Assam Kerala Election 2026 Schedule; BJP Congress – West Bengal | Bangladesh Nepal Israel | 5 राज्यों में चुनाव, 3 में BJP कभी नहीं जीती: इस साल देश की 17% आबादी चुनेगी नई सरकारें; दुनिया के 36 देशों में भी इलेक्शन


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नई दिल्ली20 मिनट पहले

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इस साल देश के 5 राज्यों में चुनाव होने हैं, जहां देश की 17% आबादी अपने लिए नई सरकार चुनेगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में BJP कभी चुनाव नहीं जीत पाई है। वहीं, असम में तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।

बांग्लादेश, नेपाल समेत दुनिया के 36 देशों में भी आम चुनाव होने हैं। 2 साल से भी ज्यादा वक्त से फिलिस्तीन-गाजा जंग में फंसे इजराइली पीएम नेतन्याहू की किस्मत भी इस साल तय होगी।

पश्चिम बंगाल: ममता चौथी बार सीएम बनीं तो रिकॉर्ड बनाएंगी

14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार रिकॉर्ड चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। इससे पहले जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। लेकिन वे 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।

असम: भाजपा के खिलाफ कांग्रेस का 8 पार्टियों से गठबंधन

असम में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं।

तमिलनाडु: 60 साल से कांग्रेस-भाजपा सरकार में नहीं

तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पिछले 60 साल से BJP या कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। BJP जयललिता की पार्टी AIADMK से गठबंधन कर सकती है। इधर सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी मैदान में हैं।

केरल: इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में

केरल देश का इकलौता राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी।

वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता।

पुडुचेरी: देश की सबसे कम सीटों वाली विधानसभा

2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगासामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है।

दुनिया के 36 से ज्यादा देशों में चुनाव

साल 2026 में दुनिया के 36 से ज्यादा देशों में आम चुनाव होने हैं। इनमें बांग्लादेश, नेपाल, इजराइल, जैसे देश प्रमुख हैं।

बांग्लादेश: 35 साल बाद नया PM मिलेगा शेख हसीना की तख्तापलट के बाद देश में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। शेख हसीना भारत भागकर आ गई हैं और उनकी पार्टी अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया गया।

विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की लीडर खालिदा जिया का निधन हो गया है। उनकी पार्टी BNP के चुनाव जीतने की संभावना सबसे ज्यादा है।

माना जा रहा है कि खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान देश के अगले PM बनेंगे। अगर ऐसा होता है तो देश को 35 साल बाद नया पीएम मिलेगा। 1990 के बाद से शेख हसीना और खालिदा जिया ही प्रधानमंत्री बनती रही हैं।

नेपाल: जेन-जी आंदोलन के बाद यह पहला चुनाव

नेपाल में 5 मार्च को वोटिंग होगी। जेन-जी आंदोलन के तख्तापलट के बाद यह पहला चुनाव होगा। आंदोलन के बाद देश में 10 कम्युनिस्ट पार्टियों ने एकजुट होकर नई नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी का गठन किया है। इस बार ये चुनाव जीतने के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं।

इजराइल: गाजा जंग रुकने के बाद पहला चुनाव

गाजा में फिलिस्तीन और इजराइल जंग के बाद यह पहला आम चुनाव होगा। पिछले कई चुनावों से कोई भी पार्टी अकेले बहुमत नहीं ला पा रही। इस बार भी गठबंधन सरकार बनना लगभग तय माना जा रहा है। बेंजामिन नेतन्याहू इजराइल के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले प्रधानमंत्री हैं।

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कॉमर्शियल सिलेंडर अब ₹111 महंगा: कारों के दाम भी बढ़े, CNG और PNG ₹2 सस्ती हुई, जनवरी में होने वाले 6 बदलाव

1 जनवरी 2026 से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 111 रुपए बढ़ गए हैं। वहीं कार खरीदने के लिए भी आपको ज्यादा कीमत चुकानी होगी। केंद्र सरकार ने 8वां वेतन आयोग लागू करने का भी ऐलान किया है। अभी टाइमलाइन नहीं बताई गई है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि यह जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

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In Jodhpur, a young man’s hands and legs were broken and his nose was cut off. | जोधपुर में युवक की हाथ-पांव तोड़कर काटी नाक: युवती को भगाकर ले गया था, पोक्सो एक्ट को भी है आरोपी – Jodhpur News


जोधपुर के लूणी थाना इलाके में युवती को भगा ले जाने के आरोपी युवक पर शुक्रवार को लोगों ने हमला कर धारदार हथियार से नाक काट दी। साथ ही मारपीट कर वाहन में तोड़-फोड़ कर दी। इसके बाद हमलावर भाग गए। लहूलुहान हालत में युवक को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्त

