Rajasthan Jal Jeevan Mission Scam: ACB Nabs Vijay Shankar

[ad_1]

राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले में एक हफ्ते पहले 10 गिरफ्तारियों और पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के फरार होने से मामला फिर सुर्खियों में है। जल जीवन मिशन के तहत ठेके लेने वाली कंपनियों के मालिक, दलाल और पीएचईडी (जलदाय विभाग) के इंजीनियरों पर मिलीभगत कर

.

ठेके लेने वाली दो कम्पनियों ने इरकॉन इंटरनेशनल कम्पनी के केरल में चले वाटर प्रोजेक्ट को पूरा करने के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए थे। इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर इन कम्पनियों को यहां ठेके दिए गए। ACB ने 2023 में जब मामला दर्ज किया तो एक नाम ने काफी परेशान किया था… ‘विजय शंकर।’

इरकॉन कम्पनी के सर्टिफिकेट पर ‘विजय शंकर’ के साइन थे। ACB इस व्यक्ति तक पहुंचना चाहती थी। वहीं ठेका लेने वाली कम्पनी के मालिक, दलाल और इंजीनियर नहीं चाहते थे कि ACB के सामने कभी ‘विजय शंकर’ का राज खुले।

जांच में साजिशों की पूरी परत खुलती चली गई और ‘विजय शंकर’ का राज सामने आ गया।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

जल जीवन मिशन में घोटाले की शिकायतें 2023 की शुरुआत से पिछली सरकार, ACB और विभाग के सामने आने लगी थीं। इसके बावजूद मई, 2023 में पीएचईडी (जलदाय विभाग) की वित्तीय समिति ने टेंडर पास कर दिए। कंपनी को करोड़ों के काम करने की स्वीकृति दे दी।

इस बीच शिकायतों के आधार पर ACB ने जाल बिछाना शुरू कर दिया। ठेके लेने वाले श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल, श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचन्द जैन, दलाल मुकेश पाठक सहित अन्य संदिग्ध इंजीनियरों की एक-एक एक्टिविटी पर नजर रखी और फोन सर्विलांस पर लिए।

महेश, पदमचंद और दलाल मुकेश को उनके खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर ठेके लेने की शिकायतों की जानकारी थी। ACB की सर्विलांस में महेश, पदमचंद और मुकेश की ओर से इंजीनियरों के साथ लेन-देन जाहिर हो चुका था। तीनों की बातचीत में पकड़े जाने की आशंका और बचाव के रास्तों पर भी चर्चाएं शामिल थीं।

बातचीत में बार-बार इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी के सर्टिफिकेट का भी जिक्र हो रहा था और एक व्यक्ति का नाम लिया जा रहा था…’विजय शंकर’। कंपनी मालिकों ने टेंडर हासिल करने के लिए इरकॉन की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट लगाए थे। सर्टिफिकेट बता रहा था कि इरकॉन के केरल में वाटर प्रोजेक्ट को श्री गणपति ट्यूबवेल कम्पनी और श्री श्याम ट्यूबवेल कम्पनी द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया था।

‘विजय शंकर के बारे में पता चल गया तो दिक्कत हो जाएगी’ इरकॉन के सर्टिफिकेट जारी करने वाले का नाम ‘विजय शंकर’ था। इनपर उसके साइन भी थे। महेश और दलाल मुकेश ने आपसी बातचीत में कई बार कहा कि ‘ACB को विजय शंकर के बारे में पता नहीं लगना चाहिए। यदि ACB को विजय शंकर के बारे में पता चल गया, तो दिक्कत हो जाएगी।’

महेश ने दलाल मुकेश पाठक से ये भी कहा- तुम इरकॉन कम्पनी के ऑफिस जाकर वहां अधिकारियों को मैनेज करो। पैसे देने पड़ें तो दे देना। बस फर्जी सर्टिफिकेट की बात दब जाए।

एक बातचीत में मुकेश ठेके लेने वाली कंपनी के मालिक महेश से कहता है- फर्जी प्रमाण पत्रों के मैटर को दबाने के लिए मैं लगातार इरकॉन ऑफिस के अधिकारियों से मिल रहा हूं, लेकिन अभी काम नहीं बन पाया है।

