शेरनी सुनैना चार दिन से लापता:एनक्लोजर में छोड़ा, फिर शेल्टर में नहीं लौटी, ड्रोन से खोज रहे वनकर्मी, सवाल- फेंसिंग से बाहर या अंदर




सज्जनगढ़ सेंचुरी में तैयार की गई लॉयन सफारी से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एनक्लोजर में छोड़ी गई शेरनी सुनैना 4 दिन से लापता है। वह होल्डिंग एरिया में नहीं लौटी है। इससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। सुनैना की तलाश में कर्मचारी पहाड़ी पर बने क्लाउड-9 के कमरों की छत पर बैठकर निगरानी कर रहे हैं। ढोल बजाने के साथ ड्रोन उड़ाकर भी शेरनी को खोजा जा रहा है। शेर सम्राट और शेरनी सुनैना को सोमवार को ही होल्डिंग एरिया से खुले बाड़े में छोड़ा गया था। सम्राट तो नाइट शेल्टर में लौट आया, लेकिन सुनैना अब तक नहीं आई। विभाग का दावा है कि वह एनक्लोजर के भीतर ही मौजूद है। गुजरात से लाए जाने के बाद सुनैना 18 माह तक पिंजरे में बंद रही। विभाग पर यह सवाल उठ रहा है कि शेरों को एनक्लोजर में छोड़ने से पहले वहां मौजूद 5 से 7 चीतलों को बाहर क्यों नहीं निकाला गया। जब तक चीतलों का शिकार नहीं कर लेती, उसके शेल्टर में लौटने की संभावना कम है। विभाग का दावा है कि बुधवार को सुनैना को क्लाउड-9 के पास देखा गया था। बता दें कि 5.19 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली सज्जनगढ़ सेंचुरी के 20 हेक्टेयर में लॉयन सफारी तैयार की गई है। इस पर 3.50 करोड़ रु. खर्च किए गए हैं। छह माह पहले भी हवाला गांव की ओर फेंसिंग के पास तेंदुआ चहलकदमी करता नजर आया था। डीएफओ बोले- जंगल रास आया, कुछ दिन बाद खुद ढूंढ लेगी ठिकाना डीएफओ यादवेंद्र सिंह चूंडावत ने बताया कि अगले माह लॉयन सफारी के उद्घाटन की तैयारी को देखते हुए शेरों के जोड़े को रिलीज किया गया। शेर नियमित रूप से शेल्टर में लौट रहा है, जबकि शेरनी को जंगल रास आ गया है। सफारी क्षेत्र में घास और झाड़ियां अधिक होने के कारण वह बार-बार छिप जाती है। कुछ दिन एनक्लोजर में घूमने के बाद उसे अपने खाने-पीने की जगह का पता चल जाएगा। निर्माण पर उठ चुके सवाल.. तेज हवा से उड़ गई थी फेंसिंग
गत वर्ष 20 मई को तेज हवा के चलते क्लाउड-9 के पास सफारी की फेंसिंग गिर गई थी। भास्कर ने 28 मई को इसका खुलासा किया था। इसके बाद वन विभाग ने ठेकेदार और तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। उस समय निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठे थे। पड़ताल में सामने आया था कि फेंसिंग के नीचे कई स्थानों पर गैप था, जिससे तेंदुए और कुत्तों का आना-जाना संभव था।



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15 डिग्री से ऊंचे पहाड़ों पर सख्ती:यूडीए ने कलेक्टर के पास भेजी फाइलें, कैलाशपुरी क्षेत्र में अवैध होटल-रिसॉर्ट-विला के पट्टे रद्द होंगे




उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और कैलाशपुरी में अवैध निर्माण (होटल्स-रिसॉर्ट, विला व भवनों के निर्माण) करने वाले भूमाफियाओं के आवंटन (पट्‌टे) रद्द करने की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूडीए की जांच में सामने आया है कि कई भूमाफियाओं ने आवासीय स्वीकृति की आड़ में ये निर्माण किए। जिनमें व्यवसायिक गतिविधियां संचालित मिली, उन्हें सीज कर दिया गया है। अब ऐसे 6 भूमि मालिकों के आवंटन रद्द कराने के लिए यूडीए ने फाइलें कलेक्टर नमित मेहता के पास भेज दी हैं। कलेक्टर नमित विधिक परीक्षण के साथ इन आवंटनों को रद्द करेंगे। कलेक्टर मेहता ने बताया कि पूर्व में जारी गलत स्वीकृति कराने वाले और आवासीय स्वीकृति की आड़ में व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वालों के भूमि आवंटन रद्द किए जाएंगे। नई हिल पॉलिसी के नियमानुसार 15 डिग्री से ऊंचे पहाड़ों को काटकर किसी भी सूरत में नए निर्माण नहीं करने दिए जाएंगे। यूडीए पिछले 4 दिन में सरे, मोनहपुरा, कैलाशपुरी में 22 रिसॉर्ट एवं विला सीज कर चुका है। इन क्षेत्रों में निर्माणाधीन व तैयार हो चुके 25 से ज्यादा रिसॉर्ट, होटल, विला व अन्य भवनों को नोटिस देकर आगामी 7 दिवस के भीतर मय दस्तावेज जवाब मांगा है। अब यूडीए हर निर्माणकर्ता को नोटिस देकर 7 दिन के भीतर जवाब मांग रहा है ताकि वह संबंधित दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कर सीज, आवंटन निरस्ती और निर्माण रोकने जैसी कार्रवाई कर सके। कन्वर्जन को ऐसे गलियां ढूंढते रहे यूडीए तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि सरे स्थित नंदा हिल रिसॉर्ट के मालिक ने कन्वर्जन के लिए सरे खुर्द-कैलाशपुरी होकर गुजरने वाला पीछे वाला मार्ग दिखाया। यह रास्ता खराब व घुमावदार है, इसलिए यहां पर्यटक पहुंचते नहीं है। ऐसे में रिसॉर्ट मालिक ने भी लाभगढ़ रिसॉर्ट की ओर बने रास्तों से ही खुद का आवागमन शुरू कर दिया। बड़ी बात यह है कि इस रिसॉर्ट मालिक ने यूडीए की बिलानाम भूमि पर ही गार्डन बनवा लिया, जिसे अब बुधवार को बाउंड्री हटाकर मुक्त किया है। पंचायतें बिना अधिकार देती रहीं मंजूरी, आंखें मूंदे रहे अधिकारी यूडीए तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि सरे, मोहनपुरा, कैलाशपुरी सहित 70 गांवों को जून-2025 में यूडीए में शामिल किया गया। 15 अगस्त 2025 को जोन आवंटन जारी किया गया। इसके बाद 16 अगस्त, 2025 से जांच शुरू की। पड़ताल में पता चला कि पहले निर्माण स्वीकृति पंचायतों ने जारी कर दी, जबकि पंचायतों को इसका अधिकार नहीं हैं। यूडीए के अधीन आने से पूर्व इन गांवों में भी निर्माण स्वीकृति के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली टाउन प्लानिंग कमेटी अधिकृत थी। ऐसे सवाल यह उठता है कि क्या पंचायतों की इस अंधेरगर्दी की जिम्मेदारी तत्कालीन जिला परिषद सीईओ, तहसीलदारों, उपखंड अधिकारियों की थी? जो आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे रहे। अनंता और वैष्णोदेवी मंदिर के बीच हाईवे से सटे पहाड़ों की कटाई जारी
राजसमंद की सीमा में अनंता हॉस्पिटल-वैष्णो देवी मंदिर के बीच हाईवे के बगल से सटे पहाड़ों की कटाई जारी है। गुरुवार को भी दो अलग-अलग जगहों पर जेसीबी से पहाड़ों को काटा जा रहा था। मोरिंगा वैली में भी पहाड़ों को काटकर निर्माण किए जा रहे हैं। यहां बताया गया कि राजसमंद के इस ग्रामीण क्षेत्र में नई हिल पॉलिसी लागू ही नहीं होती है।



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IND Vs NZ 2nd T20 2026 LIVE Score Update Abhishek Sharma Suryakumar Yadav Harshit Rana


स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी-20 मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा और मैच 7:00 बजे से शुरू होगा। टीम इंडिया पहले वनडे में जीत के साथ सीरीज में 1-0 से आगे है।

