गणतंत्र दिवस पर होगा विशेष कार्यक्रम

[ad_1]

उदयपुर| राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर द्वितीय चरण की शुरुआत हो चुकी है। अभियान में प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी, लघु फिल्म, सामूहिक गायन, पोस्टर, रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। 23 जनवरी – नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम व 26 जनवरी – गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन होगा। कलेक्टर नमित मेहता ने बताया कि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, स्वतंत्रता सेनानी परिवार, एनएसएस, एनसीसी, स्कूल-कॉलेज विद्यार्थी और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

[ad_2]

Source link

नारनौल स्टेशन यार्ड में ब्रिज कार्य से रेल यातायात प्रभावित:29 जनवरी को दो ट्रेनें रद्द, एक का मार्ग बदला और एक रहेगी रेगुलेट

[ad_1]


हरियाणा के नारनौल स्टेशन यार्ड में ब्रिज संख्या 136 पर आरसीसी बॉक्स डालने का कार्य किया जाएगा। यह कार्य उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल अंतर्गत फुलेरा–रींगस–रेवाड़ी रेलखण्ड पर किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को सुरक्षित रूप से पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। जिसके कारण कुछ रेल सेवाएं रद्द, मार्ग परिवर्तित तथा कुछ रेगुलेट की जाएंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि उक्त कार्य के कारण यात्रियों को असुविधा से बचाने हेतु पहले से ही रेल सेवाओं में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। जिसके कारण यात्री यात्रा से पूर्व संबंधित ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। ये दो ट्रेन रहेंगी रद्द निर्माण कार्य के चलते प्रारम्भिक स्टेशन से चलने वाली दो रेल सेवाएं रद्द रहेंगी। गाड़ी संख्या 19619 फुलेरा–रेवाड़ी रेलसेवा तथा गाड़ी संख्या 19620 रेवाड़ी–फुलेरा रेलसेवा दिनांक 29 जनवरी 2026 को रद्द रहेगी। इसका मार्ग रहेगा परिवर्तित इसके अतिरिक्त एक लंबी दूरी की ट्रेन को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। गाड़ी संख्या 22949 बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रेलसेवा, जो 28 जनवरी 2026 को बांद्रा टर्मिनस से प्रस्थान करेगी, अपने निर्धारित मार्ग फुलेरा–रींगस–रेवाड़ी के स्थान पर फुलेरा–जयपुर–अलवर–रेवाड़ी मार्ग से संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह ट्रेन जयपुर, गांधीनगर जयपुर, दौसा, बांदीकुई एवं अलवर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। ये ट्रेन रहेगी रेगुलेट वहीं गाड़ी संख्या 22950 दिल्ली सराय–बांद्रा टर्मिनस रेलसेवा, जो 29 जनवरी 2026 को दिल्ली सराय से रवाना होगी, जयपुर मंडल क्षेत्र में लगभग 25 मिनट तक रेगुलेट रहेगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य भविष्य में रेल संचालन की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।

[ad_2]

Source link

हाईकोर्ट ने कहा- 'मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी':तलाक पर पूरे राजस्थान के लिए नई गाइडलाइन; कहा- आपसी सहमति के तलाक में रोड़े न अटकाएं फैमिली कोर्ट्स

[ad_1]


राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से होने वाले तलाक (मुबारत) को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट्स के रवैये पर तल्खी जाहिर करते हुए कहा कि जब पति-पत्नी दोनों अलग होने के लिए रजामंद हैं, तो अदालत को उसमें तकनीकी अड़चनें नहीं डालनी चाहिए। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेड़ता फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक मुस्लिम दंपति के आपसी तलाक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट की शुरुआत ही पुरानी कहावत के उल्टे रूप से करते हुए लिखा- “यह मामला ऐसा है जहां ‘मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी’ वाली स्थिति बन गई है”। जानें…क्या था पूरा मामला मामला पाली निवासी आयशा चौहान और वसीम खान से जुड़ा है। दोनों का निकाह 27 फरवरी 2022 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद विचारों में मतभेद के चलते वे साथ रहने में असमर्थ थे। इसके बाद पति ने शरीयत के अनुसार तीन अलग-अलग ‘तुहर’ (मासिक धर्म के बीच का पवित्र समय) में- 8 जून, 8 जुलाई और 8 अगस्त 2024 को- तीन बार तलाक बोला। इसके बाद, दोनों ने 20 अगस्त 2024 को 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर आपसी सहमति से तलाकनामा (मुबारतनामा) लिखा। इसी समझौते के आधार पर उन्होंने फैमिली कोर्ट, मेड़ता में शादी विघटित घोषित करने की अर्जी लगाई। लेकिन, 3 अप्रैल 2025 को फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। फैमिली कोर्ट की समझ पर सवाल: सुन्नी मामले में शिया कानून थोपा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज करने के लिए गलत आधार चुना। निचली अदालत का तर्क था कि तलाक के वक्त दो गवाह मौजूद नहीं थे, इसलिए यह वैध नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैमिली कोर्ट ने जिन नजीरों का हवाला दिया, वे ‘शिया मुस्लिम लॉ’ से संबंधित थे, जहां तलाक के लिए गवाह अनिवार्य हैं। जबकि मौजूदा मामले में पक्षकार ‘सुन्नी’ (हनफी स्कूल) हैं। सुन्नी कानून के तहत, चाहे तलाक मौखिक हो या लिखित, उसकी वैधता के लिए गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य शर्त नहीं है। हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: जनहित निजी सहमति से ऊपर नहीं जस्टिस अरुण मोंगा ने फैसला लिखते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट शायद इस सिद्धांत से प्रभावित थी कि जनहित निजी सहमति पर हावी होना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि जब शादी पूरी तरह टूट चुकी हो और दोनों पक्ष अलग होना चाहते हों, तो उन्हें जबरदस्ती एक साथ रखने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने कहा, “मुबारत मुस्लिम कानून में तलाक का एक मान्य रूप है, जो आपसी सहमति पर आधारित है। जब पति और पत्नी दोनों रजामंद हों, तो कोर्ट का काम केवल उस समझौते की पुष्टि करना है”। कोर्ट ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 7 के तहत कोर्ट को ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति घोषित करने का पूरा अधिकार है, जिसे उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया। मुबारत और खुला में अंतर स्पष्ट किया फैसले में कोर्ट ने ‘खुला’ और ‘मुबारत’ के बीच का अंतर भी समझाया। कोर्ट ने बताया: राजस्थान की सभी फैमिली कोर्ट्स के लिए 3 गाइडलाइन्स हाईकोर्ट ने माना कि राजस्थान में फैमिली कोर्ट्स मुस्लिम लॉ के तहत होने वाले ऐसे एक्स्ट्रा-जुडिशियल तलाक (अदालत के बाहर हुए तलाक) को मान्यता देने में हिचकिचा रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की तर्ज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने भी भविष्य के लिए तीन स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं: व्यक्तिगत उपस्थिति: यदि याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम लॉ के तहत तलाक हो चुका है, तो फैमिली कोर्ट दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करे। कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि सहमति बिना किसी दबाव या जोर-जबरदस्ती के दी गई है। दस्तावेजों की जांच: अगर तलाक लिखित में हुआ है (जैसे मुबारतनामा, तलाकनामा या खुलानामा), तो वह दस्तावेज कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए ताकि कोर्ट उसकी सत्यता जांच सके। डिक्री जारी करना: संतुष्ट होने के बाद, फैमिली कोर्ट अपनी न्यायिक बुद्धि का प्रयोग करते हुए शादी को विघटित (Dissolved) घोषित करने का आदेश/डिक्री पारित करे। अंत में, कोर्ट ने आयशा और वसीम के तलाक को वैध मानते हुए उनकी शादी को 8 अगस्त 2024 से समाप्त घोषित कर दिया।

[ad_2]

Source link

जोधपुर मंडल को अब ऊर्जा संरक्षण में भी सम्मान:3 राज्य स्तरीय अवॉर्ड मिले, रेलवे अस्पताल को पहला स्थान; ऊर्जा मंत्री ने किया सम्मानित

