The society resolved to advance in education and honored 64 talented people. | समाज ने लिया शिक्षा में आगे बढ़ने का संकल्प, 64 प्रतिभाओं का सम्मान किया – Pali (Marwar) News

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माली समाज पंचायत एवं शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में रविवार को प्रतिभा सम्मान समारोह हुआ। समारोह में समाज ने मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर शिक्षा के क्षेत्र में समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प भी दोहराया।

कार्यक्रम संयोजक दिलीप परिहार और समाज अध्यक्ष रमेश सोलंकी ने शिक्षा के क्षेत्र में एकजुट होकर आगे बढ़ने पर जोर दिया। समारोह में कुल 64 प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाली प्रतिभाओं को नकद राशि देकर हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष रमेश सोलंकी, सेवानिवृत संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला, राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिबा फुले मंच मोतीलाल सांखला और जिलाध्यक्ष ताराचंद टांक बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

इनका हुआ विशेष सम्मान: समारोह में कक्षा 10वीं में प्रथम उन्नति टांक को 11 हजार, द्वितीय कौशल माली 7,100 और तृतीय रेखा 5,100 का पुरस्कार मिला। कक्षा 12वीं में प्रथम पायल 11 हजार रु, द्वितीय ज्योत्सना सोलंकी 7,100, तृतीय तनिशा भाटी 5,100 रुपए का पुरस्कार दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य भामाशाह शिवराज सांखला, राजेंद्र टांक, मुकेश परिहार और प्रदीप-नरेश भाटी का विशेष योगदान रहा। संरक्षक कैलाश काबली, देवीलाल सांखला, प्रदीप कच्छवाह और छवरलाल कच्छवाह ने स्वागत किया। इस अवसर पर श्याम पंवार, अंबालाल परिहार, लक्ष्मण टांक, हरीश कच्छवाह और प्रकाश कच्छवाह सहित कई समाजबंधू मौजूद रहे।

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More profits at lower costs | कम लागत में अधिक मुनाफा: बाड़मेर जिले के कुंडा खान ने रेगिस्तान में मछली पालन का किया नवाचार, कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे – Gudamalani News

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किसान कुंडा खान के खेत में बने तालाब में उत्पादित मछलियां।

बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी जिले में जहां पानी की एक-एक बूंद कीमती है, वहां मछली पालन की कल्पना करना भी बेकार लगता है। लेकिन धोरीमन्ना पंचायत समिति के कोलियाना गांव के एक प्रगतिशील किसान कुंडा खान ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। कृषि विज्ञान केंद्

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कुंडा खान ने 2022 में मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने 12 हजार वर्ग फीट में दो तालाब बनाकर काम शुरू किया। शुरुआत में सही बीज और तकनीक की कमी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी और मत्स्य विभाग से संपर्क किया। वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उन्होंने 30 हजार पंगेशियस फिंगर लिंग्स डाले और महज 6 महीने में 20 टन मछली का उत्पादन कर 7.40 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया। आज कुंडा खान के पास 2.5 एकड़ क्षेत्र में 7 तालाब हैं और 10 अन्य युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं। कुंडा खां बताते है कि शुरूआत में काफी नुकसान हुआ था, लेकिन हार नहीं मानते हुए फिर से वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन किया तो सफलता मिली।

दिल्ली व पंजाब में सबसे ज्यादा मछलियों की डिमांड, वहां के व्यापारी सीधे कुंडा खां से ही खरीद रहे

कुंडा खान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास मछली खरीदने के लिए दिल्ली, गुजरात और पंजाब के व्यापारी सीधे बाड़मेर पहुंच रहे हैं। प्रजाति के अनुसार मछलियां 60 से 65 रुपए प्रति किलो के भाव से हाथों-हाथ बिक जाती हैं। वर्तमान में उनके पास 40 हजार मछलियां तैयार हो रही हैं, जिनकी बिक्री शुरू हो चुकी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि बाड़मेर जैसे शुष्क क्षेत्र में मछली पालन एक साहसिक कदम है। कुंडा खान ने साबित किया कि यदि सही तकनीक अपनाई जाए तो रेगिस्तान में भी नीली क्रांति संभव है।

तिलेपिया व ग्रास कार्प के चारे का खर्च कम

कुंडा खान के तालाबों में रोहू, कतला, तिलेपिया, पंगास और ग्रास कार्प जैसी मछलियों का उत्पादन हो रहा है। तिलेपिया और ग्रास कार्प प्रजाति की मछलियां घास खाती हैं, जिससे चारे का खर्च बहुत कम आता है। मछली के पाचन तंत्र से निकला अपशिष्ट बेहतरीन फर्टिलाइजर (खाद) का काम करता है, जिसका उपयोग अन्य फसलों की पैदावार बढ़ाने में किया जा रहा है। ये मछलियां मात्र 5 से 6 महीने में बिक्री के लिए तैयार हो जाती हैं।

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The First Roti for Cow campaign started in Gujarat, so far more than 1 lakh students from 100 schools have been connected. | फैशन एवं इंटीरियर डिजायनर प्रीति मालू की पहल: गुजरात से शुरू किया पहली रोटी गाय की अभियान, अब तक 100 स्कूलों से 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ा – Barmer News

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बच्चों को एक रोटी गाय की अभियान की सीख देती प्रीति।