पहले मैच में चोटिल हुए स्पिन-ऑलराउंडर अक्षर पटेल का आज का मुकाबला खेलना मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में भारतीय टीम की प्लेइंग-XI में बदलाव तय है। अगर टीम मैनेजमेंट पिच को ध्यान में रखता है, तो चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। रायपुर की पिच पर गेंद पुरानी होने के साथ स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है।

टीम इंडिया ने 53% मैच जीते भारतीय टीम हेड टु हेड रिकॉर्ड में न्यूजीलैंड से आगे है। टीम ने 48% मैच जीते हैं, जबकि 53% मैच गंवाए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक 28 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। इनमें से 15 मैच भारतीय टीम ने जीते, जबकि कीवियों ने 10 जीते हैं। 2 मैच का रिजल्ट नहीं निकल सका और 1 मैच टाई रहा। होम वैन्यूज पर भारतीय टीम की जीत का प्रतिशत ज्यादा है। टीम ने घर में 66% मैच जीते हैं। टीम ने 12 में से 8 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि 4 में उसे हार झेलनी पड़ी है।

अभिषेक भारत के टॉप स्कोरर अभिषेक शर्मा सीरीज में भारत के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने एक मैच में 84 रन बनाए हैं। अभिषेक पिछले साल भी भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। वहीं, गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती ने दो मैचों में दो विकेट लिए हैं।

डफी ने न्यूजीलैंड के लिए 2 विकेट लिए न्यूजीलैंड के लिए सीरीज में अब तक ग्लेन फिलिप्स और जैकब डफी सबसे असरदार खिलाड़ी साबित हुए हैं। बल्लेबाजी में फिलिप्स ने पहले मैच में 78 रन की पारी खेली है, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 195.00 रहा। वहीं, गेंदबाजी में डफी ने दो विकेट अपने नाम किए।

पिच रिपोर्ट रायपुर की यह पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत में बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है और रन बनाना थोड़ा आसान रहेगा। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलने की संभावना है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, पिच धीमी होती जाएगी और गेंद को ग्रिप मिलने लगेगी, जिससे गेंदबाजों को फायदा होगा।

रायपुर में अब तक सिर्फ एक ही टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। यह मुकाबला 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ था, जिसे भारत ने 20 रन से जीता था।

वेदर रिपोर्ट रायपुर का मौसम 23 जनवरी को अच्छा रहने वाले वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने वाला है। यहां पर हवा 6 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की उम्मीद है। शाम के समय मौसम ठंडा हो जाएगा और मैच में बारिश का कोई अनुमान नहीं हैं।

दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल/कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती।

न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), टिम रॉबिन्सन, डेवोन कॉनवे (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जैमिसन, ईश सोढ़ी और जैकब डफी।

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हरियाणा का जवान जम्मू-कश्मीर में शहीद:400-फीट गहरी खाई में गिरी गाड़ी, आज गांव पहुंचेगी पार्थिव देह; 1 साल पहले शादी, पत्नी 2 माह की प्रेग्नेंट




जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया। शहीद हुए जवानों में हरियाणा के झज्जर जिले का आर्मी जवान मोहित भी शामिल। इसकी सूचना गुरुवार की देर शाम को परिजनों को मिली। सूचना मिलने के बाद मोहित के पैतृक गांव गिजाड़ौध में मातम छा गया। परिवार के मुताबिक, मोहित 5 साल पहले आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले ही मोहित की शादी हुई थी। उनकी पत्नी ढाई महीने की प्रेग्नेंट हैं। मोहित नवंबर में शादी की सालगिरह मनाने के लिए छुट्‌टी आए थे। जल्द आने का वादा कर ड्यूटी पर लौटे थे। वे तो नहीं आए, उनके शहीद होने की खबर आ गई। सरपंच नरेश ने बताया कि मोहित की पार्थिव देह आज शुक्रवार को सेना द्वारा पूरे सैन्य सम्मान के साथ गांव लाई जाएगी, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन की ओर से भी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान मोहित को अंतिम विदाई दी जाएगी। जम्मू कश्मीर में हुए हादसे के 2 PHOTOS… पहले जानिए जम्मू-कश्मीर में कैसे हुआ हादसा… अब शहीद मोहित के बारे में जानिए…



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अनार की उन्नत किस्म से बनी गांव की अलग पहचान:प्राचीन मंदिरों व धोरों ने बढ़ाई सुंदरता, यहां पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोग जागरुक




