अटका नाइट फूड मार्केट प्रोजेक्ट:रानी रोड पर नाइट फूड बाजार का वर्कऑर्डर जारी, 12-16 थीम बेस्ड दुकानें बनेंगी, पर्यटकों को देर रात तक मिलेगी खाने-पीने की सुविधा

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लेकसिटी में पिछले चार साल से अटका नाइट फूड मार्केट प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरेगा। यूडीए ने रानी रोड स्थित राजीव गांधी पार्क से सटे फूड बाजार को नाइट फूड चौपाटी (मसाला चौक) के रूप में स्थापित करने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि टूरिस्ट सिटी उदयपुर को नए मसाला चौक की सौगात देने के लिए प्रस्तावित इस नए नाइट बाजार को आगामी 20 दिनों के भीतर विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस फूड बाजार में 250 पर्यटकों के बैठने की सुविधा विकसित की जाएगी। मुंबइया बाजार-सुखाड़िया सर्किल का लोड होगा कम 12 से 16 थीम बेस्ड दुकानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। हर दुकान पर अलग-अलग खान-पान की सुविधा मुहैया कराई जाए, ताकि पर्यटक-शहरवासी विभिन्न तरह के व्यंजनों का स्वाद ले सकें। इससे देर रात तक आने-जाने वाले पर्यटकों को खाने-पीने की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। गत वर्ष अगस्त में फूड चौपाटी को री-डेवलप करने की योजना बनी थी
गत वर्ष 22 अगस्त को जिला प्रशासन और टूरिज्म विभाग की बैठक में निर्णय लिया गया था कि रानी रोड पर चौपाटी को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। मार्केट की खासियत यह होगी कि यहां शहर की फेमस कॉफी, लस्सी, सेंडविच, पिज्जा, पानी-पुरी जैसे खाने-पीने की चीजें बेचने वाले संचालक यहां स्टाल लगाएंगे। इससे पर्यटकों को शहर के सभी फेमस फूड एक ही जगह उपलब्ध हो सकेंगे। इससे सुखाड़िया सर्किल, फतहसागर पर स्थित मुंबइया मार्केट से भीड़ कम हाेगी। वीकेंड पर इन फूड मार्केट में पर्यटकों को बैठने के लिए जगह तक मिल नहीं पाती है।

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हिसार में गुप्ता के प्रोजेक्ट पर जिंदल को श्रेय:CM के उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं आए पूर्व मंत्री कमल गुप्ता; बोले-जुकाम था, पहले विदेश था

