन में जहां 20 से 50 किमी प्रति घंटे की गति तय थी, अब उसे NHAI के मा

.

इस बदलाव के बाद एलिवेटेड रोड पर 60 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलने लायक डिजाइन तैयार किया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रोजेक्ट पूरा होने पर शहर के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुंचने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे।

फिलहाल आईएसबीटी से मसूरी डायवर्जन तक पहुंचने में 30 मिनट या उससे ज्यादा समय लग जाता है। ऐसे में यह हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर देहरादून के लिए लंबे समय से चल रही जाम समस्या में बड़ी राहत बन सकता है।

मैप से समझिए कहां से कहां तक बनेंगी दोनों सड़कें…

NHAI ने क्यों बदलवाया डिजाइन

6200 करोड़ रुपए की इस परियोजना में रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे करीब 25 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बननी है। शुरुआती डिजाइन और भू-अधिग्रहण का काम PWD ने किया था, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी अब NHAI को दी गई है।

NHAI के निरीक्षण में सामने आया कि मौजूदा डिजाइन में करीब 70 तीखे मोड़ हैं, जो 60 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा रफ्तार पर हादसों की वजह बन सकते हैं। ये मोड़ नदी के घुमावों के साथ सड़क को मोड़कर, कम से कम भू-अधिग्रहण के उद्देश्य से रखे गए थे।

कई जगहों पर बिंदाल और रिस्पना नदी में पुल बनाए जाएंगें।

कई जगहों पर बिंदाल और रिस्पना नदी में पुल बनाए जाएंगें।

अब रोड कैसे बनेगी, क्या बदलेगा

NHAI ने इन मोड़ों पर आपत्ति जताते हुए अधिकतर घुमाव हटाकर सीधा अलाइनमेंट रखने का सुझाव दिया है। जहां मोड़ जरूरी होंगे, वहां चौड़ाई और डिजाइन इस तरह रखा जाएगा कि तेज रफ्तार में भी वाहन सुरक्षित तरीके से चल सकें।

PWD प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार, NHAI अपने मानकों के अनुरूप नया डिजाइन तैयार कर रहा है। मोड़ों पर चौड़ाई बढ़ने से वाहन 50 से 100 किमी प्रति घंटे तक की गति में चल सकेंगे।

इन सड़कों के बन जाते से अभी लगने वाले जाम से काफी राहत के आसार हैं।

इन सड़कों के बन जाते से अभी लगने वाले जाम से काफी राहत के आसार हैं।

भूमि अधिग्रहण पर असर, कितनी जमीन चाहिए

डिजाइन में बदलाव का सीधा असर भू-अधिग्रहण पर पड़ेगा, क्योंकि सड़क को ज्यादा सीधा करने के लिए कुछ जगहों पर अतिरिक्त भूमि की जरूरत होगी। पहले डिजाइन नदी के घुमावों के साथ होने के कारण कम जमीन में तैयार किया गया था।

फिलहाल डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। दोनों कॉरिडोर के लिए कुल मिलाकर करीब 93 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई जा रही है।

कहां से शुरू होकर कहां खत्म होगी एलिवेटेड रोड

प्रोजेक्ट के तहत बिंदाल नदी पर बनने वाली एलिवेटेड रोड कार्गी चौक के पास से शुरू होगी। यह बिंदाल पुल, विजय कॉलोनी होते हुए मैक्स अस्पताल के पास मसूरी रोड से जुड़ेगी। इसकी लंबाई करीब 14 किलोमीटर होगी।

वहीं रिस्पना नदी पर बनने वाली एलिवेटेड रोड रिस्पना पुल से शुरू होकर चुनाभट्टा होते हुए आईटी पार्क के आगे मसूरी रोड से कनेक्ट होगी।

———————- ये खबर भी पढ़ें….