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सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) आनंदसिंह राजपुरोहित ने बताया कि दिनेश बिश्नोई आठ दिन पूर्व पड़ोसी गांव की एक युवती को भगाकर ले गया था। पुलिस व ग्रामीणों के दबाव पर उसने गुरुवार को युवती को छोड़ दिया। शुक्रवार दोपहर दिनेश एसयूवी से गांव पहुंचा। जहां लोगों ने उस पर हमला कर दिया। इससे उसके हाथ व पांव में फ्रैक्चर हो गए। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने धारदार हथियार से उसकी नाक भी काट दी। उसके खून बहने लगा।

लोगों ने आरोपी की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।

लोगों ने आरोपी की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।

एनडीपीएस एक्ट व पोक्सो में वांटेड है घायल

थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि घायल दिनेश के खिलाफ 26 दिसंबर को युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के दबाव के बाद युवती गुरुवार शाम थाने पहुंच गई थी। इससे पहले दिनेश को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया गया था। पैरोल पर छूटने के बाद वह फरार हो गया था। वह पोक्सो एक्ट में भी आरोपी है और जमानत पर छूटने के बाद कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था।



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Snowfall Weather Photos Update; Rajasthan Mumbai Rainfall | MP UP Kanpur Cold Wave Alert – Kashmir Snowfall | कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी: UP के 30 जिलों में घना कोहरा; बिहार के समस्तीपुर में 27 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा 3.8°


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नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ17 मिनट पहले

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नए साल से मौसम का मिजाज बदल गया है। जहां दिसंबर में पहाड़ों में बर्फबारी नहीं हुई थी, वहीं अब हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाके पूरी तरह से बर्फ की चादर ओढ़ चुके हैं।

उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को जमकर बर्फबारी हुई, पूरा मंदिर सफेद चादर में ढका हुआ नजर आया। हिमाचल के मनाली में भी ताजा बर्फबारी हुई है। पहाड़, सड़कें, पेड़ और घरों की छतें बर्फ से ढकी नजर आ रही हैं।

जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग ने बर्फबारी जारी है। गुलमर्ग माइनस 7 डिग्री के साथ सबसे ठंडा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर, गोरखपुर, झांसी समेत 30 जिलों में शुक्रवार को घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य से 10 मीटर तक रही।

इधर बिहार के समस्तीपुर में ठंड ने पिछले 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री पहुंच गया है। जो सामान्य से 5.9 डिग्री कम है।

कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी के बाद जोजिला पास से बर्फ हटाई गई।

कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी के बाद जोजिला पास से बर्फ हटाई गई।

उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार शाम को जमकर बर्फबारी हुई।

उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार शाम को जमकर बर्फबारी हुई।

हिमाचल के मनाली में भी ताजा बर्फबारी हुई है। पहाड़, सड़कें, पेड़ और घरों की छतें बर्फ से ढकी नजर आ रही हैं।

हिमाचल के मनाली में भी ताजा बर्फबारी हुई है। पहाड़, सड़कें, पेड़ और घरों की छतें बर्फ से ढकी नजर आ रही हैं।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल…

4 जनवरी: मैदानी राज्यों में घना कोहरा

  • पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत 15 राज्यों में कोहरे का अलर्ट।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने के संकेत।
  • पहाड़ी राज्यों के निचले इलाकों में हल्की बारिश, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
  • बारिश, बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण कई इलाकों में सर्दी और शीतलहर का असर बढ़ सकता है।

5 जनवरी: पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी

  • पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ में घने कोहरे का अलर्ट।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले इलाकों में बारिश हो सकती है।
  • पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के आसार, जिससे सर्दी और बढ़ेगी।



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Jai Narayan Vyas University case | जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय का मामला: 16 यूनिवर्सिटी में 6 माह से कर्मचारियों को वेतन-पेंशन नहीं, एक ने 80 करोड़ का लोन लिया, 2 जमीन बेचकर सैलरी देंगी – Kota News



जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जोधपुर) के वीसी प्रो. पीके शर्मा से एक सप्ताह पहले पेंशन नहीं देने के कारण पेंशनर्स ने धक्का-मुक्की कर दी। वीसी गिर गए और हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया। इस घटना के बाद भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि यूनिवर्सिटी की आर्