[ad_1]


उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित की है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने पर राज्य सरकार ने जोधपुर मंडल को तीन अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया है। जयपुर में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ये पुरस्कार प्रदान किए। अस्पताल नंबर वन, स्टेशनों को भी पहचान डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार समारोह-2026’ में जोधपुर मंडल का दबदबा रहा। जोधपुर मंडल की ओर से यह सम्मान सहायक मंडल बिजली इंजीनियर (कर्षण) जे.के. भार्गव ने ग्रहण किया। गौरतलब है कि इससे पहले मंडल को जोन स्तर पर ‘संपूर्ण कार्यकुशलता शील्ड’ भी मिल चुकी है। ऐसे बचाई बिजली: मोबाइल से कंट्रोल हो रहे पंप वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (सामान्य) नितेश कुमार मीणा ने बताया कि बिजली बचाने के लिए मंडल ने तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। पुरस्कार मिलने के पीछे ये प्रमुख आधार रहे:

[ad_2]

Source link

इलाज की जमीन पर कारोबार करने की तैयारी में बीडीए:जिस जमीन पर आरबीएम के कॉटेज और कैंसर वार्ड बनना था अब वहां कटेंगे प्लॉट

[ad_1]


संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल जब से मेडिकल कॉलेज बना है तब से प्रदेश स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ गया है, लेकिन अस्पताल का विस्तार जमीन के अभाव में अटका हुआ है। इससे कॉटेज वार्ड, कैंसर यूनिट से लेकर स्पाइन सर्जरी सेंटर और पैरामेडिकल कॉलेज जैसी कई योजनाएं अधर में हैं। वजह ये है कि भरतपुर विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 10 में 14 जून 2021 को 25 हजार वर्गमीटर भूमि साढ़े चार साल पूर्व रिजर्व होने के बावजूद अभी तक आवंटन नहीं हुई है। विडंबना है कि अस्पताल प्रशासन ने 50 हजार वर्गमीटर भूमि की जरूरत बताते हुए नया प्रस्ताव भेजा, उसका निर्णय तो हुआ नहीं और पूर्व में रिजर्व 25 हजार वर्गमीटर जमीन भी आजतक आवंटित नहीं हुई है। जिससे इसका विस्तार अटक गया है, अस्पताल के विस्तार न होने से मरीजों को समय पर सभी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्रीय विधायक डॉ. सुभाष गर्ग से लेकर शहर के जनप्रतिनिधि और आम लोग भी कई बार अस्पताल विस्तार की मांग उठा चुके हैं, इसके बावजूद निर्णय फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रहा। “स्कीम नंबर 10 में पहली प्राथमिकता जिन लोगों की जमीन अवाप्त की गई है, उनको आवंटन की है। जहां तक आरबीएम अस्पताल के लिए रिजर्व की गई भूमि की बात है, वह जमीन अभी भी फैसिलिटी के लिए ही रिजर्व है, उसका निर्णय राज्य सरकार के निर्देशानुसार ही होगा।” -कनिष्क कटारिया, आयुक्त, बीडीए भरतपुर बीडीए ने बनाया कॉमर्शियल 456 प्लाट का प्लान बीडीए ने कॉमर्शियल 456 प्लाट का प्लान बनाया है। इसके लिए सड़क डाल दी गई हैं और प्लाट के साइज भी निर्धारित कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बीडीए को अस्पताल को जमीन देने से कुछ भी राजस्व नहीं मिलता, उसने कॉमर्शियल प्लाट बेचकर अरबों रुपए की कमाई का जरिया ढूंढ लिया है। ऐसे में अस्पताल के लिए चिह्नित जमीन पर न तो कोई बीडीए का अधिकारी निर्णय कर पा रहा है और न ही अस्पताल प्रशासन प्रयास कर रहा है। जमीन नहीं मिली तो ये सुविधाएं आरबीएम को नहीं मिल पाएंगी

[ad_2]

Source link

Bangladesh T20 World Cup 2026 Fate Decided Today

[ad_1]