देहरादून से मसूरी 20 मिनट में पहुंचेंगे टूरिस्ट:जाम के झंझट से मिलेगा छुटकारा, फ्रांस की टेक्नोलॉजी से तैयार हो रहा रोपवे

पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले उत्तराखंड के मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन मसूरी का सफर अब देहरादून से मात्र 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) टूरिस्टों की सुविधा के लिए देहरादून से मसूरी के बीच फ्रांस की टेक्नोलॉजी पर आधारित ऑटोमैटिक रोपवे का निर्माण करा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)

[ad_2]

Source link

राजस्थान में एक सप्ताह तक बारिश की चेतावनी:आज 6 जिलों में अलर्ट; दिन का तापमान गिरा, घने कोहरे ने बढ़ाई परेशानी

[ad_1]


राजस्थान में गुरुवार को 6 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से उत्तर-पश्चिम जिलों में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर इस सप्ताह थमने वाला नहीं है। एक बैक टू बैक नया सिस्टम अगले सप्ताह फिर एक्टिव होगा, जिसके प्रभाव से 26 से 28 जनवरी को मौसम में फिर बदलाव होगा और आसमान में बादल छाने के साथ मावठ का दौर शुरू होगा। पिछले 24 घंटे में उत्तर-पूर्वी जिलों में बुधवार को कोहरा छाया। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। कोहरे के कारण धूप थोड़ी कमजोर रही। इन शहरों में दिन में सर्दी का असर तेज रहा। सुबह-शाम सर्द हवाओं से राहत वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राजस्थान में उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो गया है। राज्य में सर्द हवाओं से सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी से भी राहत है, लेकिन कोहरे के चलते अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। गंगानगर, टोंक, उदयपुर, पिलानी, सीकर, करौली, अलवर, बारां समेत कुछ शहरों में ही तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। कल सबसे ज्यादा ठंडा इलाका फतेहपुर का रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आखिरी सप्ताह में भी होगी बारिश राजस्थान में जनवरी के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर आएगा। एक स्ट्रांग वेस्टर्न डिर्स्टबेंस एक्टिव होने से 26 से 28 जनवरी के बीच प्रदेश के कई शहरों में बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

[ad_2]

Source link

Diwaniyat Title Track Composers Share Bollywood Journey

[ad_1]

3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

गुड्डू और कौशिक की जोड़ी आज बॉलीवुड के संगीत जगत में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी है। दोनों ने फिल्म एक दीवाने की दीवानियत के टाइटल ट्रैक ‘दीवानियत’ को कंपोज किया।

दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया और बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें किन चुनौतियों से गुजरना पड़ा।

कोलकत्ता से मुंबई तक का सफर कैसा रहा? क्या सपने लेकर आए थे आप दोनों?

कौशिक- जीवन में जिस मोड़ पर जो रंग मिले, हमें उन्हें अपनाया है। स्ट्रगल जरूर था, लेकिन उन सब में मजा बड़ा आया। पहले काम कम था और अब काम इतना है कि हमें छोड़ना पड़ता है। हर एक स्टेज में कुछ कमी जरूर थी, लेकिन हमने सबसे सीखा है।

गुड्डू- बहुत खूबसूरत जर्नी रही है। हमें अच्छा लगता है जब लोग हमारे गाने पसंद करते हैं।

कौशिक और गुड्डू की ये जोड़ी कैसे बनी?

गुड्डू- कौशिक मेरा कजिन है। हम दोनों कॉलेज में थे, तो गुड्डू मुझे कहा करता था चल बॉलीवुड में थोड़ा कुछ गाना बनाते हैं। उस वक्त मैं कोलकत्ता में एक बैंड से जुड़ा था, वहीं कौशिक इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ा था। हमने फिर एक-एक करके कोलैब करना शुरू किया। मैंने कौशिक से उस दौरान कंपोजिशन कैसे करते हैं, वो सब सीखा। वहीं से हम साथ आ गए।

कौशिक- जब मैं इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ा था, उस समय हमारे यहां बॉलीवुड गाने गाने के लिए प्रोत्साहन नहीं करते थे। लेकिन फिर भी मैं छुप-छुपकर प्रैक्टिस किया करता था।

इस फील्ड में आने की आप दोनों को इंस्पिरेशन कहां से मिली?