सनातन संस्कृति में घर में पहली रोटी गाय के लिए बनाई जाने की परंपरा है, लेकिन अब यह परंपरा विलुप्त होती जा रही है। इस परंपरा को जिंदा रखने के लिए सियाणी गांव की प्रीति संजय मालू ने बीड़ा उठाया है। प्रीति सियाणी गांव की हैं और गुजरात के नवसारी शहर में

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कोरोना काल ने प्रीति के जीवन को एक नई दिशा दी। कोरोना के दौरान मुंबई जैसे महानगर में गायों की स्थिति ने उन्हें झकझोर दिया। इसी व्यथा को लेकर उन्होंने निश्चय किया कि इस परंपरा को न केवल स्वयं निभाएंगी बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी इससे जोड़ेंगी। इसी विचार से सितंबर 2023 में प्रीत फाउंडेशन का जन्म हुआ और पहली रोटी गाय की अभियान की शुरूआत हुई।

अभियान का शुभारंभ वर्ष 2023 में गुजरात के नवसारी जिले से किया। अभियान के शुरुआती दौर में गुजरात राज्य के पांच जिले नवसारी, वलसाड, सूरत, वापी और जूनागढ़ को चुना गया। प्रीत फाउंडेशन ने स्कूलों के बच्चों को जोड़ा ताकि बचपन से ही बच्चों के मन में गोमाता एवं सनातन संस्कृति के प्रति निष्ठा जगे।

गुजरात में पांच जिलों की स्कूलों को अभियान से जोड़ा, अब राजस्थान में शुरू

वर्तमान में गुजरात राज्य में 100 से अधिक स्कूलों में पहली रोटी गाय की अभियान सक्रिय है। स्कूलों के माध्यम से बच्चों को सप्ताह के सिर्फ एक दिन घर में बनी पहली रोटी गाय की लाने के लिए प्रेरित किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि आज इस अभियान से 1 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं। प्रीति मालू ने बताया कि बच्चों का सनातन वैदिक संस्कृति एवं गोमाता के प्रति बढ़ता लगाव ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

प्रीति को इसके लिए वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने सम्मानित किया। राजस्थान में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बाड़मेर जिले के सियाणी गांव में एक निजी और दो सरकारी स्कूलों में पहली रोटी गाय की अभियान की शुरूआत की गई। प्रीति मालू ने बताया कि पहली रोटी गाय की अभियान बाड़मेर जिले से लेकर राजस्थान राज्य के हर एक जिले में विस्तार दिया जाएगा।

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Banga Punjab Police Constable Shoots Brother-in-Law Dead Over Wedding Invite Snub | पंजाब पुलिस का हीरो कॉन्स्टेबल कैसे बना कातिल: शादी में न बुलाने से गुस्साया, बहन के घर जाकर जीजा की गोली मारकर हत्या की – Nawanshahr (Shaheed Bhagat Singh Nagar) News

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जीजा को गोलियां मारने वाले पुलिस मुलाजिम की बहन जानकारी देती हुई। इनसेट में जीजा गुरप्रीत (बाएं) और आरोपी कॉन्स्टेबल मनदीप (दाएं) की फाइल फोटो।

पंजाब के नवांशहर में शादी में न बुलाने पर पुलिस कॉन्स्टेबल इस कदर गुस्से में आया कि जीजा की गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसकी पत्नी ने रोकने की भी कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। उलटा पत्नी के साथ ही मारपीट कर दी।

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गुस्से में पहुंचे कॉन्स्टेबल के लिए जीजा के घर के दरवाजे नहीं खुले तो उसने बंद दरवाजे पर ही 2 फायर कर दिए। इसके बाद झाड़ियों में छुप गया। जैसे ही जीजा बाहर निकला तो गोलियां मार दीं।

एक महिला बचाने आई तो उसे भी नहीं बख्शा, उसकी टांग में भी गोली मार दी। अचानक हुई इस घटना की अब पूरी कहानी सामने आई है। जिसमें पता चला कि पुलिस कॉन्स्टेबल एक जज का गनमैन था। वारदात के बाद वह फरार है।

कभी एक बदमाश को पकड़ने के लिए कॉन्स्टेबल ने पैर में लगी गोली तक की परवाह नहीं की थी। वह पुलिस विभाग का हीरो बना लेकिन एक छोटी सी वजह से वह परिवार की नजरों में विलेन और पुलिस की नजरों में अपराधी बन गया।

पुलिस कॉन्स्टेबल के हाथों जीजा के कत्ल और इसकी वजह की पूरी कहानी पढ़िए…

घटना के बारे में जानकारी देता मृतक गुरप्रीत का भाई।

घटना के बारे में जानकारी देता मृतक गुरप्रीत का भाई।

जानिए, हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया

शाम को ड्यूटी से लौटा, घर पर भी झगड़ा किया: 9 जनवरी, शुक्रवार की रात नवांशहर के बंगा में पुलिस कॉन्स्टेबल मनदीप ड्यूटी से घर लौटने पर कुछ परेशान दिखा। पत्नी और पिता ने कारण पूछा तो बहस करने लगा। पत्नी को पीटने पर उतारू हो गया। इसके बाद पत्नी ने अपने बेटे के साथ खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। मनदीप काफी देर कर बड़बड़ाता रहा और इधर-उधर फोन लगाता रहा। इसके बाद वह रात 7 बजे के करीब घर से निकल गया।