जिला मुख्यालय से मात्र 16 किलोमीटर दूर स्थित राजेश्वर नगर को हाल ही में राज्य सरकार की ओर से नई ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है। खेती-बाड़ी व पशुपालन आधारित इस गांव को प्रशासनिक पहचान मिलने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं सृजित हुई हैं। ग्राम पंचायत बनने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बालोतरा–सिवाना मार्ग से ब्रह्मधाम आसोतरा जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित राजेश्वर नगर यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गांव से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर भारतमाला परियोजना के तहत निर्मित जामनगर–अमृतसर नेशनल एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है, जिससे गांव का सीधा संपर्क देश के प्रमुख शहरों से स्थापित हो गया है। यहां से जोधपुर, जयपुर, अहमदाबाद, डीसा, सूरत और मुंबई के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे आवागमन व व्यापार को नई गति मिली है। प्राकृतिक दृष्टि से भी राजेश्वर नगर समृद्ध है। गांव की परिधि में रेतीले धोरे, मैदानी क्षेत्र, नाड़ियां और नया तालाब इसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं। पोशलनगर क्षेत्र में अनार की खेती, अणियाला नाड़ा सहित अनेक जलाशय गांव की प्राकृतिक छटा को चार चांद लगाते हैं। गांव में राधा-कृष्ण मंदिर भरखाली, मामाजी का मंदिर, गोगाजी का मंदिर, जुंजार छतरी सहित कई प्राचीन मंदिर हैं, जो आस्था के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। राजेश्वर नगर क्षेत्र में पर्यावरण, प्रकृति और पक्षी संरक्षण का एक प्रेरणादायक केंद्र भी विकसित हुआ है। निम्बली नाडी और अणियाला नाडा के तट पर स्थित मामाजी के थान में वर्षों से पक्षी सेवा और हरियाली संरक्षण का सतत कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की पहचान पर्यावरण अनुकूल गांव के रूप में बनी है। कृषि के क्षेत्र में राजेश्वर नगर के किसानों की विशेष पहचान है। यहां के किसान हाईटेक तकनीक से थार अनार का उत्पादन कर रहे हैं, जिसका निर्यात देश-विदेश तक किया जा रहा है। इसके साथ ही गेहूं, जीरा, ईसबगोल, अरंडी तथा वर्षा आधारित फसलों का भी उत्पादन लिया जाता है।



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मोदी का आज दो चुनावी राज्यों का दौरा:केरल में 4 ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे; फिर तमिलनाडु में चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे




पीएम मोदी शुक्रवार को दो चुनावी राज्यों केरल और तमिलनाडु का दौरा करेंगे। पीएम सुबह केरल जाएंगे। 10:45 बजे तिरुवनंतपुरम में कई प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन और शिलान्यास करेंगे। पीएम यहां चार ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाएंगे। जिसमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल है। दोपहर बार प्रधानमंत्री तमिलनाडु पहुंचेंगे। यहां से NDA के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। मोदी मदुरंथकम में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह जगह चेन्नई से करीब 87 किलोमीटर दूर है। पीएम मोदी की यह रैली DMK के खिलाफ एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। NDA गठबंधन एकजुट होकर चुनाव में उतरने का संदेश देना चाहता है। मई में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं केरल में भी अगले पांच महीने में चुनाव होंगे। पीएम मोदी का तमिलनाडु का शेड्यूल अब समझिए तमिलनाडु-केरल का चुनावी गणित… तमिलनाडु: 60 साल से कांग्रेस-भाजपा सरकार में नहीं तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पिछले 60 साल से BJP या कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। BJP जयललिता की पार्टी AIADMK से गठबंधन कर सकती है। इधर सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी मैदान में हैं। केरल: इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में केरल देश का इकलौता राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। मोदी का तमिलनाडु का पिछला दौरा… 27 जुलाई 2025: मोदी बोले- ऑपरेशन सिंदूर में मेक-इन-इंडिया की ताकत दिखी PM मोदी ने कहा- आज भारत सरकार का मेक इन इंडिया और मिशन मैन्युफेक्चरिंग पर बहुत जोर है। लोगों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेक इन इंडिया की ताकत देखी है। आतंक के ठिकानों को मिट्‌टी में मिलाने में स्वदेशी हथियारों ने बड़ी भूमिका निभाई। भारत में बने हथियार आतंक के आकाओं की नींद उड़ाए हुए हैं।