6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने गुरुवार (22 जनवरी) को राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की बैठक बुलाई है। यह बैठक आगामी ICC टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर चल रहे विवाद के बीच हो रही है। बैठक ढाका के होटल इंटरकॉन्टिनेंटल में दोपहर 3 बजे होगी।

बुधवार (21जनवरी) को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें भारत की बजाय श्रीलंका में मैच कराने का अनुरोध किया गया था। BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह मांग रखी थी।

ICC बोर्ड की बैठक में 16 में से 14 सदस्य देशों ने BCB के प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट के शेड्यूल और वेन्यू में कोई बदलाव नहीं होगा, हालांकि BCB को एक दिन का अतिरिक्त समय विचार के लिए दिया गया है।

खिलाड़ियों से सीधे बात करेंगे खेल सलाहकार क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में सरकार का आधिकारिक रुख खिलाड़ियों को बताया जाएगा और साथ ही उनकी राय भी ली जाएगी। आसिफ नजरुल खिलाड़ियों को मौजूदा हालात और संभावित विकल्पों की पूरी जानकारी देंगे।

बांग्लादेशी कप्तान बोले थे- वर्ल्ड कप को लेकर पूरा बांग्लादेश अभी सस्पेंस में है वहीं, मंगलवार को बांग्लादेश के टी-20 कप्तान लिटन दास ने मंगलवार को BPL मैच के बाद कहा-‘वर्ल्ड कप अभी बहुत दूर है। हमें अभी नहीं पता है कि हम वर्ल्ड कप में जाएंगे भी या नहीं। मेरी तरह पूरा बांग्लादेश अभी सस्पेंस में है।

बांग्लादेश वर्ल्ड कप से हटा तो क्या होगा?

बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप में एंट्री मिलेगी। स्कॉटलैंड की टीम यूरोपियन क्वालिफायर में नीदरलैंड और इटली के बाद नंबर-3 पर रही थी। ऐसे में उन्हें ग्रुप-सी में जगह मिलेगी और टीम बांग्लादेश के सारे मैच खेलेगी।

7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मैच

टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में खेला जाना है। टूर्नामेंट में बांग्लादेश को ग्रुप-सी में रखा गया है। उसके तीन ग्रुप मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले जाने हैं। टीम का आखिरी ग्रुप स्टेज मैच मुंबई में होना है।

ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज

17 जनवरी की बैठक में BCB ने ग्रुप बदलने की मांग रखी थी, जिसे ICC ने इनकार कर दिया था। ICC ने BCB को यह भरोसा भी दिलाया कि बांग्लादेश टीम को कोई खास सुरक्षा खतरा नहीं है।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने ICC से कहा था कि उसे ग्रुप-C की जगह दूसरे ग्रुप-B में शामिल किया जाए। बोर्ड का तर्क था कि ऐसा होने पर बांग्लादेश को अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलने होंगे, इससे यात्रा और सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतें कम होंगी।

मौजूदा शेड्यूल के अनुसार आयरलैंड को अपने ग्रुप-बी मुकाबले श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और ओमान के खिलाफ कोलंबो में खेलने हैं, जबकि उनका आखिरी मैच कैंडी में जिम्बाब्वे से होगा। दूसरी ओर, बांग्लादेश को अपने मौजूदा ग्रुप-सी में वेस्टइंडीज, इटली और इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में तीन मैच खेलने हैं, जबकि आखिरी ग्रुप मुकाबला मुंबई में नेपाल के खिलाफ तय है।

मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करने पर विवाद

बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL में खेलने की अनुमति नहीं दी है। उन्हें KKR ने 3 जनवरी को BCCI के कहने पर टीम से बाहर कर दिया था।

इससे बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने अपने यहां IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी। इसके बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर 7 फरवरी से होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की मांग भी की।

KKR ने मुस्तफिजुर को ₹9.2 में खरीदा था, फिर IPL से करने पर विवाद

16 दिसंबर को IPL मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण भारत में मुस्तफिजुर का विरोध होने लगा। अब तक वहां 7 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। बाद में BCCI ने मुस्तफिजुर को IPL खेलने की अनुमति नहीं दी और 3 जनवरी को KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Rajasthan Voter List Cuts | CM Gehlot, Ministers Face Vote Deletions

[ad_1]

राजस्थान में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सीएम, विधानसभा स्पीकर और 15 मंत्रियों के इलाकों में उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। सबसे ज्यादा दूसरी जगह शिफ्ट होने वाले और मृत वोटर्स के नाम हटाए गए हैं।

.

