अवैध संबंधों से प्रेग्नेंट हुई युवती, भ्रूण नाली में फेंका:कमरा किराए पर लेकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी, गिरफ्तार

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बांसवाड़ा में बदनामी के डर से एक युवती ने करीब 6 माह के भ्रूण को नाली में फेंक दिया। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया। युवती किराए पर कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान एक युवक के संपर्क में आई, जिससे उसके संबंध बने। गर्भ ठहरने के बाद उसने यह बात परिजनों को नहीं बताई और चुपचाप बच्चे के जन्म का इंतजार करती रही। करीब छह माह में प्री-मेच्योर डिलीवरी होने पर उसने कमरे के पास ही नाली में भ्रूण फेंक दिया। नाली में मिला था अविकसित भ्रूण SP सुधीर जोशी ने बताया- 15 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे सूचना मिली थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र में सड़क किनारे नाली में भ्रूण पड़ा है। पुलिस ने करीब 2 से 3 माह के भ्रूण को कब्जे में लेकर महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पास ही किराए पर रह रही थी आरोपी DSP गोपीचंद मीणा के नेतृत्व में गठित टीम की जांच में सामने आया कि घटनास्थल के पास स्थित एक मकान में किराए पर रहने वाली महिला की गतिविधियां संदिग्ध हैं। पुलिस ने संदिग्ध महिला को डिटेन कर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान महिला ने जन्म छिपाने की नीयत से भ्रूण को नाली में फेंकने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया। उदयपुर में एग्जाम के दौरान शुरू हुआ प्रेम-प्रसंग कोतवाली SHO बुधाराम बिशनोई ने बताया- युवती दानपुर थाना क्षेत्र (बांसवाड़ा) की रहने वाली है। बांसवाड़ा में किराए पर कमरा लेकर पढ़ाई कर रही थी। कुछ माह पहले परीक्षा देने उदयपुर गई थी, जहां उसकी मुलाकात एक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ था। इसके बाद युवक बांसवाड़ा भी आया और दोनों साथ रहे। कुछ समय बाद युवती को गर्भ ठहरने की जानकारी हुई, लेकिन बदनामी के डर से परिजनों को इस बारे में नहीं बताया। इसी वजह से युवती ने चुपचाप बच्चे के जन्म का इंतजार किया। करीब 6 महीने की प्रेग्नेंसी में प्री-मेच्योर डिलीवरी होने पर भ्रूण को नाली में फेंक दिया। एडवोकेट हिरेन पटेल ने भ्रूण फेंकने के मामलों में कानूनी प्रावधान के बताया में बताया। सवाल : क्या गर्भपात अपने आप में अपराध है? जवाब :नहीं। अगर गर्भपात प्राकृतिक कारणों से हुआ है, जैसे बीमारी, फिसलना या ज्यादा तनाव, तो यह अपराध नहीं माना जाएगा। सवाल : किन हालात में गर्भपात अपराध बन जाता है? जवाब:अगर किसी ने जानबूझकर दवा लेकर, चोट पहुंचाकर या घरेलू नुस्खों से गर्भपात कराया है, तो यह अपराध माना जाएगा। इसमें BNS की धारा 88 (पहले IPC की धारा 312) लागू होगी। सवाल : महिला अपनी बेगुनाही कैसे साबित कर सकती है? जवाब: पुलिस और कोर्ट इन बातों की जांच करेंगे- अगर इनसे यह साबित होता है कि गर्भपात प्राकृतिक था, तो महिला को दोषी नहीं माना जाएगा। सवाल : अगर गर्भपात प्राकृतिक हो, तब भी क्या भ्रूण फेंकना अपराध है? जवाब: हां। भले ही गर्भपात प्राकृतिक हो, लेकिन भ्रूण को नाली या किसी सार्वजनिक स्थान पर फेंकना अपराध है। सवाल : भ्रूण फेंकने पर कौन-सी धारा लगती है? जवाब: इस पर BNS की धारा 94 लागू होती है (पहले IPC की धारा 318) सवाल : भ्रूण फेंकना अपराध क्यों माना जाता है? जवाब: क्योंकि इसे जन्म छिपाने की कोशिश माना जाता है, जो कानूनन गलत है। — संबंधित ये खबर भी पढ़ें … नाना ने दिखाया-कैसे ठूंसा मासूम के मुंह में पत्थर:हत्या के लिए 2 फेविक्विक का इस्तेमाल, बोला- बेटी कुंवारी है,इज्जत बचाने के लिए ऐसा किया भीलवाड़ा में मासूम के मुंह में पत्थर ठूंसकर उसकी हत्या का प्रयास करने वाला उसका नाना है। आरोपी से पुलिस ने शनिवार (27 सितंबर) सुबह पूरा सीन रिक्रिएट करवाया। उसने बताया- कहां से उन्होंने बस ली, फेविक्विक ली और कहां रुके थे? (पूरी खबर पढ़ें)

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