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किसान की आदान-अनुदान राशि जारी करने की मांग:3 साल में किसानों की 2 आक्रोश रैली, फिर भी 52 करोड़ रुपए अभी भी बाकी




बाड़मेर जिले में रबी 2022-23 और खरीफ 2022 के आदान-अनुदान को लेकर सरकार और किसानों के ​बीच पिछले दो साल से संघर्ष चल रहा है। किसान लगातार आदान-अनुदान राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। अब तक दो बड़े प्रदर्शन भी हुए। गुड़ामालानी में ट्रैक्टर मार्च निकाले गए। पहली बार हुए किसानों के प्रदर्शन के बाद 84 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। दूसरी बार प्रदर्शन के बाद 89 करोड़ रुपए जारी किए। ऐसे में अब 225 करोड़ में दो किश्त के रूप में 173 करोड़ रुपए जारी किए है, अभी भी 55 करोड़ रुपए जारी नहीं हुए है। ऐसे में 16 हजार किसानों को आदान-अनुदान राशि के लिए इंतजार करना होगा। हाल ही में जारी किए 89 करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा करने के लिए बिल ट्रेजरी को भेज दिए गए है।करीब एक सप्ताह की प्रक्रिया के बाद यह राशि किसानों के खातों में जमा हो जाएगी। 1.03 लाख किसानों के 173 करोड़ आवंटित रबी 2022-23 से प्रभावित किसानों की संख्या करीब 1.19 लाख है। अब तक 1.03 लाख किसानों के लिए सरकार से बजट मिला है। करीब 16 हजार किसानों के लिए बजट नहीं दिया है। ऐसे में इन्हें अब भी इंतजार करना होगा। 1.03 लाख किसानों को 173 करोड़ रुपए दिए है। इसमें 840 करोड़ रुपए पूर्व में स्वीकृत हुए थे। जबकि 89 करोड़ रुपए 3 दिन पहले स्वीकृत हुए। रबी 2022-23 से प्रभावित किसानों का कुल आदान-अनुदान राशि करीब 225 करोड़ है। 4-5 दिन में 89 करोड़ खातों में जमा होंगे सरकार की ओर से 19 जनवरी को 89 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। करीब 35 हजार किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित होगी। इसके लिए इन किसानों के बिलों को ट्रेजरी भेज दिया है। करीब 4-5 दिन की प्रक्रिया के बाद यह राशि किसानों के खातों में जमा होगी। लघु-सीमांत किसानों के हिसाब से अधिकतम 34 हजार रुपए किसानों के खातों में जमा होंगे। 16 हजार किसानों के करीब 52 करोड़ रुपए अभी भी बाकी है। दो बार ट्रैक्टर मार्च, दो साल से कई बार ज्ञापन दे चुके > 20 जनवरी 2026: किसानों ने लंबित मांगों को लेकर अन्नदाता आक्रोश रैली निकाली। इसी दिन सरकार ने 89 करोड़ रुपए जारी किए।
> 9 दिसंबर 2025: किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। धोरीमन्ना में रोका। 10 दिन बाद ही सरकार ने 84 करोड़ ही जारी कर दिए। 14 हजार खाते गड़बड़, इनमें 5-6 हजार हैक हुए आपदा एवं राहत प्रबंधन विभाग बाड़मेर को ओर से करीब 14 हजार खातों में गड़बड़ी मिली है। DMIS पोर्टल में सेंधमारी कर हैकर्स ने कई किसानों के खातों में बैंक खाता नंबर बदल दिए है। कई किसानों के बैंक खाते बंद हो गए। कई खातों में आईएफएससी कोड गलत है। कई खातों में IFSC कोड बाहरी राज्यों के है। कई जन आधार में एयरटेल, फिनो बैंक सहित मिनी फाइनेंशियल बैंकों के खाते एड है। किसानों से अपील बैंक खातों में गड़बड़ी की वजह से आदान-अनुदान राशि नहीं जमा हो रही है। किसानों को अपने जनाधार में बैंक खाता अपडेट करवाना होगा। अगर 31 मार्च तक खाते अपडेट नहीं हुए तो इन किसानों का आदान- अनुदान बजट लैप्स हो जाएगा। किसान ई-मित्र से बैंक खाते को अपडेट करें। जिन किसानों के राष्ट्रीकृत बैंकों के खाते नहीं है, वो जन आधार में खाते को जोड़ें।