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पेंशन-वेतन के लिए 80 करोड़ का लोन लिया गया है। सिर्फ यही नहीं, प्रदेश की अन्य 16 यूनिवर्सिटी भी आर्थिक संकट में हैं। बीकानेर की कृषि यूनिवर्सिटी लोन ले रही है। उदयपुर की दो यूनिवर्सिटी जमीन बेचने की तैयारी में हैं। 3 यूनिवर्सिटी 6-6 महीने से पेंशन और वेतन नहीं दे पा रही हैं। एक दर्जन यूनिवर्सिटी के पास दैनिक जरूरतों के खर्च के लिए भी पैसा नहीं है।

5 कृषि यूनिवर्सिटी—कोटा, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, जोबनेर (जयपुर) और एमपीयूएटी उदयपुर—ने सरकार से पैसा मांगा है। 5 कुलगुरुओं ने सीएस की मीटिंग में साफ कहा कि सहायता नहीं मिली तो यूनिवर्सिटी में ताले लग जाएंगे।

राजस्थान विवि में सिर्फ 6 माह की पेंशन का फंड

  • जयनारायण व्यास विवि, जोधपुर: वेतन और पेंशन नहीं मिल रही। रोजमर्रा के खर्च चलाना भारी पड़ रहा है। फिलहाल 80 करोड़ का लोन लिया। पहले 30 करोड़, फिर मार्च में 10% ब्याज पर 50 करोड़ का टर्म लोन लिया।
  • महाराणा प्रताप विवि, उदयपुर: 1400 रिटायर कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रही है। फीस, शोध, निर्माण, अलाउंस सहित अन्य खर्च के लिए परेशानी है। कृषि भूमि बेचने की तैयारी है।
  • मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी, उदयपुर: रिटायर कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रही है। जरूरत के खर्चों के लिए तंगी है। लेबोरेट्री, बिजली, किराया, कार्यक्रमों के आयोजन में दिक्कत हो रही है। ऐसे में जमीन बेचने की तैयारी की जा रही है।
  • राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर: बजट 300 करोड़ है। 150 करोड़ रुपए पेंशन पर ही खर्च होते हैं। कमाई नहीं है। केवल 6 माह ही पेंशन देने का फंड है। नए उपकरण और पुस्तकें नहीं खरीद पा रहे हैं। शोध भी ना के बराबर है।
  • आरटीयू, कोटा: आरटीयू में 300 करोड़ रुपए बचत है। कर्मचारियों को इसमें से ही वेतन दे रहे हैं। 125 कर्मचारियों को रिटायरमेंट का पैसा 2 साल से नहीं मिला है।
  • स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर: प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पा रहे हैं। पूर्व कर्मचारियों को करीब 22 माह से पेंशन नहीं मिल रही है। कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। यहां भी लोन लेने के लिए आवेदन किया गया है।

भास्कर एक्सपर्ट

सरकार एसटी, एससी, ओबीसी और महिलाओं की फीस में छूट दिलवाती है। कमाई भी जमा लेती है। अधिक खर्च पेंशन-वेतन का है। सारी नियुक्तियां सरकार करती है तो फिर वेतन भी दे। मदद नहीं मिलने पर आगे चलना मुश्किल है।

बीके शर्मा, पूर्व महासचिव, विवि शिक्षक संघ

“सीएस से सारे कुलगुरु पीड़ा बता चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है।”

-प्रो. बीपी सारस्वत, वीसी, कोटा विवि

“खर्चे अधिक हैं। कॉलेजों में नामांकन कम है। इससे दिक्कत हुई है।”

-प्रो. निमित चौधरी, वीसी, आरटीयू



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15 deaths due to toxic water in Indore; two officers removed | इंदौर में जहरीला पानी-निगम कमिश्नर को हटाया: 15 मौतों के बाद एडिशनल कमिश्नर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड; 3 नए अपर आयुक्त नियुक्त – Indore News


मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है कि इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं।

इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया।

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यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर भेजा गया है। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए अधिकारी नियुक्त किए गए। खरगोन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, आलीराजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को निगम में अपर आयुक्त बनाया गया।

शुक्रवार को ही सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है कि इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं। सरकार की यह रिपोर्ट तब आई है, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

इससे पहले 1 जनवरी को हाईकोर्ट ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा था। सरकार ने 5 दिन बाद 4 मौतों की बात स्वीकारी। 39 पेज की स्टेट्स रिपोर्ट में बताया कि सभी मृतकों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। इनमें उर्मिला की मौत 28 दिसंबर, तारा (60) और नंदा (70) की 30 दिसंबर और हीरालाल ( 65) की 31 दिसंबर को हुई।