कार से सर्विस रिवाल्वर लेकर बहन के घर पहुंचा: पिता पिता हुकम सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को घर में झगड़ा करने के बाद मनदीप ने गुस्से में बहन के घर फोन किए। बहन और जीजा के फोन न उठाने पर और तैश में आ गया और अपनी गाड़ी उठाकर चला गया। इस दौरान वह अपनी सर्विस रिवॉल्वर भी साथ लेकर चला गया।

बेटी को गुस्से की सूचना मिल गई: पिता हुकम सिंह ने कहा- मनदीप के इस तरह गुस्से में जाने की सूचना बेटी को लग मिल गई थी। इसके चलते ही जब वह बंगा की MC कॉलोनी में जीजा गुरप्रीत उर्फ गोपी (40) के घर पहुंचा तो उसकी बहन घर से बाहर नहीं निकली। हमने मनदीप को समझाया भी था कि शादी में नहीं बुलाना बड़ी बात नहीं है। इस तरह से गुस्सा होना ठीक नहीं है, लेकिन वह नहीं माना। हुकम सिंह के अनुसार मनदीप उनका बड़ा बेटा है। वह 2014 में भर्ती हुआ। उसका एक बेटा है जो दिव्यांग है।

मृतक की पत्नी जानकारी देते हुए।

मृतक की पत्नी जानकारी देते हुए।

अब जानिए, जीजा की हत्या कैसे की?

बहन ने गेट नहीं खोला, कार से टक्कर मारी: कॉन्स्टेबल मनदीप के घर से गुस्से में निकलने और साथ में सर्विस रिवॉल्वर होने की बात बहन को पता चल गई थी। जब मनदीप 9 जनवरी को रात साढ़े 11 बजे घर के बाहर पहुंचा तो उसने पहले दरवाजा खटखटाया, लेकिन बहन को उसके इरादे ठीक नहीं लगे। उसने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद मनदीप और तैश में आ गया। उसने अपनी कार स्टार्ट की और गेट में दे मारी।

गाड़ियां तोड़ीं, दरवाजे पर 2 फायर किए: मनदीप की इस हरकत के बाद भी बहन और जीजा बाहर नहीं आए। इससे गुस्साए मनदीप ने वहां शादी में आए कुछ और लोगों की गाड़ियां तोड़ दीं। फिर भी बहन और जीजा बाहर नहीं निकले। उन्होंने हालात को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। गुस्साए कॉन्स्टेबल मनदीप ने जीजा के घर के दरवाजे पर 2 फायर किए और फिर झाड़ियों में छिप गया।

15-20 मिनट बाद जीजा घर से बाहर निकला: गोलियों की आवाज आने पर आसपास के लोग घर के बाहर पहुंच गए। 15-20 मिनट बीत गए। बहन और जीजा को लगा कि शायद कॉन्स्टेबल वहां से चला गया। अब माहौल शांत है। इसी बीच उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने जल्दी पहुंचने के लिए उनसे लोकेशन मांगी थी। जीजा गुरप्रीत ने बाहर आकर लोकेशन और तोड़फोड़ के फोटो भेजने के लिए मोबाइल निकाला।

झाड़ियों से बाहर निकला, 4 गोलियां मारीं: जीजा को बाहर देखकर कॉन्स्टेबल अमनदीप झाड़ियों से एकदम बाहर आया। वह तेजी से जीजा गुरप्रीत के पास पहुंचा और 4 गोलियां मार दीं। मौके पर जीजा को बचाने के लिए एक महिला आगे आई जिसकी टांग के आर-पास गोली निकल गई। महिला को बंगा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोप गाड़ी लेकर भाग निकला।

जीजा का कातिल क्यों बना पुलिस कॉन्स्टेबल बंगा सिटी पुलिस ने बताया कि गुरप्रीत से कॉन्स्टेबल मनदीप की छोटी बहन मनजीत कौर की शादी हुई थी। वहां छोटी बहन के जेठ की शादी थी। छोटी बहन ने बड़ी बहन को शादी में बुला लिया, लेकिन भाई यानी कॉन्स्टेबल मनदीप को नहीं बुलाया। इससे वह नाराज हो गया। SHO सतनाम सिंह ने बताया कि शादी में न बुलाने को लेकर बहन मनजीत की भाई मनदीप से बहस भी हुई थी। मनदीप इस बात से भी नाराज था कि जब बड़ी बहन को बुलाया तो उसे क्यों नहीं बुलाया?। अगर नहीं बुलाना था तो फिर बहन को भी नहीं बुलाती।

बहन-जीजा ने कॉन्स्टेबल का फोन क्यों नहीं उठाया कत्ल के लिए निकलने से पहले मनदीप बार-बार बहन मनजीत और जीजा गुरप्रीत को फोन कर रहा था। मगर, उन्होंने कॉल नहीं उठाई। इसको लेकर बहन मनजीत ने बताया कि शादी समारोह के बाद वह घर में आकर लेटे थे। थके हुए थे तो नींद आने लगी थी। भाई की बार-बार मेरे मोबाइल पर रिंग आ रही थी। इस पर बच्चों ने कहा कि मामू का फोन आ रहा है।

मैंने कहा कि सभी सो जाओ। उसने पी रखी होगी, इसलिए अब फोन करने से हट नहीं रहा। मेरे फोन के बाद पति के फोन पर फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने भी नहीं उठाया। घर से पता चला कि वो हमारे पास आने के लिए निकला है। रात 11:30 बजे के करीब गेट पर जोरदार धमाका हुआ।