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हरियाणा के हिसार में शहर के बड़े प्रोजेक्ट पर पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की अनदेखी चर्चाओं का विषय बन रही है। हिसार में दूसरा मौका था जब डॉ. कमल गुप्ता के समय शुरू हुए प्रोजेक्ट का श्रेय निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल को मिल गया। गुरुवार को हिसार में मुख्यमंत्री ने साढ़े 14 करोड़ की राशि से बने टाउन पार्क का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री और शहर से दो बार के विधायक रहे डॉ. कमल गुप्ता और उनके वर्कर नदारद दिखे। खास बात यह रही कि एक बार भी कमल गुप्ता का मंच से नाम तक नहीं लिया गया। इस बारे में दैनिक भास्कर एप ने कमल गुप्ता से कार्यक्रम में न पहुंचने के बारे में पूछा, तो डॉ. गुप्ता ने कहा- मुझे तेज जुकाम हो गया, इसलिए मैं नहीं आ पाया। मैंने मुख्यमंत्री को फोन कर बता दिया था। जब भी शहर में बड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास- उद्घाटन होता है तो आप दिखते नहीं? इस पर गुप्ता ने कहा कि यह इत्तफाक हो सकता है। बता दें कि डॉ. कमल गुप्ता का हिसार के इन प्रोजेक्ट को लेकर भावनात्मक जुड़ाव है। उनके ही प्रयास से हिसार के प्रोजेक्ट सिरे चढ़े थे। इससे पहले कमल गुप्ता और सावित्री जिंदल हांसी की विकास रैली में एक साथ मंच पर नजर आए थे, मगर दोनों ने एक दूसरे से बात नहीं की थी। गुप्ता की गैर मौजूदगी में इन 2 बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन… चुनाव के समय बढ़ी दोनों नेताओं में तल्खी
दरअसल, विधानसभा चुनाव में शुरू हुई दोनों की तल्खी कम होने के बजाय बढ़ रही है। अक्टूबर 2024 में हिसार विधानसभा सीट से भाजपा ने जहां डॉ. कमल गुप्ता को मैदान में उतारा था, वहीं पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल निर्दलीय मैदान में उतरीं थी। डॉ. कमल गुप्ता की जमानत जब्त हो गई थी। वहीं चुनाव से पहले भी दोनों नेता एक दूसरे के कार्यक्रमों में दूरी बनाने लग गए थे। सावित्री जिंदल हिसार से भाजपा की टिकट चाहती थी। कमल गुप्ता तीसरी बार भाजपा की टिकट पर लड़ना चाहते थे। दोनों नेताओं ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। मगर चुनाव में ऐन मौके पर जिंदल का टिकट काटकर कमल गुप्ता को दे दिया गया। मगर चुनाव में सावित्री जिंदल जीती और कमल गुप्ता की जमानत जब्त हो गई। इसके बाद दोनों में दूरियां और बढ़ गई। गुप्ता-जिंदल परिवार में तनातनी के 3 और उदाहरण 1. मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट का विरोध किया: हिसार के बस स्टैंड की शिफ्टिंग को लेकर भी दोनों में मतभेद नजर आए। कमल गुप्ता बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करना चाहते थे। यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था। बस स्टैंड शिफ्टिंग का व्यापारियों ने विरोध किया। सावित्री जिंदल की घर पर व्यापारियों की मीटिंग भी हुई। इसके बाद कमल गुप्ता नाराज हो गए और उन्हें प्रोजेक्ट टालना पड़ा। 2. चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ लड़े: सावित्री जिंदल और कमल गुप्ता विधानसभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े। कमल गुप्ता को BJP ने हिसार से टिकट दी तो जिंदल ने बगावत कर निर्दलीय उतरने का फैसला किया। इससे गुप्ता की स्थिति कमजोर हो गई और वैश्य समाज के वोटों का ध्रुवीकरण हो गया। भाजपा अपने गढ़ हिसार में 10 साल बाद हार गई। इस चुनाव में सावित्री जिंदल को हिसार से 49231 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के रामनिवास राड़ा को 30290 वोट और कमल गुप्ता को 17385 वोट मिले। 3. जिंदल समर्थक ने गुप्ता को चप्पल मारी: चुनाव प्रचार के दौरान भी नेताओं के समर्थकों में एक दूसरे के प्रति नाराजगी नजर आई। चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में सावित्री जिंदल के समर्थक राजेंद्र सैनी के वर्कर ने गुप्ता को चप्पल मारी थी। इसके बाद सावित्री जिंदल ने अपनी उसी समर्थक को निकाय चुनाव में पार्षद का टिकट भी दिलवा दिया। कमल गुप्ता भी चुनाव में उसका प्रचार करने नहीं गए। राजेंद्र सैनी को हार का मुंह देखना पड़ा। दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ 3 चुनाव लड़ चुके
कमल गुप्ता 2 बार हिसार सीट से चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने 2014 के बाद 2019 में भी चुनाव जीता। 2014 में कमल गुप्ता ने सावित्री जिंदल को ही हराया था। उस समय सावित्री ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 2024 में कमल गुप्ता निर्दलीय खड़ी सावित्री जिंदल से चुनाव हार गए। हिसार सीट पर सावित्री जिंदल का भी रसूख अच्छा है। वह 3 बार हिसार से चुनाव जीतकर विधायक बन चुकी हैं। पहला चुनाव उन्होंने 2005 में जीता था। तब उप-चुनाव जीतकर वह भूपेंद्र हुड्डा की अगुआई वाली हरियाणा सरकार में शामिल हुई थीं। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की। 2024 में BJP मंत्री कमल गुप्ता को चुनाव हराया। इसके बाद भाजपा को ही समर्थन दे दिया।