जांच रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने गुरुवार को बताया था कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट मिल गई है। इसमें बताया गया है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पानी में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी भी मिला है, लेकिन सरकारी तंत्र इसे अब भी प्रारंभिक रिपोर्ट कहकर टाल रहा है। नगर निगम ने भी खुद की लैब में करीब 80 सैंपल्स भेजे थे। जांच रिपोर्ट में इन सैंपल्स को असंतोषजनक बताया गया है। भागीरथपुरा से लिए गए सैंपल वाला पानी, पीने और अन्य घरेलू उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं था। हालांकि, दोनों रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

तब अपशपब्द कहे थे, अब सिर झुकाकर निकले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार शाम भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां करीब 10 मिनट रुके। जोनल इंचार्ज डॉ. रुपाली जोशी से मरीजों की स्थिति पर चर्चा की। इलाके में पानी सप्लाई को लेकर भी बात की।

बाहर निकले तो कार तक पहुंचने में 5 मिनट लगे। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने पूरे रास्ते 50 से ज्यादा सवाल दागे लेकिन उन्होंने कोई रिएक्शन नहीं दिया। सिर्फ एक बार कहा- कल अधिकृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सब बताएंगे।

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इंदौर में जहरीला पानी…लोगों ने ‘मुर्दे का पानी’ भी पीया

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग बीमार हो गए। इंदौर के लोग इसी तरह की त्रासदी 30 साल पहले भी देख चुके हैं, जब एक बड़ी आबादी ने मुर्दे का पानी पीया था। इस पानी को पीकर बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े थे। पढे़ं पूरी खबर…



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Punjab and Sikkim to clash in the capital today | राजधानी में पंजाब और सिक्किम का मुकाबला आज: रोहित SMS में खेले तो 20 हजार दर्शक पहुंचे, गिल जयपुरिया में खेलेंगे, एंट्री नहीं – Jaipur News



पिंकसिटी में क्रिकेट के दो चरम नजर आएंगे। रोहित शर्मा मुंबई की ओर से खेले थे तो लगभग 20 हजार क्रिकेटप्रेमी सवाई मानसिंह स्टेडियम में उन्हें देखने पहुंच गए थे। शनिवार को जयपुर में ही युवा दिलों की धड़कन शुभमन गिल भी खेलेंगे लेकिन बंद दरवाजे में क्योंक

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अहमदाबाद में राजस्थान-तमिलनाडु मैच

यशस्वी बाउंसरों से घिरे रहे; सभी टीमों ने आरसीए एकेडमी पर प्रैक्टिस की। मुंबई टीम से यशस्वी जायसवाल भी पहुंचे। 20-25 मिनट नॉकिंग करके चले गए। उनकी प्रैक्टिस देखने के लिए एकेडमी पर एक भी क्रिकेटप्रेमी नहीं था, फिर भी यशस्वी को 8-10 बाउंसरों ने घेर रखा था। मुंबई को शनिवार को एसएमएस स्टेडियम में महाराष्ट्र के खिलाफ खेलना है।

एसएमएस : मुंबई बनाम महाराष्ट्र। जयपुरिया: पंजाब बनाम सिक्किम। अनंतम : छत्तीसगढ़ बनाम हिमाचल। केएल सैनी : गोवा बनाम उत्तराखंड।

अहमदाबाद में राजस्थान और तमिलनाडु के बीच मैच खेला जाएगा। राजस्थान को पहली जीत की तलाश है, अब तक 4 मैच हार चुकी है राजस्थान। इतना ही नहीं राजस्थान की टीम नॉकआउट की दौड़ से भी बाहर हो चुकी है।



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BMC Elections 2026 – Having a local candidate doesn’t matter | BMC चुनाव 2026- पार्टी नहीं पार्षद का काम बड़ा फैक्टर: सर्वे में 50% महिलाओं का समर्थन BJP-शिवसेना को; ठाकरे ब्रदर्स को एकतरफा मराठी वोट नहीं


मुंबई3 मिनट पहले

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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में वोटर्स के लिए पार्षद के चेहरे, पार्टी, जाति-धर्म से ज्यादा उनके काम के आधार पर वोट डालेंगे। 40%-54% तक लोगों ने अपनी राय में पार्षद के काम को ही सबसे बड़ा फैक्टर बताया है।

इधर विधानसभा चुनाव के ट्रेंड पर ही BMC चुनावों में भी महिलाओं का 50% समर्थन BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को मिल सकता है। वहीं, मराठी मानुस का शिवसेना (UBT)-MNS को 44% और BJP-शिवसेना (शिंदे) को 42% समर्थन दिख रहा है। यानी मराठी वोट भी एकतरफा ठाकरे ब्रदर्स के साथ नहीं है।