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पानीपत जिला कोर्ट में 'जियो' का नेटवर्क फेल:लोक अदालत में आकाश-ईशा अंबानी तक पार्टी; वकीलों को फोन करने खुले में जाना पड़ रहा




पानीपत जिला कोर्ट परिसर में मोबाइल नेटवर्क में आ रही दिक्कतों से परेशान वकीलों ने खुद कोर्ट में केस दायर कर दिया। टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो के खिलाफ लोक अदालत में दायर याचिका में कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी तक को पार्टी बनाया है। याचिका में वकीलों ने कहा कि उनके चैंबरों में रेंज नहीं आती। मुवक्किल से बात करने के लिए खुले मैदान में जाना पड़ता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे अदालती कामों में अनावश्यक देरी होती है। याचिकाकर्ता एडवोकेट अमित राठी ने बताया कि अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी को समन जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी सुनिश्चित की गई है। पूरा मामला: फेसबुक से लोक अदालत तक का सफर
पानीपत कोर्ट परिसर में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट अमित राठी (43) पिछले काफी समय से जियो नेटवर्क की खराब सेवाओं से जूझ रहे थे। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कोर्ट परिसर, विशेष रूप से वकीलों के चेंबर, दो मुख्य कोर्ट बिल्डिंग और टाइपिस्ट कॉम्प्लेक्स में जियो का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। अमित राठी ने ‘लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट, 1987’ की धारा 22-C के तहत यह आवेदन दायर किया है, जो सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में विवाद निपटान से संबंधित है। उनका कहना है कि एक बार किसी मामले में क्लाइंट ने फेसबुक से कुछ सबूत दिखाने थे। लेकिन नेटवर्क की दिक्कतों के चलते वे उस समय वह नहीं देख सके। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया था कि वे अदालत का रुख करेंगे। याचिका में नेटवर्क की खराबी के कारण होने वाली 4 बड़ी समस्याओं का जिक्र… अंबानी परिवार को क्यों बनाया पक्ष?
एडवोकेट अमित राठी ने इस मामले में रिलायंस जियो के हेड ऑफिस (नवी मुंबई) को संबोधित करते हुए कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी को प्रतिवादी बनाया है। इसके अलावा, पानीपत के जीटी रोड स्थित ब्रांच मैनेजर को भी इसमें पक्षकार बनाया गया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि कंपनी के शीर्ष अधिकारी अपनी सेवाओं की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार हैं और ट्राई के नियमों के तहत ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए बाध्य हैं। कोर्ट परिसर में रोष का माहौल
पानीपत कोर्ट के अन्य वकीलों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। एडवोकेट जुगविंद्र मलिक, सुनील वधवा, अशोक, विनय, दीपक मलिक, आजम खान, अजय, गौरव का कहना है कि बार-बार कस्टमर केयर और स्थानीय अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वकीलों का आरोप है कि रिलायंस जियो जैसी बड़ी कंपनी का नेटवर्क एक जिला मुख्यालय के न्यायालय परिसर में विफल होना प्रशासनिक लापरवाही का चरम है। इस मामले की अगली सुनवाई स्थायी लोक अदालत में होगी, जहां रिलायंस जियो को अपना पक्ष रखना होगा। यह मामला न केवल पानीपत बल्कि देश भर के उन उपभोक्ताओं के लिए एक मिसाल बन सकता है जो टेलीकॉम कंपनियों की खराब सेवाओं से त्रस्त हैं, लेकिन कानूनी रास्ता अपनाने से हिचकिचाते हैं।



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जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन:विद्या​र्थियों ने मोबाइल से चलाई कार, चोरी रोकने को लेजर तकनीक बनाई