12 में से 11 कैबिनेट मंत्रियों और 9 में से 4 राज्य मंत्रियों के इलाकों में उनके 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत के अंतर से ज्यादा नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कट गए हैं।

इसके अलावा सीएम भजनलाल के इलाके में भी उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। यही स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इलाके में है।

ड्राफ्ट रोल पर दावे आपत्तियों के बाद अब 14 फरवरी को SIR की फाइनल वोटर लिस्ट आएगी, उसमें मंत्रियों और विधायकों के इलाकों में कटने वाले वोटों पर अंतिम रूप से तस्वीर साफ होगी।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

सीएम भजनलाल और पूर्व सीएम अशोक गहलोत दोनों के इलाके में उनके जीत के अंतर से ज्यादा नाम कटे हैं।

सीएम भजनलाल और पूर्व सीएम अशोक गहलोत दोनों के इलाके में उनके जीत के अंतर से ज्यादा नाम कटे हैं।

गहलोत के इलाके में जीत से दोगुना, वसुंधरा के इलाके में जीत से आधे वोट कटे

पूर्व सीएम अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा (जोधपुर) में उनकी जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे हैं। गहलोत सरदारपुरा से 26,396 वोटों से जीते थे। ड्राफ्ट रोल में उनके इलाके से 56 हजार से ज्यादा वोट कट गए हैं।

वहीं, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के इलाके झालरापाटन में उनकी जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालरापाटन में ड्राफ्ट रोल में 26,278 वोट कटे हैं, जबकि वे 2023 का विधानसभा चुनाव 53,193 वोटों से जीती थीं।

इन 11 कैबिनेट मंत्रियों व 5 राज्यमंत्रियों के इलाके में जीत के अंतर से ज्यादा नाम कटे

कैबिनेट मंत्री: राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मदन दिलावर, डॉ किरोड़ीलाल मीणा, जोगाराम पटेल, सुमित गोदारा, कन्हैयालाल चौधरी, जोराराम कुमावत, सुरेश सिंह रावत, बाबूलाल खराड़ी, अविनाश गहलोत और गौतम दक ।

राज्यमंत्री : झाबर सिंह खर्रा, संजय शर्मा, जवाहर सिंह बेढ़म, मंजू बाघमार ।

विधानसभा स्पीकर 4644 वोटों से जीते थे, 28 हजार वोट कटे : विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी 4644 वोटों के अंतर से जीते थे, उनके विधानसभा क्षेत्र अजमेर उत्तर में 28,869 वोट कटे हैं।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे : कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं।

इनके इलाकों में जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे

गहलोत और धारीवाल के इलाके में जीत से ज्यादा वोट कटे

दोनों डिप्टी सीएम और 6 मंत्रियों के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे

इन बड़े नेताओं के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे

राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे

राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

SIR को लेकर जारी है विरोध

दो दिन पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर हमला बोला। डोटासरा ने कहा- बीजेपी राजस्थान में वोट पर डाका डाल रही। 13 जनवरी को अमित शाह CMR में रुकते हैं। 3 से 13 जनवरी के बीच बीजेपी में गुप्त रूप से खेला चलता है। पूरी खबर पढ़िए…

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जबरन नाम काटे जा रहे हैं। ये सब मिलीभगत से हो रहा है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जबरन नाम काटे जा रहे हैं। ये सब मिलीभगत से हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीर परिणाम हो सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’ पूरी खबर पढ़िए…

[ad_2]