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शर्म करो प्रशासन!:स्कूल में अवैध कब्जे-नशाखोरी, कक्षाओं में जाने से भी डरते हैं बच्चे

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शहर से सटा राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़गांव असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन गया है। स्कूल उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की जमीन पर बना है। लेकिन, अब अवैध कब्जों के चलते अब यह परिसर कबाड़खाने और नशे के अड्डे में तब्दील हो चुका है।
स्कूल परिसर में बसी कालबेलिया बस्ती के लोग स्कूल परिसर में नहाने, कपड़े सुखाने और शराब पीने जैसे कृत्य करते दिखाई देते रहते हैं। स्कूल परिसर में आपसी झगड़े, गालीग-लौज और असामाजिक गतिविधियां आम बात है। इन हालातों का सबसे बड़ा खामियाजा मासूम छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। भय और असुरक्षा के माहौल के बीच कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से ही कतराने लगे हैं। स्कूल परिसर में कबाड़ डंप किया जा रहा है और केबल वायर जलाने से उठने वाली जहरीला धुआं बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव डाल रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्कूल स्टाफ ने यूडीए व जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन कार्रवाई तो दूर कोई अधिकारी स्कूल के इन हालातों को देखने तक नहीं पहुंचा। प्रशासन इतना लाचार क्यों? सांसद-सरपंच और क्षेत्रवासियों के साथ विद्यार्थी-अभिभावक भी लगा चुके गुहार
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, बड़गांव के निवर्तमान सरपंच व वर्तमान में प्रशासक संजय शर्मा, स्कूल प्रशासन कई बार जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यूडीए को लिखित में शिकायत कर चुके हैं कि इस स्कूल परिसर में अवैध बस्ती और नशाखोरी से विद्यार्थियों-अभिभावकों, गांववासियों में गहरा रोष है। शिक्षा के नाम पर बच्चों को ऐसे माहौल में भेजना मजबूरी बन गया है। आए दिन शराबियों का जमावड़ा, झगड़े और गंदगी बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहे हैं। कई अभिभावकों ने साफ कहा कि यदि जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे बच्चों के स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) कटवाने को मजबूर होंगे। स्कूल स्टाफ का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और यूडीए को पत्र लिखे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परिसर में कबाड़ जलाने से उठने वाला धुआं कक्षाओं तक पहुंचता है। पुलिस थाना, तहसील और उपखंड कार्यालय पास होने के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। अभिभावकों ने स्कूल परिसर को सुरक्षित घोषित कर तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

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BJP Alliance Predicted Majority in BMC

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  • Maharashtra Civic Polls Exit Poll: BJP Alliance Predicted Majority In BMC

मुंबई4 मिनट पहले

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महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में हुए चुनाव का रिजल्ट आज आएगा। 893 वार्डों में कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं। काउंटिंग सुबह 10 बजे शुरु होगी। परिणाम दोपहर बाद आने का अनुमान है।

सबसे अहम बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) है। एक दिन पहले आए तीन एग्जिट पोल में भाजपा गठबंधन को बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवेसना को 130 से 150 सीटें मिल सकती हैं। बहुमत के लिए 114 की जरूरत है। वहीं कांग्रेस गठबंधन को 60 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में 5 से 7 सीटें आ सकती हैं।

चार साल देरी से हुए चुनाव, 2022 से टले थे

नगर निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं। बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में हुआ था। ऐसे में अगला चुनाव 2022 में होना था। उस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया और वार्ड सीमाओं में बदलाव चल रहे थे।

नए वार्ड नक्शे और सीटों का पुनर्विन्यास किया जा रहा था। बीएमसी में वार्डों की संख्या बढ़ाकर 227 से 236 करने का प्रस्ताव था। इस बदलाव के चलते पुरानी सीटों पर चुनाव करना संभव नहीं था, इसलिए चुनाव टाल दिए गए। हालांकि ये प्रस्ताव पास नहीं हुआ।