भाई की आवाज से उसे पता चला कि वह गुस्से में है। मैंने अपने साथ पूरे परिवार को घर की पहली मंजिल पर चलने के लिए कहा और दरवाजा नहीं खोला। मेरे पिता और पति ने अपने-अपने फोन से पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर बाद पुलिस कर्मियों का फोन आया। बाहर अब शांति थी। पति बेटे के साथ घर की लोकेशन बताने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकले तो भाई ने गोलियां चला दीं।

पुलिस विभाग ने बहादुरी के लिए दिया था प्रशंसा पत्र पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी फरार है और अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापे मार रही है। आरोपी मनदीप जज का गनमैन बताया जा रहा है। 15 जून 2022 को फिरौती की कॉल की सूचना पर सदर थाना बंगा ने कार्रवाई की थी। मनदीप ने तब फिरौती मांगने वाले को दबोचा लिया था, इस दौरान उसकी टांग में गोली लग गई थी। उसने फिर भी आरोपी को नहीं छोड़ा। उसके जज्बे को देखते हुए पुलिस विभाग ने उसे प्रशंसा पत्र दिया था।

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11 guilty including two DEOs and CBEO, recovery to be made | मिड-डे-मील घोटाला: दो डीईओ और सीबीईओ सहित 11 दोषी, 3.19 करोड़ की ब्याज ​सहित वसूली के आदेश, पेंशन रुकेगी – Deeg News

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डीग जिले के पहाड़ी ब्लॉक में मिड-डे-मील योजना में हुए 3 करोड़ 19 लाख 41 हजार 659 रुपए के घोटाले पर आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। दैनिक भास्कर द्वारा इस मामले को लगातार प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद अब जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों

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जांच कमेटी ने इस मामले में दो डीईओ, दो सीबीईओ सहित कुल 11 अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार योजनाओं के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं, नियमों की अनदेखी और कमजोर निगरानी के चलते यह बड़ा घोटाला सामने आया। दोषियों में डीईओ डीग, तत्कालीन डीईओ भरतपुर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, लेखाधिकारी, एमडीएम प्रभारी, सीबीईओ पहाड़ी और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं।

भास्कर ने पहले दिन से इस घोटाले को सिलसिलेवार तरीके से प्रकाशित किया था। खबरों में न सिर्फ अनियमितताओं को उजागर किया गया, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। इसके बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा और जांच पूरी होने के एक साल बाद अब कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है।

आयुक्तालय मिड-डे-मील योजना ने मामले को गंभीर मानते हुए संभागीय आयुक्त, भरतपुर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर विशेष वसूली दल गठित किया जाएगा। जांच में दोषी पाए गए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को वसूली दल में शामिल नहीं किया जाएगा।

अपात्र मदरसों और पोषाहार वितरकों पर भी शिकंजा कसेगा

नियमों के विरुद्ध लाभ लेने वाले अपात्र मदरसों पर कार्रवाई के लिए राजस्थान मदरसा बोर्ड, जयपुर को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं। पोषाहार वितरकों और संबंधित मदरसों से भी वसूली कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पहाड़ी में दर्ज एफआईआर संख्या 18/2025 में अब जांच रिपोर्ट के आधार पर और धाराएं जोड़ी जाएंगी। दोषियों और उनके परिवारजनों के बैंक खातों का विवरण भी एफआईआर में शामिल होगा। जिला पुलिस अधीक्षक को शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर गठित समिति पूरे मामले की निगरानी करेगी।

दोषियों के बैंक खाते फ्रीज होंगे डीग के पीडी खाते में होगी जमा

जिन बैंक खातों में सरकारी धन का अवैध ट्रांसफर पाया गया है, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया जाएगा। सभी खातों की बैंकिंग और ऑडिट ट्रेल प्राप्त कर अभिलेखबद्ध की जाएगी। अपात्र और व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर की गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली ब्याज सहित की जाएगी। वसूली गई राशि डीईओ (प्रारम्भिक) डीग के पीडी खाते में जमा होगी। योजनावार विवरण आयुक्तालय को भेजा जाएगा। कार्रवाई जीएफ एंड एआर नियम 170, नियम 14(3) और राजस्थान लोक मांग वसूली अधिनियम, 1952 के तहत होगी।

अधिकारियों पर तय हुई विभागीय कार्रवाई, ग्रेच्युटी से वसूली होगी

डीग डीईओ मनोज खुराना, रामेश्वर दयाल बंसल (तत्कालीन डीईओ भरतपुर), सुनील कुमार अग्रवाल व गोपाल सिंह कुन्तल अतिरिक्त डीईओ, हरमुख सिंह एएओ प्रथम, सुनील कुमार गोयल सेवानिवृत्त एमडीएम प्रभारी, दिवाकर शर्मा एमडीएम प्रभारी और भुवनेश बंसोरिया कनिष्ठ सहायक के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। ब्लॉक पहाड़ी में नीलकमल गुर्जर (सेवानिवृत्त सीबीईईओ), गीता शेखावत (कार्यवाहक सीबीईईओ) और विमल कुमार शर्मा (कनिष्ठ सहायक) पर भी कार्रवाई होगी। वहीं, सेवानिवृत्ति कार्मिकों के पेंशन और ग्रेच्युटी से वसूली के निर्देश दिए गए हैं।

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ISRO Anvesha satellite on PSLV-C62 rocket launch sriharikota live update | इसरो PSLV-C62 रॉकेट से अन्वेषा सैटेलाइट लॉन्च करेगा: ये 600km ऊंचाई से झाड़ी में छिपे दुश्मन की फोटो ले सकेगा; 2026 का पहला मिशन