Source link

युवकों को गाड़ी में बिठाकर लूट का मामला:पुलिस ने फरार कॉन्स्टेबल को 6 माह बाद पकड़ा, 4 कॉन्स्टेबल को किया जा चुका बर्खास्त

[ad_1]


वर्दी की आड में दो युवकों से लूट के आरोपी सरदारपुरा थाने के कॉन्स्टेबल और इनामी आरोपी ऋषभ सौउ को महामंदिर थाना पुलिस ने आखिरकार 6 महीने बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर जबरन माता का थान थाने ले गए थे। जहां दो युवकों से पैसे ले लिये थे। इस मामले में पूर्व में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन कॉन्स्टेबल फरार था। जिसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने अब इस मामले में कॉस्टेबल ऋषभ सोउ पुत्र स्व. धर्माराम निवासी शिव कॉलोनी, महेश नगर, चैनपुरा मंडोर को गिरफ्तार किया। इस मामले में पूर्व में 4 कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस ने बाद में इस मामले में डकैती की धाराएं भी जोड़ी थी। आरोपी ने रची थी साजिश जानकारी के मुताबिक इस मामले की पूरी साजिश ऋषभने अपने सहयोगी भूपेंद्र के साथ मिलकर रची। इसमें माता का थान थाने के 4 कांस्टेबल आरोपी बोरुंदा स्थित पालड़ी निवासी राकेश (31) पुत्र गोविंद सिंह, नागौर स्थित खींवसर निवासी नरसिंह राम (33) पुत्र स्व. करण सिंह, ओसियां स्थित थोब निवासी जगमालराम (33) पुत्र भोपालराम और जालोर के बागोड़ा स्थित वाडा भाडवी निवासी लादूराम (30) पुत्र नवलाराम भी उसके साथ वारदात में शामिल थे। पुलिस ने उनको सेवा से बर्खास्त कर दिया था। फरार ऋषभ जाट सरदारपुरा थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसे वारदात के तीन दिन पहले ही वहां से हटाकर थाने में संतरी लगाया था। 4 दिन बाद दर्ज करवाया था मामला नांदड़ी स्थित रामदेव नगर निवासी दिलीप गौड़ और उसके दोस्त रमेश शर्मा के साथ 14 जुलाई को पुलिसकर्मियों ने वारदात की। इस घटना के चौथे दिन पुलिस कांस्टेबलों के खिलाफ दोनों युवकों ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह 14 जुलाई को शॉपिंग के लिए निकले युवक को निशाना बना पुलिसकर्मियों ने युवक को ड्राइविंग सीट से नीचे उतारकर पीछे की सीट पर बिठाया। इसके बाद उसे कहा कि तुम्हारा अपहरण हो गया है। रुपयों की व्यवस्था करो। फिर उसे माता का थान थाने लेकर चले गए। युवक उनके सामने गिड़गिड़ाया भी, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। पहले उनकी जेब से 50-50 हजार रुपए निकाले। इसके बाद परिवादी की जेब से एटीएम निकाल दूसरे युवक को एटीएम भेज 1 लाख रुपए निकलवाए। बाद में अपने परिचित का स्कैनर मंगवा उसके खाते में 10 हजार क्रिप्टो ट्रांसफर करवाए। थाने के कैमरे करवा दिए थे बंद आरोपियों ने बचने की भी पूरी कोशिश की थी और थाने के कैमरे भी बंद करवा दिए थे, लेकिन माता का थान थाने के बाहर पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर के कैमरों में स्पष्ट रिकॉर्डिंग भी मिल गई थी, जिसमें एक पुलिस की वर्दी में और चार अन्य आरोपी दोनों पीड़ित युवकों को थाने में ले जाते हुए नजर आए थे। पुलिस के आला अधिकारियों की मॉनिटरिंग में एसीपी (प्रशिक्षु आईपीएस) हेमंत कलाल ने इनके खिलाफ सबूत ढूंढ निकाले।

[ad_2]

Source link

डीग में नगर परिषद की कार्रवाई:गणेश मंदिर से शहीद स्थल तक अतिक्रमण हटाया, दुकानदारों से 13,500 जुर्माना वसूला

[ad_1]