BMC चुनाव में बीजेपी-शिंदे साथ; कांग्रेस अलग लड़ रही

बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों पर चुनाव हुए। भाजपा- शिवसेना (शिंदे गुट) में गठबंधन हैं। बीजेपी 137 सीटों पर लड़ रही है वहीं शिंदे की शिवसेना ने 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

उधर शिवसेना यूबीटी ने मनसे के साथ अलांयस किया है। यूबीटी जहां 163 सीटों पर लड़ी वहीं MNS को 52 सीट मिली। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) से गठबंधन किया है। कांग्रेस 143 सीटों पर लड़ रही है वहीं वीबीए को 46 सीट दी गईं हैं। एनसीपी ने किसी के साथ हाथ नहीं मिलाया। अजित गुट वाली ये पार्टी 94 सीटों पर लड़ रही है।

BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल

BMC चुनाव सिर्फ नगर निगम का नहीं, बल्कि मुंबई की सत्ता हासिल करने की लड़ाई है। इसलिए यह महायुति और महाविकास अघाड़ी के लिए साख का सवाल है।

74,000 करोड़ रुपए के बजट वाली एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी BMC पर बिना बंटे शिवसेना ने (1997-2017) तक राज किया था। तब BJP उसकी सहयोगी थी।

मुंबई नगर निगम का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के बजट से भी बड़ा है।

यही कारण है कि भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस, शरद पवार और अजीत पवार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

चुनावी वादे: बस किराए में 50% छूट तो 1500 महीना का वादा

भाजपा गठबंधन ने बीएमसी चुनाव में महिलाओं को BEST बसों में यात्रा करने पर किराए में 50% छूट देने का वादा किया है। वहीं उद्धव–राज ठाकरे अलांयस ने महिला घरेलू सहायकों को ₹1500 महीना और 700 वर्गफुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स फ्री करने की बात कही है।

कांग्रेस ने मुंबई की प्रदूषण समस्या और BEST बस सेवा में सुधार का वादा किया है। साथ ही शहर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की बात कही है।

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वार्ड 64 में आवारा कुत्तों का खौफ, राहगीर परेशान

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सीकर | शहर के वार्ड 64 में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन कुत्तों के हमलों से राहगीर घायल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सुबह और शाम घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने नगर परिषद में कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। – नियाज मोहम्मद खान, एडवोकेट

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Haryana Sirsa Man Forced Eat Cow Dung for Rs 1000 Bet

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हरियाणा के सिरसा में एक हजार रुपए की शर्त लगाकर दिव्यांग को गोबर खिला दिया गया। किसी ने इसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद जान-पहचान वालों और रिश्तेदारी में मजाक बन गया। इसके बाद पीड़ित ने रानियां थाने में इसकी शिकायत दी, जिसके ब

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वायरल वीडियो में दिख रहा है कि चार-पांच लोग पशुबाड़े में बैठे हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति कस्सी (फावड़ा) में गोबर उठाकर लाता है। जिस व्यक्ति ने कस्सी उठाई है, उसके दूसरे हाथ में कैश दिखाई दे रहा है। वह शिकायतकर्ता का नाम लेकर कहता है- ले भाई, एक हजार रुपए ले और ये गोबर खाकर दिखा।

एक बार गोबर चखने पर पीड़ित पैसे मांगता है। इस पर वह कहता है- दोबारा खाओ, फिर रुपए मिलेंगे। पीड़ित को दोबारा से गोबर खिला देता है और फिर गिनकर उसे पैसे देता है। पास में बैठे लोग ठहाके लगाते दिख रहे हैं। इस बीच उनमें से किसी ने वीडियो बना ली। कुछ देर में वीडियो वायरल कर दी। जब इसका पता पीड़ित को जानकारों से लगा तो बदनामी होने का डर दिखा। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी।