कौशिक- मेरे पापा से मुझे इंस्पिरेशन मिली। वो गाते भी थे और मुझे सिखाते भी थे। मैं टैगोर, किशोर कुमार के गाने सुनता था। वैसे तो इस फील्ड में आने का कोई हमारा प्लान नहीं था। लेकिन जब शुरू किया तो लगा कि अब यहां तक ही सीमित नहीं रहेंगे।

हम 2013 में मुंबई आए और आते ही प्रीतम दा के यहां पहुंचे। प्रीतम दा ने हमसे पूछा कि लाइफ में क्या करना चाहते हो और मैंने कहा कि कंपोजर बनना है। हमने उनकी टीम जॉइन की और वहीं से सब कुछ सीखा।

गुड्डू- मैं तो ये देखकर हैरान था कि एक गाना बनने के पीछे कितने सारे लोगों की टीम होती है। 20-20 लोग लगे होते हैं।

बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहला ब्रेक कैसे मिला, उस बारे में बताएं।

कौशिक- पहला ब्रेक बहन होगी तेरी बोलकर एक फिल्म आई राजकुमार राव की, उसमें तेरे होकर रहूं गाने में म्यूजिक कंपोज किया था हमने। शादी में जरूर आना वाली फिल्म में हमारे द्वारा कंपोज किया गया गाना था। फिर बधाई हो, लव यात्री, सूर्यवंशी में मेरे यारा गाने को कंपोज किया था। फिर दीवानी की दीवानियत का कोरस पार्ट हमने गाया भी और म्यूजिक कंपोज किया।

आपकी जोड़ी की तरह कोई ऐसी बॉलीवुड की जोड़ी जो आपको म्यूजिक इंडस्ट्री में इंस्पायर करती हो?

गुड्डू- जी, हमें विशाल-शेखर और हमारे गुरु प्रीतम दा बहुत इंस्पायर करते हैं। हमने शिक्षा ही उनके स्कूल से ली है। ए.आर. रहमान जी से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है।

सैयारा जैसी बड़ी फिल्म में ब्रेक ना मिलने की वजह से बुरा लगा था आपको?

कौशिक- देखिए, मैं मोहित सूरी सर को बहुत मानता हूं। कुछ काम अगर नहीं भी होता है तो हम उनके पास जाकर बैठते हैं और बातें करते हैं। जो उनकी उम्मीदें थीं हमसे, वैसा हम कर नहीं पाए।

मैंने उनसे कहा कि मुझे आपकी फिल्म बहुत अच्छी लगी सर, लेकिन माफ करिएगा कि हम आपको गाना नहीं दे पाए। उन्होंने रिप्लाई किया कि तुमने जो सुनाया बहुत अच्छा था, लेकिन मेरी फिल्म में नहीं बैठ रहा था।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

ट्रांसपोर्ट नगर में 670 रुपये के लेन-देन पर चाकूबाजी:बासनी पुलिस ने 5 बदमाशों को दबोचा, बेलनो कार बरामद

[ad_1]


जोधपुर के बासनी थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर स्थित लक्ष्मी लॉज भोजनालय पर 670 रुपये के भुगतान को लेकर हुई चाकूबाजी की वारदात का बासनी पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने घायल होटल संचालक के भाई दिनाराम पर जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपियों- सेठाराम, करण, पंकज प्रजापत, सोहनलाल और कालूराम को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल बेलनो कार भी बरामद हो गई। आरोपियों से चाकू अभी बरामद नहीं हुआ है। इसको लेकर पूछताछ की जा रही है। यह था पूरा मामला दरअसल 20 जनवरी शाम 8.30 बजे चार-पांच युवक लक्ष्मी लॉज में खाना खाने पहुंचे। खाने का बिल 670 रुपये आया। कार्ड स्कैनर खराब होने पर होटल संचालक ने नकद रुपए मांगे तो आरोपियों ने होटल संचालक के भाई दिनाराम पर पहले थप्पड़-मुक्के बरसाए। फिर चाकू से कई वार कर दिए। गंभीर घायल दिनाराम को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद आरोपी भाग निकले थे।

[ad_2]

Source link