बांसवाड़ा में मकर संक्रांति पर ‘दिवाली’ जैसा नजारा:दिन में पतंगबाजी तो रात में आतिशबाजी, स्काई लालटेन 'कैंडल' से सजा आसमान
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बांसवाड़ा में मकर संक्रांति का त्योहार दिनभर पतंगबाजी के साथ मनाया गया। सूरज ढलने के बाद लोगों ने अपने घरों की छतों से आतिशबाजी की और स्काई लालटेन उड़ाईं। रात में आतिशबाजी और स्काई लालटेन दिखीं और बाहर काम करने वाले युवा मकर संक्रांति पर बांसवाड़ा लौटे, रात का नजारा खास रहा। इस दौरान शहर में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बाहर बसे युवा भी घर लौटे और छतों पर खड़े होकर त्योहार मनाया। बाहर रहने वाले युवा लौटे घर त्योहार के मौके पर बांसवाड़ा के कई युवा जो काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं, अपने घर पहुंचे। परिवार और दोस्तों के साथ उन्होंने मकर संक्रांति मनाई। दिन में पतंगबाजी और रात में आसमान की रोशनी ने त्योहार को खास बना दिया। पुणे से आए युवक ने बताया अनुभव बांसवाड़ा पैलेस क्षेत्र निवासी तनुज शाह ने बताया कि वह पिछले चार साल से पुणे में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार लंबे समय बाद मकर संक्रांति पर बांसवाड़ा आने का मौका मिला। दिन में पतंगबाजी का आनंद लिया और रात में शहर का नजारा देखकर उन्हें दीपावली की याद आ गई। आसमान में तैरती दिखीं सैकड़ों कैंडल रात के समय शहर में कई जगहों से स्काई लालटेन उड़ाई गईं। आतिशबाजी के साथ आसमान में तैरती कैंडल और रंगीन रोशनी ने पूरे माहौल को त्योहार से जोड़ दिया। लोग देर रात तक छतों पर खड़े होकर मकर संक्रांति का लुत्फ लेते नजर आए।
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