दिव्यांग को गोबर खिलाने के कुछ PHOTOS…

गोबर खाने से पहले युवक को एक हजार रुपए दिखाता दूसरा शख्स।

गोबर खाने से पहले युवक को एक हजार रुपए दिखाता दूसरा शख्स।

फावड़े में रखे गोबर को उठाकर खाता दिव्यांग।

फावड़े में रखे गोबर को उठाकर खाता दिव्यांग।

सिलसिलेवार ढंग से जानिए क्या है पूरा मामला

गोबर खाने पर लगी थी एक हजार रुपए की शर्त : पुलिस के अनुसार पीड़ित पोलियो से ग्रस्त हैं। उसने शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने चोरी-छिपे उनका वीडियो बनाया और उन्हें गोबर खिलाया। बताया जा रहा है कि शराब पीने के बाद शर्त लगाई थी कि गोबर खाने के बदले में 1000 रुपए दिए जाएंगे। इसी दौरान पीड़ित ने गोबर खा लिया।

चारों अक्सर इकट्‌ठे बैठते थे, सभी करते हैं खेती-बाड़ी पीड़ित और आरोपी रानियां के ही रहने वाले हैं। चारों शाम को जानकार के खाली प्लॉट या अन्य जगह पर इकट्ठे बैठते हैं। जहां पर यह घटना हुई, वहां पर गायों का बाड़ा है। शिकायत में जिन व्यक्तियों पर आरोप है, उनमें मुख्तियार सिंह, रणजीत सिंह, जसविंदर सिंह के नाम हैं। सभी खेती-बाड़ी करते हैं। जाति एक ही है, पर परिवार अलग-अलग हैं। पीड़ित अविवाहित है। वह घर में अकेला ही रहता है।

गोबर खाने के बाद रुपए गिनता दिव्यांग।

गोबर खाने के बाद रुपए गिनता दिव्यांग।

अब जानिए…गोबर की शर्त पर पीड़ित और आरोपी क्या बोले

जबरदस्ती शराब पिलाई, गोबर खिलाकर वीडियो बनाया : शिकायतकर्ता पीड़िता का कहना है-मुझे तीनों लोगों ने जबरदस्ती शराब पिलाई और एक हजार रुपया भी दिया। मैं पोलियोग्रस्त हूं। मेरे परिवार में कोई भी नहीं है। तीनों ने चोरी छिपे मेरी वीडियो बनाई है और मुझे गोबर खिलाया है। मेरी वीडियो बनाकर इन लोगों ने ग्रुपों में डाली। इसके कारण मेरी रिश्तेदारी में खूब बदनामी हो रही है। मैं चाहता हूं कि मेरे साथ न्याय हो। इन लोगों को इनके किए की सजा मिले।

एक आरोपी बोला- मामला थाने में है, कल बैठकर बात करेंगे इस बारे में एक आरोपी मुख्तियार सिंह से दैनिक भास्कर एप ने पक्ष जानने के लिए बातचीत की। उनका जवाब था- यह मामला रानियां थाने में हैं। कल बैठकर इसके बारे में बात करेंगे। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। यह कहकर कॉल काट दी। दूसरी तरफ पार्षद एमसी निक्का चीमा का कहना है कि सभी एक-साथ ही रहते हैं और खेतीबाड़ी करते हैं। इसका सभी को पता है, इस पर क्या कहें। दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था: एसएचओ इस मामले में रानियां थाना प्रभारी गुरमिंदर सिंह से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि पीड़ित के बयानों के आधार पर 3 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में धारा 115 BNS 92A ACT person with disability act के तहत कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार शाम को दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया था। कुछ लोग मामले में समझौते के प्रयास कर रहे है।

करनाल के डॉक्टर का हो चुका गोबर खाते वीडियो वायरल हरियाणा में गोबर खिलाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हरियाणा के करनाल के डॉ. मनोज मित्तल का वीडियो वायरल हो चुका है। हालांकि, वीडियो में डॉक्टर को किसी ने फोर्स नहीं किया, वे खुद ही गोबर खाते दिखाई देते है। साथ ही गोमूत्र और गोबर के औषधीय गुण भी गिनाते नजर आ रहे है।