डीग शहर में बढ़ते अतिक्रमण और जाम की समस्या को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत गणेश मंदिर से शहीद स्थल तक जेसीबी की मदद से कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब आधा दर्जन अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए, जबकि सड़क पर सामान फैलाकर रास्ता अवरुद्ध करने वाले 15 दुकानदारों के चालान काटकर मौके पर ही 13 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूला गया। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह के निर्देशन में जैसे ही अपराह्न अभियान शुरू हुआ, बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नगर परिषद की टीम के जेसीबी के साथ पहुंचते ही दुकानदारों ने आनन-फानन में दुकानों के आगे रखा सामान और बोर्ड हटाने शुरू कर दिए। इसके बाद टीम ने पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में पहुंचकर अवैध रूप से लगाए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए। क्यों जरूरी हुआ अभियान डीग शहर के प्रमुख बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में दुकानों के आगे लंबे समय से अस्थायी अतिक्रमण और सड़क पर खड़े ढकेलों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी। खासकर व्यस्त समय में पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर नगर परिषद ने जेसीबी के साथ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर और सख्ती बरती जाएगी। लक्ष्मण मंदिर परिक्रमा, नई सड़क से हटेगा अतिक्रमण नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के डीग दौरे के बाद शहर को व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि डीग शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित रूप देना है। आगामी चरण में लक्ष्मण मंदिर की परिक्रमा, नई सड़क, कामां गेट क्षेत्र तथा ऐतिहासिक महल और किले के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इन क्षेत्रों में अवैध कब्जों के कारण यातायात बाधित होने के साथ ही शहर की ऐतिहासिक और पर्यटन छवि भी प्रभावित हो रही थी। अतिक्रमण हटाने के बाद नगर परिषद द्वारा सौंदर्यीकरण और स्वच्छता को लेकर विशेष कार्य योजना तैयार की गई है, ताकि डीग शहर को एक साफ-सुथरा, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप दिया जा सके।

[ad_2]

Source link

बिजली विभाग की कार्रवाई:370 उपभोक्ताओं पर 10 लाख रुपए बिल बकाया, चार गांव में सात ट्रांसफार्मर उतारे

[ad_1]


डिस्कॉम ने बुधवार को चार गांवों गढ़ी झील पट्टी, बासौली, ओलांद और नीमला—के करीब 370 बिजली उपभोक्ताओं पर 10 लाख रुपए के बकाया बिल होने के चलते सात ट्रांसफार्मरों को उतारकर स्टोर में जमा कर दिया। जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता रवि कुमार स्वर्णकार ने बताया कि बिजली बिल बकाया उपभोक्ताओं द्वारा राशि जमा नहीं कराने पर अधीक्षण अभियंता बी एल वर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इनमें गढ़ी झील पट्टी और बासौली से दो-दो, ओलांद से दो और नीमला से एक ट्रांसफार्मर उतारा गया। इस कार्रवाई में कनिष्ठ अभियंता प्रीतम सिंह, कनिष्ठ अभियंता आफताब अंसारी, विद्युत चोरी निरोधक दल और अन्य डिस्कॉम कर्मचारी मौजूद रहे। ट्रांसफार्मर हटने से बिल जमा करने वाले 110 उपभोक्ताओं के घर भी अंधेरा जयपुर डिस्कॉम की इस कार्रवाई में सिर्फ बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को ही निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि लगभग 110 ऐसे उपभोक्ताओं की भी बिजली बंद कर दी गई, जिन्होंने अपना बिल समय पर जमा करा रखा था। विद्युत विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में ट्रांसफार्मर उतारने से पहले 5 केवी छोटे ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई बनाए रखना जरूरी होता है। इसके बिना बिल बकाया उपभोक्ताओं को बिजली से पूरी तरह अलग करना, और साथ ही अन्य उपभोक्ताओं की बिजली भी बंद करना, सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं बिना बिजली वाले उपभोक्ता अन्य ट्रांसफार्मर से जुड़ कर बिजली की चोरी कर सकते हैं।

[ad_2]

Source link