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श्रीहरिकोटा6 मिनट पहले

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इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) आज सुबह 10.18 बजे श्रीहरिकोटा से PSLV-C62 रॉकेट से अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट अन्वेषा (EOS-N1) को लॉन्च करेगा। यह इस साल भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का पहला लॉन्च मिशन है।

अन्वेषा सैटेलाइट को भारत की ‘सुपर विजन’ वाली आंख कहा जा रहा है, जिसे DRDO ने बनाया है। इसकी तैनाती धरती से करीब 600 किलोमीटर ऊपर सन-सिंक्रोनस पोलर आर्बिट (SSO) में होगी। यानी पृथ्वी के चारों तरह की ऐसी ऑर्बिट, जहां से सूरज हमेशा एक ही एंगल पर रहता है।

ये अंतरिक्ष से धरती की बारीक से बारीक चीजों की तस्वीर खींच सकता है। फिर चाहे बॉर्डर पर झाड़ियों में छिपा कोई दुश्मन सेना का जवान हो या आर्मी टैंक के रास्ते में छिपी लैडमाइंस।

इसरो ने बताया कि घरेलू और विदेशी कस्टमर्स के लिए बनाए गए बाकी 14 को-पैसेंजर सैटेलाइट्स को भी 260 टन वजनी PSLV-C62 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा।

अन्वेषा सैटेलाइट HRS तकनीक पर काम करता है

अन्वेषा सैटेलाइट, ‘हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेंसिंग’ यानी HRS तकनीक पर काम करता है, जो रोशनी के ज्यादा स्पेक्ट्रम को डिटेक्ट करता है। यानी ये कुछ ही रंगों के बजाय रोशनी के सैकड़ों बारीक रंग पकड़ सकता है।

ये सैटेलाइट जो बारीक कलर डिटेक्ट करता है, उससे यह पता चल जाता है कि तस्वीर असल में किस चीज की है। यह एक ऐसे स्कैनर की तरह है, जो अलग-अलग तरह की मिट्टी, पौधे, इंसानी एक्टिविटी या किसी भी चीज को उसकी अलग चमक से पहचान सकता है।

डिफेंस सेक्टर के लिए फायदेमंद…

  • सैटेलाइट का इस्तेमाल जंगल, माइनिंग की निगरानी, ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को मापने जैसे कामों में होता है। असल में ये सेनाओं के लिए एक सीक्रेट वेपन की तरह काम करता है।
  • सेना का टैंक किसी इलाके से गुजर सकता है या नहीं, ये जानने के लिए HRS के जरिए उस इलाके की मिट्टी का टाइप डिटेक्ट किया जा सकता है। अगर कहीं रेगिस्तानी या चिपचिपी मिट्टी है, तो यह पहले से बता देगी।
  • अक्सर जंगली इलाकों में पेड़-पौधे के पीछे छिपना आसान होता है। किसी झाड़ी में दुश्मन सेना का कोई जवान या नदी के पानी के नीचे कोई हथियार छिपा है, तो HRS तकनीक इसका पता लगा सकती है।
  • 3D इमेज के जरिए जंग के दौरान HRS के डेटा और तस्वीरों का इस्तेमाल करके सिमुलेशन बनाए जा सकते हैं। सेना के लिए सही रूट्स, दुश्मन सेना का फॉर्मेशन समझा जा सकता है। सीमाई इलाकों में दुश्मन की मूवमेंट पर नजर रखी जा सकती है।

अब तक 6 देश HySIS सैटेलाइट लॉन्च कर चुके

भारत के अलावा अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान, इटली और पाकिस्तान भी हाइपरस्पेक्ट्रल लॉन्च कर चुके हैं। भारत ने इससे पहले 29 नवंबर 2018 को अपनी पहली हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च की थी।

HySIS नाम के इस सैटेलाइट का वजन 380 किलो था। हालांकि ये 55 स्पेक्ट्रल बैंड्स में रोशनी को डिटेक्ट कर सकता था। अन्वेषा, HySIS का अपग्रेडेड वर्जन है और इसकी हाइपरस्पेक्ट्रल क्षमता भी ज्यादा है।

ये PSLV की 64वीं उड़ान

PSLV अब तक 63 सफल उड़ानें पूरी कर चुका है। इसके जरिए चंद्रयान-1, मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) और आदित्य-L1 जैसे अहम मिशन लॉन्च किए जा चुके हैं।

PSLV का पिछला मिशन PSLV-C61 था, जिसमें 18 मई 2025 को EOS-09 सैटेलाइट लॉन्च किया गया था। हालांकि तीसरे स्टेज में आई तकनीकी समस्या के कारण वह मिशन पूरी तरह सफल नहीं हो सका।

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ये खबर भी पढ़ें…

इसरो ने 6100kg का अमेरिकी सैटेलाइट लॉन्च किया, भारत से भेजा गया यह सबसे भारी उपग्रह

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने बुधवार सुबह LVM3-M6 रॉकेट से अमेरिकी सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 लॉन्च किया। 6,100 किलोग्राम वजनी ब्लूबर्ड​​​​​​, भारत से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

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Cracking down on corruption; AI will monitor everything from pipe laying to connection. | जलदाय विभाग ने सरकार को भेजा प्रस्ताव: भ्रष्टाचार पर नकेल; पाइप डालने से लेकर कनेक्शन तक पूरी निगरानी एआई करेगा – Jaipur News