कई रिकॉर्डिंग में भी बार-बार विजय शंकर नाम के व्यक्ति का जिक्र हो रहा था। अब ACB की नजरों में विजय शंकर पर जा टिकीं, जिसके बारे में जांच एजेंसी को कोई जानकारी नहीं थी।

इस बीच ACB ने अगस्त, 2023 में जल जीवन मिशन में ठेका घोटाले के आरोप में गिरफ्तारियां शुरू कर दीं। पदमचंद जैन भी गिरफ्तार हुआ। इसके बाद ACB ने एक और एफआईआर अक्टूबर 2024 में पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत 22 लोगों के खिलाफ दर्ज की।

अप्रैल 2025 को एसीबी ने महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया था। ACB ने सर्टिफिकेट जांच के दायरे में रखा। अगला निशाना इरकॉन कम्पनी की ओर से इस सर्टिफिकेट को जारी करने वाला विजय शंकर था।

इंजीनियर का केरल में जांच का नाटक, बाहर नहीं आने दी ‘विजय शंकर’ की पहचान ACB ने 17 फरवरी को दलाल मुकेश पाठक सहित 10 अफसरों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में एक नाम तत्कालीन अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना का भी है। विशाल सक्सेना की जांच रिपोर्ट के कारण ‘विजय शंकर’ की पहचान शुरू में सामने आ ही नहीं पाई और ACB को भी गुमराह करने की कोशिश की गई।

पिछली सरकार के दौरान विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने लगातार मुद्दा उठाया। विभाग के आला अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा था। जलदाय विभाग के आला अधिकारियों ने दिखावे के लिए मामले की जांच शुरू की। जांच अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना को सौंपी गई। विशाल सक्सेना को केरल जाकर इरकॉन कम्पनी के वाटर प्रोजेक्ट से जुड़े कामों को देखना था, जिन्हें श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल कम्पनियों की ओर से पूरा किया गया था। इसके लिए इरकॉन ने इन कम्पनियों को सर्टिफिकेट भी दिए थे।

ACB सूत्रों के अनुसार, विभाग के घोटाले में संदिग्ध आला अधिकारियों ने जांच के लिए अपने ‘पसंद’ के अफसर को भेजा। यदि किसी और इंजीनियर को भेज देते तो सर्टिफिकेट के फर्जी होने की रिपोर्ट सामने आ जाती, जिससे ये मिलीभगत और लेन-देन का खेल पहले ही उजागर हो जाता।

विशाल सक्सेना 4 अप्रैल 2023 को केरल पहुंचा। 5 दिन जांच में लगाए और 9 अप्रैल को लौट आया। उसने अपनी रिपोर्ट 13 अप्रैल, 2023 को जलदाय विभाग को सौंप दी।

विशाल ने इरकॉन के केरल में पूरे किए वाटर प्रोजेक्ट्स को लेकर पॉजिटिव रिपोर्ट सौंपी। ‘विजय शंकर’ के दस्तखत वाले सर्टिफिकेट को सही (वेरिफाई) बताया। ACB सूत्रों के अनुसार, विशाल सक्सेना भी संदिग्ध इंजीनियरों में शामिल था। उसे विभाग के आला अधिकारियों ने जानबूझकर मामले को दबाने के लिए भेजा था।

इंजीनियर विशाल ने यह जांच तक नहीं की कि सर्टिफिकेट में जिस ‘विजय शंकर’ के साइन हैं, वो कौन है और इरकॉन कम्पनी में किस पोस्ट पर है।

राज छिपाने के लिए कैसे-कैसे खेल, लेकिन सामने आ गया सच पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल पर आरोप है कि उन्हें जानकारी थी कि इंजीनियर विशाल सक्सेना ने अपनी जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी कर विजय शंकर के दस्तखत वाले सर्टिफिकेट सही बताए हैं और ठेके लेने के लिए ये फर्जी सर्टिफिकेट लगाए गए। फिर भी अग्रवाल ने ठेके लेने की प्रक्रिया को होने दिया और करोड़ों के वर्ग ऑर्डर भी जारी होने दिए।

ACB सूत्रों के अनुसार, ‘विजय शंकर’ को नामजद किया गया था। उसकी तलाश जारी थी। जलदाय विभाग के दफ्तरों-अधिकारियों को इरकॉन कम्पनी और विजय शंकर की मेल आईडी से मेल किए गए थे।

जांच में पता चला कि ठेके लेने के लिए लगाए गए सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन (सत्यापन) जलदाय विभाग के सभी संबंधित दफ्तरों में इरकॉन कम्पनी की ओर से मेल के जरिए किया गया था। सवाल ये था कि ये मेल किसने किए थे?