उधर मुस्लिम वोटर INC+ के साथ सबसे ज्यादा 41% नजर आ रहे हैं। गुजराती, उत्तर और दक्षिण भारतीय समुदाय में BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को 53% समर्थन मिल सकता है। हालांकि, अभी भी 60 प्रतिशत लोगों ने वोट करने का मन नहीं बनाया है।

ये सभी आंकड़े Ascendia Strategies LLP की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे को 17 से 24 दिसंबर 2025 के बीच किया गया। जिसमें अलग-अलग उम्र वर्ग और सामाजिक समूहों के 1000 से ज्यादा लोगों से राय ली गई।

50% लोगों ने पार्षद से संपर्क नहीं किया

सर्वे में चौंकाने वाली बात यह रही कि लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने कभी अपने पार्षद से कोई शिकायत या काम के लिए संपर्क ही नहीं किया। युवाओं में संपर्क करने की कोशिश ज्यादा दिखी, लेकिन 46–60 साल के लोग सबसे कम संपर्क करने वाले निकले।

पार्टी नहीं काम पर वोट

सर्वे के अनुसार, बीएमसी चुनाव में सबसे बड़ा फैक्टर पार्षद का काम होगा। 36–45 साल के 54% लोगों ने इसे सबसे अहम बताया। इसके बाद मुद्दे और विकास आते हैं। पार्टी का चुनाव चिन्ह या मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री का चेहरा ज्यादातर वोटरों के लिए कम अहम है।

युवा अपने पार्षद से सबसे ज्यादा नाराज

पार्षद के कामकाज की बात करें तो 46–60 साल का वर्ग सबसे ज्यादा संतुष्ट है, जबकि युवा वर्ग में नाराजगी ज्यादा दिखी। 18–25 साल के 13% युवाओं ने अपने कॉरपोरेटर से “बहुत असंतुष्ट” होने की बात कही।

आधे से ज्यादा लोगों ने अभी वोट करने का मन नहीं बनाया

2024 के विधानसभा चुनाव में मराठी मानुस (63%) और मुस्लिम (57%) वोटरों की भागीदारी ज्यादा रही। लेकिन 2026 के बीएमसी चुनाव को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।

महिलाओं में 69%, मराठी मानुस में 55%, मुस्लिम में 52% और अन्य वर्गों में 63% लोग अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि वे किसे वोट देंगे या वोट देंगे भी या नहीं। इससे पहले 2017 के बीएमसी चुनाव में 45% लोग वोट डालने नहीं आए थे।

BMC के कामकाज से ज्यादातर लोग संतुष्ट

पिछले 3-4 साल में BMC के कामकाज को लेकर ज्यादातर लोगों की राय सकारात्मक रही। 36-45 साल के 56% लोगों और 18–25 साल के 67% युवाओं ने कहा कि हालात पहले से बेहतर हुए हैं। वहीं 60+ उम्र के लोग सबसे ज्यादा नाराज दिखे, जिनमें 23% ने सेवाओं को “बहुत खराब” बताया।

15 जनवरी को वोटिंग, 16 जनवरी को नतीजे

मुंबई में 32 सीटों पर BJP-शिंदे सेना और ठाकरे सेना-MNS के बीच सीधा मुकाबला

मुंबई नगर निकाय की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA के 46 सीटों पर चुनाव लड़ने और वामपंथी दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई है। यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

इससे 32 सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा।

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Bulldozers were used on the houses of stone pelters and the houses were sealed. | पुलिस की कार्रवाई: पत्थरबाजी करने वालों के घरों पर बुलडोजर चला, मकान सील – Jaipur News



बस स्टैंड स्थित धार्मिक स्थल पर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद और पत्थरबाजी के 8 दिन बाद नगरपरिषद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई की। शुक्रवार को इमाम चौक और पठान मोहल्ले में पत्थरबाजों के घरों और बूचड़खानों पर बुलडोजर चलाया गया।

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तलाशी में कुछ घरों से एयरगन और धारदार ​हथियार मिले। नगर प​रिषद की टीम ने सुबह 8 बजे कार्रवाई शुरू की, जो छह घंटे चली। डीसीपी हनुमान प्रसाद, एसीपी ऊषा यादव और नगरपरिषद प्रशासक व एसडीएम दिलीप सिंह के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में 6 आरपीएस अधिकारी, 3 जेसीबी, 7 ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक डंपर, 30 नगरपरिषद कर्मचारी और करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात रहे।

नोटिस बेअसर, अब सीधे कार्रवाई नगरपरिषद प्रशासन की ओर से तीन दिन पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए इमाम चौक से अवैध बूचड़खानों सहित अतिक्रमण हटाने और पठान मोहल्ले में भी बुलडोजर चलाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नोटिस केवल कागजी साबित होते थे और कार्रवाई फौरी होकर रह जाती थी, लेकिन इस बार प्रशासन ने पीछे हटने के बजाय पूरी सख्ती दिखाई।