डॉ. मनोज मित्तल करनाल में बच्चों का अस्पताल चलाते हैं। उनके गोबर खाने और उसके फायदे बताए जाने का यह वीडियो खूब वायरल हुआ था। इसके बाद बहुत कमेंट उनकी वीडियो पर मिले।

करीब चार साल पहले डॉक्टर मनोज मित्तल चार साल पहले गोबर खाते हुए वीडियो वायरल हुआ था।

करीब चार साल पहले डॉक्टर मनोज मित्तल चार साल पहले गोबर खाते हुए वीडियो वायरल हुआ था।

बीमार होने की भी चलाई गई थी फेक वीडियो डॉ. मनोज मित्तल ने जब सोशल मीडिया पर आए कमेंट्स पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उनके बीमार होने के फोटो के साथ फेक फोटो वायरल किया गया था। इस पर डॉक्टर ने स्पष्ट किया था कि ये फोटो फेक है, वे बीमार नहीं हुए है। उनका कहना था कि गोबर पर रिसर्च होना चाहिए। इसमें पता लगाया जा सकता है कि कितनी मात्र में गोबर का सेवन किया जाना चाहिए।

कहना था कि कुछ लोग अंडे पर रिसर्च कर रहे हैं। अंडा भी मल है और गोबर भी मल है। अंडे को खुश होकर लेते हैं, जबकि दोनों से मानव के शरीर में बीमारी से फायदा होता है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से इसकी गुहार लगाता हूं कि गाय के गोबर पर रिसर्च हो।

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ये खबर भी पढ़ें…

डॉ.मनोज मित्तल का फेक वीडियो वायरल:बोले- मैं बीमार ही नहीं हुआ, घटिया लोकप्रियता के लिए वायरल की पोस्ट, गोबर खाने से आए थे चर्चा में

गोबर खाने से चर्चा में आए करनाल के डॉ. मनोज मित्तल का फेक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसकी पुष्टि डॉक्टर ने खुद कैमरे के सामने आकर की। डॉ. मित्तल ने कहा, वह बीमार नहीं हुआ, किसी ने TRP बढ़ाने के लिए ऐसी पोस्ट की है। डॉ. मनोज मित्तल इस पोस्ट से काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर फोटो से प्रचार हो रहा है कि गोबर खाने वाले डॉक्टर को हुआ इंफेक्शन। (पूरी खबर पढ़ें)

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तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा 17 से, दो पारियों में होगी, रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे अभ्यर्थी

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भास्कर संवाददाता | सीकर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा 17 जनवरी से शुरू हो रही है। ये परीक्षा 20 जनवरी तक चलेगी। परीक्षा दो पारियों में सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 3 से 5:30 बजे आयोजित होगी। 17 जनवरी को लेवल-प्रथम (सामान्य) की परीक्षा होगी, जबकि 18 जनवरी को लेवल-द्वितीय (साइंस-मैथ्स व सोशल स्टडी) की परीक्षाएं कराई जाएंगी। 19 जनवरी को लेवल-द्वितीय (अंग्रेजी व हिंदी) और 20 जनवरी को लेवल-प्रथम व द्वितीय संस्कृत की परीक्षाएं होंगी। पेपर रोजाना दो पारियों में होंगी। सीकर में इसके िलए सेंटर नहीं बनाए गए हैं। सीकर जिले में नहीं है सेंटर : परीक्षा के लिए अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, जयपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर व उदयपुर में सेंटर बनाए गए हैं। सीकर जिले में सेंटर नहीं है लेकिन जिले के अभ्यर्थी बड़ी संख्या में ये परीक्षा देंगे। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने 15 से 22 जनवरी तक परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है। ये कदम परीक्षा के तनावपूर्ण समय में उम्मीदवारों को राहत देने के लिए उठाया गया है, ताकि वे अपनी परीक्षा केंद्रों तक आसानी से और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पहुंच सकें। निगम के कार्यकारी निदेशक (यातायात) डॉ. ज्योति चौहान ने सभी जोनल मैनेजर/ मुख्य प्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सीकर आगार के मुख्य प्रबंधक दीपक कुमावत ने बताया कि राजस्थान रोडवेज की ओर से इस बार विशेष ध्यान रखा जाएगा कि परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त संख्या में बसें और स्टाफ उपलब्ध हो। जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि कोई भी उम्मीदवार बिना किसी असुविधा के अपनी परीक्षा केंद्र तक पहुंच सके। रोडवेज ने ऑनलाइन आरक्षण की सुविधा भी प्रदान की है ताकि यात्रियों को पहले से ही सीट की पुष्टि हो सके और वे बिना किसी समस्या के यात्रा कर सकें।