एसीबी ने जांच के दौरान इरकॉन कंपनी को लेटर भेज कर सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन करने और सर्टिफिकेट पर दस्तखत करने वाले ‘विजय शंकर’ के बारे में पूछा। हाल ही में इरकॉन कम्पनी ने ACB को लेटर भेज कर सर्टिफिकेट के फर्जी होने की बात को पुख्ता कर दिया है। इरकॉन ने कहा है कि उनके यहां ‘विजय शंकर’ नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इरकॉन की ओर से जलदाय विभाग के दफ्तर में मेल ही नहीं किए गए हैं और कोई सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया गया है।

ACB ने इरकॉन के सर्टिफिकेट को लेकर पद्मचंद और महेश से सख्ती से पूछताछ की। पता चला कि दलाल मुकेश ने ‘विजय शंकर’ के नाम से फर्जी मेल आईडी बनाई हुई है। दलाल मुकेश ने खुद फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर जलदाय विभाग के दफ्तर में सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन किया था। वह इरकॉन कम्पनी की ओर से खुद जलदाय विभाग की मेलों का जवाब दे रहा था।

जांच में सामने आया कि पद्मचंद जैन, महेश मित्तल और दलाल मुकेश के बीच ठेका लेने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने की साजिश रची गई थी। मुकेश पाठक (दलाल) ने 15 लाख रुपए में इन दोनों कम्पनियों के लिए इरकॉन इंटरनेशनल कम्पनी के फर्जी सर्टिफिकेट की व्यवस्था की थी। मुकेश के मोबाइल की जांच में ये बात साबित भी हो गई।

ट्रैप की कार्रवाई ने खोला 960 करोड़ का घोटाला ACB ने 6 अगस्त, 2023 को अलवर और नीमराना के पीएचईडी अफसरों को जयपुर में 2.20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस ट्रैप की कार्रवाई की जांच में 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन के घोटाले का खुलासा हुआ। मायालाल सैनी बहरोड़ व जेईएन प्रदीप नीमराना में कार्यरत थे। दोनों इंजीनियरों को होटल पोलो विक्ट्री के पास से पकड़ा गया।

बिल पास करने के एवज में रिश्वत ली जा रही थी। ACB ने रिश्वत देने वाले ठेकेदार पदमचंद जैन और उसकी कंपनी के सुपरवाइजर मलकेत सिंह और एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा। तत्कालीन एडीजी ACB प्रियदर्शी ने कहा था कि इनके मोबाइल को सर्विलांस पर रखा हुआ था।

यह रिश्वत की राशि पीएचईडी विभाग बहरोड़ में करवाए गए निर्माण कार्यों के बकाया बिलों को पास करने की एवज में मांगी गई थी। मायालाल सैनी और प्रदीप रिश्वत ले रहे थे। फर्म का ठेकेदार पदमचंद जैन और एक अन्य आदमी रिश्वत दे रहे थे। पदमचंद जैन की फर्म का नाम श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी है। उसके एक रिश्तेदार की कंपनी का नाम श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी है।

गिरफ्तार एक्सईएन मायालाल सैनी (बाएं) व जेईएन प्रदीप (दाएं)।

गिरफ्तार एक्सईएन मायालाल सैनी (बाएं) व जेईएन प्रदीप (दाएं)।

———–

जल जीवन मिशन घोटाले की यह खबर भी पढ़िए…

राजस्थान- PHED का चीफ इंजीनियर ताज होटल से गिरफ्तार, रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकाने पर भी ACB की छापेमारी, 9 अफसरों को पकड़ा

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के फाइव स्टार होटल ताज अरावली से आज (मंगलवार) सुबह गिरफ्तार किया गया। करीब 900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले मामले में यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने की। पढ़ें पूरी खबर…