कार्रवाई के दौरान इमाम चौक और पठान मोहल्ले में असामान्य सन्नाटा पसरा रहा। महिलाएं और बच्चे छतों पर डटे नजर आए, जबकि एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शहर के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण हैं, लेकिन वहां कार्रवाई करने में परिषद प्रशासन हिचकता है।



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Ludhiana Shubham Badhwa Wins Silver ITTF World Para Table Tennis – Inspiring Journey | एक्सीडेंट में खोए दोनों पैर, व्हीलचेयर पर रचा इतिहास: शुभम ने टेबल टेनिस में जीता गोल्ड; बोले-3 साल बिस्तर पर रहे, दोस्त ने दिखाई नई राह – Ludhiana News


शुभम बधवा ने UTT दूसरी नेशनल रैंकिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।

लुधियाना के शुभम बधवा ने 10 साल पहले हुए सड़क हादसे में दोनों पैर खो दिए थे और व्हीलचेयर पर आ गए। इसके बावजूद उन्होंने अपने सपने को नहीं छोड़ा और स्पोर्ट्स में सफलता हासिल की।

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हाल ही में उन्होंने मिस्र में आयोजित ITTF वर्ल्ड पैरा टेबल टेनिस चैलेंजर में सिल्वर मेडल जीतकर नया इतिहास रचा। इसके बाद उन्होंने 2 से 4 दिसंबर 2025 तक वडोदरा गुजरात में आयोजित UTT दूसरी नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।​​​​​​​

शुभम बधवा का यह सफर 2016 में तब शुरू हुआ, जब 19 साल की उम्र में एक सड़क हादसे में उन्हें अपने पैर खोने पड़े। इससे पहले वे जिम्नास्टिक की प्रैक्टिस कर रहे थे और कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके थे।

उनका सपना था कि वे जिम्नास्टिक में देश का प्रतिनिधित्व करें, लेकिन एक्सीडेंट ने उस रास्ते को रोक दिया। व्हीलचेयर पर आने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अंतरराष्ट्रीय पर भारत का नाम रोशन किया। अब उनकी नजर एशियन गेम्स​ पर है। उन्होंने कहा कि वे 3 साल बिस्तर पर रहे, फिर दोस्त ने नई राह दिखाई। जिसके बाद से सफर जारी है।

माता पिता के साथ शुभम बधवा

माता पिता के साथ शुभम बधवा

फिटनेस को लेकर थे क्रेजी

​​​​​​​शुभम बधवा(29) लुधियाना के शाम नगर इलाके के रहने वाले हैं। LPU से B.Tech इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई में भी वे हमेशा अव्वल रहे। उनके पिता एक रिसॉर्ट में मैनेजर हैं और मां हाउस वाइफ हैं।

शुभम बचपन से ही खेलों के शौकीन रहे हैं। 6वीं कक्षा से ही उन्हें जिम्नास्टिक का शौक था और 12वीं के बाद उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में भी कदम रखा था। वो फिटनेस को लेकर काफी क्रेजी थे। फिटनेस के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि वे रोजाना जिम जाया करते थे। उनके सपने बड़े थे और जीवन में कुछ बड़ा करने का हौसला भी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

कुत्ते को बचाने में गंवा दीं दोनों टांगें

22 फरवरी 2016 की वह रात शुभम की जिंदगी बदलने वाली थी। शुभम हमेशा की तरह जिम से घर लौट रहे थे। शाम का वक्त था और कोचर मार्केट के पास से गुजर रहे थे, तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता सामने आ गया। शुभम ने उस मासूम जानवर को बचाने के लिए अपनी बाइक को तेजी से मोड़ा। लेकिन इस कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और एक्सीडेंट हो गया।

हादसा के बाद शुभम को तुरंत दीप हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन हालत देखकर वहां के डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया। फिर उन्हें DMC लुधियाना में शिफ्ट किया गया। पूरा महीना शुभम वेंटिलेटर पर रहे। जिंदगी और मौत के बीच जंग चल रही थी।

लेकिन हादसे ने उन्हें पैरालिसिस दे दिया। रीढ़ की हड्डी को गंभीर चोट लगने से उनकी कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह से काम करना बंद कर गया। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि अब शुभम को जिंदगी भर व्हीलचेयर पर ही रहना होगा।