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Rajasthan Rain Alert After 2 Days; Cold Wave Grips UP, Temp Below Shimla

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नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ8 मिनट पहले

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राजस्थान में तापमान माइनस में पहुंच गया है। बुधवार को हिल स्टेशन माउंट आबू में तापमान माइनस 3 डिग्री रहा। सीकर के फतेहपुर में तापमान 0.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। राज्य में दो दिन बाद हल्की बारिश की संभावना है।

यूपी में बर्फीली हवाओं की वजह से रात का तापमान शिमला (7°C) और जम्मू (4.4°C) से भी नीचे पहुंच गया है। बुधवार को पूरे प्रदेश में तापमान 10°C से नीचे रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान हरदोई सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 3°C रिकॉर्ड किया गया।

उत्तराखंड के हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में स्कूलों की छुट्टी कर दी है। ऊधम सिंह नगर में 17 तक छुट्टी घोषित की गई है। वहीं पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों में नदी और नाले जम गए है।

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कांग्रेस ने एसआईआर में गड़बड़ी के आरोप लगाए, गठाला बोलीं – जिंदा को मृत बताया

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भास्कर संवाददाता | सीकर जिले में वोटर्स लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद विवाद खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस ने भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर के नाम पर जिंदा लोगों को मृत घोषित कर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला और निवर्तमान सभापति जीवण खां के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में बताया गया कि अभियान के दौरान क्षेत्र और समाज विशेष के लोगों को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। सभी जरूरी दस्तावेज देने के बावजूद कई मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जबकि नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में भी बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते गड़बड़ियों को ठीक नहीं किया गया तो पार्टी पीड़ित मतदाताओं के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, जगदीश दानोदिया, पूर्व सभापति जीवण खां, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश सैनी, सेवादल जिलाध्यक्ष रविकांत तिवाड़ी, पार्षद पप्पू पहलवान, एड हरीश मिश्रा, एड वीरेन्द्र वर्मा, पार्षद अबरार रंगरेज, अकरम खत्री, आबिद जाटू, रामावतार कुमावत, रामकुमार गुर्जर आदि मौजूद थे।

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Punjab CM Bhagwant Mann Akal Takht Clarification

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अकाल तख्त जत्थेदार के आगे हाथ जोड़कर जमीन पर बैठे और उनसे सिख मर्यादा से जुड़ी किताब लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार (15) जनवरी को अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। वह नंगे पैर आए। इस दौरान वह दोनों हाथ बांधे झुकी हुई नजरों से गोल्डन टेंपल और अकाल तख्त तक पैदल गए। 40 मिनट तक अकाल तख्त के सचिवालय में जत्थेदार को स्पष

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इसके बाद मीडिया से कहा- मैंने अकाल तख्त को चैलेंज नहीं किया, मेरी इतनी हिम्मत और औकात नहीं। फिर अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्पष्टीकरण मिल गया है।

हालांकि अब इस मामले में आगे क्या होगा, क्या अकाल तख्त CM के स्पष्टीकरण से संतुष्ट है, क्या सीएम पर किसी तरह की कोई धार्मिक कार्रवाई होगी, इसके बारे में जानने के लिए आगे सवाल-जवाब पढ़िए…