[ad_2]

Source link

Pakistan T20 World Cup Semifinal Bound; India-West Indies Clash Is Do or Die

[ad_1]

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

टी-20 वर्ल्ड कप में शनिवार रात को पाकिस्तान ने श्रीलंका पर 5 रन की रोमांचक जीत दर्ज की। लेकिन, टीम इस जीत के बावजूद सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी।

बेहतर नेट रन रेट के आधार पर न्यूजीलैंड ने 3 अंक के साथ टॉप-4 में जगह बनाई। जबकि, पाकिस्तान ने सुपर-8 के ग्रुप-2 की पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर रही।

अपने तीनों सुपर-8 मैच जीतने वाला इंग्लैंड इस ग्रुप के टॉप पर रहा है। रविवार को शाम 7 बजे से भारत-वेस्टइंडीज में आखिरी सुपर-8 मैच खेला जाना है। इससे चौथी टीम तय होगी।

वर्ल्ड कप का समीकरण

ग्रुप-1: SA टॉप-4 में, आज चौथा सेमीफाइनलिस्ट मिलेगा

साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 चरण में लगातार दो मैच जीतकर 4 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे लगातार दो हार के बाद नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो चुका है। आज साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच दिन का पहला मैच होगा। अगर साउथ अफ्रीका जीतता है तो वह ग्रुप-1 में शीर्ष स्थान पर रहेगा। वहीं जिम्बाब्वे जीतता है तो साउथ अफ्रीका दूसरे स्थान पर खिसक सकता है।

साउथ अफ्रीका की वेस्टइंडीज पर जीत के बाद भारत और वेस्टइंडीज दोनों के पास सुपर-8 में एक-एक जीत और एक-एक हार है। ऐसे में दोनों टीमों के बीच 1 मार्च को शाम 7 बजे कोलकाता में होने वाला मुकाबला नॉकआउट की तरह होगा। जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो जाएगा।

ग्रुप-2: इंग्लैंड पहले, न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर रहा

ग्रुप-2 से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। इंग्लैंड ने सुपर-8 चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन जीत दर्ज की और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब उसका मुकाबला ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा।

न्यूजीलैंड 3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। टीम ने सुपर-8 में एक मैच जीता, एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ और एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड का नेट रनरेट 1.390 रहा।

पाकिस्तान के भी तीन मैचों के बाद 3 अंक थे। टीम ने सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में श्रीलंका को 5 रन से हराया, लेकिन उसका नेट रनरेट -0.123 रहा। इसी कारण बेहतर रनरेट के आधार पर न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। अब सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड का सामना ग्रुप-1 की शीर्ष टीम साउथ अफ्रीका से 4 मार्च को कोलकाता में होगा।

क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज

क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें

————————————————–

टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…

पाकिस्तान जीतकर भी टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर; श्रीलंका को 5 रन से हराया

पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। उसने शनिवार को अपने आखिरी सुपर-8 मैच में श्रीलंका को 5 रन से हराया, लेकिन टीम टॉप-4 में जगह नहीं बना सकी। इस नतीजे से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुंच गई है। पढ़ें पूरी खबर

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

IMD Weather Update Today MP UP Rajasthan bihar Uttarakhand himachal jammu Kashmir snowfall

[ad_1]

  • Hindi News
  • National
  • IMD Weather Update Today MP UP Rajasthan Bihar Uttarakhand Himachal Jammu Kashmir Snowfall

भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून51 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
हिमाचल प्रदेश में अटल टनल के पास पर्यटकों की गाड़ियां जाम में फंसीं। - Dainik Bhaskar

हिमाचल प्रदेश में अटल टनल के पास पर्यटकों की गाड़ियां जाम में फंसीं।

देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में फरवरी में ही अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है और कई शहरों में तापमान 33°C से ऊपर पहुंच गया है।

