SOG arrested the director from Tamil Nadu | एसओजी ने तमिलनाडु से डायरेक्टर को गिरफ्तार किया: 1 कमरे में चल रही थी संस्था; नौसेना और अन्य भर्तियों के लिए बांटे लाखों फर्जी डिग्री-डिप्लोमा – Jaipur News

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जयपुर भारतीय नौसेना और अन्य संस्थानों में फायर टेक्नीशियन पदों के लिए पुरानी तारीखों में फर्जी डिग्री डिप्लोमा बांटने वाले भारत सेवक समाज संस्था के निदेशक को बुधवार को एसओजी ने चेनई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बिना वैध प्रशिक्षण फायर टेक्नीशियन, ऑप

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सूत्रों के मुताबिक, सालाना फर्जी डिग्रियों बेचकर 500 करोड़ रु. की कमाई कर रहा था। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि मंगलवार को नौसेना फायरमैन की परीक्षा थी। इसी दौरान एसओजी को सूचना मिली कि परीक्षा में भारत समान संस्था से फर्जी डिग्री लेकर कई अभ्यर्थी बैठे हैं। इसके बाद दो टीमों ने चेत्रई में छापेमारी की और आरोपी एसएजी मोएसन को गिरफ्तार कर लिया।

मार्कशीट और आधार से 2-3 दिन में सर्टिफिकेट बना देते थे

अभ्यर्थियों से केवल 12वीं की अंकतालिका और आधार कार्ड लेकर महज 2 से 3 दिन में सवा लाख रुपए में डिप्लोमा-डिग्री और फर्जी अंकतालिकाएं उपलब्ध करा दी जाती थीं। अध्यर्थी को किसी प्रकार का प्रशिक्षण या कोर्स नहीं करवाया जाता था। उसे घर बैठे फर्जी डिग्री मिल जाती थी। इस प्रकार गत 30 वर्ष में महत्वपूर्ण संस्थानों में भारत सेवक समाज संस्था की फर्जी डिग्रियों से नौकरियां लगी हैं।

संस्था को योजना आयोग की मान्यता का दावा झूठा निकला

एसओजी का कहना है कि संस्था ने खुद को ‘योजना आयोग भारत सरकार’ से स्किल डेवलपमेंट कोर्स संचालित करने के लिए अधिकृत बताया है। जांच में स्पष्ट हुआ कि संस्था के पास न तो कोर्स संचालित करने, न प्रशिक्षण देने और न ही डिप्लोमा/प्रमाण-पत्र जारी करने का कोई वैधानिक अधिकार था।

स्किल डेवलपमेंट संस्थानों और 10 हजार कॉलेजों को मान्यता

एक कमरे में ऑफिस बनाकर देशभर के 10 हजार कॉलेज व स्किल डेवलपमेंट संस्थानों को जोड़ा था। एसओजी डीआईजी परिस देखमुख ने बताया कि भारत सेवक समाज का कोई प्रशिक्षण संस्थान नहीं है। इसके लिए प्रति कॉलेज 70 हजार से 1 लाख रुपए वसूले गए। प्रति अभ्यर्थी करीब 2 हजार रुपए संस्था को दिए जाते थे।

करौली के एएस फायर इंस्टीट्यूट ने फर्जी दस्तावेज बेचे थे

जांच में आया कि भारत सेवक समाज संस्था ने करौली के तुंगला स्थित एएस फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर पुरानी तारीखों में दस्तावेज जारी कराकर बेचे थे। एसओजी संस्था के पदाधिकारियों की जांच कर रही है।

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