3 साल बिस्तर पर, फिर दोस्तों ने दिखाई नई राह

हादसे के बाद शुभम के अगले 3 साल बेहद मुश्किलों में बीते। पूरे 3 साल तक वे बिस्तर पर ही रहे। शरीर साथ नहीं दे रहा था। कभी सोचा भी नहीं था कि जो शुभम इतना एक्टिव था, वह आज दूसरों पर निर्भर हो जाएगा। लेकिन शुभम के मन में एक चिनगारी अभी भी जल रही थी। हार मानना उन्हें मंजूर नहीं था। इसी मुश्किल वक्त में शुभम के दोस्तों ने उनका साथ दिया।

दोस्तों ने शुभम को बताया कि पैरा खेलों की दुनिया में बहुत संभावनाएं हैं। व्हीलचेयर पर रहकर भी टेबल टेनिस खेला जा सकता है। शुभम के लिए यह एक नई उम्मीद की किरण थी। उन्होंने फैसला किया कि वे फिर से अपनी जिंदगी को पटरी पर लाएंगे।

इसके बाद शुभम ने साहिल शर्मा और विवेक शर्मा से पैरा टेबल टेनिस की कोचिंग लेनी शुरू की। व्हीलचेयर पर बैठकर पैडल पकड़ना बॉल को हिट करना शुरुआत में सब कुछ मुश्किल लग रहा था। लेकिन शुभम ने हार नहीं मानी। रोज घंटों प्रैक्टिस करते। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी।

प्रैक्टिस करते हुए शुभम बधवा

प्रैक्टिस करते हुए शुभम बधवा

पहली हार से लेकर नेशनल गोल्ड तक का सफर

  • 2019 में पहली बार हारे: 2019 में शुभम ने पहली बार नेशनल पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। उम्मीदें बहुत थीं, लेकिन क्वार्टर फाइनल में ही उनकी हार हो गई। यह झटका बड़ा था। कई लोगों ने कहा कि शायद यह खेल उनके लिए नहीं है। लेकिन शुभम ने इस हार को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सीखने का मौका माना।
  • कोरोना काल में कड़ी मेहनत की: फिर 2020 में कोरोना महामारी आई। सब कुछ बंद हो गया। टूर्नामेंट रुक गए ट्रेनिंग सेंटर बंद हो गए। लेकिन शुभम ने घर पर ही प्रैक्टिस जारी रखी। उन्होंने अपने घर में ही एक छोटा सा सेटअप बनाया और रोज घंटों प्रैक्टिस करते रहे। जब दुनिया थम गई थी, तब शुभम अपने सपनों को जिंदा रखे हुए थे।
  • 2022 का शानदार कमबैक: 2022 में इंदौर में नेशनल गेम्स का आयोजन हुआ। शुभम ने इस बार पैरा टेबल टेनिस में गोल्ड मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। जिस शुभम को 2019 में क्वार्टर फाइनल में हार मिली थी, वही शुभम अब नेशनल चैंपियन बन चुका था। यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं थी बल्कि उनकी मेहनत लगन और हौसले की जीत थी।
  • मिस्र में सिल्वर मेडल: नेशनल गोल्ड जीतने के बाद शुभम का सफर थमा नहीं। उनकी मेहनत और प्रतिभा को देखते हुए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने उन्हें गुजरात के सेंटर में प्रोफेशनल कोचिंग देना शुरू किया। यहां शुभम को देश के बेहतरीन कोच और सुविधाएं मिलीं। उनकी ट्रेनिंग और तेज हो गई। फिटनेस पर खास ध्यान दिया गया। इसी साल शुभम ने मिस्र में आयोजित ITTF वर्ल्ड पैरा टेबल टेनिस चैलेंजर में भारत का प्रतिनिधित्व किया। एक के बाद एक मैच जीतते गए और फाइनल में पहुंच गए। फाइनल में भले ही उन्हें हार मिली लेकिन सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने भारत का झंडा ऊंचा किया। पहली बार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मेडल जीतना शुभम के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।
ट्रॉफी और मेडल दिखाते हुए शुभम बधवा

ट्रॉफी और मेडल दिखाते हुए शुभम बधवा

एशियन गेम्स​​​​​​​ में मेडल लाने पर नजर

शुभम की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकतीं। अब उनकी नजर इसी साल के एशियन गेम्स पर है। यह उनका सबसे बड़ा सपना है कि वे पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करें और मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करें। इसके लिए वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हर दिन 6-7 घंटे की प्रैक्टिस, डाइट का खास ध्यान। शुभम बताते हैं कि पैरालिंपिक में पहुंचना और मेडल जीतना आसान नहीं होगा, लेकिन उन्हें अपने हौसलों पर पूरा भरोसा है।