सवाल: CM भगवंत मान ने स्पष्टीकरण दे दिया, अब अकाल तख्त से इस पर कैसे कार्रवाई होगी? जवाब: इस बारे में अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज कह चुके कि अब पांचों तख्तों, अकाल तख्त, तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त श्री पटना साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब और तख्त श्री हजूर साहिब के 5 सिंह साहिबान बैठेंगे। जिसमें CM जो भी आपने साथ सबूत लाये गए थे, उनको बारीकी से देखा जाएगा।

सवाल: सिंह साहिबान की मीटिंग कब होगी? जवाब: यह अकाल तख्त के जत्थेदार पर निर्भर है कि वह कब मीटिंग बुलाते हैं। इसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं होती। यह जल्दी भी हो सकती है या इसमें टाइम भी लग सकता है। जिसमें जत्थेदारों की उपलब्धता को भी देखा जाएगा।

सवाल: अगर सिंह साहिबान स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होते तो क्या सीएम पर कोई कार्रवाई हो सकती है? जवाब: चूंकि अकाल तख्त अमृतधारी न होने की वजह से CM भगवंत मान को पतित या सहजधारी सिख मानता है, ऐसे में उनको धार्मिक सजा तो नहीं होगी। SGPC मेंबर भाई मनजीत सिंह कहते हैं, CM विनम्र सिख के तौर पर पेश हुए। मुझे लगता है, जो गलतफहमी थी, वह सीएम की जत्थेदार के आगे पेशी के बाद दूर हो चुकी है। मुझे नहीं लगता कि अब कोई कार्रवाई होगी।

सवाल: क्या इस मामले में असंतुष्ट होने की सूरत में CM के खिलाफ किसी तरह का आदेश जारी हो सकता है? जवाब: SGPC के मेंबर भाई मनजीत सिंह कहते हैं- मुझे ऐसा नहीं लगता कि सिंह साहिबान की मीटिंग में कोई ठोस फैसला आएगा। जो कुछ होना था, आज क्लियर हो चुका है। मुझे लगता है कि सबकी संतुष्टि हो चुकी है। बहुत दिनों की दुविधा बनी थी, वह दूर हो गई है, किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी।

सवाल: अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि सीएम के नाम से वायरल हो रहे वीडियो की जांच कराएंगे, यह कितना बड़ा मामला नजर आता है? जवाब: SGPC मेंबर भाई मनजीत सिंह ने कहा कि जत्थेदार ने मुख्यमंत्री को ही अपनी 2 लैब डिसाइड करने को कहा है। अगर वीडियो असली होती तो CM भगवंत मान ने कबूल कर लेना था। यह वीडियो फेक ही लग रही है। लैब में जांच के बाद इसकी सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।

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पेशी के बाद अकाल तख्त से बाहर निकले CM मान ने कहा कि अकाल तख्त को चैलेंज करने की औकात मेरी नहीं है और यही सफाई मैंने अंदर दी है। उधर, जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पंजाब CM भगवंत ने स्वीकार किया है कि उन्हें सिख सिद्धांत-मर्यादा का ज्ञान नहीं है (पढ़ें पूरी खबर)

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सर्किट हाउस से दोपहर करीब साढ़े 11 बजे निकले CM भगवंत मान सीधे गोल्डन टेंपल परिसर में पहुंचे। वह सरकारी गाड़ी से उतरे तो नंगे पैर थे। वहां से वह अपने दोनों हाथ आगे बांधे, नजरें झुकाकर नंगे पैर पहले गोल्डन टेंपल गए। CM की अकाल तख्त पेशी पर क्या हुआ, 10 फोटोज में देखिए

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भगवंत मान पंजाब के चौथे मुख्यमंत्री हैं, जाे अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने गुरुओं के दसवंध के सिद्धांत-गुरू की गोलक, एक आपत्तिजनक वीडियो को लेकर उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। जिसपर उन्होंने दो बैग भरकर सबूत देकर सफाई दी (पढ़ें पूरी खबर)

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