मुभीछाराउमावि गांधी चौक में जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन में जूनियर वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकी के मॉडल विकसित प्रदर्शित किए। इनमें मॉडल ऐसे थे, जिन्हें देखकर हैरत होती है कि इतनी कम उम्र में भी आइडिया लेवल पर बच्चों की सोच कितनी विकसित है। 292 बच्चों ने अपने अपने मॉडल प्रस्तुति किए। इनमें से यह चार मॉडल जो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अत्यंत उपयोगी है और जीवन को सरल बनाने वाले हैं। मोबाइल एप से कार कंट्रोल करने का मॉडल पीएमश्री सिंधासवा के 11वीं कक्षा के इंसाफ खां ने मोबाइल टेक्‍नोलॉजी और कार को आपस में जोड़कर अपना मॉडल बनाया है। इंसाफ ने एआई एप से कार को सेल्फ ड्राइव मोड पर चलाने के लिए एप तैयार किया। इसे उसने अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया है। इसके साथ ही कार में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए चिप भी डाली। इससे मोबाइल में इंस्टॉल एप से कार को ड्राइविंग मोड पर चला सकते हैं। इसके साथ ही कार को ड्राइवर के बिना कंट्रोल किया जा सकता है। अल्ट्रा सोनिक होम सिक्योरिटी सिस्टम बनाया पीएमश्री राउमावि भाडखा के 10वीं कक्षा के विद्यार्थी मोतीलाल ने अल्ट्रा सोनिक आधारिक होम सिक्योरिटी सिस्टम का मॉडल बनाया। कॉलोनी, घर या खेत में होने वाली चोरियों को रोकने के लिए विशेष मेथर्ड यूज किया गया। रात में कॉलोनी का मेन गेट लगा होने के बाद इस सिस्टम को चालू कर देते हैं। उसके बाद इस सिस्टम के आगे कोई भी वाहन आकर रुकेगा तो सिस्टम की अल्ट्रा रैन डिटेक्टर मॉडल,बारिश आने की सूचना देगा राउमावि कांकराला कल्याणपुरा के 9 वीं कक्षा के विद्यार्थी विक्रम प्रजापत ने रैन डिटेक्टर मॉडल बनाया। विक्रम ने अपने मॉडल में बारिश की सूचना के साथ ही घरों में उपयोग होने वाला सिस्टम भी डवलप किया। मॉडल में घर के बाहर सूख रहे कपड़ों की रॉड को इस मॉडल से जोड़ दिया। जैसे ही इस रैन डिटेक्टर पर बारिश की बूंदें पड़ती है तो कपड़ों को सुखाने वाली रॉड अपने आप ही घर में ले लेती है। वहीं जब बारिश बंद होती है और डिटेक्टर सूख जाता है तो वापस पहले वाली स्थिति में आ जाती है।



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पंजाबी किसान का कोठी से अनोखा प्यार:₹60 लाख से बनाई, हाईवे प्रोजेक्ट पर आई तो तोड़ने से इनकार किया; अब उसे दूसरी जगह शिफ्ट करा रहा




3 साल की मेहनत, जिंदगी भर की कमाई और सपनों का 2 मंजिला आशियाना, सब कुछ तैयार था, बस रंग-रोगन बाकी था। तभी एक नोटिस ने पंजाब के बरनाला के किसान के पैरों तले से जमीन खिसका दी। उसे बताया गया कि उसकी आलीशान कोठी अब भारतमाला प्रोजेक्ट के रास्ते में आ चुकी थी। लुधियाना से बठिंडा के लिए बन रहे हाईवे के रास्ते से इसे हटाना होगा। यह बात सुनते ही वह टेंशन में आ गया। 2 महीने परिवार परेशान रहा। कई लोगों से सलाह ली लेकिन मेहनत से बनाई कोठी को कैसे टूटने दें, हर वक्त यहीं चिंता खाती रहती। किसान के सामने दो ही रास्ते थे- या तो सपना तोड़ दिया जाए, या फिर नामुमकिन को मुमकिन बनाया जाए। किसान ने दूसरा रास्ता चुना। 60 लाख से बनी कोठी को अब किसान मशीनों के जरिए 350 फुट आगे खिसका रहा है। इसके लिए हरियाणा के ठेकेदार की मदद ली है। करीब 2 महीने से कोठी को खिसकाने का काम चल रहा है और इसमें 3 महीने और लगेंगे। कोठी बनते ही कैसे मुश्किल में घिरा किसान अब जानिए, कोठी को खिसकाकर बचाने का आइडिया कैसे आया…



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