एमपी में सबसे गर्म खरगोन में तापमान 34.8 डिग्री पहुंच गया। हालांकि राजस्थान में शनिवार सुबह से जयपुर, दौसा सहित कई जिलों में बादल छाए हुए है। हरियाणा में भी पारा 31°C पार कर गया है, हालांकि आज से कुछ इलाकों में बादल और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। पर्यटक बड़ी संख्या में अटल टनल के पास बर्फबारी देखने पहुंचे, जिससे वहां जाम लग गया। पंजाब और चंडीगढ़ में धुंध व तेज हवा के चलते कुछ इलाकों में यलो अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग की केदारघाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई है। आज कई जिलों में बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी की संभावना है। प्रदेश के मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान -25.8°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

अगले 2 दिन मौसम का हाल:

  • 2 मार्च- हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश में असम और मेघालय में तेज हवाएं चलने की संभावना।
  • 3 मार्च- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बर्फबारी और मध्य प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

प्रगतिशील किसान:शिवकर में 300 क्यारियों में लहलहा रही ऑर्गेनिक सब्जियां

[ad_1]


जिला मुख्यालय से सटे शिवकर गांव में किसानों द्वारा करीब 300 क्यारियों में व्यवस्थित तरीके से सब्जियों की बुवाई की जा रही है। पानी की सीमित उपलब्धता और रेतीली जमीन के बावजूद किसानों की यह पहल आसपास के गांवों के लिए प्रेरणा बन रही है। स्थानीय किसानों ने छोटे-छोटे प्लॉट बनाकर क्यारियों में टमाटर, मिर्च, लौकी, भिंडी, मेथी, धनिया की बुवाई की हैं। क्यारियों की चौड़ाई और सिंचाई की नालियों को इस तरह तैयार किया गया है कि कम पानी में भी बेहतर उत्पादन हो सके। किसान मल्चिंग तकनीक अपना रहे हैं। शहर के स्थानीय बाजार में मिल रहा लाभ, शिवकर की सब्जियां प्रसिद्ध शिवकर की सब्जियां बाड़मेर शहर की सब्जी मंडी और आसपास के कस्बों में सप्लाई की जा रही है। ताजा और स्थानीय उत्पादन होने से व्यापारियों की मांग भी बढ़ी है। किसान गेनाराम माली ने बताया कि गांव में 300 क्यारियां है वहीं उसके खुद के 4 बीघा जमीन में वह क्यारियों से सब्जियों की फसल ले रहे हैं। उनके 4 बीघा जमीन में बनाई क्यारियों में मेथी, बैंगन, धनिया, मिर्च, मूली और सौंफ की फसल ली जा रही है। किसान गेनाराम ने बताया कि गांव में फसल की खेती ऑर्गेनिक तरीके से की जा रही है।

[ad_2]

Source link

डायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह:राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी

[ad_1]


साल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था। हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था। सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया था लेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है। राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे। राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी। राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने काम काम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है। राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं। वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।

[ad_2]

Source link

गोविंददेवजी में पुष्प फागोत्सव को हुए 25 साल; सांवरिया सरकार खेलो होली

[ad_1]


आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में दो दिवसीय पुष्प फागोत्सव का जादू शनिवार को गोविंद प्रेमियों के सिर चढ़ कर बोला। राजस्थानी भाषा के फाल्गुनी भजनों पर कलाकारों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को पूरी तरह होली के रंग में रंग दिया। सैकड़ों कलाकारों ने गायन और वादन से ठाकुरजी को रिझाया। श्रद्धालुओं से अटे सत्संग भवन में फूलों और इत्र की खुशबू से महकते और श्रद्धालुओं से खचाखच भरे सत्संग भवन पुष्प फाग का साक्षी बना। राधा और सखियों ने ठाकुरजी के साथ होली में भजन पर नृत्य कर उपस्थित लोगों को अपने संग नचाया। भगवान कृष्ण की होली खेलने की मनोहारी लीलाओं का सुंदर मंचन करते भजनों पर नृत्य कर तालियां बटोरी। वहीं, विराट कृष्णा और अन्य कलाकारों ने महारास, फूलों की होली और मयूर नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। कलाकारों ने चंग और ढप की आकर्षक प्रस्तुतियां दी। होली महोत्सव के मौके पर गोविंद धाम में शनिवार को श्रीकृष्ण को लड्डू खिलाते हुए यशोदा मैया की रचना झांकी सजाई गई। बता दे कि गोविंदधाम में कोलकाता के श्रीकांत शर्मा पिछले 25 साल से पुष्प फाग महोत्सव का आयोजन करते आ रहे हैं। फाग गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां {खोले के हनुमान के मंदिर परिसर में फागोत्सव और होली लोक नृत्य का आयोजन किया गया। नृत्य गुरु डॉ. राजेंद्र राव और डॉ. कविता सक्सेना के निर्देशन में यह आयोजन हुआ। कलाकार पूनम शर्मा औक प्रीति मारवाल ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। तू तो राम भजन कर प्राणी ….की प्रस्तुति डॉ. राजेंद्र राव ने युगल नृत्य आओ जी म्हारे हावड़े का पावना और सामूहिक नृत्य चिरमी.. कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति अदिति राठी और स्नेहा गुप्ता ने दी। {एयरपोर्ट के सामने स्थित धाकड़ कॉलोनी में फाग उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में फाग गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। अखिल भारतीय धाकड़ महासभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धाकड़, राजेंद्र सिंह, सुनीता धाकड़ सहित जीजाबाई शाखा, राष्ट्र सेविका समिति की बहनों के साथ महिला-पुरुषों ने भाग लिया। राधा-कृष्ण के रंग, संकीर्तन और श्रद्धालुओं की आस्था फाल्गुनी शुक्ल एकादशी पर गोविंददेव जी मंदिर में फागोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें पं. श्रीकांत शर्मा के भजनों ने फाग के रस भक्तिमय बना दिया। राधा-कृष्ण के रंग, संकीर्तन और श्रद्धालुओं की आस्था से मंदिर प्रांगण भाव-विभोर होकर झूम उठा। आयोजक बाल किशन बालासरिया, हरिभाई अग्रवाल, निवर्तमान निगम चेयरमैन मनोज मुदगल, अरुण अग्रवाल सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

[ad_2]

Source link

Despite spending Rs 12.50 crore, the Euro Science building remains unsafe and the wards dilapidated.

[ad_1]

पीबीएम हॉस्पिटल परिसर में यूरोलॉजी विभाग के यूरो साइंसेज सेंटर की बिल्डिंग 9 साल में करीब 12.50 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी अनसेफ है। 100 बेड के सेंटर में 150 मरीज भर्ती हैं। नेफ्रोलॉजी विभाग में किडनी के मरीजों की डायलिसिस का हॉल ही जर्जर हालत मे

.

एसपी मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के लिए दानदाता और यूआईटी ने मिलकर यूरो साइंसेज सेंटर के लिए अलग-अलग भाग का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य 2008 से 2017 तक रुक-रुक कर होता रहा।

हालात यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी दोनों ही भाग अधूरे पड़े हैं। छत पर वार्ड बनाए जाने थे, लेकिन नहीं बनाए गए। छत को भी ऐसे ही छोड़ दिया गया। बारिश के कारण पानी भरने से सरिए फूल चुके हैं। मरीजों के लिए लिफ्ट तक नहीं है। पीडब्ल्यूडी ने बिल्डिंग को अनसेफ घोषित कर दिया है। पिछले दिनों अहमदाबाद से आए इंजीनियरों ने बिल्डिंग को बंद करने का सुझाव दिया था।

दरअसल इस बिल्डिंग के लिए शुरू में दानदाता ने 2.50 करोड़ दिए थे। बाद में दानदाता और यूआईटी ने 4.50-4.50 करोड़ खर्च करने की बात कही। बताया जा रहा है कि पूरा पैसा खर्च ही नहीं किया और बिल्डिंग को अधूरा छोड़ दिया गया। कॉलेज प्रशासन और यूआईटी ने भी इसकी कोई जांच तक नहीं कराई। अब इसे तोड़कर दोबारा तैयार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज ने जिला कलेक्टर से डीएमएफटी के तहत बिल्डिंग के लिए 6.7 करोड़ रुपए मांगे हैं।

