पर्यटन विकास निगम:52 मिनट के शो में मुगल शासकों का दबदबा ही गूंज रहा, नई स्क्रिप्ट में ‘वैवाहिक संबंधों के समझौते’ ‘वफादारी की सौगंध’ जैसे बदलाव
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आमेर महल में चल रहे लाइट एंड साउंड शो में बड़ा परिवर्तन किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विकास निगम ने 18 करोड़ का टेंडर लगाया है, जिसमें देश की 6 बड़ी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि इसके साथ विवाद भी शुरू हो गए हैं। तीन बड़ी कंपनियों ने टेंडर को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। विवाद की जड़ बजट और फर्म विशेष को लाभ पहुंचाने को लेकर रस्साकशी है। 7-8 माह से यही चल रहा है कि शो को इतने भारी बजट पर बदला ही क्यों जा रहा है, जबकि इसे लेकर कोई शिकायत ही नहीं है? पड़ताल में आया कि मशहूर लेखक, गीतकार गुलजार द्वारा लिखी शो की स्क्रिप्ट में बदलाव की तैयारी है। अभी स्क्रिप्ट में आमेर के तत्कालीन शासकों की बजाए मुगलों को ज्यादा वजन मिला है। इसमें अकबर से वैवाहिक संबंध के लिए पहल और फिर पुश्त दर पुश्त वफादारी जैसी बातों को हटाया जा सकता है। राजपूत शासकों और खासकर मानसिंह के सम्मान-योगदान को तरजीह मिल सकती है। विभागीय बैठकों में मिले संकेत के बाद टेंडर के दस्तावेज में स्क्रिप्ट बदलने की बात है। जब इसमें बदलाव होगा तो वॉयस ओवर भी नए सिरे से रिकॉर्ड होगी। फिलहाल स्क्रिप्ट को अमिताभ बच्चन ने नवाजा है। यही दोनों बातें इसे देश के दूसरे लाइट एंड साउंड शो से अलग मुकाम पर खड़ा करती हैं। शिकायत… आखिर शिवाजी के पहले छत्रपति क्यों नहीं? आमेर महल के नीचे मावठे के बीच बनी केसर क्यारी से महल की लंबी-चौड़ी दीवारों पर लाइट एंड साउंड के जरिए शो को देखना-सुनना काफी लोकप्रिय है। इनमें कई लोगों खासकर महाराष्ट्र से आने वालों ने शिवाजी के नाम को कई जगह बगैर छत्रपति की महिमा के बोलने को लेकर महल प्रशासन से लिखित में आपत्तियां की हैं। इतनी दरें, समय पर एसीएस का गोलमोल जवाब “मेरे पास टेंडर को लेकर फर्मों की अपील आई है। (आखिर इतना बजट?) 18 करोड़ का टेंडर है, अभी रेट नहीं खोली। संभव है दरें कम भी जाएं। वैसे मुझे इसके अलावा जानकारी नहीं है। मंत्री से बात करेंगे।” -प्रवीण गुप्ता, एसीएस, पर्यटन शो में यह सब, चित्तौड़ के काम की मनाही शो 52 मिनट का है। इसे थोड़ा कम कर अतिरिक्त शो पर भी विचार है। स्क्रिप्ट में ‘मुगलों से वैवाहिक संबंध जैसे समझौते’, पहले अकबर के दरबार में बेटी का हाथ देने की बात, राजा भारमल की वफादारी की सौगंध, ‘अकबर के सेनापति मानसिंह के साथ महाराणा प्रताप का भोजन से इंकार’, ‘बगावतों से निपटने को मानसिंह को अकबर की जिम्मेदारियां’ आदि को कम किया जा सकता है। सरकार ने चित्तौड़ में लाइट एंड साउंड शो को अपग्रेड करने की बात बजट में कही थी, लेकिन विभाग ने इंकार कर दिया। 2006-07 में शो शुरू किया था तब सरकार और फर्म ने बजट लगाया था। अब फर्म और उनके भरोसे निगाहें शो में बदलाव के लिए भारी-भरकम बजट पर भी निगाहें मानी जा रही हैं।
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