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पेयजल प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार पर एआई से लगाम लगेगी। विभाग पाइपलाइन डालने, टंकियां व ट्यूबवेल बनाने और कनेक्शन करने के कार्यों की निगरानी एआई से करेगा। जितना काम पूरा होगा उनता ही पेमेंट हो सकेगा। एमबी भरने का काम भी ऑनलाइन होगी। इसके लिए जलदाय विभाग

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2500 करोड़ के घोटाले के बाद सख्ती

जल जीवन मिशन (जेजेएम) के टेंडरों, फर्जी प्रमाण पत्र, एडवांस पेमेंट और पाइपलाइन व टंकियां बनाने में हुए 2500 करोड़ के घोटाले से सबक लेते हुए जलदाय विभाग ने अब भ्रष्टाचार रोकने के लिए आईटी सिस्टम पर काम करने का फैसला किया है। आईटी सिस्टम से अब फील्ड में डाली जा रही पाइपलाइन व ट्यूबवेल सहित अन्य कार्य की मॉनिटरिंग की जाएगी। जिससे प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग सीधे दफ्तर से होगी।

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Gurugram Delivery boy Faisal Idrisi murder case update | गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय के मर्डर में खुलासा: परिवार बोला- पत्नी के अवैध संबंध, मामा संग मिलकर गला घोंटकर नसें काटीं, झाड़ियों में फेंकी लाश – gurugram News

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फैसल और उजमा का निकाह फरवरी 2023 में हुआ था।-फाइल फोटो

हरियाणा के गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय फैसल इदरीसी की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। परिवार का आरोप है कि फैसल की पत्नी उजमा के शादी से पहले किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे। फैसल की लाश मिलने से पहले, उजमा और उसके मामा आफताब ने उसे पीटा था। फैसल न

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8 जनवरी को फैसल का शव सेक्टर 37 में शनि मंदिर के पास मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि फैसल का पहले गला घोंटा गया, उसके दोनों हाथों की नसें काटीं, इसके बाद उसके चेहरे पर ईंट से वार किया गया। उसके हाथ-पैर बांधकर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और मिट्टी और मलबे से ढक दिया गया। जब शव मिला तो उस पर कीड़े चल रहे थे।

सेक्टर 10 थाना पुलिस ने शादाब की शिकायत पर उजमा और उसके मामा आफताब के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

मृतक फैसल और उसकी पत्नी उजमा की फाइल फोटो। फैसल की मौत के बाद से उजमा फरार है।

मृतक फैसल और उसकी पत्नी उजमा की फाइल फोटो। फैसल की मौत के बाद से उजमा फरार है।

पहले जानिए कौन है फैसल और उजमा से कैसे शादी हुई….

  • परिवार कानपुर में रहता है: फैसल का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के मीरपुर रेल बाजार का रहने वाला है। फिलहाल वह गुरुग्राम के राजीव चौक पर अपनी पत्नी उजमा के साथ रहता था। फैसला के पिता फरीद मजदूरी करते हैं और मां चुन्नी गृहिणी हैं। फैसल इनका इकलौता बेटा था।
  • 2023 में उजमा से हुआ निकाह: फरवरी 2023 में फैसल और उजमा का निकाह हुआ। वे दोनों आपस में दूर की रिश्तेदारी में है। कानपुर में उनके घर की दूरी 500 मीटर है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ही उजमा परिवार से अलग होने के लिए फैसल से लड़ाई करने लगी। पहले ये कानपुर में किराए के मकान में रहे। इसके बाद दोनों गुरुग्राम आ गए। यहां फैसल डिलीवरी बॉय का काम करने लगा।
ये तस्वीर फैसल के निकाह से पहले की है। इसमें परिवार की महिलाएं भी खड़ी नजर आ रही हैं।

ये तस्वीर फैसल के निकाह से पहले की है। इसमें परिवार की महिलाएं भी खड़ी नजर आ रही हैं।

अब जानिए चचेरे भाई ने क्या आरोप लगाए….

  • उजमा ने घर नाम कराने का दबाव बनाया: फैसल के चचेरे भाई शादाब ने बताया कि उजमा का शादी से पहले ही अफेयर था। शादी महज एक बहाना थी, क्योंकि शादी के कुछ दिन बाद ही उनके अलग होने की बातें शुरू हो गई थीं। 2-3 महीने बाद ही उजमा ने घर को अपने नाम कराने का दबाव बना कर विवाद बढ़ाया। इसके बाद फैसल को अपनी ससुराल से अलग कर दिया।
  • 22 दिसंबर को फैसल को पीटा: शादाब ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 को फैसल ने फोन पर बताया कि उजमा और मामू आफताब ने उसे बुरी तरह पीटा। घर में बंद करके ताला लगा दिया। इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजनों ने जब उजमा और आफताब को कॉल किया तो वे गोल मोल जवाब देने लगे। 8 जनवरी को फैसल का शव मिला। पुलिस को उसकी जेब से एक पर्ची मिली थी, उस पर कानपुर का पता लिखा था।
  • अवैध संबंध और लालच में हत्या की: चचेरे भाई ने आगे कहा कि अवैध संबंध, संपत्ति का लालच और प्लानिंग से फैसल की हत्या के पीछे के कारण थे, लेकिन पुलिस दूसरे एंगलों से भी जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक उजमा से सख्ती से पूछताछ नहीं की है। हत्या का सही समय अभी तक पता नहीं चल पाया है, और यह भी स्पष्ट नहीं है कि फैसल की हत्या में इन दोनों के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति शामिल था या नहीं।
फैसल इदरीसी शादी के कुछ टाइम बाद ही गुरुग्राम आकर रहने लगा था।-फाइल फोटो