भास्कर इनसाइट- उपकरणों के लिए 14 करोड़ नहीं मिल रहे

यूरोलॉजी विभाग में उपकरणों की खरीद के लिए पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने सीएसआर फंड से 14 करोड़ रुपए देने का आश्वासन दिया था। यह पैसा समय पर नहीं मिला तो पीएम रिलीफ फंड में ट्रांसफर हो जाएगा। इसकी फाइल ऊर्जा विभाग में अटकी हुई है। कॉलेज प्रशासन कई बार चक्कर लगा चुका है, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ी। यदि यह बजट मिलता है तो यूरोलॉजी के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद की जा सकेगी। इससे मरीजों का इलाज और सुगम हो सकेगा।

किडनी ट्रांसप्लांट शुरू नहीं हो पा रहा

संभाग के सबसे बड़े पीबीएम हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा यूरो साइंसेज बिल्डिंग के कारण शुरू नहीं हो पा रही है, जबकि डॉक्टरों और स्टाफ की ट्रेनिंग हो चुकी है। सेंटर में 100 बेड के लिए माकूल वार्ड, 20 प्राइवेट कॉटेज और लिफ्ट की जरूरत बताई गई है। वर्तमान में 96 बेड हैं, लेकिन मरीजों का भार 150 प्रतिशत तक है। इस बिल्डिंग के आधुनिक तरीके से भव्य निर्माण होने पर संभाग के चारों जिलों सहित आसपास के 50 हजार से ज्यादा मरीजों को फायदा होगा।

बिल्डिंग सिर्फ 40% ही बनी

यूरो साइंसेज सेंटर की बिल्डिंग का काम 40 प्रतिशत ही हो पाया है। 60 फीसदी निर्माण कार्य बाकी है। मानव सेवा समिति ने करीब 60 लाख रुपए खर्च कर फर्नीचर उपलब्ध कराया, तब जाकर डॉक्टरों को बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां नसीब हुईं। बिल्डिंग में दीवारें, छत, गुंबद, प्लास्टर, लैंडस्केपिंग, पार्किंग और लिफ्ट का काम बाकी पड़ा है। मेडिकल कॉलेज की एक रिपोर्ट में निर्माण कार्य घटिया स्तर का बताया गया है।

”यूरो साइंसेज सेंटर की बिल्डिंग निर्माण के लिए जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने बिल्डिंग अनसेफ बता दी है। नया भवन बनने तक मरीजों को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।”डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, प्रिंसिपल, एसपी मेडिकल कॉलेज

[ad_2]

Source link

डायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह:राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी

[ad_1]


साल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था। हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था। सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया था लेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है। राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे। राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी। राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने काम काम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है। राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं। वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।

[ad_2]

Source link

राजस्थान में होली-धुलंडी पर गर्मी और बढ़ेगी:बाड़मेर के बाद अब फतेहपुर में पारा 35 डिग्री पार; जानिए- पूरे हफ़्ते कैसा रहेगा मौसम

[ad_1]


राजस्थान में समय से पहले गर्मी की दस्तक ने लोगों के पसीने छुटा दिए। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिनभर आसमान साफ रहा और तेज धूप रही। बाड़मेर के बाद फतेहपुर ऐसा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर, पिलानी, बीकानेर में अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले 2 दिन मौसम में कोई विशेष बदलाव नहीं होने, जबकि होली, धुलंडी पर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी होने की संभावना जताते हुए तेज गर्मी रहने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा गर्मी सीकर के पास फतेहपुर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दोपहर के बाद चूरू, जयपुर, अलवर के एरिया में कहीं-कहीं हल्के बादल छाए और इन शहरों में हल्की उमस भी रही। जयपुर, बाड़मेर में रात में भी हल्की गर्मी राजधानी जयपुर, बाड़मेर, फलोदी में शनिवार रात में भी हल्की गर्मी महसूस हुई। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। फलोदी में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर में 21.4, जयपुर में 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मार्च के पहले सप्ताह में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने राज्य में मार्च के महीने में तेज गर्मी का अनुमान जताया है। संभावना है कि मार्च के तीसरे सप्ताह से कई शहरों में हीटवेव का भी दौर शुरू हो सकता है। वहीं मार्च के पहले सप्ताह में तेज गर्मी पड़ने की भी संभावना है। इस दौरान अधिकांश शहरों का तापमान 31 से 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।

[ad_2]

Source link