SAI की मदद से शुभम को अब बेहतरीन कोचिंग और सुविधाएं मिल रही हैं। वे नियमित रूप से अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। हर टूर्नामेंट से उनका अनुभव बढ़ रहा है। शुभम का कहना है मेरा सपना है कि मैं पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतूं। उन्होंने क कहा कि अगर मैं 2016 से आज तक आ सकता हूं, तो पैरालंपिक में भी मेडल जीत सकता हूं।

परिवार का अटूट साथ जो बना सबसे बड़ी ताकत

शुभम की कामयाबी के पीछे उनके परिवार का अटूट साथ रहा है। जब शुभम बिस्तर पर थे, तब उनकी मां ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। पिता ने अपनी नौकरी के बावजूद शुभम की हर जरूरत का ध्यान रखा। बड़े भाई ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। पूरे परिवार ने मिलकर शुभम को दोबारा खड़ा किया।

शुभम भावुक होकर कहते हैं कि अगर मेरे परिवार का सपोर्ट न होता तो शायद मैं आज यहां न होता। मां ने मुझे कभी हार मानने नहीं दिया। पिताजी ने हर मुश्किल में मेरा साथ दिया। मेरे भाई ने हमेशा मुझे प्रोत्साहित किया। मेरी हर उपलब्धि में मेरे परिवार का हाथ है। वे मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं।

जब मैं बैठकर कर सकता हूं, तो आप क्यों नहीं?

युवाओं को संदेश देते हुए शुभम कहते हैं कभी हार मत मानो (Never Give Up) जिंदगी में मुश्किलें आएंगी लेकिन आपको खुद पर भरोसा रखना होगा। अगर मैं व्हीलचेयर पर बैठकर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर सकता हूं, तो भगवान ने आपको तो सब कुछ दिया है। आपके पास दो हाथ हैं दो पैर हैं आप कुछ भी कर सकते हैं। बस जरूरत है, तो सिर्फ मेहनत और लगन की। जब मैं बैठकर कर सकता हूं तो आप खड़े होकर क्यों नहीं कर सकते।



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PM Modi exhibition featuring relics of Lord Buddha in delhi | मोदी भगवान बुद्ध के अवशेषों वाले एग्जीबिशन का उद्घाटन करेंगे: इनमें उनकी अस्थियां और उनसे जुड़ी चीजें शामिल; PM ने फोटो शेयर कीं


नई दिल्ली2 मिनट पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की ग्रैंड इंटरनेशनल एग्जीबिशन का उद्घाटन करेंगे। इस प्रदर्शनी का नाम ‘प्रकाश और कमल: जागृत व्यक्ति के अवशेष’ रखा गया है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृति और बौद्ध धर्म में रुचि रखने वाले लोगों से इस प्रदर्शनी को देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है, क्योंकि पिपरहवा के ये अवशेष 100 साल से ज्यादा समय बाद भारत वापस लाए गए हैं।

इस प्रदर्शनी में एक सदी से ज्यादा समय बाद स्वदेश लौटे पिपरहवा के पवित्र अवशेष हैं। प्रदर्शनी में नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में सुरक्षित और कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में संरक्षित पुरातात्विक सामग्री भी है। PM मोदी ने एग्जीबिशन से जुड़ी फोटो शेयर कीं।

एग्जीबिशन से जुड़ी 4 फोटो…

पिपरहवा अवशेष के बारे में जानें…

पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध से जुड़ी हुई पवित्र और पुरातात्विक चीजें हैं। ये अवशेष उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित पिपरहवा नामक स्थान पर खुदाई के दौरान मिले थे।

मान्यता है कि इनमें भगवान बुद्ध की अस्थियां (धातु अवशेष) और उनसे जुड़ी प्राचीन वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें उनके महापरिनिर्वाण के बाद अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था।

पीएम मोदी ने X पर जानकारी दी

प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा कि 3 जनवरी का दिन इतिहास, संस्कृति और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ाव रखने वालों के लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भगवान बुद्ध के महान विचारों को लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को देश की समृद्ध संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों का आभार भी जताया जिन्होंने इन पवित्र अवशेषों को भारत वापस लाने में योगदान दिया। साथ ही उन्होंने आम लोगों से प्रदर्शनी में आकर पिपरहवा की पवित्र विरासत को करीब से देखने का आग्रह किया।

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मोदी बोले- 2025 में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हुआ, सुधारों से विकास की रफ्तार तेज हुई

पीएम नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को कहा था कि साल 2025 को ऐसे साल के रूप में याद किया जाएगा जब भारत ने बीते 11 सालों में किए गए सुधारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि देश में किए गए नए और आधुनिक सुधारों से विकास की रफ्तार तेज हुई है और इससे भारत की आगे बढ़ने की ताकत और मजबूत हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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