फैसल इदरीसी शादी के कुछ टाइम बाद ही गुरुग्राम आकर रहने लगा था।-फाइल फोटो

समाजसेवा का शौक, कोरोना में ऑक्सीजन सिलेंडर ढोए शादाब ने बताया कि फैसल न केवल एक मेहनती युवक था, बल्कि उसे समाज सेवा का भी गहरा शौक था। कोरोना महामारी के भयावह दौर में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे, तब फैसल ने दिन-रात एक करके कई मरीजों की मदद की। उसने अपने स्तर पर ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाए, उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया और कई जिंदगियां बचाईं। कानपुर के मीरपुर रेल बाजार में लोग उसकी नेकदिली की मिसाल देते हैं।

कोरोना में फैसल ने ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाकर मरीजों की मदद की थी। (फाइल)

कोरोना में फैसल ने ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाकर मरीजों की मदद की थी। (फाइल)

जांच अधिकारी बोले- पुलिस हर एंगल से जांच कर रही सेक्टर 10 थाने के जांच अधिकार संजय ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पत्नी उजमा और आफताब के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही दूसरे एंगल पर भी जांच की जा रही है। अभी किसी को भी दोषी ठहराना जल्दबाजी होगा। फैसल मर्डर की मिस्ट्री जल्द ही सुलझा ली जाएगी।

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FIR against 38 for allegedly using fake documents and dummies to become constables | एसओजी की जांच में खुलासा: फर्जी दस्तावेज और डमी बैठाकर सिपाही बने, 38 पर एफआईआर – Jaipur News

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पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार के बीच एक बार फिर एसओजी ने कांस्टेबल भर्ती 2018 व 2021 में फर्जी दस्तावेज और डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी पाने वाले 38 सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसओजी जांच में आरोपी सिपाहियों के खिलाफ पुख्ता सबूत म

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एसओजी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि कई सिपाहियों के हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ और कुछ के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को जल्द ही पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 में एक शिकायत के आधार पर पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने जालोर के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पिछले पांच साल की गई सभी कांस्टेबल भर्तियों की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद जालोर एसपी ने जांच कराई तो कुछ मामलों में फर्जी हस्ताक्षर के मामले आए। इसके बाद दोनों परीक्षाओं की जांच के लिए कमेटी बना दी गई। फॉरेंसिक जांच में 38 पुलिसकर्मियों के फोटो और हस्ताक्षर भर्ती के समय जमा दस्तावेजों से मेल नहीं खाए। इस पर समिति की रिपोर्ट एसओजी को भेजी गई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

2018 की भर्ती में 26 कांस्टेबल आरोपी

  • साल 2018 में हुई कांस्टेबल भर्ती में 26 सिपाहियों पर फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने के आरोप हैं। इनमें जैसाराम, दिनेश कुमार, अर्जुन कुमार, घेवरचंद, यशवंत सिंह, बदराम, गोपीलाल, हरीश कुमार, नरपत सिंह, नपाराम, सुरेश कुमार, चतराराम, भाणाराम, रमेश कुमार, सुशीला कुमारी, शांतिलाल, देवी सिंह, जितेंद्र कुमार, राकेश कुमार, मुकेश कुमार, डूंगराराम, रेवंतीरमन और खुशीराम शामिल हैं। इन सभी पर केस दर्ज कर लिया गया है।

2021 की भर्ती के 12 सिपाहियों पर केस

  • प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, धनवंती, प्रियंका, ललिता, निरमा, सपना शर्मा, संदीप कुमार, पंकज कुमार और सोहनलाल आरोपी बनाए गए हैं। गौरतलब है कि इसके अलावा साल 2023 की कांस्टेबल भर्ती में भी फर्जीवाड़ा सामने आया था। बारां पुलिस ने आरोपी हंसराज को गिरफ्तार किया था। हंसराज के खिलाफ 9 साल उम्र कम करने की शिकायत थी। जांच में इसे सही पाया गया था। हालांकि एसओजी जांच में उसे भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही पकड़ लिया गया था। सूत्रों का कहना है कि अभी जालोर में मामले का खुलासा हुआ है। दूसरे जिलों में भी जांच की जा रही है, यहां भी फर्जीवाड़े के मामले आ सकते हैं।

जांच में सभी के खिलाफ सबूत हैं, इन सभी पर कड़ी कार्रवाई करेंगे : एसओजी “जिला आंतरिक कमेटी की जांच में ये सभी पुलिसकर्मी संदिग्ध पाए गए हैं। इनके आवेदन पत्र, फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच में भिन्नता (मिसमैच) सामने आई है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है।” – विशाल बंसल, एडीजी एसओजी

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Cricketer Virat Kohli Lookalike boy Garvit Uttam | Panchkula boy Meets king Kohli | Haryana news | क्रिकेटर कोहली के बचपन का हमशक्ल पंचकूला में मिला: देखकर खुद चौंक गए विराट; बैट पर ऑटोग्राफ दिया, मुलाकात का VIDEO सामने आया – Panchkula News

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वड़ोदरा में विरोट कोहली के आगे चलता 8 साल का लड़का गर्वित उत्तम।

