इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा शनिवार को 16 पर पहुंच गया। 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। अलग-अलग हॉस्पिटल के ICU में भर्ती लोगों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है। शनिवार शाम 6 बजे के बाद ऐसे 12 मरीज बॉम्बे हॉस्पिटल क
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उधर, कोलकाता से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी की टीम इंदौर पहुंची है। यह टीम भागीरथपुरा से सीधे पानी के सैंपल लेकर बैक्टीरिया की गहराई से जांच करेगी, ताकि संक्रमण के स्रोत और फैलाव की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की डायरेक्टर सलोनी सिडाना भी शनिवार को इंदौर पहुंचीं। उन्होंने अलग-अलग अस्पतालों में जाकर मरीजों का हाल जाना। कहा- हमने 15 डॉक्टर्स अन्य जिलों से इंदौर में बुलाए हैं। दवाइयां और रेपिड टेस्ट किट भी मंगाई हैं।
कांग्रेस-BJP कार्यकर्ता भिड़े, पूर्व मंत्री-विधायक को हिरासत में लिया शनिवार को कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति भागीरथपुरा के लोगों से मिलने पहुंची थी। यहां बीजेपी कार्यकर्ता सामने आ गए। उन्होंने ‘बाहरी लोग वापस जाओ’ के नारे लगाए तो कांग्रेसी ‘घंटा पार्टी मुर्दाबाद’ के नारे लगाने लगे। इसी दौरान किसी ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ चप्पल भी फेंकी।
आखिरकार, पुलिस ने मोर्चा संभाला। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को हिरासत में लिया। गाड़ी में बैठाकर उन्हें भागीरथपुरा से बाहर ले गए।
तस्वीरों में देखिए, भागीरथपुरा में शनिवार को क्या-क्या हुआ…
कांग्रेस जांच समिति शनिवार को भागीरथपुरा पहुंची तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोक लिया।
आपसी धक्कामुक्की के दौरान किसी ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ चप्पल फेंकी।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विधायक महेश परमार को पुलिस जबरदस्ती बाहर ले गई।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी और पुलिस के बीच बहस हुई।
भोपाल एम्स की टीम लीकेज वाली जगह का निरीक्षण करने भागीरथपुरा पहुंची।
कलेक्टर शिवम वर्मा निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ फील्ड पर निकले।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने भागीरथपुरा में टैंकर का पानी खुद पीकर देखा।
भागीरथपुरा इलाके में नई पाइपलाइन के लिए खुदाई का काम चल रहा है।
11 जनवरी से प्रदेशस्तरीय आंदोलन करेगी कांग्रेस कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- अगर 11 जनवरी के पहले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा और मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारी, महापौर पर एफआईआर नहीं होती है तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में धरना देगी।
पटवारी ने शनिवार को नर्मदापुरम में मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार ने एक जान के बदले 2 लाख का मुआवजा दिया, चार अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया..ये जनता के साथ धोखा है। प्रदेश की एक पंचायत में सरकारी अधिकारी मात्र दो घंटे में डेढ़ लाख के ड्रायफ्रूट्स खा गए और यहां एक जान की कीमत मात्र 2 लाख रुपए। मुख्यमंत्री ये किस तरीके का मध्य प्रदेश बना रहे हैं?
पटवारी ने कहा- इससे पहले 26 बच्चों की मौत दवा पीने से हुई। अस्पताल में चूहों ने नोंचकर बच्चों को मार डाला, किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। मंत्रियों को अपनी जवाबदारी लेनी पड़ेगी। कैलाश विजयवर्गीय को इस्तीफा देना पड़ेगा।
जीतू पटवारी ने कहा- इंदौर मामले में मंत्रियों को अपनी जवाबदारी लेनी पड़ेगी।
जल संसाधन मंत्री ने ली महापौर-निगम अफसरों की बैठक इंदौर में गंदे पानी की समस्या को लेकर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम के अफसरों के साथ बैठक की। इसमें शहर के अलग-अलग इलाकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन किया गया।
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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 16 मौतों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। दैनिक भास्कर ने जब इस इलाके के विधायक और प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि चूक कहां हुई? तो उन्होंने कहा इस त्रासदी के लिए 200 फीसदी अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने माना कि ये सिस्टम की नाकामी है, जिसकी जवाबदेही सरकार की है। पढ़ें पूरी खबर…