देश की एक विज्ञापन कंपनी ने एड बनाने के लिए स्टार क्रिकेटर विराट कोहली के बचपन का हमशक्ल ढूंढने का अभियान चलाया। इसमें हरियाणा में पंचकूला के रहने वाले गर्वित उत्तम परफेक्ट मैच निकले। गर्वित को परिवार सहित गुजरात के वड़ोदरा बुलाया गया और विराट कोहली स

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विराट कोहली खुद अपने नन्हे हमशक्ल को देखकर हैरान रह गए। हालांकि, बार में उन्होंने बच्चे के बैट पर ऑटो ग्राफ भी दिया। विराट के साथ गर्वित उत्तम की इस मुलाकात का वीडियो सामने आया है।

सोशल मीडिया यूजर वीडियो देखकर गर्वित को जूनियर चीकू बुला रहे हैं। विराट कोहली और गर्वित की फोटो को साथ में रखकर तुलना भी सोशल मीडिया पर चल रही है। गर्वित काफी हद तक बचपन के विराट कोहली से मिलते-जुलते दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, कंपनी ने किस प्रोडक्ट के लिए गर्वित का चयन किया है, यह पूरी तरह से सीक्रेट रखा गया है। बताया जा रहा है कि एड जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में रिलीज होगा। इस एड की शूटिंग से पहले बच्चे की मुलाकात विराट कोहली से करवाई गई।

पिता सुरेंद्र सिंह (दाएं) और कोच संजय शर्मा (बाएं) के साथ गर्वित उत्तम (बीच में)।

पिता सुरेंद्र सिंह (दाएं) और कोच संजय शर्मा (बाएं) के साथ गर्वित उत्तम (बीच में)।

4 पॉइंट्स में जानिए गर्वित की कहानी…

  • फार्मा कंपनी में पिता एग्जीक्यूटिव: हरियाणा के पंचकूला सेक्टर-11 में रहने वाले गर्वित उत्तम का परिवार मूल रूप से कुरूक्षेत्र का रहने वाला है। करीब 10 साल पहले परिवार पंचकूला में शिफ्ट हो गया था। गर्वित के पिता सुरेंद्र सिंह हिमाचल के बद्दी की फार्मा कंपनी में बतौर सीनियर एग्जीक्यूटिव जॉब करते हैं।
  • पंचकूला में बैटिंग प्रैक्टिस करते हैं गर्वित: 8 साल के गर्वित उत्तम पंचकूला शहर के सेक्टर-11 की CL चैंप क्रिकेट अकादमी में नियमित रूप से क्रिकेट की प्रैक्टिस करने आते हैं। कोच संजय शर्मा गर्वित को 2 साल से और उनके बड़े भाई मयंक उत्तम को 5 साल से क्रिकेट की बारीकियां सिखा रहे हैं। गर्वित वर्तमान में तीसरी कक्षा के छात्र हैं।
  • कोच के पास आया फोन: कोच संजय शर्मा के पास कॉल आया था कि विराट कोहली जैसा दिखने वाला बच्चा एड के लिए चाहिए। कोच संजय शर्मा अक्सर कहते थे कि गर्वित तो बिल्कुल विराट कोहली जैसा दिखता है। उन्होंने गर्वित का फोटो भेजा ताे तुरंत कंपनी की ओर से ओके आ गया।
  • वड़ोदरा में कोहली से गर्वित की मुलाकात: इसके बाद विराट कोहली से मुलाकात के लिए गर्वित को वड़ोदरा बुलाया गया था। गर्वित अपने पिता के साथ वहां पहुंचे। गर्वित की मुलाकात हुई तो कोहली उन्हें देखकर बड़े खुश नजर आए। कोहली ने बच्चे के बैट पर उसे ऑटोग्राफ भी दिया।
गर्वित के बैट पर ऑटोग्राफ देते विराट कोहली।

गर्वित के बैट पर ऑटोग्राफ देते विराट कोहली।

गर्वित के साथ प्रैक्टिस ग्राउंड का वीडियो वायरल

गुजरात के वड़ोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज का पहला वनडे खेलने भारतीय क्रिकेट टीम पहुंची। टीम के अभ्यास सत्रों और अन्य कार्यक्रमों के बीच विराट कोहली और उनके नन्हे प्रशंसकों का एक वीडियो सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा।

इसमें विराट कोहली हैं और गर्वित समेत कई छोटे बच्चे उनसे ऑटोग्राफ लेने के लिए आगे बढ़ते दिख रहे हैं। आमतौर पर सार्वजनिक बातचीत से दूरी बनाए रखने वाले विराट कोहली इस बार बच्चों को देखकर मुस्कुराते नजर आए और उन्होंने न सिर्फ बच्चों का अभिवादन किया, बल्कि उन्हें ऑटोग्राफ भी दिए।

वड़ोदरा में विराट कोहली से मुलाकात के दौरान गर्वित उत्तम।

वड़ोदरा में विराट कोहली से मुलाकात के दौरान गर्वित उत्तम।

सोशल मीडिया पर मिनी विराट का ट्रेंड वीडियो के दौरान गर्वित सबका ध्यान खींच ले गए, जो टीम इंडिया की जर्सी पहनकर हाथ में छोटा सा बैट लिए विराट कोहली के पास पहुंचे और उनसे उस पर ऑटोग्राफ मांगा। खास बात यह रही कि गर्वित की शक्ल काफी हद तक बचपन के विराट कोहली से मिलती-जुलती नजर आई। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी बच्चे को “मिनी विराट” कहना शुरू कर दिया।

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